<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>hydro project - Aadarsh Himachal</title>
	<atom:link href="https://aadarshhimachal.com/category/hydro-project/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://aadarshhimachal.com/category/hydro-project/</link>
	<description>Latest News and Information</description>
	<lastBuildDate>Sat, 02 May 2026 01:12:21 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने हिमाचल में एसजेवीएन की जलविद्युत परियोजनाओं का किया निरीक्षण</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/power-secretary-pankaj-agarwal-inspects-sjvns-hydropower-projects-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 May 2026 01:12:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[electricity]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[sjvnl]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=129210</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  शिमला । पंकज अग्रवाल, सचिव (विद्युत), भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश में एसजेवीएन की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं का दौरा कर उनकी प्रगति और संचालन की समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ अपर सचिव (हाइड्रो)  दिवाकर नाथ मिश्रा तथा सदस्य (हाइड्रो), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण  मिलिंद गणेश गोखले भी उपस्थित रहे। &#160; दौरे के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/power-secretary-pankaj-agarwal-inspects-sjvns-hydropower-projects-in-himachal/">विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने हिमाचल में एसजेवीएन की जलविद्युत परियोजनाओं का किया निरीक्षण</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला ।</strong> पंकज अग्रवाल, सचिव (विद्युत), भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश में एसजेवीएन की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं का दौरा कर उनकी प्रगति और संचालन की समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ अपर सचिव (हाइड्रो)  दिवाकर नाथ मिश्रा तथा सदस्य (हाइड्रो), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण  मिलिंद गणेश गोखले भी उपस्थित रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दौरे के दौरान उन्होंने 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन, 210 मेगावाट लूहरी-1 जलविद्युत परियोजना, 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन तथा 382 मेगावाट सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (कार्मिक)  अजय कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त)  पार्थजीत डे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नाथपा झाकड़ी परियोजना के दौरे के दौरान सचिव (विद्युत) को विद्युत उत्पादन, रखरखाव के सर्वोत्तम उपायों तथा तकनीकी व वित्तीय प्रदर्शन की जानकारी दी गई। वहीं रामपुर जलविद्युत स्टेशन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के संदेश के तहत पौधारोपण भी किया।<br />
लूहरी-1 जलविद्युत परियोजना में उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए बांध, विद्युत गृह और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल इंस्टॉलेशन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सुन्नी बांध परियोजना के दौरान उन्होंने सतलुज नदी पर खैरा में निर्मित डबल-लेन स्टील ट्रस ब्रिज का उद्घाटन किया। यह पुल परियोजना कार्यों को सुगम बनाने के साथ-साथ मंडी और शिमला जिलों की दूरस्थ पंचायतों के लिए बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ऊर्जा सचिव ने एसजेवीएन टीम के समर्पण और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जलविद्युत परियोजनाएं देश के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह दौरा भारत सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा के विकास और जलविद्युत क्षेत्र को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।<br />
#HimachalNews #SJVN #Hydropower #RenewableEnergy #PowerSector #Shimla #Kinnaur #Rampur #SunniDam #Infrastructure #Development #IndiaEnergy #CEA #HydroProjects ⚡🌱</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/power-secretary-pankaj-agarwal-inspects-sjvns-hydropower-projects-in-himachal/">विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने हिमाचल में एसजेवीएन की जलविद्युत परियोजनाओं का किया निरीक्षण</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13302 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन कर बनाए नए कीर्तिमान</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/sjvn-creates-new-record-by-generating-13302-million-units-of-electricity-in-the-financial-year-2025-26/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:17:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[electricity]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128625</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  शिमला। SJVN Limited (एसजेवीएन) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल करते हुए कुल 13302 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन दर्ज किया है। &#160; कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक Bhupendra Gupta ने जानकारी देते हुए बताया