<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Environment - Aadarsh Himachal</title>
	<atom:link href="https://aadarshhimachal.com/category/environment/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://aadarshhimachal.com/category/environment/</link>
	<description>Latest News and Information</description>
	<lastBuildDate>Mon, 06 Apr 2026 00:58:22 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>पर्यावरण और आजीविका का संगम 🌱 &#124; ‘मिशन 32 प्रतिशत’ से ग्रीन हिमाचल की नींव</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/the-confluence-of-environment-and-livelihood-%f0%9f%8c%b1-foundation-of-green-himachal-laid-with-mission-32-percent/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 00:55:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[POLITICS]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिकल]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[विशेष रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हमीरपुर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128805</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों विशेष रिपोर्ट &#160; शिमला । वन विस्तार की ओर बढ़ते कदमवन विस्तार से जनभागीदारी तक: पर्यावरण और आजीविका का संगमप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में एक दूरदर्शी और महत्त्वाकांक्षी पहल के रूप में ‘मिशन 32 प्रतिशत’ की घोषणा की है। &#160; मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-confluence-of-environment-and-livelihood-%f0%9f%8c%b1-foundation-of-green-himachal-laid-with-mission-32-percent/">पर्यावरण और आजीविका का संगम 🌱 | ‘मिशन 32 प्रतिशत’ से ग्रीन हिमाचल की नींव</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों विशेष रिपोर्ट</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong> शिमला ।</strong> वन विस्तार की ओर बढ़ते कदमवन विस्तार से जनभागीदारी तक: पर्यावरण और आजीविका का संगमप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में एक दूरदर्शी और महत्त्वाकांक्षी पहल के रूप में ‘मिशन 32 प्रतिशत’ की घोषणा की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस मिशन के तहत वर्ष 2030 तक राज्य के वन आवरण को 29.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह निर्णय ‘‘हिमाचल को हरित हिमालय राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय है’’ और इससे जैव विविधता बढ़ेगी। यह लक्ष्य केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और सतत विकास सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हिमाचल में वनावरण को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने गत तीन वर्षों में कई अभिनव पहल की हैं, जो वन विस्तार, संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को एकीकृत करती हैं। इनमें मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस योजना का उद्देश्य बंजर और अनुपयोगी पहाड़ियों को हरित आवरण में बदलना है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस योजना के पहले वर्ष में ही लगभग 600 हेक्टेयर बंजर भूमि पर पौधरोपण किया जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से वन भूमि पर पौधरोपण किया जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत पौधे फलदार प्रजातियों के शामिल हैं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए भविष्य में आय के स्रोत भी सृजित हो रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी क्रम में राजीव गांधी वन संवर्धन योजना वन क्षेत्र के पुनर्जीवन की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस योजना के तहत वन भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है और पौधों की देखभाल के लिए विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। लोगों और संस्थाओं को प्रति हेक्टेयर एक लाख 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे पौधरोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और जीवितता दर सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह योजना स्थानीय स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों और युवाओं के माध्यम से धरातल पर उतारी जा रही है जिससे उन्हें रोजगार भी उपलब्ध हुआ है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।सरकार ने हरित विकास को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए ग्रीन एडॉप्शन योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत निजी उद्यम, कंपनियां और गैर-सरकारी संगठन बंजर वन भूमि को गोद लेकर वहां पौधरोपण और संरक्षण कार्य करेंगे। यह पहल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इससे सरकारी संसाधनों पर निर्भरता कम होती है और बड़े स्तर पर हरित परियोजनाओं को गति मिलती है।इन सभी पहलों का समेकित प्रभाव राज्य को ‘ग्रीन हिमाचल’ की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। वन आवरण में वृद्धि के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी मदद मिल रही है।बजट 2026-27 में ‘मिशन 32 प्रतिशत’ को केंद्र में रखना और वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए अन्य कदम व नीतियां स्पष्ट करती हैं कि हिमाचल प्रदेश सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को संबल प्रदान कर रही है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण की नींव भी है।