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	<title>help Archives - Aadarsh Himachal</title>
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		<title>पहाड़ से हौसले व जन सहयोग के साथ विपदा से उबरने की राह पर कदम बढ़ा रहा हिमाचल</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/himachal-taking-steps-path-recovery-from-disaster-with-courage-from-mountains-public-support/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 Sep 2023 12:47:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  &#160; शिमला। सोमा देवी शिमला शहर के पंथाघाटी में रहने वाली एक वरिष्ठ नागरिक हैं। गत दिनों वे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से विशेष तौर पर मिलने पहुंचीं और अपनी एक माह की पेंशन 61 हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अंशदान के रूप में प्रदान की। इसी तरह अवनि [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
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<p><strong>शिमला।</strong> सोमा देवी शिमला शहर के पंथाघाटी में रहने वाली एक वरिष्ठ नागरिक हैं। गत दिनों वे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से विशेष तौर पर मिलने पहुंचीं और अपनी एक माह की पेंशन 61 हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अंशदान के रूप में प्रदान की। इसी तरह अवनि सिंह ने अपने 15वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें 51 हजार रुपए राहत कोष के लिए प्रदान किए। यह राशि उन आपदा प्रभावितों को सहारा देने के लिए स्वेच्छा से प्रदान की गई जिन्होंने भारी बारिश, बाढ़ एवं भू-स्खलन के कारण चंद पलों में ही जिंदगी को बिखरते हुए देखा है।</p>
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<p>इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग हमेशा के लिए अपनों से बिछुड़ गए और सैकड़ों ने अपनी जीवन भर की मेहनत से बनाये आशियाने खो दिए। सोमा देवी, अवनि सिंह जैसे हजारों लोग विपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रदेश सरकार के हमराह व सहयोगी बन रहे हैं ताकि पहाड़ों का वह जज्बा कायम रहे कि संकट को सीने पर सहते भी हैं और इससे उबर कर पुनः खड़े होने का हौसला भी रखते हैं।</p>
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<p>इस बरसात जुलाई और अगस्त माह में बहुत भारी बारिश के कारण प्रदेश भर में तबाही का एक ऐसा दौर शुरू हुआ जिसमें 330 से अधिक लोग असमय काल का ग्रास बने हैं। इसके अलावा निजी एवं सार्वजनिक सम्पत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा से मिले जख्मों को भरने व प्रभावितों की मदद के लिए अनेक लोग एवं संस्थाएं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सहयोग कर रही हैं और हजारों की संख्या में सहायता के लिए हाथ बढ़े हैं।</p>
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<p>इस वर्ष बरसात में बादल पिछले 50 वर्षों की तुलना में सर्वाधिक बरसे हैं जिस कारण सड़क अधोसंरचना, जल आपूर्ति परियोजनाएं, विद्युत लाईनें, भवन, निजी एवं सार्वजनिक सम्पत्ति बड़े स्तर पर क्षतिग्रस्त हुई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अवरूद्ध मार्गों तथा बाढ़ के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे लगभग 80 हजार लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश सरकार ने आपदा के प्रथम दिन से ही राहत एवं बचाव सहित पुनर्वास कार्यों के लिए प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए हैं।</p>
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<p>मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कोष-2023 स्थापित करने का सराहनीय निर्णय लिया और लोगों से इसमें सामर्थ्य अनुसार अंशदान करने की अपील की ताकि केंद्र से सीमित सहायता के बीच ऐसी कठिन स्थिति में इस कोष के माध्यम से अधिक से अधिक प्रभावितों को सहायता प्रदान की जा सके। कोष की स्थापना से अब तक समाज के सभी वर्गों की ओर से सहयोग मिला है और 2 सितम्बर तक इसमें 163 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान प्राप्त हो चुका है।</p>
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<p>प्रदेश में स्थित शक्तिपीठों ने भी आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए इस कोष में अंशदान दिया है। श्री ज्वालामुखी मंदिर न्यास ने 5 करोड़ रुपये, मां श्री चिंतपूर्णी ट्रस्ट ने दो करोड़ रुपये प्रदान किए, वहीं तारा देवी मंदिर, संकटमोचन मंदिर शिमला अन्य न्यास व संस्थान भी इसमें सहयोग राशि प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न स्वयं सेवी व सामाजिक संगठनों, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों सहित अन्य संस्थाओं, परियोजना प्रबंधन, उद्योग वर्ग इत्यादि ने भी राहत कोष में उदारतापूर्ण योगदान किया है।</p>