कि एसजेवीएन के प्रचालनरत विद्युत स्टेशनों ने नए कीर्तिमान [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/sjvn-creates-new-record-by-generating-13302-million-units-of-electricity-in-the-financial-year-2025-26/">एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13302 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन कर बनाए नए कीर्तिमान</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला</strong>। SJVN Limited (एसजेवीएन) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल करते हुए कुल 13302 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन दर्ज किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक Bhupendra Gupta ने जानकारी देते हुए बताया कि एसजेवीएन के प्रचालनरत विद्युत स्टेशनों ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>1500 मेगावाट Nathpa Jhakri Hydroelectric Station ने 7506.617 मिलियन यूनिट उत्पादन के साथ अपने इतिहास का दूसरा सबसे अधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया। साथ ही, मार्च 2026 में इस स्टेशन ने कुल 150 बिलियन यूनिट उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी पार किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>412 मेगावाट Rampur Hydroelectric Power Station ने 2108.034 मिलियन यूनिट उत्पादन कर अब तक का सर्वोच्च वार्षिक रिकॉर्ड बनाया, जो इसके 11 वर्षों के इतिहास में पहली बार 2100 मिलियन यूनिट के पार गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>60 मेगावाट Naitwar Mori Hydroelectric Project ने 310.37 मिलियन यूनिट उत्पादन दर्ज किया, जो इसकी डिज़ाइन क्षमता से 17% अधिक है। इसके अलावा, 1000 मेगावाट Bikaner Solar Power Project ने 19 मार्च 2026 को एक बिलियन यूनिट ऊर्जा उत्पादन का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड हासिल किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर श्री भूपेंद्र गुप्ता ने सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय तथा संबंधित राज्य सरकारों एवं हितधारकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कंपनी अपनी स्थापना के बाद से ही राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रगति कर रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>Ajay Kumar Sharma, निदेशक (कार्मिक), ने इस सफलता का श्रेय कर्मचारियों के समर्पण को दिया और कहा कि इन परियोजनाओं ने स्थानीय क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वहीं Parthajit Dey, निदेशक (वित्त), ने कहा कि यह उपलब्धियाँ संगठन की मजबूत प्रचालन क्षमता और देश के ऊर्जा क्षेत्र में इसके योगदान को दर्शाती हैं।<br />
एसजेवीएन, एक नवरत्न सीपीएसई, भारत सरकार के वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।<br />
🏷️<br />
#SJVN #PowerGeneration #HimachalPradesh #EnergySector #RenewableEnergy #IndiaPower #Hydropower #SolarEnergy #AdarshHimachal #Development #Infrastructure #PublicSector #CleanEnergy #IndiaGrowth ⚡</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/sjvn-creates-new-record-by-generating-13302-million-units-of-electricity-in-the-financial-year-2025-26/">एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13302 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन कर बनाए नए कीर्तिमान</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>🚨 अलर्ट! 27 मार्च को खुलेगा चमेरा-III डैम नदी किनारे न जांए -डीसी</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/alert-chamera-iii-dam-to-open-on-march-27th-dc-advises-against-visiting-riverbanks/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 16:24:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[चंबा]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल न्यूज़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128500</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों &#160; &#160; (खड़ामुख), चंबा  Chamera III Dam से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। प्रशासन द्वारा कल 27 मार्च 2026 को जलाशय का जलस्तर कम किया जाएगा, जिसके चलते रावी नदी के निचले क्षेत्रों में अचानक पानी बढ़ सकता है। 🌊⚠️ ⏰ समय और कारण 🗓️ तारीख: 27 मार्च 2026 🕚 समय: [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/alert-chamera-iii-dam-to-open-on-march-27th-dc-advises-against-visiting-riverbanks/">🚨 अलर्ट! 27 मार्च को खुलेगा चमेरा-III डैम नदी किनारे न जांए -डीसी</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong> (खड़ामुख), चंबा </strong><br />
Chamera III Dam से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। प्रशासन द्वारा कल 27 मार्च 2026 को जलाशय का जलस्तर कम किया जाएगा, जिसके चलते रावी नदी के निचले क्षेत्रों में अचानक पानी बढ़ सकता है। 🌊⚠️</p>
<p>⏰ <strong>समय और कारण</strong><br />
🗓️ तारीख: 27 मार्च 2026<br />
🕚 समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक<br />
🔧 कारण: तकनीकी रखरखाव (स्टॉप लॉग प्लेसमेंट)<br />
👉 इस दौरान डैम के गेट खोले जाएंगे और जलस्तर लगभग 5 मीटर तक कम किया जाएगा</p>
<p>⚠️ <strong>खतरे की चेतावनी</strong><br />
🚫 नदी किनारे जाना बिल्कुल मना<br />
🌊 डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पानी तेजी से बढ़ सकता है<br />
🐄 मवेशियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाएं<br />
