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	<title>air force - Aadarsh Himachal</title>
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		<title>ऑपरेशन सिंदूर में हमने धर्मयुद्ध के सिद्धांतों का पालन किया : सेना प्रमुख</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/we-followed-the-principles-of-religious-war-in-operation-sindoor-army-chief/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Oct 2025 10:14:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन (चैल) अक्टूबर: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज कहा कि भारतीय रक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान धर्मयुद्ध के सिद्धांतों का पालन किया। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (आरएमएस), चैल की सेंटेनरी समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं ने केवल आतंकवादी ठिकानों पर ही [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>सोलन (चैल) अक्टूबर: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज कहा कि भारतीय रक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान धर्मयुद्ध के सिद्धांतों का पालन किया।</p>
<p>राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (आरएमएस), चैल की सेंटेनरी समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं ने केवल आतंकवादी ठिकानों पर ही प्रहार किया और नागरिक अथवा सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय के प्रत्यक्ष नियंत्रण में आने वाले पाँच राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों में से सबसे पुराने विद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि इस स्कूल ने अनेक उत्कृष्ट सैन्य अधिकारियों को तैयार किया है और इसके पूर्व छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहचान बना चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस स्कूल के कैडेट ऊँचाइयों को प्राप्त करेंगे और उन्हें विद्यालय की परंपराओं और मूल्यों को कायम रखते हुए उसकी गौरवशाली विरासत को नए जोश और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाना चाहिए।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत चैल के ऐतिहासिक क्रिकेट स्टेडियम (दुनिया का सबसे ऊँचा क्रिकेट ग्राउंड) में सेंटेनरी गेट के उद्घाटन से हुई — जो विद्यालय की गौरवशाली परंपरा, सम्मान और राष्ट्र सेवा के शताब्दी प्रतीक के रूप में समर्पित किया गया।</p>
<p>विद्यालय के प्रिंसिपल विमल कुमार गंगवाल जैन ने इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि और सभी विशिष्ट अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>
<p>इसके बाद एनुअल रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया, जिसमें विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियाँ, सह-पाठयक्रम गतिविधियाँ, खेलों में प्रदर्शन और सेंटेनरी वर्ष में प्राप्त की गई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने आरएमएस चैल की सौ वर्षों की गौरवशाली यात्रा का वर्णन किया, जिसने अनुशासित, नेतृत्वक्षम और जिम्मेदार नागरिक तैयार किए हैं।</p>
<p>इस अवसर पर सेना प्रमुख ने आरएमएस चैल की 100वीं वर्षगांठ पर एक विशेष डाक कवर जारी किया और “द सेंचेनियल क्रॉनिकल” के प्रथम संस्करण का अनावरण किया।</p>
<p> समारोह में पुरस्कार वितरण का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया गया। कक्षा 12 के कैडेट 4319 निखिल प्रताप सिंह को सर्वश्रेष्ठ सीनियर कैडेट घोषित किया गया, जबकि कक्षा 9 के कैडेट 4490 आर्यन सिंह को सर्वश्रेष्ठ जूनियर कैडेट का खिताब मिला। कक्षा 8 की कैडेट 4535 आराध्या को सर्वश्रेष्ठ गर्ल कैडेट के सम्मान से नवाज़ा गया। हाउस कैटेगरी में मिथिला हाउस को सर्वश्रेष्ठ जूनियर हाउस और उज्जैन हाउस को सर्वश्रेष्ठ सीनियर हाउस घोषित किया गया। इन पुरस्कारों ने छात्रों की मेहनत, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को उजागर किया, जिससे विद्यालय समुदाय में उत्साह और गर्व का माहौल बना।</p>
<p>मुख्य अतिथि को सम्मान स्वरूप प्रिंसिपल द्वारा स्मृति चिह्न भेंट किया गया। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने विद्यालय को उसकी 100 वर्षों की उत्कृष्ट सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के लिए विशेष  सेंटेनरी ट्रॉफी प्रदान की।</p>
<p>विद्यालय की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए “एक पेड़ माँ के नाम” थीम के तहत 100 पौधों के रोपण अभियान की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा की गई, जो सेवा और बलिदान के 100 वर्षों को हरित श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित था।</p>
<p>इस भव्य शताब्दी समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया, जिनमें ले. जनरल एम.के. कटियार (आर्मी कमांडर), मेजर जनरल प्रिंस दुग्गल, मेजर जनरल वी.के. भट्ट, ए.वी.एम. गुरचरण सिंह भोगल (सबसे सीनियर जॉर्जियन) और मनमोहन शर्मा, आईएएस, उपायुक्त सोलन शामिल थे।</p>
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		<item>
		<title>मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्टिंगरी से पांच मरीजों को तत्काल कुल्लू अस्पताल पहुंचाया गया</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/on-the-instructions-of-the-chief-minister-five-patients-from-stingri-were-immediately-taken-to-kullu-hospital/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Neha Thakur]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Aug 2025 09:01:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला&#124; मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के तत्काल निर्देश पर आज लाहौल-स्पीति जिले के स्टिंगरी से पांच गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए हवाई मार्ग से कुल्लू जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री के आदेश पर कुल्लू प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मरीजों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों</strong></p>
