ई-उद्यान पोर्टल से अब लाभार्थियों को बागवानी क्षेत्र में मिलेगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री बोले ... यह सेवा सिटीजन चार्टर के तहत भी करेगी काम, किसान घर बैठे उठा सकेगें लाभ

462

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत ई-उद्यान पोर्टल तथा इसी पोर्टल का मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से उद्यान विभाग की विभिन्न सेवाओं के लिए मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल में बागवानी संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी किसानों तथा अन्य हितधारकों को आसानी से उपलब्ध होगी।

नाहन! जबलबाग पंचायत में 28 वर्षीय युवक ने दुपट्टे से फंदा लगाकर समाप्त की जीवन लीला

जय राम ठाकुर ने कहा कि बागवानी विकास परियोजना के तहत इस व्यवस्था से लाभार्थियों को फलों की नर्सरी का रजिस्ट्रेशन, पौधों की मांग, बागवानी से संबंधित औजार इत्यादि की मांग, कीटनाशकों की खरीद, खुम्ब के लिए कम्पोस्ट की मांगए मधुमक्खी छत्तों की मांग, सब्सिडी इत्यादि बागवानी क्षेत्र की सेवाओं के लिए आॅनलाइन आवेदन करने की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल उद्यान विभाग के अधिकारियों के लिए भी ऑनलाइन प्रोसेसिंग की सुविधा प्रदान करेगा जिससे बागवानों को समय पर सेवाएं प्रदान करने में सुविधा होगी। यह सेवा हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत सिटीजन चार्टर के तहत कार्य करने में भी मद्दगार सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल विभाग की सभी सुविधाओं के लिए सिंगल विंडो का कार्य करेगा जिससे किसान सभी सुविधाओं का लाभ घर बैठे ही उठा सकेंगे।
जय राम ठाकुर ने बागवानों से आग्रह किया कि वे इस पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे बागवानों द्वारा वांछित जानकारी को इस पोर्टल के माध्यम से तुरन्त प्रदान करें, जिससे विभाग के कार्यालयों में लोगों की आवाजाही कम हो सकेगी और यह पोर्टल कोविड-9 महामारी के समय जारी दिशा निदेर्शों के तहत सामाजिक दूरी बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के मुख्यमंत्रियों के साथ आयोजित वीडियो काॅफें्सिंग में भी दिल्ली की आजादपुर मंडी में कोरोना के अधिक मामले सामने आने के कारण इस मंडी के बार बार बंद होने से उत्पन्न स्थिति से बचने के लिए प्रदेश के बागवानों को उनके उत्पादों को बेचने के लिए वैकल्पिक मंडी स्थापित करने का आग्रह किया है ताकि प्रदेश के बागवानों को अपने उत्पाद बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

loading...
Learn Everyday