#Mission32Percent #GreenHimachal #HimachalPradesh #ForestCover #ClimateAction #Afforestation #SustainableDevelopment #EcoFriendly #Biodiversity #GreenFuture #RajivGandhiScheme #CSRIndia #RuralEconomy #EnvironmentProtection #HimachalNews</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-confluence-of-environment-and-livelihood-%f0%9f%8c%b1-foundation-of-green-himachal-laid-with-mission-32-percent/">पर्यावरण और आजीविका का संगम 🌱 | ‘मिशन 32 प्रतिशत’ से ग्रीन हिमाचल की नींव</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>125 दिनों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत ✊ — ग्रामीणों का आंदोलन फिलहाल स्थगित, पर लड़ाई जारी</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/a-historic-victory-after-125-days-of-struggle-the-villagers-protest-has-been-suspended-but-the-fight-continues/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 05:31:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[POLITICS]]></category>
		<category><![CDATA[program]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल न्यूज़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128691</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो सोलन ।।संघोई धार में 28 नवंबर 2025 से चल रहा शांतिपूर्ण धरना एवं क्रमिक भूख हड़ताल 125 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद दिनांक 01 अप्रैल 2026 को फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अगली रणनीति तय होने तक रोका गया है। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/a-historic-victory-after-125-days-of-struggle-the-villagers-protest-has-been-suspended-but-the-fight-continues/">125 दिनों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत ✊ — ग्रामीणों का आंदोलन फिलहाल स्थगित, पर लड़ाई जारी</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
<p><strong>सोलन</strong> ।।संघोई धार में 28 नवंबर 2025 से चल रहा शांतिपूर्ण धरना एवं क्रमिक भूख हड़ताल 125 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद दिनांक 01 अप्रैल 2026 को फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अगली रणनीति तय होने तक रोका गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>धरना स्थल पर पूर्व विधायक  गोविंद राम शर्मा एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य  आशा परिहार द्वारा प्रदर्शनकारियों को जूस पिलाकर यह घोषणा की गई।<br />
DGMS रिपोर्ट से ग्रामीणों के आरोप साबित<br />
DGMS की रिपोर्ट में संघोई धार, मांगू ब्लॉक एवं काशलोग क्षेत्र में रात्रिकालीन अवैध खनन और भारी ब्लास्टिंग की पुष्टि हुई है। इस रिपोर्ट ने प्रभावित ग्रामीणों की शिकायतों को सही सिद्ध किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा का बयान</strong></p>
<p>पूर्व विधायक  गोविंद राम शर्मा ने कहा कि रिपोर्ट ने कंपनी और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने DC Solan से मांग की कि:<br />
रात्रिकालीन खनन पर पूर्ण रोक लगाई जाए<br />
घरों के पास ब्लास्टिंग न हो निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित हो<br />
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसा हुआ तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>आशा परिहार का आभार व्यक्त</strong></p>
<p>पूर्व जिला परिषद सदस्य श्रीमती आशा परिहार ने आंदोलन में शामिल सभी ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं का आभार व्यक्त किया।<br />
उन्होंने इसे विशेष रूप से महिलाओं के साहस और एकजुटता की जीत बताया।<br />
ग्रामीणों की प्रमुख समस्याएं<br />
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि:<br />
बिना सहमति खनन कार्य किया गया<br />
मुआवजा और भूमि विवाद लंबित हैं<br />
घरों के पास लगातार ब्लास्टिंग से नुकसान हुआ<br />
महिलाओं ने चेतावनी दी कि दोबारा खनन होने पर आंदोलन और उग्र होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>समिति अध्यक्ष धीरज ठाकुर का बयान</strong></p>
<p>समिति अध्यक्ष ने बताया कि DGMS रिपोर्ट DC को सौंप दी गई है।यदि दोबारा अवैध खनन या ब्लास्टिंग होती है, तो ग्रामीण कंपनी के क्रेशर, चेक पोस्ट और मार्गों को बंद करने से पीछे नहीं हटेंगे।</p>
<p><strong>समिति सचिव देवेंद्र सिंह के आरोप</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए, जिनमें:<br />
स्वास्थ्य सुविधाएं<br />
रोजगार<br />
प्रदूषण नियंत्रण<br />
शिक्षा संस्थान<br />
शामिल हैं।<br />
उन्होंने प्रदूषण, धूल और लगातार ब्लास्टिंग को गंभीर समस्या बताया।<br />
कानूनी सलाहकार रजनीश शर्मा की मांग<br />
झूठे मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं<br />
पूरे मामले की स्वतंत्र जांच हो<br />
महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए<br />
संयोजक संदीप ठाकुर की प्रमुख मांगें<br />
स्थानीय युवाओं को 70% रोजगार<br />
पुनर्वास और पुनर्स्थापन<br />
मजिस्ट्रेट जांच</p>
<p><strong>रात्रिकालीन खनन पर स्थायी रोक</strong></p>
<p>शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं<br />
पानी और बिजली व्यवस्था सुधार<br />
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पानी की भारी समस्या है और सतलुज से पानी लाने की योजना लागू की जानी चाहिए।<br />
⚠️ <strong>प्रशासन के लिए चेतावनी</strong><br />
यदि शीघ्र:<br />
मजिस्ट्रेट जांच शुरू नहीं होती<br />
दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती<br />
अवैध खनन जारी रहता है<br />
तो ग्रामीण बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।<br />
🔴 <strong>अंतिम घोषणा</strong><br />
आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है।<br />
