जज्बे को सलाम: हमीरपुर की शैलजा ने कोरोना की दवाई निर्माण में प्रैक्टिकल के लिए मानव शरीर के तौर पर अपना शरीर देने की घोषणा की

मानवीय सरोकारों को सबसे ऊपर रखने वाली इस बेटी जैसे तमाम लोगों की ऋणी  रहेगी मानव जाति

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Salute spirit: Shailaja Hamirpur announced give body human body practicalmanufacture corona medicines.
Salute spirit: Shailaja Hamirpur announced give body human body practicalmanufacture corona medicines.

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

हमीरपुर/शिमला। देशभक्ति की अनेक।मिसालें आपने देखी होगी। लेकिन आज हम आपको एक अलग ही देशभक्त से मिलाने जा रहे हैं, हमीरपुर की शैलजा से।
आप कहेंगे कि इन्होंने ऐसा क्या अलग काम कर दिया है जो इन्हें देशभक्त कहा जाए।
    ऐसी आपदा की घड़ी में जब सारा विश्व कोरोना नाम के वायरस की चपेट में है और इस निपटने के तमाम प्रयास किये जा रहे हैं। हमीरपुर की शैलजा चंदेल ने कोरोना वायरस के लिए बनने वाली दवाई में प्रैक्टिकल के लिए प्रयुक्त होने वाले मानव शरीर के लिए अपना शरीर देने की घोषणा की है। 
 उन्होंने तर्क देते कोरोना की आपदा भरी इस घड़ी में अपनी भूमिका निभाने की हिम्मत दिखाई है।  देश में ऐसा युवा जो अपने तक सीमित न रह कर समाज देश हित के लिए सोचते है और उसके लिए करने का जज्बा रखते है तभी देश बड़ा होता है। शैलजा चंदेल पहली हिमाचली बेटी है जिन्होंने मानव शरीर कोरोना दवाई के प्रैक्टिकल के लिए देने  की घोषणा की है। आप भी इस हिम्मत का समर्थन करें।
गौर रहे कि जब किसी ऐसे वायरल वायरस से निपटने के लिए मानव शरीर का इस्तेमाल किया जाता है। तब प्रैक्टिकल के लिए किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर की आवश्यकता पड़ती है।
     इस स्वस्थ मानव शरीर को पहले वायरस से इन्फेक्टेड किया जाता है उसके बाद दवाई निर्माण की तमाम संभावनाओं पर रिसर्च की जाती है। भगवान न करे अगर प्रयोग सफल नही होता है और दवाई नही बनाई पा पाती है तो ऐसे में अपना शरीर प्रैक्टिकल के लिए देने वाले व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
शैलजा ने ऐसी घोषणा करके साबित किया है कि देशभक्ति के साथ साथ वे मानवीय सरोकारों के लिए अपना सर्वस्य देने को तैयार है। मानव जाति ऐसे लोगों की हमेशा ऋणी रहेगी।
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