<p><strong>शिमला|</strong> मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के तत्काल निर्देश पर आज लाहौल-स्पीति जिले के स्टिंगरी से पांच गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए हवाई मार्ग से कुल्लू जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री के आदेश पर कुल्लू प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मरीजों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का पूरा प्रबंध किया। इन मरीजों में अलका, पूरन सिंह, आयुष, रियांश एवं उनकी मां संजीता शामिल हैं, जिन्हें कुल्लू अस्पताल में भर्ती कर हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि मरीजों का सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित किया जाए।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण लाहौल-स्पीति का सड़क संपर्क बाधित हो चुका है। इस वजह से मरीजों को सड़क मार्ग से ले जाना असंभव हो गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी हवाई मार्ग से सुनिश्चित की जा रही है ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने बिहार प्रस्थान के दौरान आपदा प्रभावित जिलों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मानसून की वजह से कीरतपुर-मनाली-लेह राजमार्ग सहित कई मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है, इसी के साथ हिमाचल प्रदेश सरकार प्रभावित क्षेत्रों में सहायता और पुनर्वास कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
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		<item>
		<title>मुख्यमंत्री ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता की मांग की</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/chief-minister-demanded-special-central-assistance-for-expansion-of-kangra-airport/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Jul 2025 15:41:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों कांगडा । केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को शिमला-धर्मशाला-शिमला के लिए फिर से नियमित हवाई संचालन शुरू करने के लिए पत्र लिखा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से हिमाचल प्रदेश में हवाई सेवा से संबंधित विभिन्न मामलों पर शीघ्रता से कार्य करने का आग्रह किया [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>कांगडा । </strong>केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को शिमला-धर्मशाला-शिमला के लिए फिर से नियमित हवाई संचालन शुरू करने के लिए पत्र लिखा</p>
<p>मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से हिमाचल प्रदेश में हवाई सेवा से संबंधित विभिन्न मामलों पर शीघ्रता से कार्य करने का आग्रह किया है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय मंत्री से विभिन्न मामलों पर चर्चा की थी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को अवगत करवाया है कि कांगड़ा हवाई अड्डे के प्रस्तावित विस्तार के लिए राज्य सरकार लगभग 150 हैक्टयेर भूमि अधिगृहित करेगी और सरकार ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 1900 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का प्रावधान किया गया है तथा 410 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक वर्ष की वैधानिक अवधि इस वर्ष अगस्त में समाप्त हो रही है। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को इस परियोजना को विशेष आर्थिक सहायता के लिए वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को अनुशंसित करने का अनुरोध किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अवगत करवाया कि मैसर्ज वैपकोर्स लिमिटेड द्वारा तैयार टैक्नो इकोनोमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट की समीक्षा भी भारतीय विमान पतन द्वारा की जानी चाहिए क्योंकि इसमें वास्तविक लागत का आकलन अधिक है। उन्होंने हवाई अड्डे के विस्तार के संबंध में एएआई, हिमाचल प्रदेश सरकार और निजी भागीदारी से त्रिपक्षीय समझौते की संभावना तलाशने का भी अनुरोध किया। वर्तमान में कांगड़ा हवाई अड्डे का संचालन विजुअल फ्लाइट रूल्स (वीएफआर) के तहत होता है जिसके लिए उड़ान संचालन के लिए न्यूनतम दृश्यता पांच किलोमीटर होनी चाहिए। उन्होंने कम दृश्यता की स्थिति में हवाई उड़ानों का सुरक्षित संचालन करने के लिए न्यूनतम दृश्यता मापदंड को वर्तमान पांच किलोमीटर से घटाकर 2.5 किलोमीटर करने के लिए विशेष वीएफआर का प्रावधान करने का आग्रह किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट हिमाचल का सबसे बड़ा और व्यस्त हवाई अड्डा है इसलिए यहां नाईट लेंडिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कुल्लू और शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा, कांगड़ा एयरपोर्ट की तर्ज पर करवाने के लिए सीआईएसएफ के स्थान पर हिमाचल प्रदेश राज्य पुलिस की तैनाती की भी मांग की। उन्होंने शिमला एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन का समय दोपहर एक बजे से बढ़ाकर सायं 4 बजे तक करने का आग्रह किया ताकि उड़ानों के संचालन के लिए अधिक से अधिक समय मिल सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला एयरपोर्ट पर दूसरा एप्रेन बनाने का आग्रह किया, जो एटीआर 42/600 प्रकार के विमानों को संचालित करने के लिए उपयुक्त होगा। इससे शिमला एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या बढ़ाने और मल्टीपल फ्लाईट्स के संचालन में मदद मिलेगी। उन्होंने शिमला-धर्मशाला-शिमला मार्ग पर एलायंस एयर लिमिटेड की दैनिक उड़ानों को फिर से आरम्भ करने की मांग की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने संजौली, रामपुर, बद्दी और कंगनीधार हैलीपोर्ट को अक्तूबर, 2025 तक संचालित करने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आरसीएस-उड़ान योजना चरण-2 के अंतर्गत राज्य में चार नए हैलीपोर्ट को स्वीकृति दी जाएगी, जिनमें हमीरपुर जिला के जसकोट, कांगड़ा के देहरा, ऊना और बिलासपुर जिला में एक-एक हैलीपोर्ट शामिल है। उन्होंने कहा कि मैसर्ज हैरीटेज एवीएशन, मैसर्ज ग्लोबल वेक्टरा और मैसर्ज पवन हंस लिमिटेड जैसे एयर ऑपरेटरों को राज्य में आरसीएस-उड़ान योजना के अंतर्गत हवाई सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे।<br />