यदि दोबारा अवैध गतिविधियां होती हैं, तो आंदोलन पहले से अधिक व्यापक रूप में शुरू किया जाएगा।#जनआंदोलन<br />
#125दिन_संघर्ष<br />
#ग्रामीण_एकता<br />
#न्याय_की_लड़ाई<br />
#DGMS_Report<br />
#हिमाचल_की_आवाज<br />
#MiningIssue<br />
#StopIllegalMining<br />
#JusticeForVillagers<br />
#HimachalPradesh<br />
#PeoplePower<br />
#GroundReality<br />
#VoiceOfPeople</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/a-historic-victory-after-125-days-of-struggle-the-villagers-protest-has-been-suspended-but-the-fight-continues/">125 दिनों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत ✊ — ग्रामीणों का आंदोलन फिलहाल स्थगित, पर लड़ाई जारी</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ब्रेकिंग न्यूज़ अंबुजा (अडानी) सीमेंट पर बड़ा आरोप! DGMS रिपोर्ट में खुलासा – रात में हो रही ब्लास्टिंग, घरों में दरारें!</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/breaking-news-major-allegation-against-ambuja-adani-cement-dgms-report-reveals-blasting-at-night-causing-cracks-in-homes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 16:11:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[solan]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128497</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों &#160; (संघोई धार) सोलन  संघोई धार क्षेत्र में Ambuja Cements के खिलाफ चल रहा शांतिपूर्ण धरना और क्रमिक भूख हड़ताल आज भी जारी रही। प्रभावित ग्रामीण अपने अधिकारों और सुरक्षा को लेकर एकजुट नजर आए। &#160; धार देवता सीमेंट प्रभावित जन कल्याण समिति के संयोजक संदीप ठाकुर और अध्यक्ष धीरज ठाकुर ने [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/breaking-news-major-allegation-against-ambuja-adani-cement-dgms-report-reveals-blasting-at-night-causing-cracks-in-homes/">ब्रेकिंग न्यूज़ अंबुजा (अडानी) सीमेंट पर बड़ा आरोप! DGMS रिपोर्ट में खुलासा – रात में हो रही ब्लास्टिंग, घरों में दरारें!</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>(संघोई धार) सोलन </strong><br />
संघोई धार क्षेत्र में Ambuja Cements के खिलाफ चल रहा शांतिपूर्ण धरना और क्रमिक भूख हड़ताल आज भी जारी रही। प्रभावित ग्रामीण अपने अधिकारों और सुरक्षा को लेकर एकजुट नजर आए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>धार देवता सीमेंट प्रभावित जन कल्याण समिति के संयोजक संदीप ठाकुर और अध्यक्ष धीरज ठाकुर ने उपायुक्त सोलन से मुलाकात कर Directorate General of Mines Safety (DGMS) की हालिया निरीक्षण रिपोर्ट सौंपी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं:<br />
ब्लास्टिंग में वैज्ञानिक मानकों का उल्लंघन<br />
रात्रिकालीन ब्लास्टिंग की पुष्टि (नियमों के विरुद्ध)<br />
मंगू क्षेत्र के घरों में दरारों का कारण ब्लास्टिंग<br />
06.12.2025 का “घमारो ब्लास्ट” भी कंपनी द्वारा किया गया बताया गया समिति ने सवाल उठाया कि जब विभागीय रिपोर्ट खुद कंपनी की गतिविधियों पर सवाल खड़े कर रही है, तो खनन और ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक क्यों नहीं लगाई जा रही।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि 1-2 दिनों में गैरकानूनी ब्लास्टिंग पर कार्रवाई की जाएगी, जिसका वीडियो प्रमाण भी समिति के पास मौजूद है।<br />
प्रेस वार्ता में संयोजक संदीप ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अवैध और खतरनाक ब्लास्टिंग नहीं रोकी गई, तो स्थानीय लोग अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने को मजबूर होंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 1992 से कंपनी द्वारा दबाव और भय का माहौल बनाया गया, और शिकायतों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>समिति ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित पक्षों की होगी।<br />
📢<br />
#AmbujaCement #AdaniGroup #Solan #HimachalPradesh #MiningIssue #Blasting #PublicProtest #DGMS #SaveVillages #JusticeForPeople #AdarshHimachal</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/breaking-news-major-allegation-against-ambuja-adani-cement-dgms-report-reveals-blasting-at-night-causing-cracks-in-homes/">ब्रेकिंग न्यूज़ अंबुजा (अडानी) सीमेंट पर बड़ा आरोप! DGMS रिपोर्ट में खुलासा – रात में हो रही ब्लास्टिंग, घरों में दरारें!</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रोजेक्ट योजक’: हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करने की बड़ी पहल</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/project-yojak-a-major-initiative-to-ensure-all-weather-road-connectivity/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:32:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[program]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[कुल्लू]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128485</guid>

					<description><![CDATA[<p>‘आदर्श हिमाचल ब्यूरों &#160; मनाली/शिमला। पीआईबी के सौजन्य से हिमाचल प्रदेश के दौरे पर आए ओडिशा के वरिष्ठ पत्रकारों के एक दल ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के ‘प्रोजेक्ट योजक’ का दौरा किया और यहां किए जा रहे उच्च हिमालयी अवसंरचना कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बीआरओ अधिकारियों ने बताया कि ‘अटल टनल’ के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/project-yojak-a-major-initiative-to-ensure-all-weather-road-connectivity/">प्रोजेक्ट योजक’: हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करने की बड़ी पहल</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>‘<strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>मनाली/शिमला।</strong> पीआईबी के सौजन्य से हिमाचल प्रदेश के दौरे पर आए ओडिशा के वरिष्ठ पत्रकारों के एक दल ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के ‘प्रोजेक्ट योजक’ का दौरा किया और यहां किए जा रहे उच्च हिमालयी अवसंरचना कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।<br />
