लॉक डाउन और कर्फ़्यू के बीच जानिए हिमाचल में किन क्षेत्रों में छूट, अगले 10 दिन बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय

कंटेनमेंट जोन में आने वालों क्षेत्रों में नही मिलेगी कोई छूट, एक जिले से दूसरे जिले भी नही जा सकेंगे

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आदर्श हिमाचल ब्यूरो

शिमला।  हिमाचल प्रदेश में कोरोना के चलते 3 मई तक कर्फ्यू जारी रहेगा। हालांकि, प्रदेश सरकार सोमवार से कई क्षेत्रों के लिए छूट का ऐलान किया है। इस संबंध में केंद्रीय दिशा-निर्देशों के बाद प्रदेश के मुख्य सचिव अनिल खाची ने अधिसूचना जारी की है।अधिसूचना के अनुसार, हिमाचल सरकार ने केंद्रीय निर्देशों के तहत सामान्य जोन में आने वाले जिलों और इलाकों में छूट दी है. सामान्य जोन में मनरेगा, मिस्त्री, कारपेंटर और हाईवे ढाबे खोलने पर छूट दी है. वहीं, नगर निकाय क्षेत्र से बाहर के इलाकों में कई कार्यों में छूट दी गई है। प्रदेश में सप्ताह में दो बार मोबाइल रिपेयर और आईटी सेक्टर से जुड़ी दुकानें खुलेंगी।

इस दौरान केंद्रीय हेल्थ गाइडलाइन का पालन करना होगा। छूट और समय उपायुक्त और जिला प्रशासन ही तय करेगा. इन सबके लिए कर्फ्यू पास लेना जरूरी है. वहीं, कंटेनमेट जोन में आने वाले इलाकों में कोई छूट नहीं है. जहां कोरोना के मामले आये हैं, वहाँ तीन किलोमीटर कोई छूट नहीं होगी होगी।

अभी नही मिलेगी एक दूसरे जिलों में आने जाने पर छूट नहीं

ताजा आदेशों के अनुसार, जिला के भीतर और बाहर आवागमन नहीं होगा. निजी वाहनों में आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास अब भी अनिवार्य है. दोपहिया वाहन पर एक, निजी गाड़ी में दो और सरकारी वाहन में कार्यस्थल जाने के लिए चालक समेत चार लोग ही बैठ सकेंगे। सरकार ने अपने आदेशों में कहा है कि ट्रैवल हिस्ट्री वाले बाहरी कामगार से काम नहीं लिया जाएगा। स्थानीय लोग भी उद्योगों में काम कर सकेंगे। वहीं, जरूरी परमिशन लेकर ई-कॉमर्स ऑपरेटर केवल जरूरी सेवाओं के लिए वाहन चला सकेंगे। ईंट-भट्ठे, भवन निर्माण, खनन, ट्रंक, फर्नीचर निर्माण भी होगा. कर्फ्यू पास से कृषि मशीनरी की दुकानें खोली जा सकेंगी और मत्स्य पालन से संबंधित तमाम गतिविधियां चलेंगी।

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इसके अलावा, चाय प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, सेल पर पचास फीसदी कामगारों के साथ कार्य होगा। मनरेगा में जल संरक्षण से संबंधित काम को प्राथमिकता दी जाएगी। दूध की सप्लाई चेन चालू होगी और आंगनबाड़ियां लाभार्थियों के घर द्वार तक पंद्रह दिन में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करेंगी खनन का आवश्यक काम शुरू हो सकेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट, भट्ठे शुरू होंगे. खड्डियों में बुनाई, छोटा-मोटा फर्नीचर, ट्रंक आदि बनाने का काम भी शुरू होगा, लेकिन काम में परिवार शामिल हों।

हिमाचल में अब तक 39 मामले

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में अब तक कोरोनावायरस के 39 केस सामने आए हैं. सबसे अधिक मामले 16 ऊना जिले में रिपोर्ट हुए हैं. इसके बाद सोलन में 9, चंबा और कांगड़ा में 5-6, हमीरपुर में दो और सिरमौर में एक मामला सामने आया है।

इस दौरान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान, डीजीपी सीताराम मरडी आदि भी मौजूद रहे।

यह राजनीति का समय नहीं, सुझावों का स्वागत है

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री व माकपा विधायक राकेश सिंघा के मजदूरों को खाना न दिए जाने को लेकर दिए जा रहे धरने पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी। सीएम बोले कि यह समय सियासत का नहीं है।

पूरी दुनिया इस महामारी से जूझ रही है। सीएम ने दावा किया कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति खाने को लेकर परेशान नहीं है। हर दिन वह खुद सुबह-शाम अफसरों के साथ बैठक कर सुनिश्चित करा रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। सीएम ने कहा कि कोरोना से लड़ी जा रही जंग में सुझावों का स्वागत है।
पॉजिटिव से निगेटिव हुए लोगों के दोबारा होंगे कोरोना टेस्ट
हिमाचल में कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव हुए लोगों के 14 दिनों के बाद दोबारा टेस्ट होंगे। प्रदेश में 39 कोरोना पॉजिटिव मामले हैं, जिनमें से 16 लोगों की रिपोर्ट दो बार निगेटिव आ चुकी है। इन्हें 14 दिनों तक क्वारंटीन किया जाएगा और फिर दोबारा टेस्ट होगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा है कि हिमाचल में ज्यादा से ज्यादा कोरोना संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। पहले प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ सैंपल लिए जाते थे, लेकिन अब पालमपुर और नेरचौक में टेस्ट किट स्थापित होने से सैंपलों की संख्या बढ़कर साढे़ तीन सौ से ज्यादा हो गई है।

 

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