.</p>
<p>&nbsp;</p>
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			</item>
		<item>
		<title>राष्ट्रीय सुरक्षा &#8211; हमारी चुनौतियाँ, जिम्मेदारियाँ और योगदान</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/national-security-our-challenges-responsibilities-and-contributions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Jun 2025 08:27:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  &#160; शिमला । स्पीकर्स हॉल, संवैधानिक क्लब नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में  कुसुम रॉय, पूर्व राज्यसभा सदस्य और शिक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव  आलोक तिवारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा &#8220;सुरक्षा जागरूकता और राष्ट्रीय विकास&#8221; नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक के सह-लेखक वी के प्रसाद और पूर्व डीआईजीपी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/national-security-our-challenges-responsibilities-and-contributions/">राष्ट्रीय सुरक्षा &#8211; हमारी चुनौतियाँ, जिम्मेदारियाँ और योगदान</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला</strong> । स्पीकर्स हॉल, संवैधानिक क्लब नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में  कुसुम रॉय, पूर्व राज्यसभा सदस्य और शिक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव  आलोक तिवारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा &#8220;सुरक्षा जागरूकता और राष्ट्रीय विकास&#8221; नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक के सह-लेखक वी के प्रसाद और पूर्व डीआईजीपी वी के शर्मा हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सीआर पाटिल, केंद्रीय मंत्री, जल शक्ति, भारत सरकार, अहमदाबाद में हुई दुखदाई एयर इंडियन विमान दुर्घटना की वजह से नहीं आ सके I<img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-122244" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0006-300x200.jpg" alt="https://aadarshhimachal.com/national-security-our-challenges-responsibilities-and-contributions/" width="300" height="200" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0006-300x200.jpg 300w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0006-1024x682.jpg 1024w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0006-768x512.jpg 768w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0006-696x464.jpg 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0006-1068x712.jpg 1068w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0006-630x420.jpg 630w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0006.jpg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>9879 वी के शर्मा ने अपने संबोधन में उपस्थित लोगों को अर्धसैनिक बलों की भूमिका तथा वर्तमान परिदृश्य में समाज को सजग एवं सतर्क रहने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>अर्धसैनिक बलों का संक्षिप्त परिचय<br />
CRPF, BSF, ITBP, CISF, SSB, Assam Rifles – ये सभी MHA के अधीन कार्य करते हैं और भारत की आंतरिक तथा सीमा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 33 के तहत इन अर्धसैनिक बलों को संघ के सशस्त्र बल घोषित किया है।</p>
<p>कर्तव्यों में सीमा सुरक्षा के अलावा संयुक्त राष्ट्र मिशन, एएनओ, आतंकवाद विरोधी, आपदा प्रबंधन, वीवीआईपी सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रखवाली, चुनाव, कानून और व्यवस्था में स्थानीय प्रशासन की मदद करना और युद्ध के मामले में सेना की मदद करना शामिल है। तोड़फोड़, जासूसी, नशीले पदार्थों की तस्करी, एफआईसीएन आदि</p>
<p>सुरक्षा की आवश्यकता सदियों से रही है<br />
यह हमारे मन में छिपे शैतान के कारण उत्पन्न होती है। मित्रों, हम जंगल में नहीं रहते, फिर भी क्यों हमें सुरक्षा की आवश्यकता महसूस होती है? इसका कारण है — अज्ञात का भय और FOMO (Fear of Missing Out)। FOMO एक सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और तकनीकी प्रभाव है, जिससे व्यक्ति सोशल मीडिया पर दूसरों की गतिविधियाँ देखकर स्वयं को अकेला, कमतर और उदास महसूस करता है।<br />
सुरक्षा का अर्थ<br />
सुरक्षा केवल सुरक्षा नहीं है &#8211; यह रोकथाम, तैयारी और सार्वजनिक भागीदारी है। यह परिस्थितियों का एक समूह है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>औद्योगिक सुरक्षा केवल कॉर्पोरेट ज़रूरत नहीं है &#8211; यह एक राष्ट्रीय अनिवार्यता है। यह देश की अर्थव्यवस्था, रणनीतिक हितों, तकनीकी नेतृत्व और इसके नागरिकों की भलाई की रक्षा करती है</p>