📢 महत्वपूर्ण निर्देश<br />
🔊 सायरन और मुनादी पर ध्यान दें<br />
📱 यह सूचना अपने गांव/परिवार तक जरूर पहुंचाएं<br />
🙏 प्रशासन का सहयोग करें, सतर्क रहें<br />
❗ याद रखें<br />
👉 पानी अचानक बढ़ सकता है — लापरवाही जानलेवा हो सकती है<br />
👉 अपनी और अपनों की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>📢<br />
#BreakingNews #ChameraDam #Chamba #HimachalAlert #RaviRiver #PublicSafety #DamAlert #StaySafe #AdarshHimachal 🚨</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/alert-chamera-iii-dam-to-open-on-march-27th-dc-advises-against-visiting-riverbanks/">🚨 अलर्ट! 27 मार्च को खुलेगा चमेरा-III डैम नदी किनारे न जांए -डीसी</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) का कार्यभार  पार्थजीत डे ने संभाला</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/parthajit-dey-takes-over-as-director-finance-of-sjvn/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 05:57:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[sjvnl]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=128172</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला।SJVN Limited (एसजेवीएन) में  पार्थजीत डे ने निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा संगठन में उनका स्वागत किया। &#160; एसजेवीएन में शामिल होने से पूर्व  डे NHPC Limited (एनएचपीसी) में कार्यरत [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/parthajit-dey-takes-over-as-director-finance-of-sjvn/">एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) का कार्यभार  पार्थजीत डे ने संभाला</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला</strong>।SJVN Limited (एसजेवीएन) में  पार्थजीत डे ने निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा संगठन में उनका स्वागत किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसजेवीएन में शामिल होने से पूर्व  डे NHPC Limited (एनएचपीसी) में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने निगम मुख्यालय में निगमित लेखा एवं नीति अनुभाग, निगमित कर प्रकोष्ठ तथा कर्मचारी लाभ न्यासों का दायित्व संभाला। इसके अतिरिक्त, वे एनएचपीसी की सहायक कंपनी लोकतक डाउनस्ट्रीम हाइड्रोइलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल में नामित निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पार्थजीत डे ने नवंबर 1998 में एनएचपीसी में ट्रेनी अधिकारी (वित्त) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। अपने 27 वर्षों से अधिक के अनुभव में उन्होंने निगमित लेखा, कराधान, वित्तीय प्रणालियों एवं अनुबंध प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्हें भारतीय लेखा मानकों, कराधान कानूनों, टैरिफ विनियमों एवं कॉरपोरेट प्रशासन का गहन ज्ञान है, जो विद्युत क्षेत्र की परियोजनाओं की योजना, विकास एवं संचालन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने रंगित प्रोजेक्ट (सिक्किम), तीस्ता लो डैम प्रोजेक्ट (पश्चिम बंगाल), सियांग बेसिन प्रोजेक्ट (अरुणाचल प्रदेश) तथा बिहार के ग्रामीण सड़क प्रोजेक्ट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अपनी सेवाएँ दी हैं। साथ ही, उन्होंने एनएचपीसी में भारतीय लेखा मानकों को अपनाने हेतु गठित समिति का सफल नेतृत्व भी किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डे Institute of Cost Accountants of India के फेलो सदस्य हैं तथा उनके पास चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA) और सीजीएमए (CGMA) जैसी प्रतिष्ठित पेशेवर योग्यताएँ भी हैं।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/parthajit-dey-takes-over-as-director-finance-of-sjvn/">एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) का कार्यभार  पार्थजीत डे ने संभाला</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एसजेवीएनएल की  ऐतिहासिक उपलब्धि नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन पर क्या रही पढे पूरी खबर ।  </title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/read-the-full-news-about-sjvnls-historic-achievement-at-nathpa-jhakri-hydroelectric-station/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 12:55:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
		<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[sjvnl]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[विशेष रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=127882</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला । भूपेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) की टीम को 150 बिलियन यूनिट के संचयी विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी। देश के सबसे बड़े भूमिगत जलविद्युत स्टेशन, एनजेएचपीएस ने आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को पार करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/read-the-full-news-about-sjvnls-historic-achievement-at-nathpa-jhakri-hydroelectric-station/">एसजेवीएनएल की  ऐतिहासिक उपलब्धि नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन पर क्या रही पढे पूरी खबर ।  </a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="font-weight: 400;"><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों</strong></p>
