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	<title>solan - Aadarsh Himachal</title>
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		<title>शूलिनी विव में &#8216;भारत पिचाथॉन&#8217; का आयोजन: 10 स्टार्टअप्स ने इन्वेस्टर्स के सामने अपनी पिच पेश की</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/bharat-pitchathon-organized-at-shoolini-university-10-startups-pitched-to-investors/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 08:08:28 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  सोलन । शूलिनी यूनिवर्सिटी ने &#8216;भारत पिचाथॉन 5.0&#8217; के हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ एडिशन की मेज़बानी की। यह &#8216;हेडस्टार्ट नेटवर्क फ़ाउंडेशन&#8217; का एक नेशनल स्टार्टअप इनिशिएटिव है जो नए उद्यमियों (entrepreneurs) को इन्वेस्टर्स, मेंटर्स और इंडस्ट्री लीडर्स से जोड़ता है। शूलिनी यूनिवर्सिटी इस इवेंट की वेन्यू और नॉलेज पार्टनर थी, और शूलिनी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>सोलन</strong> । शूलिनी यूनिवर्सिटी ने &#8216;भारत पिचाथॉन 5.0&#8217; के हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ एडिशन की मेज़बानी की। यह &#8216;हेडस्टार्ट नेटवर्क फ़ाउंडेशन&#8217; का एक नेशनल स्टार्टअप इनिशिएटिव है जो नए उद्यमियों (entrepreneurs) को इन्वेस्टर्स, मेंटर्स और इंडस्ट्री लीडर्स से जोड़ता है। शूलिनी यूनिवर्सिटी इस इवेंट की वेन्यू और नॉलेज पार्टनर थी, और शूलिनी पहल फ़ाउंडेशन (SPF) इसकी इनक्यूबेशन पार्टनर थी। इस इवेंट में वेंचर कैपिटलिस्ट, फ़ाउंडर्स, रिसर्चर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स शामिल हुए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8216;भारत पिचाथॉन&#8217; भारत का सबसे बड़ा पिचिंग इनिशिएटिव है और यह खास तौर पर टियर 2 और टियर 3 शहरों में ज़्यादा क्षमता वाले स्टार्टअप्स की तलाश करता है। अपने पहले चार एडिशन में, इसे 4,000 से ज़्यादा एप्लीकेशन मिले, 800 से ज़्यादा पिच आयोजित किए गए, 1,300 से ज़्यादा इन्वेस्टर कनेक्शन बनाए गए और 30 से ज़्यादा स्टार्टअप्स को ₹100 करोड़ से ज़्यादा फ़ंड जुटाने में मदद मिली।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस रीजनल एडिशन के लिए हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से 40 एप्लीकेशन आए। एक इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट पैनल ने 13 स्टार्टअप्स को शॉर्टलिस्ट किया, और उनमें से 10 स्टार्टअप्स (जिनमें SPF द्वारा इनक्यूबेट किए गए पांच स्टार्टअप्स भी शामिल थे) ने एक जूरी के सामने अपनी पिच पेश की। इस जूरी में ब्लूम वेंचर्स (Blume Ventures) और TiE चंडीगढ़ से जुड़े इन्वेस्टर्स शामिल थे। जूरी ने स्टार्टअप्स को प्रोडक्ट में अंतर (product differentiation), कस्टमर एक्विजिशन, प्राइसिंग और स्केलेबिलिटी के आधार पर परखा और हर फ़ाउंडर को उनके बिज़नेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर फ़ीडबैक दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ये स्टार्टअप्स हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, लीगल टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और लोकल मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों से थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ब्लूम वेंचर्स में प्लेटफ़ॉर्म के वाइस प्रेसिडेंट और हेडस्टार्ट नेटवर्क फ़ाउंडेशन के डायरेक्टर, मिस्टर गौतम शिवरामकृष्णन ने कहा कि सफल कंपनियाँ यूनिवर्सिटी कैंपस से भी शुरू हो सकती हैं। उन्होंने ग्रेऑरेंज और स्पेस-टेक्नोलॉजी स्टार्टअप पिक्सेल का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर फ़ाउंडर्स बड़े सपने देखें और बाहरी मदद का इंतज़ार किए बिना काम शुरू कर दें, तो अगला एप्पल हिमाचल प्रदेश से भी निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे बेंगलुरु के इनोवेटर्स के साथ &#8220;हैकिंग इन द हिल्स&#8221; नाम की एक पहल के लिए वापस आएँगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. पी. के. खोसला ने हिस्सा लेने वालों का स्वागत करते हुए युवा उद्यमियों को बड़े और महत्वाकांक्षी विचारों पर भरोसा करने और कड़ी मेहनत, सावधानी से योजना बनाने और दूर की सोच के साथ उन पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रो-चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने कहा, &#8220;फाउंडर्स को कोशिश करने, फेल होने और फिर से कोशिश करने की गुंजाइश मिलनी चाहिए। शूलिनी का स्टार्टअप इकोसिस्टम स्टूडेंट्स और स्टार्टअप्स को फैकल्टी मेंटर्स, लैब्स और साथियों से जुड़ने का मौका देता है, ताकि वे कम जोखिम के साथ अपने आइडिया को टेस्ट कर सकें। हर आइडिया कंपनी नहीं बन पाता। हमारा मकसद स्टूडेंट्स को हर कोशिश से सीखने और आगे बढ़ते रहने में मदद करना है।&#8221;</p>
<p>क्लासरूम से परे इनोवेशन पर एक पैनल डिस्कशन में, शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने शूलिनी के उस लक्ष्य के बारे में बात की जिसके तहत वे एक ऐसी यूनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं जहाँ शिक्षा, रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप मिलकर काम करें। उन्होंने वैज्ञानिक खोजों को कमर्शियल प्रोडक्ट्स में बदलने के लिए इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच मज़बूत पार्टनरशिप की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ऐ आई और इनोवेशन के प्रेसिडेंट प्रो. आशीष खोसला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च और ड्रग डिस्कवरी के क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। उन्होंने नए वेंचर्स के लिए ग्रीन एनर्जी, हेल्दी एजिंग और कैंसर रिसर्च को अच्छे क्षेत्रों के तौर पर बताया।</p>
<p>शूलिनी यूनिवर्सिटी की चीफ लर्निंग ऑफिसर प्रो. आशू खोसला ने स्टूडेंट्स से कहा कि वे सफलता को जमा किए गए पैसे से नहीं, बल्कि उन समस्याओं को हल करने से मापें जिन्हें वे सुलझाते हैं। उन्होंने उन्हें क्रिएटिव बने रहने और अपने विषयों से हटकर दूसरी चीज़ों में भी दिलचस्पी लेने के लिए प्रोत्साहित किया।</p>
<p>अब जूरी के स्कोर नेशनल सिलेक्शन के लिए हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन की सेंट्रल एक्सपर्ट टीम के पास भेजे जाएँगे। अगले दो महीनों में 20 से ज़्यादा शहरों में &#8216;भारत पिचाथॉन 5.0&#8217; आयोजित किया जाएगा। इसके ग्रोथ प्रोग्राम के लिए चुने गए स्टार्टअप्स की घोषणा नवंबर के आखिर तक की जाएगी और उन्हें जनवरी से &#8216;गो-टू-मार्केट&#8217; स्ट्रैटेजी और इन्वेस्टमेंट के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। दिसंबर में, 12 से 15 स्टार्टअप्स को बेंगलुरु में होने वाले &#8216;फ्रंटियर टेक समिट&#8217; में इन्वेस्टर्स के सामने अपना आइडिया पेश करने (पिच करने) के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।</p>
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		<title>तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में संगीत, नृत्य, एंकरिंग और फैशन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/students-showcased-their-talent-in-music-dance-anchoring-and-fashion-competitions-during-the-three-day-cultural-festival/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 02:58:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; &#160; आदर्श हिमाचल ब्यूरों सोलन । शूलिनी यूनिवर्सिटी के वार्षिक अंतर-विभागीय सांस्कृतिक उत्सव ‘मंचतंत्र 2026’ में फार्मास्युटिकल साइंसेज फैकल्टी ने ओवरऑल ट्रॉफी जीती, जबकि फैकल्टी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज और बायोटेक्नोलॉजी एवं बायोइंजीनियरिंग दूसरे स्थान पर रही। 8 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव में विभिन्न फैकल्टी के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने संगीत, [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों</strong></p>