बीआरओ अधिकारियों ने बताया कि ‘अटल टनल’ के निर्माण के बाद गठित प्रोजेक्ट योजक अब 10,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग के रखरखाव के साथ-साथ कई नए रणनीतिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अधिकारियों ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि BRO के जवान -30 डिग्री सेल्सियस तक गिरते तापमान, भारी बर्फबारी और कठिन हिमालयी परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम करते हुए मनाली–कीलोंग–लेह मार्ग को सालभर सुचारु रखने में जुटे रहते हैं।इस दौरान निम्मू–पदम–दरचा (NPD) मार्ग पर हो रही प्रगति को भी प्रमुखता से साझा किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#RoadConnectivity #AllWeatherRoad इसमें प्रस्तावित शिंकू ला टनल (लगभग 4–5 किलोमीटर लंबी) को एक महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया। इसके पूरा होने के बाद लद्दाख के लिए जांस्कर घाटी के रास्ते तीसरा ऑल-वेदर मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे लाहौल-स्पीति का मौसमी अलगाव खत्म होगा और पर्यटन व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।</p>
<p>#ProjectYojak #Infrastructure मीडिया दल को अधिकारियों ने हाल के आपदा प्रबंधन के उदाहरण भी बताए गए जब मार्च 2026 के मध्य में अटल टनल के साउथ पोर्टल के पास भारी बर्फबारी के कारण 200 से अधिक वाहन फंस गए थे। BRO ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर त्वरित राहत अभियान चलाया और 12 घंटे के भीतर लगभग सभी वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी तरह, पिछले वर्ष अचानक आई बाढ़ से मनाली–कीलोंग हाईवे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे BRO के इंजीनियरों ने 12 घंटे से भी कम समय में बहाल कर दिया, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात बाधित नहीं हुआ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पत्रकारों ने विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहे BRO के जवानों की प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना की। ‘प्रोजेक्ट योजक’ सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत अवसंरचना विकसित करने और दूरदराज के हिमालयी इलाकों को हर मौसम में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।#ProjectYojak #Infrastructure #RoadConnectivity #AllWeatherRoad #HimachalDevelopment #PublicInfrastructure #HimachalNews #AdarshHimachal</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/project-yojak-a-major-initiative-to-ensure-all-weather-road-connectivity/">प्रोजेक्ट योजक’: हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करने की बड़ी पहल</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुख्यमंत्री ने 62वां जन्मदिवस पर चिनार का पौधा लगाकर प्रदेशवासियों के साथ मनाया,</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/the-chief-minister-celebrated-his-62nd-birthday-with-the-people-of-the-state-by-planting-a-poplar-tree/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:22:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Entertainment]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[POLITICS]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128482</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों &#160; शिमला  मुख्यमंत्री ने 62वां जन्मदिवस शिमला में सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों, जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं, अधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। &#160; मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस पर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-chief-minister-celebrated-his-62nd-birthday-with-the-people-of-the-state-by-planting-a-poplar-tree/">मुख्यमंत्री ने 62वां जन्मदिवस पर चिनार का पौधा लगाकर प्रदेशवासियों के साथ मनाया,</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला </strong> मुख्यमंत्री ने 62वां जन्मदिवस शिमला में सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों, जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं, अधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस पर चिनार का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल को बढ़ावा दिया। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी एवं देहरा से विधायक Kamlesh Thakur सहित परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारियों द्वारा आयोजित मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो सचिवालय से शुरू होकर मालरोड स्थित चर्च के समीप संपन्न हुई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट जनकल्याण पर केंद्रित है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने “सेवा परमो धर्मः” की भावना के साथ कार्य करते हुए सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने प्रदेश के अधिकारों की वकालत करते हुए कहा कि आरडीजी प्रदेश की जनता का अधिकार है, जिसे समाप्त किए जाने पर चिंता जताई गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश को प्रतिवर्ष लगभग 90,000 करोड़ रुपये की पारिस्थितिक सेवाएं प्रदान करता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही सामने आएंगे। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने को भी एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की 18 महिला लाभार्थियों को आवास निर्माण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की। प्रत्येक लाभार्थी को 3 लाख रुपये की सहायता में से पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये वितरित किए गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर युवा कांग्रेस एवं अन्य संगठनों द्वारा इंदिरा गांधी खेल परिसर में रक्तदान शिविर एवं बॉक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस कार्यक्रम में मंत्रीगण, विधायकगण, बोर्ड एवं निगमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया और मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>#SukhvinderSinghSukhu #HimachalPradesh #CMHimachal #BirthdayCelebration #GreenInitiative #PublicWelfare #HimachalNews #AdarshHimachal #Environment #OPS</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-chief-minister-celebrated-his-62nd-birthday-with-the-people-of-the-state-by-planting-a-poplar-tree/">मुख्यमंत्री ने 62वां जन्मदिवस पर चिनार का पौधा लगाकर प्रदेशवासियों के साथ मनाया,</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री ने साझा किया &#8220;नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा&#8221; का विवरण</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/union-minister-of-state-for-jal-shakti-shares-details-of-national-mission-for-clean-ganga/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 08:53:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[भाजपा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128403</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  &#160; धर्मशाला। केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री  राज भूषण चौधरी ने राज्य सभा सांसद  इंदु बाला गोस्वामी को सदन में बताया कि गंगा नदी के संरक्षण और स्वच्छता के लिए स्थानीय समुदाय और युवा बर्ग को जोड़ने हेतु &#8220;गंगा प्रहरी&#8221; कैडर गठित किया गया है। इसका उद्देश्य आम जनमानस को जागरूक करना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/union-minister-of-state-for-jal-shakti-shares-details-of-national-mission-for-clean-ganga/">केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री ने साझा किया &#8220;नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा&#8221; का विवरण</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>धर्मशाला।</strong> केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री  राज भूषण चौधरी ने राज्य सभा सांसद  इंदु बाला गोस्वामी को सदन में बताया कि गंगा नदी के संरक्षण और स्वच्छता के लिए स्थानीय समुदाय और युवा बर्ग को जोड़ने हेतु &#8220;गंगा प्रहरी&#8221; कैडर गठित किया गया है। इसका उद्देश्य आम जनमानस को जागरूक करना और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जागरूकता अभियानों पर कुल 17.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मिशन के अंतर्गत &#8220;गंगा उत्सव&#8221;, &#8220;स्वच्छता पखवाड़ा&#8221;, &#8220;घाट पर योग&#8221;, &#8220;विश्व पर्यावरण दिवस&#8221; और अन्य स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके अलावा, सीमा सुरक्षा बल के सहयोग से देवप्रयाग से गंगा सागर तक ऑल वुमेन रिवर राफ्टिंग अभियान का आयोजन किया गया। बच्चों और छात्रों को जोड़ने के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, प्रशिक्षण संस्थानों और Center for Science and Environment के साथ भागीदारी शुरू की गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गंगा नदी के जीर्णोद्धार में स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से निपटाने के लिए देश के 139 जिलों में जिला गंगा समितियों का गठन किया गया है, जहां से गंगा नदी गुजरती है।</p>
<p>#गंगा_संरक्षण #स्वच्छ_गंगा #नेशनल_मिशन_फॉर_क्लीन_गंगा #धर्मशाला #हिमाचल_प्रदेश #पर्यावरण_जागरूकता</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/union-minister-of-state-for-jal-shakti-shares-details-of-national-mission-for-clean-ganga/">केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री ने साझा किया &#8220;नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा&#8221; का विवरण</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वो छोटा मॉलिक्यूल जो LPG के खेल को बदल सकता है: भारत के लिए DME की क्रांति</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/the-small-molecule-that-could-change-the-lpg-game-the-dme-revolution-for-india/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 06:58:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[World]]></category>
		<category><![CDATA[विशेष रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल न्यूज़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128280</guid>

					<description><![CDATA[<p>&#160; आदर्श हिमाचल की विशेष रिपोर्ट शिमला । वो छोटा सा मॉलिक्यूल… जो LPG के खेल को बदल सकता है कहीं पुणे की एक लैब में, दो मेथेनॉल के मॉलिक्यूल आपस में जुड़ रहे हैं।बीच से पानी का एक अणु हटता है… और बनता है एक नया ईंधन, DME।सुनने में छोटा लगता है।पर असर… बहुत [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-small-molecule-that-could-change-the-lpg-game-the-dme-revolution-for-india/">वो छोटा मॉलिक्यूल जो LPG के खेल को बदल सकता है: भारत के लिए DME की क्रांति</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong>आदर्श हिमाचल की विशेष रिपोर्ट</strong></p>