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<p>प्रदेश ही नहीं अपितु बाहरी राज्यों से भी इस कोष में राशि प्रदान की जा रही है। विभिन्न राज्य सरकारों ने इसमें अपना योगदान दिया है। राजस्थान व कर्नाटक सरकार ने 15-15 करोड़ रुपये, छतीसगढ़ ने 11 करोड़ रुपये, तमिलनाडू ने 10 करोड़ रुपये और हरियाणा सरकार ने 5 करोड़ रुपये की सहयोग राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमण्डलीय सहयोगियों, मुख्य संसदीय सचिवों और सभी विधायकों ने अपने एक माह का वेतन इस कोष में दान दिया है। प्रदेश की प्रगति में सदैव कर्तव्यनिष्ठ रहने वाले कर्मचारी वर्ग ने भी अपने एक दिन का वेतन इस कोष में दान दिया है। विभिन्न कर्मचारी संगठन अपने स्तर पर भी राशि एकत्र कर इसमें दान कर रहे हैं।</p>
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<p>आपदा प्रभावितों की मदद के लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं आपदा राहत कोष-2023 पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अंशदान कर सकती हैं। इसके अलावा नेट बैंकिंग, क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड, यूपीआई, क्यूआर कोड, चेक अथवा डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भी कोष में सहायता राशि प्रदान की जा सकती है।</p>
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<p>मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा की इस घड़ी में अतुलनीय योगदान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंशदान प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने और उनके पुनर्वास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के समन्वित प्रयासों से हिमाचल इस आपदा से उबर कर पुनः और मजबूती के साथ उठ खड़ा होकर प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा।</p>
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		<title>विशेष: अब प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और उबरने में वर्ल्ड बैंक करेगा दुनिया की मदद</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/special-world-bank-help-world-deal-recover-natural-disasters/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Jun 2023 03:41:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो &#160; &#160; दुनिया भर में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते हमले से निपटने के लिए, वर्ल्ड बैंक समूह ने देशों को तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में मदद करने के उद्देश्य से कई नए और विस्तारित उपायों की घोषणा की है। यह घोषणा विश्व बैंक प्रमुख, अजय बंगा, ने पेरिस [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो</strong></p>
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<div dir="auto">दुनिया भर में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते हमले से निपटने के लिए, वर्ल्ड बैंक समूह ने देशों को तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में मदद करने के उद्देश्य से कई नए और विस्तारित उपायों की घोषणा की है। यह घोषणा विश्व बैंक प्रमुख, अजय बंगा, ने पेरिस में चल रही समिट फॉर अ न्यू ग्लोबल फाइनेंशियल पैक्ट के दौरान की।</div>
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<div dir="auto"><span style="color: #ff0000;"><a style="color: #ff0000;" title="शिमला: टैक्सी यूनियन ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, दोषियों पर कारवाई करने की मांग" href="https://aadarshhimachal.com/shimla-taxi-union-demonstrated-deputy-commissioners-office-demanding-culprits/"><strong>प्राकृतिक आपदाओं</strong> </a></span>के संकट से निपटने की तैयारी, प्रतिक्रिया और रिकवरी के लिए जारी किए गए इस टूलकिट में कई प्रमुख तत्व शामिल हैं। सबसे पहले, विश्व बैंक समूह एक लचीला जलवायु ऋण खंड पेश करने की योजना बना रहा है। इस खण्ड या क्लॉज के अंतर्गत सबसे कमजोर देशों को ऐसे किसी संकट या आपदा के समय ऋण भुगतान अस्थायी रूप से रोकने की अनुमति देगा। इससे होगा ये कि ऋण अदायगी के बोझ को कम करके, देश अपनी आबादी की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दे सकते हैं।</div>
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<div dir="auto">आगे, <a title="बलग स्कूल की प्रज्ञा का नवोदय विद्यालय ठियोग के लिए हुआ चयन, माता-पिता का नाम किया रोशन" href="https://aadarshhimachal.com/balag-schools-pragya-navodaya-vidyalaya-theog/"><strong><span style="color: #ff0000;">विश्व बैंक समूह</span></strong></a> देशों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया के लिए अपने धन के एक हिस्से को पुनर्निर्देशित करने के लिए अधिक लचीलापन प्रदान करेगा, जिससे संकट आने पर आर्थिक सहायता की तत्काल पहुंच सुनिश्चित होगी। यह त्वरित प्रतिक्रिया विकल्प देशों को तत्काल आपदा प्रतिक्रिया के लिए दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से धन का पुनर्उपयोग करने में सक्षम करेगा, जिससे आपात स्थिति से तुरंत निपटने की उनकी क्षमता में वृद्धि होगी।</div>