<p><strong> सोलन । </strong>शूलिनी यूनिवर्सिटी के वार्षिक अंतर-विभागीय सांस्कृतिक उत्सव ‘मंचतंत्र 2026’ में फार्मास्युटिकल साइंसेज फैकल्टी ने ओवरऑल ट्रॉफी जीती, जबकि फैकल्टी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज और बायोटेक्नोलॉजी एवं बायोइंजीनियरिंग दूसरे स्थान पर रही। 8 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव में विभिन्न फैकल्टी के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने संगीत, नृत्य, एंकरिंग, फैशन शो और अन्य सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उत्सव की शुरुआत 7 अक्टूबर को फ्लैश मॉब के साथ हुई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फ्लैश मॉब प्रतियोगिता में मीडिया एवं लिबरल आर्ट्स फैकल्टी, लीगल साइंसेज फैकल्टी और योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस ने पहला स्थान हासिल किया। फार्मास्युटिकल साइंसेज दूसरे स्थान पर रही, जबकि एप्लाइड साइंसेज और बायोटेक्नोलॉजी एवं बायोइंजीनियरिंग को उनके प्रदर्शन के लिए विशेष प्रशंसा पुरस्कार दिया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एंकरिंग प्रतियोगिता में बेसिक साइंसेज एवं एग्रीकल्चर फैकल्टी ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि फार्मास्युटिकल साइंसेज दूसरे स्थान पर रही। वेस्टर्न डुएट सिंगिंग प्रतियोगिता में फार्मास्युटिकल साइंसेज विजेता बनी और इंजीनियरिंग फैकल्टी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सेमी-क्लासिकल डुएट डांस में बेसिक साइंसेज एवं एग्रीकल्चर ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि मीडिया एवं लिबरल आर्ट्स, लीगल साइंसेज और योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस दूसरे स्थान पर रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>‘द मिसिंग तत्व’ प्रतियोगिता में फार्मास्युटिकल साइंसेज ने जीत दर्ज की। लिबरल आर्ट्स और लीगल साइंसेज ने बेसिक साइंसेज एवं एग्रीकल्चर के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया। बॉलीवुड मेडले सॉन्ग प्रतियोगिता में इंजीनियरिंग फैकल्टी विजेता रही, जबकि एप्लाइड साइंसेज और बायोटेक्नोलॉजी एवं बायोइंजीनियरिंग दूसरे स्थान पर रही।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ग्रुप फोक डांस और थीम-बेस्ड फैशन शो, दोनों प्रतियोगिताओं में मैनेजमेंट साइंसेज फैकल्टी ने पहला स्थान हासिल किया। ग्रुप फोक डांस में बायोटेक्नोलॉजी फैकल्टी दूसरे स्थान पर रही, जबकि फैशन शो में मीडिया एवं लिबरल आर्ट्स, लीगल साइंसेज और योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। फैकल्टी की भागीदारी के लिए दिए गए पुरस्कार में भी फार्मास्युटिकल साइंसेज पहले स्थान पर रही, जबकि मीडिया एवं लिबरल आर्ट्स, लीगल साइंसेज और योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस दूसरे स्थान पर रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंचतंत्र 2026 की प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में संगीत, फैशन और नृत्य के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे। ‘मिस क्वीन ऑफ हिमालय’ और ‘मिस पहाड़न’ की विजेता तथा ‘मिस हिमाचल बेस्ट रैंप वॉक मॉडल’ का खिताब जीत चुकीं श्वेता ठाकुर ने फैशन शो का मूल्यांकन किया। हर्ष संधू ने गायन प्रतियोगिताओं के निर्णायक की भूमिका निभाई, जबकि सोलन के डांसर और एसजे डांसिंग ज़ोन अकादमी के सह-संस्थापक नवीन पॉल जॉनी ने नृत्य प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शूलिनी यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबिलिटी और कम्युनिटी एंगेजमेंट की निदेशक श्रीमती पूनम नंदा ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “मंचतंत्र विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और टीम के साथ काम करने का अवसर देता है। यह उत्सव विभिन्न फैकल्टी के विद्यार्थियों और फैकल्टी को एक मंच पर लाता है, जहां वे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ एक-दूसरे से सीखते हैं। मैं इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी विद्यार्थियों, और शिक्षकों को बधाई देती हूं।</p>
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		<item>
		<title>शूलिनी MBA लगातार पांचवीं बार भारत के टॉप 100 B-स्कूलों में शामिल</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/shoolini-mba-ranked-among-indias-top-100-b-schools-for-the-fifth-consecutive-time/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Oct 2026 07:51:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों सोलन । शूलिनी यूनिवर्सिटी के मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) प्रोग्राम ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यूनिवर्सिटी को बिजनेस टुडे–MDRA बेस्ट B-स्कूल रैंकिंग 2026–२७ में लगातार पांचवीं बार भारत के टॉप 100 B-स्कूलों में जगह मिली है। शूलिनी MBA को देशभर में 85वीं रैंक मिली है। शूलिनी बिजनेस स्कूल [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div></div>
<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></div>
<div></div>
<div><strong>सोलन</strong> । शूलिनी यूनिवर्सिटी के मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) प्रोग्राम ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यूनिवर्सिटी को बिजनेस टुडे–MDRA बेस्ट B-स्कूल रैंकिंग 2026–२७ में लगातार पांचवीं बार भारत के टॉप 100 B-स्कूलों में जगह मिली है। शूलिनी MBA को देशभर में 85वीं रैंक मिली है।</div>
<div>शूलिनी बिजनेस स्कूल को हिमाचल प्रदेश में IIM सिरमौर के बाद दूसरा स्थान मिला है। वहीं, प्राइवेट B-स्कूलों की श्रेणी में शूलिनी ने भारत में 66वीं और हिमाचल प्रदेश में पहला रैंक हासिल किया है।</div>
<div>यह उपलब्धि शूलिनी यूनिवर्सिटी के उस प्रयास को दर्शाती है, जिसमें छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान देने के बजाय प्रैक्टिकल लर्निंग, इंडस्ट्री एक्सपोजर और जरूरी स्किल्स पर भी जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों को बदलती इंडस्ट्री की जरूरतों के लिए तैयार करना है।</div>
<div>रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) कैटेगरी में शूलिनी को भारत में 85वीं रैंक मिली है और हिमाचल प्रदेश में IIM सिरमौर के बाद दूसरा स्थान मिला है। वहीं, ऑनलाइन MBA कैटेगरी में शूलिनी ने भारत में 49वीं और हिमाचल प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है।</div>
<div>मुख्य रैंकिंग</div>
<div>-भारत में 85वीं – कुल मिलाकर</div>
<div>-भारत में 66वीं – प्राइवेट B-स्कूल</div>
<ul>
<li>
<div role="presentation">हिमाचल प्रदेश में नंबर 1 – प्राइवेट B-स्कूल</div>
</li>
<li>
<div role="presentation">भारत में 85वीं – रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI)</div>
</li>
<li>
<div role="presentation">भारत में 49वीं – ऑनलाइन MBA</div>
