सचिवालय में सैकेण्डमैंट आधार पर भर्ती से स्टेनो टाइपिस्ट को रखा गया वंचित, एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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शिमला: प्रदेश में चुनाव सर पर हैं लेकिन भर्तियों और परीक्षाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर छवि सुधरते नहीं दिख रही। पूर्व में कई परीक्षाओं को लेकर विवाद उत्पन्न होते रहे हैं और इसी कड़ी में अब सचिवालय में हुई सैकेण्डमैंट आधार पर स्टेनोग्राफर भर्ती को लेकर अब हिमाचल लोक निर्माण विभाग पी०एस० /पी०ए०एस०एस०एस० / स्टैनो एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिख दिया है। स्टेनो एसोसिएशन ने पत्र में लिखते हुए कहा कि जहां इस सरकार द्वारा हर वर्ग को उसके अधिकारों को प्रदान करने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया और आगे भी किया जा रहा है, वही इस बार हमारे हितों को सचिवालय प्रशासन ने दरकिनार कर दिया है। हाल ही में हि०प्र० सचिवालय में जूनियर स्केल स्टैनोग्राफरस के 10 पदों को प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत जूनियर स्केल स्टैनोग्राफरस में से सैकेण्डमैंट आधार पर भरने हेतु विज्ञापन 18.08.2022 तारीख को प्रिन्सिपल सैकरेटरी (एस०ए० डी०) हि०प्र० सरकार द्वारा File NO. Per (SAS-I) B (2)-1/2010/Loose Government of Himachal Pradesh Department of Personnel (Secretariat Administration Services-1)dated 18th August, 2022 जारी किया गया।

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए बताया कि पूर्व में हि०प्र० सचिवालय में सेकंडमेंट आधार पर जूनियर स्केल स्टैनोग्राफरस के पदों को प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत स्टैनोटाईपिस्टस जिनको विभाग में 5 साल हो चुके हों और जूनियर स्केल स्टैनोग्राफरस (दोनों श्रेणी) से सैकेण्डमैंट आधार पर भरा जाता रहा है। लेकिन महोदय इस बार सचिवालय में स्टैनोटाइपिस्ट श्रेणी से भेदभाव करके केवल जूनियर स्केल स्टैनोग्राफरस श्रेणी को ही इस परीक्षा के लिए आमंत्रित किया गया है जो कि एक प्रकार से हि०प्र० के सभी सरकारी विभागों में कार्यरत सैकड़ों स्टैनोटाइपिस्टस के साथ धोखा किया जा रहा है, हम सभी आपके ध्यान में लाना चाहते हैं, कि प्रदेश सचिवालय में आज तक सेकंडमेंट आधार पर स्टैनोटाईपिस्ट श्रेणी से ही भर्तियां हुई है। प्रदेश में विभिन्न विभागों में जितने भी स्टैनोटाईपिस्ट कार्य कर रहें हैं वे सभी हमीरपुर चयन बोर्ड के माध्यम से आए हैं और उन सभी ने कम से कम चार साल और अधिक से अधिक से अधिक 8 साल तक का अनुबन्ध कार्यकाल पूरा किया है और नियमित रुप से भी उनको पांच साल से ऊपर का कार्यकाल हो चुका है और वो सभी सचिवालय में सेकंडमेंट आधार पर जुनियर स्केल की परीक्षा देने के लिए योग्य है।

परन्तु इस बार जब सचिवालय में सैकंडमेंट बेस पर जब इन पदों का विज्ञापन किया गया, तो स्टैनोंटाईपिस्ट श्रेणी को दरकिनार किया गया है, जो कि प्रदेश में कार्यरत सभी स्टैनोटाईपिस्टस के हित में नहीं है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में उच्च श्रेणी के पद सृजित न होने के कारण भविष्य में पदोन्नत्ति के अवसर प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं और हमें केवल एक ही पद पर वर्षो तक बिना पदोन्नति के कार्य करने के लिए बाध्य किया जा रहा है और आगे से हमारे लिए प्रोमोशन के रास्तों को जानबूझकर बन्द किया जा रहा है।

एसोसिएशन ने पत्र में लिखा कि इस प्रकार की परिस्थितियों के होते हुए हि०प्र०लो०नि०वि० पी०एस० /पी०ए०एस०एस०एस० / स्टैनोटाइपिस्ट संघ (HPPWD PS/ PA/SSS/Steno Typists Federation) इस नये फरमान की घोर निन्दा करता है क्योंकि लो०नि०वि० में जुनियर स्केल स्टैनोग्राफरस का एक भी पद सृजित नही है। हि०प्र० के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत मात्र 70 से भी कम संख्या में कार्यरत जूनियरस्केल स्टैनोग्राफरस के हित के लिए हि०प्र० के विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 550 से अधिक स्टैनो टाईपिस्टस को पहली बार दरकिनार किया गया है महोदय आपके ध्यान में यह बात लाना बहुत महत्वपूर्ण है, कि पांच साल की नियमित सेवाओं के बाद R&P Rules के अनुसार स्टैनो टाइपिस्ट आगामी प्रोमोशन के लिए विभिन्न विभागों में योग्यता रखते हैं परन्तु गतिरोध (Stagnation) के कारण वो तय समय पर अपनी प्रोमोशन नहीं ले पाते हैं।

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अपील करते हुए लिखा कि हि०प्र० सचिवालय में जूनियर स्केल स्टैनोग्राफरस के 10 पदों को प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत जूनियरस्केल स्टैनोग्राफरस से सैकेण्डमैंट आधार पर भरने हेतु विज्ञापन दिनांक 18.08.2022 को प्रिन्सिपल सैकरेटरी (एस०ए० डी०) हि०प्र० सरकार द्वारा dated 18th August, 2022 जारी किया गया है को तुरन्त प्रभाव से निरस्त या संशोधन करने की कृपा करें व स्टैनो टाइपिस्ट जिनको विभागों में कार्य करते अनुबंध व स्थाई 5 साल पूरे हो चुके हैं उन्हें भी इन पदों को भरने के लिए आमंत्रित किया जाए। जैसा कि सचिवालय में पूर्व में (Past Practices) किया जाता रहा है।

खैर अब गेंद सरकार के खेमे में है अब देखना होगा की इस परिस्थिति पर सरकार किस तरह से रुख अख्तियार करती है। और स्टेनो टाइपिस्ट किस समस्याओं का निदान किस स्तर पर किया जाता है।