<p style="font-weight: 400;"><strong>शिमला ।</strong> भूपेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) की टीम को 150 बिलियन यूनिट के संचयी विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी। देश के सबसे बड़े भूमिगत जलविद्युत स्टेशन, एनजेएचपीएस ने आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को पार करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में अपने महत्वपूर्ण योगदान तथा नेशनल पावर ग्रिड को सुदृढ़ बनाने में अपनी अहम भूमिका को मजबूत करने की पुष्टि की।इस अवसर पर  भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा शश अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) की गरिमामयी उपस्थिति में पावर हाउस में समारोह आयोजित किया गया। एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारी भी इस समारोह पर उपस्थित रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> भूपेन्द्र गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मई 2004 में अपनी कमीशनिंग के उपरांत नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने निरंतर उत्कृष्ट प्रचालन विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, “यह उत्तरी विद्युत ग्रिड की आधारशिला के रूप में उभरा है, जो भरोसेमंद हरित ऊर्जा उपलब्ध करवाते हुए पीक डिमांड पीरियड में ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">उन्होंने आगे बताया कि एनजेएचपीएस के निष्पादन को कई उल्लेखनीय उपलब्धियों द्वारा चिह्नित किया गया है। एनजेएचपीएस ने वित्तीय वर्ष 2011–12 में 7,610.257 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया, तत्पश्चात जुलाई 2024 में 1,222.170 मिलियन यूनिट का मासिक रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया गया। इसके अतिरिक्त, 13 अगस्त 2024 को 39.572 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन दर्ज किया गया, जो इसकी अनुकूल हाइड्रोलॉजिक परिस्थितियों का सर्वोत्तम उपयोग करने की क्षमता को भी दर्शाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन से जुड़े सभी वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने क्षेत्र में विकास और आर्थिक प्रगति के एक नए युग का आरंभ किया है।राजीव कपूर, परियोजना प्रमुख, एनजेएचपीएस ने एसजेवीएन प्रबंधन, विद्युत मंत्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग तथा मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में समस्त  हितधारकों, कर्मचारियों, ठेकेदारों, संविदा कर्मियों तथा स्थानीय लोगों के अटूट सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">150 बिलियन यूनिट की यह उपलब्धि प्रमुख पर्यावरणीय महत्व भी रखती है, क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन के बड़े हिस्से के प्रतिस्थापन तथा इसके परिणामस्वरूप ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी का द्योतक है। इस प्रकार यह स्टेशन भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांज़िशन और जलवायु प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।एसजेवीएन द्वारा प्रचालित एनजेएचपीएस में निरंतर व्यवस्थित आधुनिकीकरण, डिजिटल निगरानी तथा उचित रखरखाव प्रक्रियाओं का लाभ मिलता रहा है। विद्युत उत्पादन के अतिरिक्त, इस परियोजना ने रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">जैसे -जैसे भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है, एसजेवीएन की यह उपलब्धि इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमाण होने के साथ-साथ देश में जलविद्युत की रणनीतिक महत्ता को भी रेखांकित करती है।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/read-the-full-news-about-sjvnls-historic-achievement-at-nathpa-jhakri-hydroelectric-station/">एसजेवीएनएल की  ऐतिहासिक उपलब्धि नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन पर क्या रही पढे पूरी खबर ।  </a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राज्य में सभी 28 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने का है लक्ष्य</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/the-target-is-to-install-smart-meters-for-all-28-lakh-electricity-consumers-in-the-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Mar 2026 02:35:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=127683</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो   शिमला । विद्युत और नवीन एवं नवीनकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री, श्रीपद येसो नाइक ने कहा है कि पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आर डी एस एस) के तहत देश भर में लगभग 5.5 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। वर्ष 2023 में, केंद्र सरकार ने 3,03,758 करोड़ रुपये की परिव्यय वाली इस [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-target-is-to-install-smart-meters-for-all-28-lakh-electricity-consumers-in-the-state/">राज्य में सभी 28 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने का है लक्ष्य</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  </strong></p>
<p><strong>शिमला</strong> । विद्युत और नवीन एवं नवीनकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री, श्रीपद येसो नाइक ने कहा है कि पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आर डी एस एस) के तहत देश भर में लगभग 5.5 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। वर्ष 2023 में, केंद्र सरकार ने 3,03,758 करोड़ रुपये की परिव्यय वाली इस योजना को वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक के लिए शुभारम्भ किया था।</p>