<p>भारत की सुरक्षा केवल सशस्त्र बलों या सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है; यह प्रत्येक नागरिक का साझा कर्तव्य है। एक जागरूक, ज़िम्मेदार और एकजुट आबादी आंतरिक और बाहरी दोनों तरह के खतरों के खिलाफ़ एक शक्तिशाली रक्षा तंत्र है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-122246" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0010-169x300.jpg" alt="https://aadarshhimachal.com/national-security-our-challenges-responsibilities-and-contributions/" width="169" height="300" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0010-169x300.jpg 169w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0010-576x1024.jpg 576w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0010-768x1365.jpg 768w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0010-864x1536.jpg 864w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0010-696x1237.jpg 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0010-236x420.jpg 236w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250613-WA0010.jpg 900w" sizes="(max-width: 169px) 100vw, 169px" /></p>
<p>नागरिक भारत की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, सशस्त्र बलों, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों को पूरक बनाते हैं। उनकी भागीदारी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत बनाती है। देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नागरिकों की भूमिका का विवरण इस प्रकार है:</p>
<p>सुरक्षा में प्रमुख तत्व</p>
<p>नागरिकों की भूमिका — भारत की सुरक्षा में</p>
<p>1. सतर्कता और रिपोर्टिंग<br />
• संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्कता: नागरिक स्थानीय अधिकारियों को संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं या गतिविधियों की रिपोर्ट करके सुरक्षा बलों की आँख और कान की तरह काम कर सकते हैं।<br />
• अपराध और आतंकवाद को रोकना: समय पर सूचना देने से अपराध, आतंकवादी हमले या अन्य खतरों को रोकने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>2. साइबर सुरक्षा जागरूकता<br />
• सुरक्षित इंटरनेट अभ्यास: ऑनलाइन सतर्क रहने, गलत सूचना फैलाने से बचने और व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखने से नागरिक साइबर अपराधों को रोक सकते हैं और कमज़ोरियों को कम कर सकते हैं।<br />
• साइबर खतरों की रिपोर्टिंग: फ़िशिंग, हैकिंग प्रयासों या फ़र्जी ख़बरों के बारे में अधिकारियों को सूचित करना राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा में योगदान देता है।</p>
<p>3. सामाजिक सद्भाव और एकता<br />
• सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना: नागरिकों को नफ़रत फैलाने या सांप्रदायिक हिंसा में भाग लेने से बचना चाहिए, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को कमज़ोर करता है।<br />
• कट्टरपंथ का विरोध करना: विशेष रूप से युवाओं के बीच, चरमपंथी विचारधाराओं का विरोध करना और उनकी रिपोर्ट करना आंतरिक खतरों से निपटने में मदद करता है।</p>
<p>4. आपदा की तैयारी और प्रतिक्रिया<br />
• स्वैच्छिकता और सहायता: प्राकृतिक आपदाओं या आपात स्थितियों में, नागरिक राहत कार्य में सहायता कर सकते हैं और बचाव कार्यों का समर्थन कर सकते हैं।<br />
• प्रोटोकॉल का पालन करना: निकासी आदेशों और आपातकालीन दिशानिर्देशों का पालन करना कुशल संकट प्रबंधन सुनिश्चित करता है।</p>
<p>5. राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति<br />
• राष्ट्रीय प्रतीकों और कानूनों का सम्मान करना: राष्ट्रीय पहचान की एक मजबूत भावना देश की भलाई के लिए सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देती है।<br />
• राष्ट्र निर्माण में योगदान: शिक्षा, आर्थिक उत्पादकता और नागरिक भागीदारी के माध्यम से, नागरिक एक लचीला और सुरक्षित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।</p>
<p>6. शासन में भागीदारी<br />
• मतदान और नागरिक जुड़ाव: एक जिम्मेदार मतदाता सुशासन सुनिश्चित करता है, जो आंतरिक स्थिरता की कुंजी है।<br />
• अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना: नागरिक सरकार और सुरक्षा संस्थानों से पारदर्शिता और दक्षता की मांग कर सकते हैं।</p>
<p>7. गलत सूचना के खिलाफ बचाव। तोड़फोड़ और गतिविधियाँ<br />
• आलोचनात्मक सोच: दुष्प्रचार या फर्जी खबरों में न पड़ना और दूसरों को तथ्यों को सत्यापित करने में मदद करना एक सुविज्ञ समाज का समर्थन करता है। व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी।<br />
• सोशल मीडिया का जिम्मेदाराना उपयोग: अफवाहों और भड़काऊ सामग्री के प्रसार से बचना घबराहट और अशांति को रोकने में मदद करता है।</p>
<p>औद्योगिक सुरक्षा किसी देश के लिए निम्नलिखित प्रमुख कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है:</p>
<p>1. राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा</p>
<p>उद्योग, विशेष रूप से रक्षा, ऊर्जा, परिवहन, संचार और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति हैं। उन पर कोई भी खतरा या हमला देश के बुनियादी ढांचे, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को बाधित कर सकता है।</p>
<p>2. आर्थिक स्थिरता</p>
<p>उद्योग जीडीपी, रोजगार और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। औद्योगिक तोड़फोड़, चोरी, साइबर हमले या जासूसी के कारण हो सकता है:</p>
<p>• वित्तीय घाटा</p>
<p>• नौकरी में कटौती</p>
<p>• आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान</p>
<p>• निवेशकों का विश्वास खोना</p>
<p>3. राष्ट्रीय सुरक्षा</p>
<p>रक्षा उत्पादन इकाइयाँ, परमाणु ऊर्जा संयंत्र और एयरोस्पेस क्षेत्र जैसे उद्योग सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हुए हैं। उन्हें सुरक्षित रखने से निम्न से बचाव होता है:</p>
<p>विदेशी एजेंटों द्वारा जासूसी</p>
<p>वर्गीकृत डेटा की चोरी</p>
<p>महत्वपूर्ण तकनीकों का दुरुपयोग</p>
<p>4. आवश्यक सेवाओं की निरंतरता</p>