<p><strong>शिमला । वो छोटा सा मॉलिक्यूल… जो LPG के खेल को बदल सकता है </strong>कहीं पुणे की एक लैब में, दो मेथेनॉल के मॉलिक्यूल आपस में जुड़ रहे हैं।बीच से पानी का एक अणु हटता है… और बनता है एक नया ईंधन, DME।सुनने में छोटा लगता है।पर असर… बहुत बड़ा हो सकता है।आज सच ये है कि भारत अपनी रसोई के लिए भी पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं है।हम जो LPG सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, उसका करीब 65% बाहर से आता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>और उसमें से भी ज़्यादातर… वेस्ट एशिया से।मतलब, आपके किचन का चूल्हा सिर्फ गैस से नहीं जलता। उसमें तेल के टैंकर, समुद्री रास्ते, जियोपॉलिटिक्स… सब शामिल होते हैं। और यही सबसे बड़ा रिस्क है। पिछले कुछ सालों में दुनिया ने साफ देखा है, जंग सिर्फ बॉर्डर नहीं बदलती… सप्लाई चेन भी हिला देती है।यहीं पर एंट्री होती है इस नए खिलाड़ी की, DME।कहानी थोड़ी साइंस वाली है, लेकिन आसान है।मेथेनॉल को, जो कोयले, बायोमास या आगे चलकर ग्रीन हाइड्रोजन और CO₂ से बन सकता है, एक खास कैटेलिस्ट के ऊपर 250-300 डिग्री तापमान पर गुज़ारा जाता है।दो मेथेनॉल मिलते हैं, एक पानी का मॉलिक्यूल निकलता है…और बनता है DME।बस।लेकिन असली बात ये नहीं है कि ये कैसे बनता है।असली बात ये है कि ये काम कैसे करता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>DME, LPG की तरह ही सिलेंडर में भर सकता है।कोई नया चूल्हा नहीं चाहिए।कोई नया रेगुलेटर नहीं चाहिए।यानी, आपके घर में कुछ भी बदलने की ज़रूरत नहीं।और जलता कैसे है?नीली, साफ़ लौ के साथ।ना कालिख, ना सल्फर, और नाइट्रोजन ऑक्साइड भी कम।अब असली गेम चेंजर सुनिए।अगर भारत सिर्फ 8% DME को LPG में मिलाना शुरू कर दे, तो हर साल करीब 9,500 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बच सकती है।और अगर ये 20% तक गया, जो कि स्टैंडर्ड्स में अलाउड है, तो बचत पहुँच सकती है 23-24 हजार करोड़ रुपये तक।ये कोई हवा-हवाई आंकड़े नहीं हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सीधी गणित है, हमारे इम्पोर्ट बिल की।पर ये कहानी सिर्फ पैसे की नहीं है। LPG जब पूरी तरह नहीं जलती,तो वो काला धुआँ, ब्लैक कार्बन बनाती है। यही ब्लैक कार्बन हिमालय की बर्फ को तेज़ी से पिघलाने में बड़ा रोल निभाता है।DME?ये बिना कालिख के जलता है।मतलब, किचन से निकलने वाला धुआँ सीधे-सीधे क्लाइमेट पर असर कम कर सकता है।और सोचिए, अगर कल को यही DME पराली से बनने लगे… या ग्रीन हाइड्रोजन और CO₂ से…तो वही सिलेंडर, जो आज प्रदूषण का हिस्सा है, कल लगभग कार्बन-न्यूट्रल बन सकता है।लेकिन कहानी में ट्विस्ट भी है।अभी DME सस्ता नहीं है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पायलट लेवल पर इसकी लागत LPG से ज़्यादा पड़ती है।इकोनॉमिक्स तभी सेट होंगे, जब बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू होगा।और फिलहाल जो सबसे आसान रास्ता है, कोयले से DME बनाना… वो क्लाइमेट के लिए बहुत बड़ा गेम-चेंजर नहीं है।तो क्या ये पूरा समाधान है?नहीं।लेकिन क्या ये एक ठोस शुरुआत है?बिलकुल।अभी जो सबसे बड़ी बात समझने वाली है, वो ये है:इस टेक्नोलॉजी के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं चाहिए, नया सिस्टम नहीं चाहिए, और न ही विदेशी लाइसेंस।ये पूरी तरह भारतीय है।CSIR-NCL की लैब से निकली है।और इंडियन ऑयल, ONGC जैसे खिलाड़ी इसके साथ जुड़ सकते हैं।कभी-कभी बड़े बदलाव, शोर मचाकर नहीं आते।चुपचाप आते हैं…जैसे दो मॉलिक्यूल जुड़ते हैं, और बीच से पानी हट जाता है।DME वही पल हो सकता है।LPG संकट के बीच, ये कोई जादुई हल नहीं है।लेकिन ये एक रास्ता है, जहाँ भारत… थोड़ा कम निर्भर, थोड़ा ज़्यादा मजबूत बन सकता है।</p>
<p>📌 #DME #CleanFuel #LPGAlternative #EnergyIndependence #MadeInIndia #CSIRNCL #IndianOil #ONGC #SustainableEnergy #ClimateAction #GreenFuel #InnovationIndia #EnergySecurity #AdarshHimachal #CarbonNeutralFuel</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-small-molecule-that-could-change-the-lpg-game-the-dme-revolution-for-india/">वो छोटा मॉलिक्यूल जो LPG के खेल को बदल सकता है: भारत के लिए DME की क्रांति</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जल महोत्सव से दे रहे जल संरक्षण का संदेश : उपायुक्त पंचायतों में जागरूकता गतिविधियों पर ज़ोर</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/the-water-festival-is-promoting-the-message-of-water-conservation-deputy-commissioner-emphasis-on-awareness-activities-in-panchayats/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Mar 2026 23:07:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[ऊना]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128234</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो &#160; ऊना । उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जल महोत्सव के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार तक प्रतिदिन स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-water-festival-is-promoting-the-message-of-water-conservation-deputy-commissioner-emphasis-on-awareness-activities-in-panchayats/">जल महोत्सव से दे रहे जल संरक्षण का संदेश : उपायुक्त पंचायतों में जागरूकता गतिविधियों पर ज़ोर</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>ऊना ।