<p>गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में भी रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, क्योंकि यह केंद्र सरकार की स्कीम है और राज्य ने भी इसे अपनाया है।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड ने 2019 में शिमला और धर्मशाला शहरों में इंटेग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम IPDS ke तहत स्मार्ट मीटर लगाना शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 151,740 स्मार्ट मीटर लगाने का प्लान था, जिसमें से 118,581 शिमला में और 33,159 धर्मशाला में लगाने का प्रस्ताव था। यह प्रोजेक्ट 2022-23 में पूरा हुआ। अब, RDSS के तहत धीरे-धीरे सभी 28 लाख मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जाना है, और अब तक हिमाचल प्रदेश में लगभग 8 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।</p>
<p>श्रीपद येसोनाइक ने कहा कि केंद्र सरकार का इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य विद्युत प्रणाली में तकनीकी व वाणिज्यिक हानियों का कम करना , डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाना, सप्लाई-एवरेज रेवेन्यू रियलाइज्ड (ए सी एस ए आर आर) अन्तर की औसत लागत को खत्म करना और बिलिंग शुद्धता में सुधार करना है। इसके लिए 20 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर के जरिए पारम्परिक मीटर को बदलना है। उन्होंने आगे कहा कि इस पहल का उद्देश्य वितरण क्षेत्र को आधुनिक बनाना है।</p>
<p>योजना के तहत राजस्व और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए 20 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग इस सुधार कार्यसूची में सबसे बदलाव लाने वाले हिस्सों में से एक है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर रियल-टाइम एनर्जी अकाउंटिंग, सही बिलिंग, कम मानव हस्तक्षेप और ज्यादा उपभोक्ता अधिकारिता के लिए विशेष हैं। अग्रिम भुगतान (प्रीपेड फंक्शनैलिटी) से वितरण कंपनियों पर वित्तीय दवाब कम होता है और बिजली की लागत भी कम आती है। मंत्री श्रीपद येसोनाइक ने कहा कि स्मार्ट मीटर हाई-रिजॉल्यूशन डेटा देते हैं जो रूफ टॉप सोलर और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती मांग के साथ मांग पूर्व-अनुमान और गतिशील विद्युत भार स्वरूप को प्रबन्धन करने में ए0आई0 का इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक है।</p>
<p>अब तक देश में 5.5 करोड़ से ज्यादा मीटर लग चुके हैं। जिसमें बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्य आगे हैं, जबकि ओडिशा जैसे दूसरे राज्यों ने धीरे-धीरे प्रगति की है। उन्होंने कहा कि पूर्व केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने पहले हेंड बिल आधारित देय प्रणाली को खत्म करने के लिए तीन साल के अंदर स्मार्ट प्रीपेड मीटर आवश्यक करने पर जोर दिया था। ऊर्जा मंत्रालय इस बात पर जोर देता है कि यह बदलाव विद्युत क्षेत्र को भारत के पहाड़ी राज्यों सहित हर राज्य में प्रतिक्रिया शील से उत्पादक, स्मार्ट नेटवर्क में बदल देगा। उन्होंनेे विद्युत भार से निपटने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/the-target-is-to-install-smart-meters-for-all-28-lakh-electricity-consumers-in-the-state/">राज्य में सभी 28 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने का है लक्ष्य</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डाबर इंडिया लिमिटेड प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलबध करवाएगी -मुख्य मंत्री</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/dabur-india-limited-will-provide-12-lakh-quality-saplings-to-the-farmers-of-the-state-every-year-chief-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 22:33:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[कृषि बागवानी]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=127652</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो   शिमला । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ‘साइंटिफिक असेसमेंट ऑफ टैकलिंग नॉन कार्बनडाईऑक्साइड एमीशनसः पाथवेज फॉर हिमाचल प्रदेश’ शीर्षक से रिपार्ट जारी की। इस अवसर पर मैसर्स डाबर इंडिया लिमिटेड और मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ राज्य में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा देने के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/dabur-india-limited-will-provide-12-lakh-quality-saplings-to-the-farmers-of-the-state-every-year-chief-minister/">डाबर इंडिया लिमिटेड प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलबध करवाएगी -मुख्य मंत्री</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  </strong></p>