<p>बिजली संयंत्र, जल उपचार सुविधाएं, तेल रिफाइनरियां और दवा उद्योग आवश्यक सेवाएं प्रदान करते हैं। यहां सुरक्षा भंग होने से सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।</p>
<p>5. तकनीकी और बौद्धिक संपदा संरक्षण</p>
<p>प्रगति के लिए अनुसंधान एवं विकास और नवाचार महत्वपूर्ण हैं। सुरक्षा निम्न से सुरक्षा सुनिश्चित करती है:<br />
• डेटा चोरी<br />
• पाइरेसी<br />
• प्रतिद्वंद्वी देशों या प्रतिस्पर्धियों को प्रौद्योगिकी लीक</p>
<p>6. आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम</p>
<p>आतंकवादी बड़े पैमाने पर विनाश या आर्थिक पक्षाघात का कारण बनने के लिए उद्योगों को निशाना बना सकते हैं। प्रभावी औद्योगिक सुरक्षा ऐसी घटनाओं को निम्न द्वारा रोकती है:<br />
• निगरानी और निगरानी<br />
• पहुँच नियंत्रण<br />
• आपातकालीन प्रतिक्रिया तैयारी</p>
<p>7. साइबर सुरक्षा</p>
<p>आधुनिक उद्योग डिजिटल सिस्टम पर निर्भर करते हैं। साइबर सुरक्षा औद्योगिक सुरक्षा का हिस्सा है जो निम्न से सुरक्षा प्रदान करती है:<br />
• डेटा उल्लंघन<br />
• स्वचालित सिस्टम की हैकिंग<br />
• महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रक्रियाओं में व्यवधान</p>
<p>साइबर गिरफ़्तारी ( Digital Arrest)</p>
<p>8. पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा</p>
<p>तोड़फोड़ या लापरवाही के कारण होने वाली औद्योगिक दुर्घटनाएँ (जैसे, भोपाल गैस त्रासदी) पर्यावरणीय आपदाएँ और बड़े पैमाने पर हताहतों का कारण बन सकती हैं। सुरक्षा ऐसी त्रासदियों को रोकने में मदद करती है।</p>
<p>🏭 औद्योगिक सुरक्षा<br />
1. राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ &#8211; उद्योग सकल घरेलू उत्पाद, निर्यात और रोजगार में भारी योगदान देते हैं।<br />
2. तोड़फोड़ और जासूसी के लक्ष्य &#8211; महत्वपूर्ण क्षेत्र (रक्षा, ऊर्जा, आईटी, फार्मा) अक्सर शत्रुतापूर्ण एजेंसियों द्वारा लक्षित होते हैं।<br />
3. साइबर सुरक्षा महत्वपूर्ण है &#8211; डिजिटल बुनियादी ढांचे, डेटा और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा आवश्यक है।<br />
4. भौतिक सुरक्षा उपाय &#8211; एक्सेस कंट्रोल, सीसीटीवी, परिधि बाड़ लगाना, गश्त और आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली महत्वपूर्ण हैं।<br />
5. अंदरूनी खतरे का प्रबंधन &#8211; पृष्ठभूमि की जाँच, कर्मचारी निगरानी और सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण महत्वपूर्ण हैं</p>
<p>👤 वीवीआईपी सुरक्षा<br />
1. राष्ट्रीय स्थिरता का प्रतीक &#8211; नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने से जनता का विश्वास और सरकार की निरंतरता बनी रहती है।<br />
2. बहुस्तरीय सुरक्षा &#8211; इसमें व्यक्तिगत अंगरक्षक, अग्रिम सुरक्षा संपर्क, काफिले की सुरक्षा और खुफिया समन्वय शामिल हैं।<br />
3. जोखिम-आधारित दृष्टिकोण &#8211; खतरे की धारणा, स्थल की संवेदनशीलता और सार्वजनिक जोखिम के आधार पर।<br />
4. भीड़ और कार्यक्रम प्रबंधन &#8211; रैलियों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और विदेशी यात्राओं के दौरान उच्च-स्तरीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।<br />
5. प्रौद्योगिकी एकीकरण &#8211; ड्रोन, बायोमेट्रिक एक्सेस, निगरानी प्रणाली का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।</p>
<p>👥 आम आदमी की सुरक्षा<br />
1. आंतरिक सुरक्षा की नींव &#8211; सार्वजनिक सुरक्षा सामाजिक सद्भाव और आर्थिक गतिविधि सुनिश्चित करती है।<br />
2. सामुदायिक पुलिसिंग &#8211; स्थानीय लोगों की भागीदारी विश्वास का निर्माण करती है और अपराध की रोकथाम में मदद करती है।<br />
3. आपातकालीन प्रतिक्रिया तत्परता &#8211; त्वरित पुलिस, चिकित्सा और अग्निशमन प्रतिक्रिया आवश्यक है।<br />
4. स्मार्ट निगरानी &#8211; सीसीटीवी, यातायात निगरानी और एआई-आधारित अलर्ट का उपयोग रोजमर्रा की सुरक्षा में सुधार करता है। 5. महिला एवं बाल सुरक्षा पर ध्यान &#8211; समर्पित हेल्पलाइन, गश्त और फास्ट-ट्रैक न्याय तंत्र।</p>
<p>🛡️ महत्वपूर्ण बिंदुओं की सुरक्षा<br />
1. परिभाषा &#8211; महत्वपूर्ण बिंदु राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था या शासन (जैसे, बांध, बिजली ग्रिड, हवाई अड्डे) के लिए महत्वपूर्ण प्रमुख प्रतिष्ठान हैं।<br />
2. उच्च खतरा क्षमता &#8211; अक्सर आतंकवादियों, साइबर अपराधियों या युद्धों के दौरान लक्षित होते हैं।<br />
3. रणनीतिक योजना &#8211; सुरक्षा में भौतिक अवरोध, सशस्त्र तैनाती, पहुँच विनियमन और नियमित मॉक ड्रिल शामिल हैं।<br />
4. वर्गीकृत प्रोटोकॉल &#8211; सुरक्षा योजनाएँ संवेदनशील हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अनुमोदित एसओपी का पालन करती हैं।<br />
5. समन्वय महत्वपूर्ण है &#8211; केंद्रीय एजेंसियाँ, खुफिया जानकारी और स्थानीय सुरक्षा बल एक साथ काम करते हैं श्री वी के शर्मा ने अपने संबोधन में उपस्थित लोगों को अर्धसैनिक बलों की भूमिका तथा वर्तमान परिदृश्य में समाज को सजग एवं सतर्क रहने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>अर्धसैनिक बलों के लिए सम्मान और कल्याण की आवश्यकता<br />
• सेना के समान पेंशन • सभी राज्यों में अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड की स्थापना • अखिल भारतीय पूर्व अर्ध सैनिक कल्याण एवं समन्वय संघ को सरकार द्वारा मान्यता I</p>
<p>संघ का आदर्श वाक्य: &#8220;भावना से कर्तव्य ऊँचा है&#8221; 📧 ईमेल: abpasks@yahoo.com 📞 मोबाइल: 9968662007<br />
अंत में<br />
खुद जियो औरों को भी जीने दो&#8230; यही तो है ज़िंदगी का रास्ता, हमें वतन की शांति का वास्ता।<br />
