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	<title>Atal Bihari Vajpayee Archives - Aadarsh Himachal</title>
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		<title>HPU: डेढ़ महीने में ही निकल गया अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा का रंग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Sep 2021 11:10:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमलाः हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में स्थापित की गई देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा का रंग निकल गया है. प्रतिमा की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से सहज ही लगाया जा सकता है कि यह प्रतिमा पहले मानसून की बारिश की मार भी झेल नहीं सकी. 22 जुलाई को [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमलाः</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में स्थापित की गई देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा का रंग निकल गया है. प्रतिमा की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से सहज ही लगाया जा सकता है कि यह प्रतिमा पहले मानसून की बारिश की मार भी झेल नहीं सकी. 22 जुलाई को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रतिमा का अनावरण किया था. इस मौके पर उनके साथ शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार भी मौजूद थे. प्रतिमा के अनावरण के दौरान अटल बिहारी वाजपेई याद में बड़ी-बड़ी बातें की गई, लेकिन अब अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा से निकल रहा रंग प्रतिमा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है.</p>
<p>मई महीने में जब प्रतिमा का काम शुरू हुआ था, उस समय से ही विश्वविद्यालय के कई छात्र संगठन प्रतिमा लगाए जाने का विरोध कर रहे थे. प्रतिमा लगाए जाने के समय से ही विश्वविद्यालय प्रशासन विरोध का सामना कर रहा है और अब प्रतिमा करण निकालने की वजह से विश्वविद्यालय एक बार फिर घिरता नजर आ रहा है. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा के सिर, कंधे, बाजू, पैर और कमर से निकल रहा है. इसके बाद से ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी और आने-जाने वालों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है.</p>
<p>वहीं, इस बारे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सौंदर्यीकरण कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर हिम चटर्जी का कहना है कि 22 जुलाई को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की वजह से जल्दबाजी में काम किया गया. इस वजह से प्रतिमा का रंग उतर रहा है. उन्होंने कहा कि यह इसे अस्थाई तौर पर किया गया था. प्रतिमा में लगे सीमेंट को करीब एक महीने की धूप की आवश्यकता है. इसके बाद इस पर स्थाई रूप से रंग किया जाएगा.</p>
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		<title>राष्ट्र को समर्पित करोड़ों लोगों की प्रेरणा हैं अटलः राज्यपाल</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/atal-is-the-inspiration-of-crores-of-people-dedicated-to-the-nation-governor/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Aug 2021 11:49:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[Atal Bihari Vajpayee]]></category>
		<category><![CDATA[Death Anniversaery]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय मेें ‘पुण्य स्मरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने की. पुण्यतिथि पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि एक साधारण व [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला: </strong>पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय मेें ‘पुण्य स्मरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने की.</p>
<p><strong>पुण्यतिथि पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए</strong></p>
<p>इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि एक साधारण व जमीन से जुड़े व्यक्तित्व अटल ने देश का नाम दुनिया मेें प्रज्ज्वलित किया. आज केवल ‘अटल’ शब्द ही इतना व्यापक है कि कोई भी उस महान व्यक्ति को याद कर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा है.<br />
राज्यपाल ने कहा कि अटल जी ने राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया. ऐसे राष्ट्रभक्त का पुण्य स्मरण आवश्यक है ताकि भावी पीढ़ी में राष्ट्र भावना का संचार किया जा सके. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व करना हो या फिर पोखरण विस्फोट, हर मोर्चे पर उन्होंने दुनिया को अपनी ताकत का आभास दिया. उन्होंने अपनी संस्कृति, सभ्यता और उच्च परम्पराओं का आदर्श दुनिया में स्थापित किया.<br />
आर्लेकर ने कहा कि वह आधुनिक युग के भागीरथ थे, जिन्होंने ‘नदी जोड़ परियोजना’ के माध्यम से देश के सुखे व बाढ़ को दूर करने का प्रयास किया. इसके अलावा, स्वर्णिम चतुर्भुज भारत का एक प्रसिद्ध राजमार्ग है जो कई औद्योगिक, सांस्कृतिक एवं कृषि संबंधी नगरों को जोड़ता है. यह परियोजना भी अटल ने आरम्भ की थी. उन्होंने कहा कि अटल के जन्मदिवस को गुड-गवर्नेस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि उनका मानना था कि गवर्नेस लोगों के लिए होती है. उन्होंने कहा कि सही अर्थों में अटल ने हमारी विदेश नीति को गुटनिर्पेक्ष पर केंद्रित किया.<br />