<p><strong> शिमला । </strong>मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ‘साइंटिफिक असेसमेंट ऑफ टैकलिंग नॉन कार्बनडाईऑक्साइड एमीशनसः पाथवेज फॉर हिमाचल प्रदेश’ शीर्षक से रिपार्ट जारी की। इस अवसर पर मैसर्स डाबर इंडिया लिमिटेड और मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ राज्य में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) भी हस्ताक्षरित किए गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पहले एमओए के तहत डाबर इंडिया लिमिटेड प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे (प्रति किस्म के एक लाख) और दस वर्षों में कुल 1.20 करोड़ पौधे (प्रति प्रजाति 10 लाख) उनकी पारिस्थितिकीय अनुकूलता के अनुसार उपलब्ध करवाएगी। निम्न एवं मध्य पहाड़ी क्षेत्रों के लिए आंवला, हरड़, बहेड़ा, काकड़ासिंगी और लोधर जैसी प्रजातियों के पौधे ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सिरमौर जिलों और निचले शिमला क्षेत्र में वितरित किए जाएगें। मध्य से उच्च पहाड़ी क्षेत्रों के लिए जटामांसी, कुटकी, सुगंधबाला (जड़ी-बूटियां), पदम काष्ठ (वृक्ष) और पुष्करमूल (जड़ी) के पौधे कुल्लू, चंबा, मंडी, ऊपरी शिमला और किन्नौर जिलों में वितरित किए जाएगें। अल्पाइन प्रजातियां जैसे अतीस और विष (जड़ी-बूटियाँ) किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को उपलब्ध करवाई जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दूसरा एमओए मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ पांच वर्षों की अवधि के लिए हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अंतर्गत सोलन जिला में चयनित औषधीय पौधों की खेती, संरक्षण और मूल्य श्रृंखला विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इस समझौते के तहत छह प्राथमिकता वाली प्रजातियां जिनमें हल्दी (कुर्कुमा लोंगा), अश्वगंधा (विथानिया सोम्निफेरा), शतावरी (एस्पैरागस रेसमोसम), तुलसी (ओसिमम सैंक्टम), चिरायता (स्वर्टिया चिरायिता) और हिमालयन जेंटियन (जेंटियाना कुरू) शामिल है की खेती की जाएगी। इसमें आसपास की पंचायतों को शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 108 बीघा से अधिक भूमि पर कम से कम 225 महिला किसानों को शामिल किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का पहला हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान कर राज्य के स्वच्छ पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए कई पहलें की गई हैं। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पहले सरकार ने हिमाचल प्रदेश को ग्रीन एनर्जी स्टेट के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सत्त प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान वर्ष में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और युवाओं को सौर परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सब्सिडी प्रदान की जा रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नालागढ़ में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से एक मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र भी स्थापित किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी बढ़ावा दे रही है। इस वर्ष अप्रैल तक एचआरटीसी के बेड़े में लगभग 300 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी। विभिन्न सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है और 38,000 टैक्सियों को ई-टैक्सी में परिवर्तित करने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक समस्या के रूप में उभर रहा है जिसके परिणामस्वरूप राज्य में अप्रत्याशित बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियरों के सिकुड़ने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को प्राकृतिक चेतावनी समझते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है। वर्ष 2023 की आपदा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में राज्य में 23,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल एक भौगोलिक भू-भाग ही नहीं है बल्कि हिमालय की आत्मा है। ग्लेशियर, नदियां, वन और पर्वत इसकी पहचान हैं और इस पर लाखों लोगों का जीवन निर्भर है। हिमालय में किसी भी प्रकार की अस्थिरता के दुष्परिणाम न केवल राज्य बल्कि पूरे देश पर पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और जब तक पड़ोसी राज्य भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के लंबित बकाये के निपटारे के लिए ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक किशाऊ और रेणुका बांध जैसी आगामी परियोजनाओं पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कुछ सकारात्मक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार और हरीश जनारथा, सचिव (पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन) एस.के. सिंगला, यूएनईपी क्लाइमेट एंड क्लीन एयर कोएलिशन की सचिवालय प्रमुख डॉ. डर्वुड जैल्के, मार्टिना ओटो, डायरेक्टर इंडिया प्रोग्राम आईजीएसडी ज़ेरिन ओशो, निदेशक डीसी राणा तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/dabur-india-limited-will-provide-12-lakh-quality-saplings-to-the-farmers-of-the-state-every-year-chief-minister/">डाबर इंडिया लिमिटेड प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलबध करवाएगी -मुख्य मंत्री</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एसजेवीएन ने एमएसएमई के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट का सफलता आयोजन किया</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/sjvn-successfully-organizes-special-vendor-development-meet-for-msmes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 14:25:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=127560</guid>

					<description><![CDATA[<p>एसजेवीएन ने एमएसएमई के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला  एसजेवीएन ने नई दिल्ली में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट 2026 का सफल आयोजन किया।  भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/sjvn-successfully-organizes-special-vendor-development-meet-for-msmes/">एसजेवीएन ने एमएसएमई के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट का सफलता आयोजन किया</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="font-weight: 400;"><strong>एसजेवीएन ने एमएसएमई के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया</strong></p>