V K Sharma   जय हिंद 🇮🇳</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सैनिकों का शौर्य और त्याग अद्वितीय व भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा दायक: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/the-valor-and-sacrifice-of-soldiers-is-unique-and-an-inspiration-for-future-generations-chief-minister-pushkar-singh-dhami/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Jun 2025 22:33:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  रुरकी (uk)।ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर मुख्यमंत्री ने एक संवाद वीर सैनिकों के साथ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग। *हमारे सैनिकों का शौर्य और त्याग अद्वितीय व भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा दायक* मुख्यमंत्री राज्य में सेवानिवृत्त सैनिकों की ट्रेनिंग के लिए बनाया जाएगा सेंटर मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>रुरकी</strong> <strong>(uk</strong>)।ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर मुख्यमंत्री ने एक संवाद वीर सैनिकों के साथ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग। *हमारे सैनिकों का शौर्य और त्याग अद्वितीय व भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा दायक* मुख्यमंत्री राज्य में सेवानिवृत्त सैनिकों की ट्रेनिंग के लिए बनाया जाएगा सेंटर मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गढ़ीकैंट स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर ‘एक संवाद वीर सैनिकों के साथ‘ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सेवानिवृत्त सैनिकों की ट्रेनिंग के लिए एक सेंटर बनाया जायेगा। सैनिक कल्याण विभाग द्वारा इसके लिए कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि *ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सैनिकों ने शौर्य, त्याग और अटूट समर्पण की जो अद्वितीय मिसाल पेश की वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी*। 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने जम्मूकश्मीर के पहलगाम में निर्दाेष पर्यटकों पर कायरतापूर्ण हमला कर देश और दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। इसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से हमारी सेनाओं ने यह स्पष्ट किया कि भारत की बेटियों के सिंदूर की ओर आँख उठाने वालों का क्या परिणाम होता है। 7 मई को हमारी सेनाओं ने 9 बड़े आतंकी अड्डों को तबाह किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण ही आतंकवाद के विरुद्ध इस निर्णायक कार्यवाही को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी वृद्धि की गई है। बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को राज्य की सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया गया है और इसके लिए आवेदन करने की अवधि को 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। सेवारत व पूर्व सैनिकों के लिए 25 लाख रुपए मूल्य की स्थायी सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रदेश के शहीदों की स्मृति में देहरादून के गुनियाल गांव में एक भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। सैनिक कल्याण मंत्री श्री *गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है, राष्ट्र भक्तों की भूमि है। उन्होंने कहा कि देश को रक्षा के लिए हर पांचवा सैनिक उत्तराखण्ड से होता है।*</p>
<p>इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण  दीपेन्द्र चैधरी, स्टेशन कमांडर आर.एस.थापा, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर (से.नि.) अमृत लाल, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर (से.नि.) जे.एन.एस.बिष्ट सहित रक्षा सेनाओं के सेवानिवृत्त अधिकारी ले.जनरल ए.के.सिंह, रियर एडमिरल ओ.पी.एस.राणा, एयर मार्शल डी.एस.रावत, ले.जनरल टी.पी.एस.रावत, रियर एडमिरल अनुराग थपलियाल, मेजर जनरल ओ.पी.सोनी, मेजर जनरल डी.अग्निहोत्री, मेजर जनरल पी.एस.राणा, मेजर जनरल नीरज वर्मा, मेजर जनरल आनंद सिंह रावत, मेजर जनरल एम.एस.असवाल, मेजर जनरल के.डी.सिंह, ब्रिगेडियर के.जी.बहल और पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग है ।</p>
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		<title>ऑपरेशन सिंदूर की सफलता व पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए अनुराग ठाकुर ग्रुप-7 सांसदों के साथ विदेश रवाना</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/anurag-thakur-left-for-abroad-with-group-7-mps-to-ensure-success-of-operation-sindoor-and-expose-pakistan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 May 2025 15:53:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला । हिमाचल प्रदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद  अनुराग सिंह ठाकुर आतंकवाद पर भारतीय सेना की कार्यवाई &#8216;ऑपरेशन सिंदूर&#8217; की सफलता और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के उद्देश्य से भारत की ओर से विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के ग्रुप-7 सांसदों के साथ [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला</strong> । हिमाचल प्रदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद  अनुराग सिंह ठाकुर आतंकवाद पर भारतीय सेना की कार्यवाई &#8216;ऑपरेशन सिंदूर&#8217; की सफलता और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के उद्देश्य से भारत की ओर से विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के ग्रुप-7 सांसदों के साथ विदेश रवाना हो गए हैं। अनुराग सिंह ठाकुर के साथ  सुप्रिया सुले ( एनसीपी)  राजीव प्रताप रूड़ी (बीजेपी),  विक्रमजीत सिंह साहनी (AAP), मनीष तिवारी (कांग्रेस),  लवुश्रीकृष्ण देवरायालु (टीडीपी), आनंद शर्मा, वी. मुरलीधरन व राजदूत सैयद अकबरुद्दीन 24 मई से 5 जून तक कतर, दक्षिण अफ़्रीका, इथियोपिया व मिस्र में विभिन्न आधिकारिक बैठकों के दौरान भारत का पक्ष रखते हुए आतंकवाद पर पाकिस्तान का चेहरा बेनक़ाब करेंगे। ग्रुप-7 का यह सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सर्वप्रथम24 मई को क़तर, 27 मई को दक्षिण अफ़्रीका, 29 मई को इथियोपिया व 1 जून को मिस्र में विभिन्न बैठकों में भारत का पक्ष रखेगा। केंद्र की मोदी सरकार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एकजुट करने की दिशा में हरसंभव कदम उठा रही है और इसी के परिणाम स्वरूप 21 मई से सांसदों के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को अलग-अलग देशों की राजधानियों में भेजा जा रहा है।