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<div dir="auto">इसके अलावा, विश्व बैंक समूह का लक्ष्य सरकारों को अग्रिम-आपातकालीन प्रणालियों के निर्माण में सहायता करना है, जिससे उन्हें संकट के पहले दिन से तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए आवश्यक संसाधनों से लैस किया जा सके। इसमें रोकथाम और तैयारियों में निवेश को आपदा और संकट प्रतिक्रिया समर्थन के लिए वित्तपोषण के साथ जोड़ना शामिल होगा। इसके अतिरिक्त, विश्व बैंक समूह प्रभावी संकट तैयारियों और प्रतिक्रिया वित्तपोषण रणनीतियों को डिजाइन करने के लिए हर देश के साथ मिलकर काम करते हुए अपनी विशेषज्ञता और विश्लेषणात्मक समर्थन बढ़ाएगा।</div>
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<div dir="auto"><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़ें: <a style="color: #800000;" title="APG SHIMLA में शुरू किए जा रहे नए कोर्सेज के बारे में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को दी जानकारी" href="https://aadarshhimachal.com/got-education-minister-rohit-thakur-informed-about-new-courses-being-started-in-apg-shimla-university/">APG SHIMLA में शुरू किए जा रहे नए कोर्सेज के बारे में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को दी जानकारी </a></strong></span></div>
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<div dir="auto">इसके अलावा, विश्व बैंक समूह संकट की तैयारी और प्रतिक्रिया में निजी क्षेत्र के ग्राहकों को बेहतर समर्थन देने के लिए अपने उपकरण विकसित कर रहा है। इस प्रयास का उद्देश्य व्यवसायों को संचालन बनाए रखने, नौकरियों की रक्षा करने और दीर्घकालिक लचीलापन और स्थिरता को बढ़ावा देने में सक्षम बनाना है। <a title="शिमला टैक्सी यूनियन विवाद पर बोले मंत्री विक्रमादित्य …..बर्दाश्त नही होगा क्षेत्रवाद" href="https://aadarshhimachal.com/minister-vikramaditya-shimla-taxi-union-dispute-regionalism-tolerated/"><strong><span style="color: #ff0000;">बहुपक्षीय निवेश गारंटी</span></strong></a> एजेंसी सार्वजनिक-निजी भागीदारी, बीमा विकास फोरम के माध्यम से निजी बीमा उद्योग के साथ सहयोग कर रही है। साथ मिलकर, वे एक नवोन्वेषी पैरामीट्रिक बीमा उत्पाद डिज़ाइन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम ने जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को निपटने में वित्तीय संस्थानों की सहायता के लिए एक निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाला संकट प्रतिक्रिया समाधान विकसित किया है।</div>
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<div dir="auto">अंत में, विश्व बैंक समूह उन्नत आपदा बीमा के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जो देशों पर अतिरिक्त ऋण का बोझ डाले बिना महत्वपूर्ण संसाधन प्रदान करता है। देशों के पास आपदाओं के बाद संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ऋण उत्पादों में आपदा बीमा को शामिल करने का विकल्प होगा। यह मानते हुए कि आर्थिक सामर्थ्य कम आय वाले देशों के लिए एक चुनौती हो सकती है, विश्व बैंक समूह इन बीमा उत्पादों को और अधिक सुलभ बनाने के लिए दानदाताओं के साथ सहयोग करने का इरादा रखता है। इसमें बीमा प्रीमियम को कम करने के लिए धन शामिल हो सकता है, जिससे सीमित संसाधनों वाले देशों को बढ़ी हुई आपदा बीमा राशि से लाभ मिल सके।</div>
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<div dir="auto">इन उपायों से संयुक्त रूप से देशों में संकट प्रतिक्रिया के लिए <a title="मौसम अपडेट: तीन दिन और सताएगा मौसम, भारी बारिश व अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी" href="https://aadarshhimachal.com/weather-update-weather-continue-days-yellow-alert-issued-heavy-rain-and-thunderstorm/"><strong><span style="color: #ff0000;">अरबों डॉलर</span> </strong></a>उपलब्ध करने की क्षमता है। राष्ट्रों को आवश्यक उपकरणों से लैस करके, विश्व बैंक समूह का लक्ष्य रहने योग्य ग्रह पर गरीबी से मुक्त दुनिया बनाना है। उनके प्रयास वैश्विक तैयारियों को बढ़ाने, लचीलापन बनाने और जोखिमों की एक विस्तृत श्रृंखला के खिलाफ बीमा करने पर केंद्रित हैं।</div>
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<div dir="auto">विश्व बैंक समूह का व्यापक टूलकिट वैश्विक संकट प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने, देशों को संकटों से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन उपायों के लागू होने से, राष्ट्र तेजी से अशांत होती दुनिया के बीच अपनी आबादी की सुरक्षा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।</div>
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<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/special-world-bank-help-world-deal-recover-natural-disasters/">विशेष: अब प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और उबरने में वर्ल्ड बैंक करेगा दुनिया की मदद</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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