उन्होंने कहा कि वह उदारवादी थे और जीवन में उच्च मूल्यों को कभी नहीं छोड़ा. वह अपने भाषणों से करोड़ो लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते थे. उनकी विचारधारा प्रखर राष्ट्रवादी थी, जिसने राष्ट्र को समर्पित करोड़ों लोगों को प्रेरणा दी. वह अपने उद्बोधन में अक्सर कहा करते थे, ‘‘यह देश ज़मीन का टुकड़ा मात्र नहीं है, बल्कि जीता जागता राष्ट्र पुरूष है. इस पावन धरती का कंकर-कंकर शंकर है, बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है. भारत के लिए हंसते-हंसते प्राण न्योछावर करने में गौरव और गर्व का अनुभव करूंगा.’’ उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि अटल जी के सपनों को साकार कर नये भारत का निर्माण किया जाए और नई पीढ़ी तक उनके विचारों को पहुंचाया जाए.<br />
इससे पूर्व, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के परिसर मे स्थापित अटल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की.<br />
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुन ने कहा कि अटल जी का हिमाचल से विशेष लगाव था. उन्होंने कहा कि अटल टनल वाजपेयी जी की देन है और प्रीणी से जुड़ी उनकी स्मृतियां हमेशा याद रहेंगी. उन्होंने कहा कि वह मानवतावादी सोच के पोषक थे और अपने पुराने साथियों को कभी नहीं भुलते थे. उन्होंने लाहुल-स्पीति के ठेलंग वासी अर्जुन गोपाल और अपने पिता कुंजलाल के साथ वाजपेयी के संबंधों को भी याद किया.<br />
ठाकुर ने कहा कि अटल उच्च व्यक्तित्व के धनी, कोमल हृदय, आदर्श नेता थे. शासक और शासन में कैसा तालमेल होना चाहिए यह अटल जी के जीवन से सीखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र से उनका विशेष लगाव रहा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में वाजपेयी जी के आदर्श सहायक होंगे.<br />
कार्यक्रम के वशिष्ठ अतिथि एवं भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक दूरदृष्टा नेता थे और उन्होंने राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य किया. उन्होंने कहा कि वह ऐसे विकास पुरूष थे, जिन्होंने देश को एक सूत्र में बांधने के लिए नदियों और सड़कों के माध्यम से देश को जोड़ने का प्रयास किया. देश को परवाणु शक्ति बनाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है. उन्होंने कहा कि आज हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलने की आवश्यकता है.<br />
इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें तीन बार अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. वह एक शिक्षाविद के साथ-साथ अच्छे वक्ता भी थे. उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर अटल द्वारा देश को दिए गए योगदान को याद किया तथा कहा कि ऐसे युग पुरूष की याद मेें विश्वविद्यालय में सबके सहयोग से उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है.<br />
कुल सचिव सुनील शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया.<br />
अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया, अधिष्ठाता, निदेशक और प्राचार्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे.</p>
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		<title>पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की तीसरी पुण्यतिथि पर शिमला में उन्हें किया गया याद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Aug 2021 11:29:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[HIMACHAL]]></category>
		<category><![CDATA[Atal Bihari Vajpayee]]></category>
		<category><![CDATA[CM Jayram Thakur]]></category>
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		<category><![CDATA[Puniyetithi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज तीसरी पुण्यतिथि है. समूचा देश उनको आज याद कर रहा है. शिमला के रिज मैदान में बनाई गई अटल की प्रतिमा के सामने आज पूण्य पुष्प भेंट कर उन्हें याद किया गया. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर सहित अन्य नेताओं ने उनकी प्रतिमा के सामने पुण्य [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला: </strong>देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज तीसरी पुण्यतिथि है. समूचा देश उनको आज याद कर रहा है. शिमला के रिज मैदान में बनाई गई अटल की प्रतिमा के सामने आज पूण्य पुष्प भेंट कर उन्हें याद किया गया. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर सहित अन्य नेताओं ने उनकी प्रतिमा के सामने पुण्य पुष्प भेंट किए. देश के प्रमुख नेताओं में से एक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापक सदस्य, वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त, 2018 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया. वह 93 वर्ष के थे.</p>
<p>पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थित अटल बिहारी वाजपेई की मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए बताया कि उन्हे हिमाचल प्रदेश से विशेष लगाव था और हिमाचल के लिए उन्होंने बहुत योगदान दिया था जिसका एक उदाहरण अटल टनल रोहतांग भी है.वाजपेयी ने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने थे. इसके बाद उन्होंने 1998 और 2004 में देश की बागडोर संभाली. आपको बता दें देश उनके जन्मदिन (25 दिसंबर) को को &#8216;सुशासन दिवस&#8217; के रूप में मनाता है. उन्हें 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.</p>
<p><strong>अफगान में अभी तक एक हिमाचली के फंसे होने की सूचना</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि अफगानिस्तान में बदले हालातों के बीच हिमाचल के फंसे लोगों को वापस लाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक एक हिमाचली युवक के अफगानिस्तान मे फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई है जिसके संबंध मे विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी और उन्हे घर पहुचाने के प्रयास किए जायेंगे.</p>
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