सभी दलों के कुल 51 नेता इन प्रतिनिधिमंडलों में सम्मिलित होंगे। इनमें सांसद, पूर्व मंत्री और 8 पूर्व राजदूत शामिल हैं। ये सभी नेता मिलकर दुनिया के कई देशों में जाएंगे और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भारत का पक्ष रख रहे हैं। श्री अनुराग ठाकुर इसी सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल के ग्रुप-7 के सदस्य हैं।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>एलओसी) पर &#8211; विभिन्न राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक कारकों के आधार पर सकारात्मक प्रभाव और चुनौतियां दोनों हो सकती हैं। वी के शर्मा</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/loc-can-have-both-positive-impacts-and-challenges-depending-on-various-political-military-and-diplomatic-factors-v-k-sharma/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 May 2025 14:24:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला । भारत-पाक सीमा पर घोषित युद्ध विराम &#8211; विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर &#8211; विभिन्न राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक कारकों के आधार पर सकारात्मक प्रभाव और चुनौतियां दोनों हो सकती हैं। वी के शर्मा डीआईजीपी सेवानिवृत्त। इसमें शामिल प्रमुख कारकों का विवरण इस प्रकार है [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/loc-can-have-both-positive-impacts-and-challenges-depending-on-various-political-military-and-diplomatic-factors-v-k-sharma/">एलओसी) पर &#8211; विभिन्न राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक कारकों के आधार पर सकारात्मक प्रभाव और चुनौतियां दोनों हो सकती हैं। वी के शर्मा</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला</strong> । भारत-पाक सीमा पर घोषित युद्ध विराम &#8211; विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर &#8211; विभिन्न राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक कारकों के आधार पर सकारात्मक प्रभाव और चुनौतियां दोनों हो सकती हैं। वी के शर्मा डीआईजीपी सेवानिवृत्त।</p>
<p>इसमें शामिल प्रमुख कारकों का विवरण इस प्रकार है<br />
घोषित युद्ध विराम की प्रभावशीलता:<br />
1. शत्रुता में कमी:<br />
• युद्ध विराम से अक्सर सीमा पार से गोलीबारी और गोलाबारी में उल्लेखनीय कमी आती है, जिससे नागरिक और सैन्य हताहतों की संख्या कम होती है।<br />
• इससे सीमावर्ती निवासियों को राहत मिलती है और प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक और कृषि गतिविधियों को सक्षम बनाता है।<br />
2. विश्वास-निर्माण उपाय (सीबीएम):<br />
• युद्ध विराम एक महत्वपूर्ण सीबीएम हो सकता है जो आगे की कूटनीतिक भागीदारी के लिए आधार तैयार करता है।<br />
• यह सैन्य कमांड (हॉटलाइन या फ्लैग मीटिंग के माध्यम से) के बीच विश्वास और संचार को फिर से बनाने में मदद कर सकता है।<br />
3. मानवीय लाभ:<br />
• नागरिकों के लिए सुरक्षित परिस्थितियाँ, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और राहत सेवाओं तक आसान पहुँच शामिल है।<br />
• सीमा के पास आंतरिक रूप से विस्थापित आबादी के पुनर्वास और पुनर्स्थापन की अनुमति देता है।<br />
• ⁠4. क्षेत्रीय स्थिरता:<br />
• नियंत्रण रेखा पर स्थिरता दक्षिण एशिया में व्यापक शांति में योगदान देती है, जिसका सकारात्मक प्रभाव व्यापार, अंतर्राष्ट्रीय धारणाओं और सुरक्षा सहयोग पर पड़ता है।<br />
युद्ध विराम की चुनौतियाँ या सीमाएँ:<br />
1. नाजुकता और उल्लंघन:<br />
• युद्ध विराम नाजुक हो सकते हैं, अक्सर झड़पों या घुसपैठ के आरोपों के कारण टूट जाते हैं।<br />
• औपचारिक निगरानी तंत्र (जैसे प्रवर्तन शक्ति वाले संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक) की कमी के कारण उल्लंघनों को सत्यापित करना या दंडित करना कठिन हो जाता है।<br />
2. रणनीतिक अविश्वास:<br />
• भारत और पाकिस्तान के बीच गहरा अविश्वास युद्ध विराम के दुरुपयोग (जैसे, फिर से संगठित होने या हथियारों की तस्करी के लिए) के संदेह को जन्म दे सकता है।<br />
• औपचारिक राज्य अभिनेताओं द्वारा गोलीबारी बंद करने पर भी छद्म युद्ध (गैर-राज्य अभिनेताओं या आतंकवादी समूहों के माध्यम से) जारी रह सकता है।<br />
3. गैर-राज्य अभिनेताओं की राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभाव:<br />
• प्रभावशीलता दोनों देशों में सुसंगत राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करती है।<br />
• सीमा पार सक्रिय गैर-राज्यीय तत्व शांति को बाधित कर सकते हैं, विशेषकर यदि राज्य का समर्थन या नियंत्रण अस्पष्ट हो।<br />
4. दीर्घकालिक संघर्ष समाधान का अभाव: • संघर्ष विराम मुख्य मुद्दों (जैसे कश्मीर) का समाधान नहीं है। निरंतर बातचीत और समाधान प्रयासों के बिना, यह केवल अस्थायी राहत प्रदान करता है।</p>
<p>निष्कर्ष: तत्काल तनाव और हताहतों को कम करने, नागरिक जीवन को बेहतर बनाने और बातचीत के लिए माहौल को बढ़ावा देने में संघर्ष विराम अत्यधिक प्रभावी हो सकता है। हालांकि, आपसी विश्वास, मजबूत सत्यापन तंत्र और अंतर्निहित मुद्दों पर प्रगति के बिना, यह टूटने के लिए असुरक्षित रहता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हमारी सरकार को संघर्ष विराम समझौते में क्या सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए<br />