</strong> उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जल महोत्सव के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार तक प्रतिदिन स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके लिए जमीनी निरीक्षण व्यवस्था, तकनीकी मॉनिटरिंग तथा जवाबदेही तंत्र को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। उपायुक्त जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग द्वारा जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत 8 से 22 मार्च 2026 तक जिले में जल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। ‘हर घर पानी-खुद निगरानी’ थीम के तहत जिले के पांचों विकास खंडों की चिन्हित पंचायतों में जल संरक्षण और जल प्रबंधन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस पखवाड़ा अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण और जल प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल की महत्ता, स्वच्छता तथा जल स्रोतों के संरक्षण व रखरखाव को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने जानकारी दी कि 8 मार्च को ‘नारी नीर शक्ति दिवस’ के साथ अभियान का शुभारंभ हुआ, 11 मार्च को राष्ट्रीय स्तर का मेगा इवेंट तथा 16 मार्च को नदी दिवस मनाया गया। 22 मार्च को बद्दी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ विश्व जल दिवस पर इसका समापन होगा।<br />
#जलमहोत्सव #जलसंरक्षण #WaterConservation #HarGharPani #JalShakti<br />
#UnaNews #HimachalNews #GramPanchayat #WaterAwareness<br />
#AdarshHimachal #आदर्श_हिमाचल #HimachalPradesh #WorldWaterDay</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-water-festival-is-promoting-the-message-of-water-conservation-deputy-commissioner-emphasis-on-awareness-activities-in-panchayats/">जल महोत्सव से दे रहे जल संरक्षण का संदेश : उपायुक्त पंचायतों में जागरूकता गतिविधियों पर ज़ोर</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) का कार्यभार  पार्थजीत डे ने संभाला</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/parthajit-dey-takes-over-as-director-finance-of-sjvn/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 05:57:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[sjvnl]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128172</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला।SJVN Limited (एसजेवीएन) में  पार्थजीत डे ने निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा संगठन में उनका स्वागत किया। &#160; एसजेवीएन में शामिल होने से पूर्व  डे NHPC Limited (एनएचपीसी) में कार्यरत [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/parthajit-dey-takes-over-as-director-finance-of-sjvn/">एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) का कार्यभार  पार्थजीत डे ने संभाला</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला</strong>।SJVN Limited (एसजेवीएन) में  पार्थजीत डे ने निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा संगठन में उनका स्वागत किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसजेवीएन में शामिल होने से पूर्व  डे NHPC Limited (एनएचपीसी) में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने निगम मुख्यालय में निगमित लेखा एवं नीति अनुभाग, निगमित कर प्रकोष्ठ तथा कर्मचारी लाभ न्यासों का दायित्व संभाला। इसके अतिरिक्त, वे एनएचपीसी की सहायक कंपनी लोकतक डाउनस्ट्रीम हाइड्रोइलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल में नामित निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पार्थजीत डे ने नवंबर 1998 में एनएचपीसी में ट्रेनी अधिकारी (वित्त) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। अपने 27 वर्षों से अधिक के अनुभव में उन्होंने निगमित लेखा, कराधान, वित्तीय प्रणालियों एवं अनुबंध प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्हें भारतीय लेखा मानकों, कराधान कानूनों, टैरिफ विनियमों एवं कॉरपोरेट प्रशासन का गहन ज्ञान है, जो विद्युत क्षेत्र की परियोजनाओं की योजना, विकास एवं संचालन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने रंगित प्रोजेक्ट (सिक्किम), तीस्ता लो डैम प्रोजेक्ट (पश्चिम बंगाल), सियांग बेसिन प्रोजेक्ट (अरुणाचल प्रदेश) तथा बिहार के ग्रामीण सड़क प्रोजेक्ट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अपनी सेवाएँ दी हैं। साथ ही, उन्होंने एनएचपीसी में भारतीय लेखा मानकों को अपनाने हेतु गठित समिति का सफल नेतृत्व भी किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डे Institute of Cost Accountants of India के फेलो सदस्य हैं तथा उनके पास चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA) और सीजीएमए (CGMA) जैसी प्रतिष्ठित पेशेवर योग्यताएँ भी हैं।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/parthajit-dey-takes-over-as-director-finance-of-sjvn/">एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) का कार्यभार  पार्थजीत डे ने संभाला</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिखने लगा EVs का असर, 2025 में ईरान के 70% निर्यात के बराबर तेल की बचत</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/the-impact-of-evs-is-visible-saving-the-equivalent-of-70-of-irans-oil-exports-by-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Mar 2026 01:15:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[World]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिकल]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[विशेष रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल न्यूज़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128166</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों रिपोर्ट दुनिया की सड़कों पर एक शांत बदलाव चल रहा है, और अब उसके असर आंकड़ों में साफ दिखने लगे हैं। 