<p style="font-weight: 400;"><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p style="font-weight: 400;"><strong>शिमला  </strong>एसजेवीएन ने नई दिल्ली में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट<strong> </strong>2026 का सफल आयोजन किया।  भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">मुख्य अतिथि  भूपेंद्र गुप्ता ने,  अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक),  सिपन कुमार गर्ग, निदेशक (वित्त),  चंद्र शेखर यादव, कार्यकारी निदेशक/विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन)  तथा कारपोरेट मुख्यालय, शिमला, संपर्क कार्यालय, दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी तथा वेंडर मीट से संबद्ध अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> भूपेंद्र गुप्ता ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि विशेष<strong> </strong>वेंडर डेवल्पमेंट मीट 2026 नई सहभागिता बनाने, नए अवसर तलाशने तथा आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने में एक उत्प्रेरक का कार्य करेगा।  उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से, एसजेवीएन ने वेंडर सशक्तिकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धतता को मजबूत करते हुए 36 वेंडर डेवलपमेंट मीट आयोजित किए हैं।  इस बात पर बल देते हुए कि एमएसएमई विकास एसजेवीएन की सफलता का एक आवश्यक हिस्सा है, उन्होंने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा महिला स्वामित्व वाले एमएसएमई को आर्थिक पारितंत्र की मुख्यधारा से जोड़ने तथा एसजेवीएन की प्रापण प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के महत्व पर भी बल दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) ने वेंडर मीट<strong> </strong>को संबोधित करते हुए कहा कि एसजेवीएन अपने प्रापण लक्ष्यों को पूर्ण करने तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों सहित एमएसई सार्वजनिक प्रापण का लाभ प्रदान करने के लिए एमएसएमई के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के विजन में योगदान देते हुए यह आत्मनिर्भर, भविष्योन्मुखी और समावेशी एमएसएमई नेटवर्क को बढ़ावा देती हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> सिपन कुमार गर्ग, निदेशक (वित्त) ने कहा कि एसजेवीएन, एमएसएमई, जो भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं, के साथ निकटता से जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी के परिकल्पित विकसित भारत 2047 के विज़न को पूर्ण करने में एमएसएमई प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।  उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एसजेवीएन एमएसएमई के साथ नॉलेज शेयरिंग और उत्तम प्रथाओं<strong> </strong>के आदान-प्रदान पर आधारित एक सहयोगी केन्द्र बनने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> चंद्र शेखर यादव, कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, प्रतिभागी वेंडरों तथा विभिन्न संगठनों से उपस्थित अधिकारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।  उन्होंने यह भी दोहराया कि इस प्रकार के वेंडर मीट प्रापण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ एमएसई को सशक्त बनाने और एसजेवीएन के साथ उनकी सहभागिता को सुदृढ़ करने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> सहभागी विक्रेताओं को उपलब्ध अवसरों तथा प्रापण प्रक्रियाओं से अवगत करवाने के लिए एसजेवीएन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, राष्ट्रीय एससी-एसटी हब, जेम, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया, डीटीएक्स, एम1 एक्सचेंज, दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और महिला उद्यमी परिसंघ के प्रतिनिधियों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गई। प्रस्तुति सत्र के पश्चात एसजेवीएन की ई-प्रापण प्रक्रिया, विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर पंजीकरण की प्रक्रिया तथा वेंडरों के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं एवं सहायक उपायों के संबंध में जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से संवादात्मक प्रश्नोत्तर एवं वार्ता सत्र आयोजित किए गए।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/sjvn-successfully-organizes-special-vendor-development-meet-for-msmes/">एसजेवीएन ने एमएसएमई के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट का सफलता आयोजन किया</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राज्य में जियोथर्मल ऊर्जा की संभावनाएं तलाशने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/mou-signed-to-explore-geothermal-energy-potential-in-the-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 03:36:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
		<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[POLITICS]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=127271</guid>