</li>
<li>
<div role="presentation">हिमाचल प्रदेश में नंबर 1 – ऑनलाइन MBA</div>
</li>
<li>
<div role="presentation">हिमाचल प्रदेश में दूसरी – कुल मिलाकर और ROI कैटेगरी में</div>
</li>
</ul>
<div>बिजनेस टुडे–MDRA रैंकिंग विभिन्न मानकों के आधार पर देशभर के मैनेजमेंट संस्थानों का मूल्यांकन करती है। शूलिनी की यह रैंकिंग उसके बेहतर शिक्षण, इंडस्ट्री से जुड़ाव और प्रैक्टिकल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए फैकल्टी और एकेडमिक टीमों के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।<img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-130483" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-300x196.jpg" alt="" width="300" height="196" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-300x196.jpg 300w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-1024x668.jpg 1024w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-768x501.jpg 768w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-1536x1002.jpg 1536w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-2048x1336.jpg 2048w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-696x454.jpg 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-741x486.jpg 741w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-1068x697.jpg 1068w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/10/Shoolini-pic-3-644x420.jpg 644w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></div>
<div>शूलिनी यूनिवर्सिटी के फाउंडर-चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा, “लगातार पांचवीं बार भारत के टॉप 100 B-स्कूलों में शामिल होना हमारी फैकल्टी, छात्रों और एकेडमिक टीम की लगातार मेहनत का परिणाम है। हमारा प्रयास है कि छात्र मैनेजमेंट की मजबूत समझ विकसित करने के साथ-साथ अपने ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करना भी सीखें।”</div>
<div>वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने कहा, “यह सम्मान हमारे कैंपस और ऑनलाइन MBA, दोनों प्रोग्राम्स के लिए गर्व की बात है। शूलिनी में हम ऐसे भविष्य के लिए तैयार बिजनेस लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो बिजनेस की चुनौतियों को समझ सकें, उपलब्ध विकल्पों का सही मूल्यांकन कर सकें, सोच-समझकर फैसले ले सकें और अपने फैसलों के परिणामों की जिम्मेदारी ले सकें।”</div>
<div id="m_2323548344011418256Signature"></div>
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		<item>
		<title>शूलिनी की PhD स्कॉलर को IUFRO अकेसिया कॉन्फ्रेंस के लिए ANRF समर्थन</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/anrf-support-for-shoolini-phd-scholar-for-iufro-acacia-conference/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Oct 2026 23:35:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p> आदर्श हिमाचल ब्यूरों  सोलन  शूलिनी यूनिवर्सिटी की PhD स्कॉलर अन्वेषा बंद्योपाध्याय को हनोई, वियतनाम में 5 से 8 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित इंटरनेशनल यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (IUFRO) UFRO Acacia 2026 Conference में शामिल होने के लिए अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) से वित्तीय सहायता मिली है। बायोटेक्नोलॉजी में PhD कर रहीं [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div></div>
<div> <strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></div>
<div></div>
<div><strong> सोलन</strong>  शूलिनी यूनिवर्सिटी की PhD स्कॉलर अन्वेषा बंद्योपाध्याय को हनोई, वियतनाम में 5 से 8 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित इंटरनेशनल यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (IUFRO)</div>
<div>UFRO Acacia 2026 Conference में शामिल होने के लिए अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) से वित्तीय सहायता मिली है।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>बायोटेक्नोलॉजी में PhD कर रहीं बंद्योपाध्याय डॉ. तरुण पाल के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रही हैं। IUFRO Acacia 2026 का आयोजन “Sustaining Acacia Plantations in a Dynamic Changing World” थीम के तहत हो रहा है। सम्मेलन में दुनिया भर के शोधकर्ता, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ एकत्र होकर अकेसिया अनुसंधान और इसके टिकाऊ प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे ।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>सम्मेलन में अकेसिया की genetics और breeding, biodiversity, climate-resilient plantation management, pest and disease management, value-chain innovation, circular bioeconomy तथा sustainable development जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य शोधकर्ताओं और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के बीच वैज्ञानिक ज्ञान एवं अनुभव साझा करना तथा बदलते पर्यावरण और जलवायु परिस्थितियों में अकेसिया प्लांटेशन के टिकाऊ विकास के लिए सहयोग को बढ़ावा देना है।</div>
<div></div>
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<div>ANRF से मिली यह सहायता  बंद्योपाध्याय को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंच पर शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों के साथ संवाद करने तथा अकेसिया अनुसंधान, sustainable forestry और biotechnology के क्षेत्र में वैश्विक शोध गतिविधियों से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। यह उपलब्धि शूलिनी यूनिवर्सिटी में हो रहे शोध कार्यों और युवा शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंचों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</div>
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			</item>
		<item>
		<title>शूलिनी विवि में 29 सितंबर से होगा अंतरराष्ट्रीय मीडिया फेस्ट, 14 से अधिक प्रतियोगिताओं में युवा दिखाएंगे</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/international-media-fest-to-be-held-at-shoolini-university-from-september-29-youth-to-showcase-talent-in-over-14-competitions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Sep 2026 15:25:20 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो सोलन। दो दिवसीय मीडिया फेस्ट में 14 से अधिक प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के बीच विचारों का आदान-प्रदान होगा शूलिनी यूनिवर्सिटी का स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशंस 29 से 30 सितंबर तक मार्वल शूलिनी इंटरनेशनल मीडिया फेस्ट’ के चौथे संस्करण का आयोजन करेगा। दो दिवसीय इस फेस्ट में भारत और पड़ोसी [&#8230;]</p>
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<div></div>
<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></div>
<div></div>
<div><strong>सोलन। </strong>दो दिवसीय मीडिया फेस्ट में 14 से अधिक प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के बीच विचारों का आदान-प्रदान होगा</div>
<div></div>
<div></div>