2025 में वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों ने मिलकर करीब 1.7 मिलियन बैरल प्रति दिन तेल की खपत टाल दी, जो लगभग ईरान के कुल तेल निर्यात के 70% के बराबर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-impact-of-evs-is-visible-saving-the-equivalent-of-70-of-irans-oil-exports-by-2025/">दिखने लगा EVs का असर, 2025 में ईरान के 70% निर्यात के बराबर तेल की बचत</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="font-weight: 400;"><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों रिपोर्ट</strong></p>
<p><span style="font-weight: 400;">दुनिया की सड़कों पर एक शांत बदलाव चल रहा है, और अब उसके असर आंकड़ों में साफ दिखने लगे हैं। 2025 में वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों ने मिलकर करीब 1.7 मिलियन बैरल प्रति दिन तेल की खपत टाल दी, जो लगभग ईरान के कुल तेल निर्यात के 70% के बराबर है।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">यह आकलन ग्लोबल एनर्जी थिंक टैंक Ember ने जारी किया है, जो यह दिखाता है कि परिवहन क्षेत्र में धीरे-धीरे हो रहा विद्युतीकरण अब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करने लगा है।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान का लगभग 2.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल निर्यात मुख्य रूप से Strait of Hormuz के जरिए होता है, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील ऊर्जा मार्गों में से एक है। यही वह क्षेत्र है जहां हाल के भू-राजनीतिक तनावों ने तेल बाजारों को अस्थिर किया है। ऐसे में यह तथ्य कि EVs अकेले इतनी बड़ी मात्रा में तेल की मांग को कम कर रहे हैं, ऊर्जा पर निर्भरता के बदलते समीकरण को दर्शाता है।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">Ember के विश्लेषक Daan Walter के अनुसार, तेल अभी भी वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी बना हुआ है, और मौजूदा संकट ने खासकर एशियाई देशों की आयात निर्भरता को उजागर किया है। रिपोर्ट बताती है कि दुनिया की 79% आबादी ऐसे देशों में रहती है जो तेल आयात करते हैं, और तेल की कीमत में हर 10 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि से वैश्विक आयात बिल में करीब 160 अरब डॉलर सालाना का इजाफा होता है।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">इस निर्भरता का जोखिम खासतौर पर एशिया में ज्यादा है, जहां लगभग 40% आयातित तेल इसी हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर आता है। इसका मतलब है कि इस एक समुद्री रास्ते में किसी भी तरह की बाधा सीधे भारत, चीन और जापान जैसी अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकती है।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि केवल घरेलू तेल उत्पादन इस जोखिम से बचाव नहीं कर सकता, क्योंकि तेल की कीमतें वैश्विक स्तर पर तय होती हैं। उदाहरण के तौर पर, अमेरिका के टेक्सास जैसे तेल उत्पादक क्षेत्र में भी हालिया संघर्ष के बाद पेट्रोल की कीमतों में 25% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">इसी संदर्भ में इलेक्ट्रिक वाहन एक वैकल्पिक रास्ता प्रस्तुत करते हैं। विश्लेषण के अनुसार, यदि परिवहन क्षेत्र में आयातित तेल की जगह इलेक्ट्रिक विकल्पों को बड़े पैमाने पर अपनाया जाए, तो वैश्विक स्तर पर फॉसिल फ्यूल आयात को एक-तिहाई तक कम किया जा सकता है, जिससे हर साल लगभग 600 अरब डॉलर की बचत संभव है।</span></p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">EV अपनाने की रफ्तार भी तेजी से बढ़ रही है। आज 39 देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हिस्सेदारी 10% से अधिक हो चुकी है, जबकि 2019 में यह संख्या केवल चार थी। चीन ने 2025 में पहली बार 50% का आंकड़ा पार किया, जबकि वियतनाम, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देश भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारत में EV हिस्सेदारी अभी करीब 4% है, लेकिन वृद्धि की रफ्तार लगातार बढ़ रही है।</span></p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">इस बदलाव का आर्थिक असर भी दिखने लगा है। मौजूदा EV उपयोग के चलते चीन हर साल करीब 28 अरब डॉलर, यूरोप लगभग 8 अरब डॉलर और भारत करीब 0.6 अरब डॉलर के तेल आयात से बचत कर रहे हैं।</span></p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का अनुमान है कि वैश्विक तेल खपत 2029 तक अपने चरम पर पहुंच सकती है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियां इस बदलाव को और तेज कर सकती हैं।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><br style="font-weight: 400;" /><br style="font-weight: 400;" /><span style="font-weight: 400;">यह पूरी तस्वीर एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है। ऊर्जा सुरक्षा अब केवल तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि देश कितनी तेजी से अपने परिवहन और ऊर्जा सिस्टम को विद्युतीकृत कर पाते हैं। EVs इस बदलाव का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं, और आने वाले वर्षों में उनका प्रभाव और स्पष्ट होता जाएगा।</span></p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-impact-of-evs-is-visible-saving-the-equivalent-of-70-of-irans-oil-exports-by-2025/">दिखने लगा EVs का असर, 2025 में ईरान के 70% निर्यात के बराबर तेल की बचत</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
