<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>हिमाचल प्रदेश ख़बर Archives - Aadarsh Himachal</title>
	<atom:link href="https://aadarshhimachal.com/tag/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a5%99%e0%a4%ac%e0%a4%b0/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://aadarshhimachal.com/tag/हिमाचल-प्रदेश-ख़बर/</link>
	<description>Latest News and Information</description>
	<lastBuildDate>Mon, 13 Sep 2021 15:41:15 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.11</generator>
	<item>
		<title>आक्रोश में किसान-बागवान: प्रदेशभर में सेब और सब्जी के उचित और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हुए धरना प्रदर्शन</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/demonstration-for-fair-and-minimum-support-price-of-apples-and-vegetables-across-the-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Sep 2021 15:22:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[POLITICS]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[Adarsh Himachal Desk]]></category>
		<category><![CDATA[apple farmers]]></category>
		<category><![CDATA[Demonstration for fair and minimum support price of apples]]></category>
		<category><![CDATA[himachal Pradesh news]]></category>
		<category><![CDATA[HP Apples]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan Sanghtan]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश ख़बर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=58343</guid>

					<description><![CDATA[<p>5 हजार करोड़ की अर्थव्यवस्था पर सरकार की नीतियों ने लगाया ग्रहण:  डॉ. ओंकार शाद शिमला : संयुक्त किसान मंच की अनदेखी पर किसान संगठनों ने सरकार के खिलाफ सोमवार को प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन किए.  इसी प्रकार सेब उत्पादक खण्ड, तहसील और उपमण्डल स्तर पर एकत्र हुए और अपना रोष प्रकट किया. शिमला [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/demonstration-for-fair-and-minimum-support-price-of-apples-and-vegetables-across-the-state/">आक्रोश में किसान-बागवान: प्रदेशभर में सेब और सब्जी के उचित और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हुए धरना प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<blockquote><p><strong>5 हजार करोड़ की अर्थव्यवस्था पर सरकार की नीतियों ने लगाया ग्रहण:  डॉ. ओंकार शाद</strong></p></blockquote>
<p><strong>शिमला :</strong> संयुक्त किसान मंच की अनदेखी पर किसान संगठनों ने सरकार के खिलाफ सोमवार को प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन किए.  इसी प्रकार सेब उत्पादक खण्ड, तहसील और उपमण्डल स्तर पर एकत्र हुए और अपना रोष प्रकट किया.</p>
<p>शिमला में विभिन्न संगठनों ने मिलकर शेर.ए.पंजाब होटल से जुलूस निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के लिए ज्ञापन सौंपा. मंच के घटक सदस्य हिमाचल किसान सभा के महासचिव डॉ0 ओंकार शाद ने कहा कि प्रदेश की सरकार पूंजीपतियों के साथ सांठ गांठ करके किसानों को लूटने का काम कर रही है.  डॉ0् शाद ने कहा कि एपीएमसी भी किसानों के हक बचाने में नाकाम है. सरकार की किसान-बागवान विरोधी नीतियों की वजह से प्रदेश की 5 हजार करोड़ की सेब की आर्थिकी को ग्रहण लग गया है. सरकार की नीतियों की मार सबसे ज्यादा मार छोटे बागवानों पर पड़ रही है. ओंकार शाद ने कहा कि लागत मूल्य कई गुणा हो चुका है. दवाईए खाद, यातायात, भण्डारण, पैकेजिंग हर चीज के दाम बढ़ चुके हैं. खाद में नौ गुणा और दवाइयों में 20 गुणा तक की मूल्यवृद्धि हो चुकी है.</p>
<p>इस मौके पर हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ0 कुलदीप सिंह तँवर ने कहा कि भाजपा हमेशा एक देश एक विधान का राग तो अलापती है मगर किसानों-बागवानों को समर्थन मूल्य देने में भेदभाव करती है. डॉ तँवर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले दो सालों से 60 रुपये 44 रुपये और 24 रुपये के हिसाब से मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सेब की सरकारी खरीद हो रही है जबकि हिमाचल में सरकार सिर्फ कल्ड सब ही खरीदती है जिसकी कीमत साढ़े नौ रुपये है, लेकिन अफसोस की बात यह कि यह पैसा भी सरकार बागवानों को समय पर नहीं देती. डॉ तँवर ने कहा कि सब्जी उत्पादक भी इसी तरह से खस्ता हालत में हैं हर साल एक न एक सब्जी का शून्य दाम मिलता है. टमाटर, गोभी, शिमला मिर्च, बीन में कई बार इतना कम मूल्य मिलता है जिससे मण्डी तक पहुंचाने का खर्च भी पूरा नहीं पड़ता.</p>