<div>शूलिनी यूनिवर्सिटी का स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशंस 29 से 30 सितंबर तक मार्वल शूलिनी इंटरनेशनल मीडिया फेस्ट’ के चौथे संस्करण का आयोजन करेगा। दो दिवसीय इस फेस्ट में भारत और पड़ोसी देशों के लगभग 200 से अधिक युवा मीडिया प्रतिभागी विभिन्न प्रतियोगिताओं, रचनात्मक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संवादात्मक सत्रों में हिस्सा लेंगे।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>फेस्ट में भारत, बांग्लादेश, नेपाल और अन्य देशों के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रमुख राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के छात्र भी भाग लेंगे। यह आयोजन उभरते पत्रकारों, फिल्म निर्माताओं, फोटोग्राफरों, कंटेंट क्रिएटर्स, कलाकारों और संचार के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभागियों के साथ संवाद का अवसर देगा।</div>
<div></div>
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<div></div>
<div>फेस्ट के दौरान 14 से अधिक प्रतियोगिताएं  आयोजित की जाएंगी। इनमें न्यूज़ एंकरिंग, फोटोग्राफी, शॉर्ट फिल्म, रील मेकिंग, भाषण प्रतियोगिता, स्टैंड-अप कॉमेडी सहित मीडिया और संचार से जुड़ी विभिन्न रचनात्मक विधाएं शामिल होंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर अपनी व्यावहारिक, रचनात्मक और संचार कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>फेस्ट के दौरान विद्यार्थी मीडिया प्रोफेशनल्स, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों के साथ संवाद भी करेंगे। इससे पत्रकारिता, फिल्म निर्माण, डिजिटल कम्युनिकेशन, फोटोग्राफी और मीडिया उद्योग में उभरते रुझानों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा। 2023 में 10 संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ शुरू हुआ यह फेस्ट अब अपने चौथे संस्करण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर रहा है।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>शूलिनी यूनिवर्सिटी में फैकल्टी ऑफ मीडिया एंड लिबरल आर्ट्स की डीन, फेस्ट डायरेक्टर, ट्रस्टी एवं मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशंस की डायरेक्टर प्रो. निष्ठा शुक्ला आनंद ने कहा कि यूनिवर्सिटी विभिन्न देशों और संस्थानों से आने वाले प्रतिभागियों के स्वागत के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि मीडिया फेस्ट ऐसा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां रचनात्मकता, सीखने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का संगम होगा। इससे युवा मीडिया प्रतिभाओं को एक-दूसरे से सीखने के साथ विभिन्न संस्थानों और देशों के दृष्टिकोणों को समझने का अवसर मिलेगा।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>प्रोफ निष्ठां ने  कहा कि फेस्ट में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को शूलिनी यूनिवर्सिटी के कैंपस जीवन के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश को करीब से जानने का अवसर भी मिलेगा। यह आयोजन विश्वविद्यालय समुदाय के साथ संवाद को बढ़ावा देने के साथ प्रतिभागियों को कैंपस और आसपास के क्षेत्रों से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</div>
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		<item>
		<title>शूलिनी यूनिवर्सिटी ने सनहोल पंचायत के साथ मिलकर बड़े  पर पौधारोपण अभियान चलाया</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/shoolini-university-in-collaboration-with-the-sanhol-panchayat-conducted-a-large-scale-tree-plantation-drive/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:46:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों सोलन । शूलिनी यूनिवर्सिटी ने सनहोल ग्राम पंचायत के साथ मिलकर एक बड़ा पौधारोपण अभियान चलाया, जिसमें 300 से ज़्यादा छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस अभियान का मकसद एक हरा-भरा और सेहतमंद माहौल बनाना था; इसके तहत सनहोल में अलग-अलग तरह के 600 से ज़्यादा पौधे लगाए गए। यूनिवर्सिटी [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div></div>
<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों</strong></div>
<div></div>
<div><strong> सोलन । </strong>शूलिनी यूनिवर्सिटी ने सनहोल ग्राम पंचायत के साथ मिलकर एक बड़ा पौधारोपण अभियान चलाया, जिसमें 300 से ज़्यादा छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस अभियान का मकसद एक हरा-भरा और सेहतमंद माहौल बनाना था; इसके तहत सनहोल में अलग-अलग तरह के 600 से ज़्यादा पौधे लगाए गए।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>यूनिवर्सिटी की लैंडस्केपिंग टीम ने, जिसकी अगुवाई सुरेश शर्मा कर रहे थे, इस पहल में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने स्थानीय माहौल के हिसाब से सही पौधों को चुना और पौधारोपण के लिए सही जगहें तय करने में मदद की। छात्रों ने पौधे लगाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी और समुदाय से जुड़ाव का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।</div>
<div>सनहोल ग्राम पंचायत की प्रधान, शारदा देवी ने गाँव को सहयोग देने के लिए शूलिनी यूनिवर्सिटी का आभार जताया और छात्रों व फैकल्टी सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>इस पहल के बारे में बात करते हुए, शूलिनी यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर (सस्टेनेबिलिटी) श्रीमती पूनम नंदा ने कहा, &#8220;यह इस सेमेस्टर का पहला पौधारोपण अभियान था, और हमारे छात्रों ने जो ज़बरदस्त उत्साह दिखाया, वह वाकई हौसला बढ़ाने वाला है। उनकी सक्रिय भागीदारी पर्यावरण और हमारे आस-पास के समुदायों के प्रति बढ़ती ज़िम्मेदारी की भावना को दर्शाती है।</div>
<div></div>
<blockquote>
<div></div>
</blockquote>
<div>इस अभियान ने छात्रों को क्लासरूम की पढ़ाई से हटकर पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास पर केंद्रित पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने का मौका भी दिया।</div>
<div id="m_2177693335161933383Signature"></div>
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			</item>
		<item>
		<title>समाज को एकजुट रखने में संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव आवश्यक &#8211; डॉ. शांडिल</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/connection-to-culture-and-traditions-is-essential-to-keep-society-united-dr-shandil/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 10:27:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; आदर्श हिमाचल ब्यूरों सोलन । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव समाज को एकजुट रखता है। डॉ. शांडिल आज सोलन के ब्रुरी में बघाटी सामाजिक संस्था सोलन द्वारा आयोजित ‘बघाट दिवस’ समारोह के अवसर पर [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>सोलन</strong> । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव समाज को एकजुट रखता है। डॉ. शांडिल आज सोलन के ब्रुरी में बघाटी सामाजिक संस्था सोलन द्वारा आयोजित ‘बघाट दिवस’ समारोह के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री ने इससे पूर्व स्वर्गीय राजा दुर्गा सिंह की 124वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन भी अर्पित की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बघाटी संस्कृति, भाषा, लोक परंपराएं और रीति-रिवाज हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि बघाटी सामाजिक संस्था, बघाटी संस्कृति को एकजुट करने और इसका संरक्षण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने बघाटी सामाजिक संस्था को ‘बघाट दिवस’ के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित करवाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री ने स्थानीय लोगों से आग्रह किया कि वह अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय भाषा, परम्पराओं, व्यंजनों आदि से भविष्य पीढ़ी को रू-ब-रू करवाते रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ. शांडिल ने बघाटी सामाजिक संस्था को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपए देने की घोषणा की।<br />