					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  शिमला । हरित ऊर्जा राज्य के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में आज हिमाचल प्रदेश सरकार और मै. जियोट्रॉपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच प्रदेश में जियोथर्मल ऊर्जा की संभावनाओं को तलाशने हेतु एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/mou-signed-to-explore-geothermal-energy-potential-in-the-state/">राज्य में जियोथर्मल ऊर्जा की संभावनाएं तलाशने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला</strong> । हरित ऊर्जा राज्य के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में आज हिमाचल प्रदेश सरकार और मै. जियोट्रॉपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच प्रदेश में जियोथर्मल ऊर्जा की संभावनाओं को तलाशने हेतु एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और भारत में आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुल्डसन भी उपस्थित थे।<br />
प्रदेश सरकार की ओर से ऊर्जा निदेशालय के मुख्य अभियंता डी.पी. गुप्ता और जियोट्रॉपी ईएचएफ के चेयरपर्सन टोमस ओट्टो हेनसन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने सतत् ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा स्रोतों के दोहन की दिशा में कार्य कर रही है और जियोथर्मल ऊर्जा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जियाथर्मल ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं जिनका दोहन करके पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम की जा सकती है।<br />
मुख्यमंत्री ने कम्पनी को निर्देश दिए कि इस दिशा में अन्वेषण कार्य शुरू किया जाए ताकि जियोथर्मल क्षमता का उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा।<br />
इस अवसर पर ऊर्जा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/mou-signed-to-explore-geothermal-energy-potential-in-the-state/">राज्य में जियोथर्मल ऊर्जा की संभावनाएं तलाशने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एसजेवीएन ने 2000 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित किया</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/sjvn-sets-new-record-of-2000-million-units-of-power-generation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 03:10:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
		<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
		<category><![CDATA[district]]></category>
		<category><![CDATA[electricity]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[hydro project]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=127256</guid>

					<description><![CDATA[<p>  शिमला। भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने बताया कि एसजेवीएन ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने दिनांक 5 फरवरी, 2026 को एक वित्तीय वर्ष में 2000 मिलियन यूनिट का अब तक का सबसे तेज (शीघ्रतम) विद्युत उत्पादन दर्ज किया है। यह उपलब्धि दिनांक 14 फरवरी, 2020 [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/sjvn-sets-new-record-of-2000-million-units-of-power-generation/">एसजेवीएन ने 2000 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित किया</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="font-weight: 400;"><strong> </strong></p>
<p style="font-weight: 400;"><strong>शिमला।</strong> भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने बताया कि एसजेवीएन ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने दिनांक 5 फरवरी, 2026 को एक वित्तीय वर्ष में 2000 मिलियन यूनिट का अब तक का सबसे तेज (शीघ्रतम) विद्युत उत्पादन दर्ज किया है। यह उपलब्धि दिनांक 14 फरवरी, 2020 को बनाए गए गत रिकॉर्ड से नौ दिन पूर्व हासिल की गई, जो विद्युत स्टेशन के गत ग्यारह वर्षों के प्रचालन में विद्युत उत्पादन का उत्कृष्ट निष्पादन है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">इस अवसर पर एसजेवीएन प्रबंधन ने कर्मचारियों और इस उपलब्धि को हासिल करने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार, विद्युत मंत्रालय, केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण और शिमला एवं कुल्लू के जिला प्रशासन के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने परियोजना प्रमुख,  विकास मारवाह के नेतृत्व में रामपुर जलविद्युत स्टेशन की टीम के अनुशासन और सुदृढ़ कार्यशैली की सराहना की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> अजय कुमार शर्मा, निदेशक(कार्मिक) ने इस उपलब्धि का श्रेय सामूहिक योग्यता, प्रभावी मानव संसाधन प्रथाओं और समेकित आंतर-विभागीय सामंजस्य को दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"> सिपन कुमार गर्ग, निदेशक(वित्त)  ने कहा कि यह रिकॉर्ड निष्पादन ठोस वित्तीय प्रबंधन और प्रचालनगत उत्कृष्टता के मध्य बेहतर तालमेल को दर्शाता है।</p>
<p style="font-weight: 400;">कमीशनिंग के पश्चात से, रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने उत्पादन निष्पादन में निरंतर नए बेंचमार्क स्थापित किए हैं, जो इसके इंजीनियरिंग डिज़ाइन की सुदृढ़ता, उच्च अनुरक्षण व्यवस्था और स्थायी प्रचालनगत उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।</p>
<p style="font-weight: 400;">यह उपलब्धि प्रचालनगत उत्कृष्टता  और देश के लिए स्थायी ऊर्जा उत्पादन के प्रति एसजेवीएन की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/sjvn-sets-new-record-of-2000-million-units-of-power-generation/">एसजेवीएन ने 2000 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित किया</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