<p>डॉ तँवर ने कहा कि बात-बात पर केरल से अपनी तुलना करने वाली हिमाचल सरकार को ज्ञात होना चाहिए कि केरल ने फल-सब्जी के अपने 30 उत्पादों के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य निर्धारित किया है जिसका लाभ यह हुआ है कि केरल के किसान का उत्पाद अब मण्डी में भी अच्छे दामों में बिक रहा है. आढ़तियों को मजबूर होकर किसानों को सही दाम देना पड़ रहा है.</p>
<p>प्रदर्शन में हिमाचल किसान सभा के जिलाध्यक्ष सत्यवान पुण्डीरए गोविन्द चतरान्टाए कृष्णानन्दए जयशिव ठाकुरए सुरेशए डॉण् रीना सिंहए सीमा चौहान, हिमी देवी, अनिल ठाकुर, गुलाब सिंह नेगी, अनिल पंवर, जगमोहन ठाकुर, सुनील वशिष्ठ, डॉ0 विजय कौशल, पवन शर्मा, बलबीर पराशर, अनोखी राम, मस्त राम, रति राम सहित किसानों ने भाग लिया.</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/demonstration-for-fair-and-minimum-support-price-of-apples-and-vegetables-across-the-state/">आक्रोश में किसान-बागवान: प्रदेशभर में सेब और सब्जी के उचित और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हुए धरना प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सेब उत्पादकों की 13 करोड़ 40 लाख से अधिक की राशि आढ़तियों के पास फंसी</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/more-than-13-crore-40-lakhs-of-apple-growers-are-stuck-with-the-arhtiyas/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Aug 2021 06:17:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CRIME/ACCIDENT]]></category>
		<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[amount stucked to bbuyers]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Growers]]></category>
		<category><![CDATA[himachal Pradesh news]]></category>
		<category><![CDATA[sit]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश ख़बर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://aadarshhimachal.com/?p=55933</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला: हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों की अभी भी 13 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक की राशि आढ़तियों के पास फंसी है. इस राशि की वसूली के लिए कई बागवानों ने सरकार द्वारा गठित एसआईटी के पास शिकायत की है और इसमें 28  आपराधिक मामले दर्ज हैं तथा 311 बागवानों की शिकायत लंबित है. [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/more-than-13-crore-40-lakhs-of-apple-growers-are-stuck-with-the-arhtiyas/">सेब उत्पादकों की 13 करोड़ 40 लाख से अधिक की राशि आढ़तियों के पास फंसी</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों की अभी भी 13 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक की राशि आढ़तियों के पास फंसी है. इस राशि की वसूली के लिए कई बागवानों ने सरकार द्वारा गठित एसआईटी के पास शिकायत की है और इसमें 28  आपराधिक मामले दर्ज हैं तथा 311 बागवानों की शिकायत लंबित है. यह जानकारी बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने वीरवार को विधानसभा में विधायक राकेश सिंघा के मूल और बलवीर वर्मा के अनुपूरक सवाल के जवाब में दी.</p>
<p>महेंद्र सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है. इस एसआईटी ने बहुत सा पैसा बागवानों का आढ़तियों और अन्य कमीशन एजेंटों से दिलवाया है. उन्होंने कहा कि अभी भी एसआईटी के पास बागवानों द्वारा दर्ज किए 28 आपराधिक मामले लंबित हैं और 311 बागवानों की शिकायतों का भी निपटारा होना है. उन्होंने कहा कि जो 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनमें अभी तक 63355423 रुपए कमीशन एजेंटों से वसूल करना है.</p>
<p>बागवानी मंत्री ने कहा कि जिन 311 बागवानों ने एसआईटी के पास अपने पैसे वसूल करने के लिए शिकायतें दी हैं, उनके अभी अभी तक 40688373 रुपए वसूल करने हैं. उन्होंने कहा कि एसआईटी ने अभी तक 28 दर्ज मामलों में बागवानों को 56377720 रुपए लौटा दिए हैं और 311 शिकायतों में से 12607344 रुपए वसूल करवाए हैं. उन्होंने कहा कि एसआईटी तेजी से कार्य कर रही है और बकाया 134043796 रुपए की वसूली के लिए कार्रवाई कर रही है.</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/more-than-13-crore-40-lakhs-of-apple-growers-are-stuck-with-the-arhtiyas/">सेब उत्पादकों की 13 करोड़ 40 लाख से अधिक की राशि आढ़तियों के पास फंसी</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