बघाटी सामाजिक संस्था सोलन के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस अवसर पर मुख्यातिथि का स्वागत किया।<br />
इस अवसर पर स्थानीय लोगों द्वारा बघाट बोली, लोक संस्कृति, लोक परम्परा तथा लुप्त होने वाले रीति रिवाजों पर चर्चा भी की गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम में बघाटी सामाजिक संस्था सोलन द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।<br />
इस अवसर पर बघाटी संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ग्राम पंचायत पड़ग की प्रधान मीरा, ग्राम पंचायत मनसार के प्रधान जय प्रकाश, ग्राम पंचायत जौणाजी के प्रधान सचिन कश्यप, ग्राम पंचायत पड़ग के उप प्रधान विक्रांत वर्मा, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के उपाध्यक्ष कर्नल संजय शांडिल, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव रमेश ठाकुर, राहुल ठाकुर, खण्ड कांग्रेस अध्यक्ष अमित ठाकुर, शहरी कांग्रेस अध्यक्ष पुनीत शर्मा, हिमाचल प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य शोभित बहल, नगर निगम सोलन के पार्षद रोहित भारद्वाज, राज परिवार से कर्ण सिंह कंवर, बघाटी सामाजिक संस्था सोलन के महासचिव रमेश शर्मा, उपाध्यक्ष परमानन्द शर्मा, शेर सिंह ठाकुर, डॉ. लेख राज शर्मा, मदन हिमाचली, विजय पुरी, संजय शर्मा, सक्षम शर्मा, लक्ष्मी दत्त शर्मा, विकास ठाकुर, उपमंडलाधिकारी सोलन नीरजा शर्मा, ज़िला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व ग्रामीण इस अवसर पर उपस्थित थे।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/connection-to-culture-and-traditions-is-essential-to-keep-society-united-dr-shandil/">समाज को एकजुट रखने में संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव आवश्यक &#8211; डॉ. शांडिल</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग का प्रतिनिधिमंडल सहयोग पर बातचीत के लिए शूलिनी पहुंचा  खास बात: चार दिन के दौरे में लैब का दौरा, लीडरशिप मीटिंग और B.Tech छात्रों के लिए गेस्ट लेक्चर शामिल हैं  सोलन, 3 सितंबर शूलिनी यूनिवर्सिटी ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के दो सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल का चार दिन के दौरे के लिए स्वागत किया। इस दौरे का मकसद शिक्षा, रिसर्च, छात्रों की भागीदारी और इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार (इंटरनेशनलाइज़ेशन) के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करना था।  प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के सीनियर लेक्चरर और डायरेक्टर ऑफ़ इंटरनेशनलाइज़ेशन (छात्र) डॉ. एंथनी कैलानन और चांसलर फेलो डॉ. रियानॉन ग्रांट शामिल थे। शूलिनी यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स (OIA) ने इस दौरे का आयोजन किया।  कैंपस में अपने समय के दौरान, डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने मुख्य रिसर्च और एकेडमिक सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें वर्धमान लैब, नैनोटेक्नोलॉजी लैब, PURSE लैब, कैंसर रिसर्च सेंटर (CRC) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) सुविधाएं शामिल थीं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पहलों और रिसर्च पर आधारित एकेडमिक माहौल के बारे में भी जानकारी ली।  इस दौरे की एक खास बात BioAI और एडवांस्ड बायोइंफॉर्मेटिक्स लैब का उद्घाटन था, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, बायोइंफॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी को एक साथ लाती है। यह सुविधा लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर में इंटरडिसिप्लिनरी (कई विषयों को मिलाकर की जाने वाली) रिसर्च और उभरती हुई टेक्नोलॉजी पर यूनिवर्सिटी के फोकस को दिखाती है।  डॉ. रियानॉन ग्रांट ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों के लिए &#8220;इंजीनियरिंग लाइफ: हाउ बायोइंजीनियर्स बिल्ड बेटर मॉडल्स ऑफ़ द ह्यूमन बॉडी&#8221; (जीवन की इंजीनियरिंग: बायोइंजीनियर मानव शरीर के बेहतर मॉडल कैसे बनाते हैं) विषय पर एक गेस्ट लेक्चर दिया। इस सेशन में इस बात पर चर्चा की गई कि बायोइंजीनियर मानव शरीर का अध्ययन करने के लिए मॉडल कैसे विकसित करते हैं और आज की बायोमेडिकल रिसर्च में किन इंटरडिसिप्लिनरी तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।  डॉ. एंथनी कैलानन ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी (SRP) और इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ &#8220;बायोमेडिकल रिसर्च में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित चिकित्सीय अनुप्रयोग&#8221; विषय पर एक इंटरैक्टिव सेशन किया। इस सेशन में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित इस्तेमाल और इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, दोनों एकेडमिक्स ने PhD के रास्तों और इंटरनेशनल रिसर्च के मौकों पर भी चर्चा की।  डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने संभावित संस्थागत सहयोग पर चर्चा करने के लिए चांसलर प्रो. पी.के. खोसला और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला से मुलाकात की। वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला और शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट, डीन (मीडिया और लिबरल आर्ट्स फैकल्टी) प्रो. निष्ठा आनंद भी चर्चा में शामिल हुईं।  अन्य प्रतिभागियों में आउटरीच डायरेक्टर शिखा सूद शामिल थीं; प्रोफ़ेसर वीरेंद्र रिहानी, इंजीनियरिंग के डीन और शूलिनी यूनिवर्सिटी के सलाहकार; और एमएस ठाकुर, स्कूल ऑफ़ मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रोफ़ेसर।</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/a-delegation-from-the-university-of-edinburgh-arrived-at-shoolini-to-discuss-collaboration/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 22:43:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों सोलन । शूलिनी यूनिवर्सिटी ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के दो सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल का चार दिन के दौरे के लिए स्वागत किया। इस दौरे का मकसद शिक्षा, रिसर्च, छात्रों की भागीदारी और इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार (इंटरनेशनलाइज़ेशन) के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करना था। प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/a-delegation-from-the-university-of-edinburgh-arrived-at-shoolini-to-discuss-collaboration/">यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग का प्रतिनिधिमंडल सहयोग पर बातचीत के लिए शूलिनी पहुंचा  खास बात: चार दिन के दौरे में लैब का दौरा, लीडरशिप मीटिंग और B.Tech छात्रों के लिए गेस्ट लेक्चर शामिल हैं  सोलन, 3 सितंबर शूलिनी यूनिवर्सिटी ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के दो सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल का चार दिन के दौरे के लिए स्वागत किया। इस दौरे का मकसद शिक्षा, रिसर्च, छात्रों की भागीदारी और इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार (इंटरनेशनलाइज़ेशन) के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करना था।  