1. सभी निर्धारित आतंकवादियों को सौंपना। 2. भारत को पीओके वापस करना<br />
3. आतंकवादी संगठनों को आगे कोई समर्थन न देने की गारंटी और सभी आतंकवादी शिविरों, लॉन्चिंग पैड आदि को बंद करना।<br />
4. बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को मान्यता देना।<br />
5. भारत-पाक संधि पर कोई वापसी नहीं।<br />
6. पाकिस्तान की जेलों में बंद सभी युद्धबंदियों की वापसी।<br />
7. यदि पाकिस्तान द्वारा कोई उल्लंघन किया जाता है तो संघर्ष विराम बंद हो जाएगा।</p>
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		<title>वायु सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 8 से 28 जुलाई तक</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/online-registration-for-agniveer-recruitment-in-air-force-from-8th-to-28th-july/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 30 Jun 2024 07:02:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[air force]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो हमीरपुर&#124; भारतीय वायु सेना में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अविवाहित महिला एवं पुरुष उम्मीदवारों की अग्निवीर भर्ती के लिए 8 से 28 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। एयरमैन सेलेक्शन सेंटर अंबाला के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने बताया कि वायु सेना में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो</strong></p>
<p><strong>हमीरपुर</strong>| भारतीय वायु सेना में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अविवाहित महिला एवं पुरुष उम्मीदवारों की अग्निवीर भर्ती के लिए 8 से 28 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।<br />
एयरमैन सेलेक्शन सेंटर अंबाला के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने बताया कि वायु सेना में अग्निवीरों की भर्ती के लिए पात्र महिला एवं पुरुष उम्मीदवार वेब पोर्टल अग्निपथवायु.सीडैक.इन <a href="http://agnipathvayu.cdac.in/" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=http://agnipathvayu.cdac.in&amp;source=gmail&amp;ust=1719809303309000&amp;usg=AOvVaw2fKv8OuyjJUNG_GqsjgE33">agnipathvayu.cdac.in</a> पर ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। यह पंजीकरण 8 जुलाई को सुबह 11 बजे से लेकर 28 जुलाई रात 11 बजे तक किया जा सकता है।<br />
उन्होंने  बताया कि 3 जुलाई 2004 से लेकर 3 जनवरी 2008 तक जन्में महिला एवं पुरुष उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र होंगे। निर्धारित अवधि में ऑनलाइन आवेदन करने वाले युवाओं की ऑनलाइन परीक्षा 18 अक्तूबर से आरंभ होगी।</p>
<figure id="attachment_119679" aria-describedby="caption-attachment-119679" style="width: 300px" class="wp-caption alignnone"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-119679" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2024/06/Indian-Airforce-Agniveer-Vayu-Recruitment-2024-01-jpg-300x188.webp" alt="वायुसेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन " width="300" height="188" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2024/06/Indian-Airforce-Agniveer-Vayu-Recruitment-2024-01-jpg-300x188.webp 300w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2024/06/Indian-Airforce-Agniveer-Vayu-Recruitment-2024-01-jpg-1024x640.webp 1024w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2024/06/Indian-Airforce-Agniveer-Vayu-Recruitment-2024-01-jpg-768x480.webp 768w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2024/06/Indian-Airforce-Agniveer-Vayu-Recruitment-2024-01-jpg-696x435.webp 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2024/06/Indian-Airforce-Agniveer-Vayu-Recruitment-2024-01-jpg-1068x668.webp 1068w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2024/06/Indian-Airforce-Agniveer-Vayu-Recruitment-2024-01-jpg-672x420.webp 672w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2024/06/Indian-Airforce-Agniveer-Vayu-Recruitment-2024-01-jpg.webp 1281w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-119679" class="wp-caption-text">वायुसेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन</figcaption></figure>
<p>विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने बताया कि गणित, फीजिक्स और अंग्रेजी विषय सहित कुल 50 प्रतिशत अंकों एवं अंग्रेजी विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं पास उम्मीदवार इसके लिए पात्र होंगे। 50 प्रतिशत अंकों के साथ वोकेशनल कोर्स करने वाले युवा और इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमाधारक भी अग्निवीरवायु की भर्ती के लिए पात्र होंगे। साइंस विषयों के अलावा अन्य विषयों में भी कम से कम 50 प्रतिशत अंकों एवं अंग्रेजी विषय में 50 प्रतिशत अंक के साथ बारहवीं पास युवा भी आवेदन कर सकते हैं। विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने बताया कि भर्ती से संबंधित सभी जानकारियां वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने पात्र एवं इच्छुक युवाओं से इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/online-registration-for-agniveer-recruitment-in-air-force-from-8th-to-28th-july/">वायु सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 8 से 28 जुलाई तक</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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