प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के सीनियर लेक्चरर और डायरेक्टर ऑफ़ इंटरनेशनलाइज़ेशन (छात्र) डॉ. एंथनी कैलानन और चांसलर फेलो डॉ. रियानॉन ग्रांट शामिल थे। शूलिनी यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स (OIA) ने इस दौरे का आयोजन किया।  कैंपस में अपने समय के दौरान, डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने मुख्य रिसर्च और एकेडमिक सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें वर्धमान लैब, नैनोटेक्नोलॉजी लैब, PURSE लैब, कैंसर रिसर्च सेंटर (CRC) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) सुविधाएं शामिल थीं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पहलों और रिसर्च पर आधारित एकेडमिक माहौल के बारे में भी जानकारी ली।  इस दौरे की एक खास बात BioAI और एडवांस्ड बायोइंफॉर्मेटिक्स लैब का उद्घाटन था, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, बायोइंफॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी को एक साथ लाती है। यह सुविधा लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर में इंटरडिसिप्लिनरी (कई विषयों को मिलाकर की जाने वाली) रिसर्च और उभरती हुई टेक्नोलॉजी पर यूनिवर्सिटी के फोकस को दिखाती है।  डॉ. रियानॉन ग्रांट ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों के लिए &#8220;इंजीनियरिंग लाइफ: हाउ बायोइंजीनियर्स बिल्ड बेटर मॉडल्स ऑफ़ द ह्यूमन बॉडी&#8221; (जीवन की इंजीनियरिंग: बायोइंजीनियर मानव शरीर के बेहतर मॉडल कैसे बनाते हैं) विषय पर एक गेस्ट लेक्चर दिया। इस सेशन में इस बात पर चर्चा की गई कि बायोइंजीनियर मानव शरीर का अध्ययन करने के लिए मॉडल कैसे विकसित करते हैं और आज की बायोमेडिकल रिसर्च में किन इंटरडिसिप्लिनरी तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।  डॉ. एंथनी कैलानन ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी (SRP) और इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ &#8220;बायोमेडिकल रिसर्च में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित चिकित्सीय अनुप्रयोग&#8221; विषय पर एक इंटरैक्टिव सेशन किया। इस सेशन में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित इस्तेमाल और इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, दोनों एकेडमिक्स ने PhD के रास्तों और इंटरनेशनल रिसर्च के मौकों पर भी चर्चा की।  डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने संभावित संस्थागत सहयोग पर चर्चा करने के लिए चांसलर प्रो. पी.के. खोसला और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला से मुलाकात की। वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला और शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट, डीन (मीडिया और लिबरल आर्ट्स फैकल्टी) प्रो. निष्ठा आनंद भी चर्चा में शामिल हुईं।  अन्य प्रतिभागियों में आउटरीच डायरेक्टर शिखा सूद शामिल थीं; प्रोफ़ेसर वीरेंद्र रिहानी, इंजीनियरिंग के डीन और शूलिनी यूनिवर्सिटी के सलाहकार; और एमएस ठाकुर, स्कूल ऑफ़ मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रोफ़ेसर।</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div></div>
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<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></div>
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<div><strong>सोलन</strong> । शूलिनी यूनिवर्सिटी ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के दो सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल का चार दिन के दौरे के लिए स्वागत किया। इस दौरे का मकसद शिक्षा, रिसर्च, छात्रों की भागीदारी और इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार (इंटरनेशनलाइज़ेशन) के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करना था।</div>
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<div>प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के सीनियर लेक्चरर और डायरेक्टर ऑफ़ इंटरनेशनलाइज़ेशन (छात्र) डॉ. एंथनी कैलानन और चांसलर फेलो डॉ. रियानॉन ग्रांट शामिल थे। शूलिनी यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स (OIA) ने इस दौरे का आयोजन किया।</div>
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<div>कैंपस में अपने समय के दौरान, डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने मुख्य रिसर्च और एकेडमिक सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें वर्धमान लैब, नैनोटेक्नोलॉजी लैब, PURSE लैब, कैंसर रिसर्च सेंटर (CRC) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) सुविधाएं शामिल थीं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पहलों और रिसर्च पर आधारित एकेडमिक माहौल के बारे में भी जानकारी ली।</div>
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<div>इस दौरे की एक खास बात BioAI और एडवांस्ड बायोइंफॉर्मेटिक्स लैब का उद्घाटन था, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, बायोइंफॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी को एक साथ लाती है। यह सुविधा लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर में इंटरडिसिप्लिनरी (कई विषयों को मिलाकर की जाने वाली) रिसर्च और उभरती हुई टेक्नोलॉजी पर यूनिवर्सिटी के फोकस को दिखाती है।</div>
<div><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-130261" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_-229x300.jpg" alt="" width="229" height="300" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_-229x300.jpg 229w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_-781x1024.jpg 781w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_-768x1006.jpg 768w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_-1172x1536.jpg 1172w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_-696x912.jpg 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_-1068x1400.jpg 1068w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_-321x420.jpg 321w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/09/Visit2.jfif_.jpg 1221w" sizes="(max-width: 229px) 100vw, 229px" /></div>
<div>डॉ. रियानॉन ग्रांट ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों के लिए &#8220;इंजीनियरिंग लाइफ: हाउ बायोइंजीनियर्स बिल्ड बेटर मॉडल्स ऑफ़ द ह्यूमन बॉडी&#8221; (जीवन की इंजीनियरिंग: बायोइंजीनियर मानव शरीर के बेहतर मॉडल कैसे बनाते हैं) विषय पर एक गेस्ट लेक्चर दिया। इस सेशन में इस बात पर चर्चा की गई कि बायोइंजीनियर मानव शरीर का अध्ययन करने के लिए मॉडल कैसे विकसित करते हैं और आज की बायोमेडिकल रिसर्च में किन इंटरडिसिप्लिनरी तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।</div>
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<div>डॉ. एंथनी कैलानन ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी (SRP) और इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ &#8220;बायोमेडिकल रिसर्च में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित चिकित्सीय अनुप्रयोग&#8221; विषय पर एक इंटरैक्टिव सेशन किया। इस सेशन में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित इस्तेमाल और इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, दोनों एकेडमिक्स ने PhD के रास्तों और इंटरनेशनल रिसर्च के मौकों पर भी चर्चा की।</div>
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<div>डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने संभावित संस्थागत सहयोग पर चर्चा करने के लिए चांसलर प्रो. पी.के. खोसला और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला से मुलाकात की। वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला और शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट, डीन (मीडिया और लिबरल आर्ट्स फैकल्टी) प्रो. निष्ठा आनंद भी चर्चा में शामिल हुईं।</div>
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<div>अन्य प्रतिभागियों में आउटरीच डायरेक्टर शिखा सूद शामिल थीं; प्रोफ़ेसर वीरेंद्र रिहानी, इंजीनियरिंग के डीन और शूलिनी यूनिवर्सिटी के सलाहकार; और एमएस ठाकुर, स्कूल ऑफ़ मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रोफ़ेसर।</div>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/a-delegation-from-the-university-of-edinburgh-arrived-at-shoolini-to-discuss-collaboration/">यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग का प्रतिनिधिमंडल सहयोग पर बातचीत के लिए शूलिनी पहुंचा  खास बात: चार दिन के दौरे में लैब का दौरा, लीडरशिप मीटिंग और B.Tech छात्रों के लिए गेस्ट लेक्चर शामिल हैं  सोलन, 3 सितंबर शूलिनी यूनिवर्सिटी ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के दो सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल का चार दिन के दौरे के लिए स्वागत किया। इस दौरे का मकसद शिक्षा, रिसर्च, छात्रों की भागीदारी और इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार (इंटरनेशनलाइज़ेशन) के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करना था।  प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के सीनियर लेक्चरर और डायरेक्टर ऑफ़ इंटरनेशनलाइज़ेशन (छात्र) डॉ. एंथनी कैलानन और चांसलर फेलो डॉ. रियानॉन ग्रांट शामिल थे। शूलिनी यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स (OIA) ने इस दौरे का आयोजन किया।  कैंपस में अपने समय के दौरान, डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने मुख्य रिसर्च और एकेडमिक सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें वर्धमान लैब, नैनोटेक्नोलॉजी लैब, PURSE लैब, कैंसर रिसर्च सेंटर (CRC) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) सुविधाएं शामिल थीं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पहलों और रिसर्च पर आधारित एकेडमिक माहौल के बारे में भी जानकारी ली।  इस दौरे की एक खास बात BioAI और एडवांस्ड बायोइंफॉर्मेटिक्स लैब का उद्घाटन था, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, बायोइंफॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी को एक साथ लाती है। यह सुविधा लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर में इंटरडिसिप्लिनरी (कई विषयों को मिलाकर की जाने वाली) रिसर्च और उभरती हुई टेक्नोलॉजी पर यूनिवर्सिटी के फोकस को दिखाती है।  डॉ. रियानॉन ग्रांट ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों के लिए &#8220;इंजीनियरिंग लाइफ: हाउ बायोइंजीनियर्स बिल्ड बेटर मॉडल्स ऑफ़ द ह्यूमन बॉडी&#8221; (जीवन की इंजीनियरिंग: बायोइंजीनियर मानव शरीर के बेहतर मॉडल कैसे बनाते हैं) विषय पर एक गेस्ट लेक्चर दिया। इस सेशन में इस बात पर चर्चा की गई कि बायोइंजीनियर मानव शरीर का अध्ययन करने के लिए मॉडल कैसे विकसित करते हैं और आज की बायोमेडिकल रिसर्च में किन इंटरडिसिप्लिनरी तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।  डॉ. एंथनी कैलानन ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी (SRP) और इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ &#8220;बायोमेडिकल रिसर्च में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित चिकित्सीय अनुप्रयोग&#8221; विषय पर एक इंटरैक्टिव सेशन किया। इस सेशन में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित इस्तेमाल और इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, दोनों एकेडमिक्स ने PhD के रास्तों और इंटरनेशनल रिसर्च के मौकों पर भी चर्चा की।  डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने संभावित संस्थागत सहयोग पर चर्चा करने के लिए चांसलर प्रो. पी.के. खोसला और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला से मुलाकात की। वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला और शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट, डीन (मीडिया और लिबरल आर्ट्स फैकल्टी) प्रो. निष्ठा आनंद भी चर्चा में शामिल हुईं।  अन्य प्रतिभागियों में आउटरीच डायरेक्टर शिखा सूद शामिल थीं; प्रोफ़ेसर वीरेंद्र रिहानी, इंजीनियरिंग के डीन और शूलिनी यूनिवर्सिटी के सलाहकार; और एमएस ठाकुर, स्कूल ऑफ़ मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रोफ़ेसर।</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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		<title>शूलिनी यूनिवर्सिटी में 1,200 छात्रों को डिजिटल और ई-रिसोर्स की दी जानकारी</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/1200-students-at-shoolini-university-briefed-on-digital-and-e-resources/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 03:52:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  सोलन ।  शूलिनी यूनिवर्सिटी के योगानंद नॉलेज सेंटर (YKC) ने छात्रों को यूनिवर्सिटी के कई तरह के डिजिटल और ई-रिसोर्स से परिचित कराने और उन्हें ऑनलाइन उपलब्ध एकेडमिक जानकारी का ज़्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से दो दिन का लाइब्रेरी ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया। इस प्रोग्राम में अलग-अलग [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/1200-students-at-shoolini-university-briefed-on-digital-and-e-resources/">शूलिनी यूनिवर्सिटी में 1,200 छात्रों को डिजिटल और ई-रिसोर्स की दी जानकारी</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></div>
<div></div>
<div><strong>सोलन । </strong> शूलिनी यूनिवर्सिटी के योगानंद नॉलेज सेंटर (YKC) ने छात्रों को यूनिवर्सिटी के कई तरह के डिजिटल और ई-रिसोर्स से परिचित कराने और उन्हें ऑनलाइन उपलब्ध एकेडमिक जानकारी का ज़्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से दो दिन का लाइब्रेरी ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया।</div>
<div>इस प्रोग्राम में अलग-अलग स्कूलों और फैकल्टी के लगभग 1,200 छात्रों ने हिस्सा लिया। इसमें MyLOFT, Clarivate-ProQuest, JSTOR, LexisNexis और Perlego जैसे प्रमुख एकेडमिक प्लेटफॉर्म और रिसोर्स के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों को यूनिवर्सिटी के ज़रिए उपलब्ध ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, अख़बारों, मैगज़ीन, थीसिस और दूसरे स्कॉलरली रिसोर्स के बड़े कलेक्शन से परिचित कराया गया।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>सेशन के दौरान, मिस्टर वैभव ने MyLOFT या &#8216;लाइब्रेरी ऑन फिंगरटिप्स&#8217; का डेमो दिया और बताया कि छात्र कैंपस के बाहर से भी कभी भी और कहीं से भी यूनिवर्सिटी के सब्सक्राइब किए गए ई-रिसोर्स को कैसे एक्सेस कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म छात्रों को एक ही इंटरफ़ेस के ज़रिए काम के ओपन-एक्सेस रिसोर्स खोजने की सुविधा भी देता है। छात्र विषय और अध्ययन के क्षेत्र के आधार पर कंटेंट खोज सकते हैं, उसे इकट्ठा कर सकते हैं और एक्सेस कर सकते हैं, जिससे एकेडमिक रिसर्च ज़्यादा आसान हो जाती है।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>Clarivate ProQuest के मिस्टर अरुण ने छात्रों को स्कॉलरली डेटाबेस के बारे में जानकारी दी और एकेडमिक लर्निंग और रिसर्च के लिए उनके इस्तेमाल का डेमो दिया। इस सेशन में छात्रों को ProQuest के लगभग 2.5 लाख ई-बुक्स के कलेक्शन से परिचित कराया गया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए उपलब्ध रिसोर्स के बारे में बताया गया। Perlego 1.5 मिलियन से ज़्यादा ई-बुक्स तक एक्सेस देता है, जबकि यूनिवर्सिटी के डिजिटल रिसोर्स स्कॉलरली जर्नल्स, अख़बारों, मैगज़ीन और थीसिस तक एक्सेस भी देते हैं।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>इस मौके पर बोलते हुए, योगानंद नॉलेज सेंटर (YKC) के डायरेक्टर टीपीएस गिल ने छात्रों की एकेडमिक लर्निंग, स्वतंत्र अध्ययन और रिसर्च में मदद करने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी रिसोर्स के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने छात्रों को उपलब्ध रिसोर्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें अपने एकेडमिक काम का नियमित हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>योगानंद नॉलेज सेंटर (YKC) की लाइब्रेरियन डॉ. पूजा ठाकुर ने कहा कि लाइब्रेरी नए और मौजूदा, दोनों तरह के छात्रों के लिए नियमित रूप से ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोग्राम छात्रों को उपलब्ध जानकारी के रिसोर्स को समझने और अपनी पढ़ाई और रिसर्च के लिए उनका असरदार ढंग से इस्तेमाल करने में मदद करते हैं।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>इस प्रोग्राम का कोऑर्डिनेशन  नीलम ठाकुर और अन्य  YKC के स्टाफ़ सदस्यों , राकेश शर्मा,  नेहा ठाकुर,  पूजा राठौर,  अर्चना, कमलेश और  निखिलेश  ने इन सत्रों के सफल आयोजन में सक्रिय योगदान दिया।</div>
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			</item>
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		<title>शूलिनी समर स्कूल ने रिसर्च और इनोवेशन के ज़रिए 17 राज्यों के 100 युवा इनोवेटर्स को प्रेरित किया</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/shoolini-summer-school-inspired-100-young-innovators-from-17-states-through-research-and-innovation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:27:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  शिमला । शूलिनी विश्वविद्यालय में  समर स्कूल 2026  सफलतापूर्वक सम्मपन । इसमें 17 राज्यों के 100 स्कूली छात्रों ने हिस्सा लिया और रिसर्च, इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और नई टेक्नोलॉजी  का शानदार अनुभव प्राप्त किया। दो बैच में आयोजित इस प्रोग्राम ने छात्रों को यूनिवर्सिटी-लेवल की रिसर्च से परिचित कराया और उन्हें क्लासरूम की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/shoolini-summer-school-inspired-100-young-innovators-from-17-states-through-research-and-innovation/">शूलिनी समर स्कूल ने रिसर्च और इनोवेशन के ज़रिए 17 राज्यों के 100 युवा इनोवेटर्स को प्रेरित किया</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></div>
<div></div>
<div><strong>शिमला ।</strong> शूलिनी विश्वविद्यालय में  समर स्कूल 2026  सफलतापूर्वक सम्मपन । इसमें 17 राज्यों के 100 स्कूली छात्रों ने हिस्सा लिया और रिसर्च, इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और नई टेक्नोलॉजी  का शानदार अनुभव प्राप्त किया। दो बैच में आयोजित इस प्रोग्राम ने छात्रों को यूनिवर्सिटी-लेवल की रिसर्च से परिचित कराया और उन्हें क्लासरूम की पारंपरिक पढ़ाई से हटकर सोचने के लिए प्रोत्साहित किया।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>इस पहल की शुरुआत शूलिनी यूनिवर्सिटी के फाउंडर और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला और ट्रस्टी व वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला ने की थी। इसका मकसद स्कूली छात्रों को उनकी पढ़ाई के शुरुआती दौर में ही साइंटिफिक रिसर्च, इनोवेशन और प्रॉब्लम-सॉल्विंग से परिचित कराना था।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>समर स्कूल में समर पेटेंट स्कूल, बायोटेक्नोलॉजी और जेनरेटिव AI जैसे खास प्रोग्राम शामिल थे। प्रोग्राम के दौरान, छात्रों ने एडवांस्ड लैबोरेटरी में काम किया, फैकल्टी मेंटर्स और रिसर्चर्स के साथ बातचीत की, और क्रिटिकल थिंकिंग व क्रिएटिविटी को बढ़ाने वाली प्रैक्टिकल एक्टिविटीज़ के ज़रिए व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>इस प्रोग्राम की एक खास बात छात्रों को इनोवेशन की पूरी प्रक्रिया से परिचित कराना था &#8211; जिसमें असल दुनिया की चुनौतियों की पहचान करने और समाधान विकसित करने से लेकर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) और पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया को समझना शामिल था। प्रोग्राम ने अपना शानदार 100 प्रतिशत पेटेंट फाइलिंग रेट बनाए रखा, जिसमें हर योग्य छात्र का इनोवेशन पेटेंट फाइलिंग की दिशा में आगे बढ़ा।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>17 राज्यों के छात्रों की भागीदारी ने यूनिवर्सिटी की बढ़ती राष्ट्रीय पहुंच को दर्शाया और सीखने का एक जीवंत माहौल बनाया, जहां युवा छात्रों ने विचारों का आदान-प्रदान किया, प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम किया और असल दुनिया की चुनौतियों के लिए इनोवेटिव समाधान तलाशे।</div>
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<div>इस पहल के बारे में बात करते हुए, शूलिनी समर स्कूल्स के प्रोग्राम हेड विनम्र कौशल ने कहा कि समर स्कूल का मकसद जिज्ञासा, आत्मविश्वास और इनोवेशन की भावना जगाना था। उन्होंने कहा कि देश भर के छात्रों को युवा रिसर्चर्स की तरह मिलकर काम करते देखना खुशी की बात है, जिससे इनोवेशन और पेटेंट बनाने के मामले में प्रोग्राम का रिकॉर्ड और बेहतर हुआ है।</div>
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<div>इस प्रोग्राम को प्रोग्राम मेंटर और हेड आउटरीच  शिखा सूद ने गाइड किया। उनके नेतृत्व और &#8216;आइडियाज़ दैट मैटर&#8217; टीम, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) टीम, फैकल्टी मेंटर्स, रिसर्चर्स और ऑपरेशन्स टीम की समर्पित कोशिशों ने हर प्रतिभागी के लिए सीखने का एक सार्थक और समृद्ध अनुभव सुनिश्चित किया।</div>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/shoolini-summer-school-inspired-100-young-innovators-from-17-states-through-research-and-innovation/">शूलिनी समर स्कूल ने रिसर्च और इनोवेशन के ज़रिए 17 राज्यों के 100 युवा इनोवेटर्स को प्रेरित किया</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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