India economy, भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ दिखा दी है. चालू वित्त वर्ष FY26 की दूसरी तिमाही में देश की GDP 8.2% की तेज रफ्तार से बढ़ी है, जो पिछले छह तिमाहियों का सबसे ऊंचा स्तर है. यह ग्रोथ न सिर्फ अनुमान से ज्यादा रही, बल्कि घरेलू मांग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सरकारी खर्च की मजबूती को भी साफ दिखाती है.

पिछली तिमाही में GDP की वृद्धि 7.8% रही थी, लेकिन Q2 में यह बढ़कर 8.2% पहुंच गई. इकोनॉमिस्ट्स को 7.3% तक वृद्धि का अनुमान था, जबकि RBI ने इसे 7% माना था. सरकार द्वारा GST में कटौती, त्योहारों से पहले स्टॉकिंग बढ़ना और ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से मांग बढ़ना इस ग्रोथ के पीछे बड़ी वजहें बनकर सामने आए.

22 सितंबर से ज़रूरी सामानों पर GST की दरें कम की गई थीं. इससे FMCG उत्पादों जैसे घरेलू उपयोग की वस्तुएं और किराने का सामान की बिक्री में तेजी देखी गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना था कि GST में राहत से लोगों के पास लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त बचत होगी, जिससे बाजार में खर्च बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी. दूसरी तिमाही के आंकड़े इसी सुधार की पुष्टि करते हैं.

प्राइमरी सेक्टर: कृषि संभली, माइनिंग में हल्की गिरावट

एग्रीकल्चर और माइनिंग वाले प्राइमरी सेक्टर में 3.1% की सालाना ग्रोथ देखी गई. कृषि क्षेत्र 3.5% की रफ्तार से बढ़ा, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा धीमा है. माइनिंग सेक्टर में लगभग स्थिरता रही, जहां सिर्फ 0.04% की गिरावट दर्ज हुई. वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार और अच्छे मानसून के कारण खेती से जुड़ी गतिविधियों में मजबूती दिखाई दी.

मैन्युफैक्चरिंग और बिजली सेक्टर में दमदार रफ्तार

इसी दौरान सेकेंडरी सेक्टर जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और बिजली उत्पादन शामिल है, ने शानदार प्रदर्शन किया. पूरी इंडस्ट्री 8.1% बढ़ी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने अकेले ही 9.1% की वृद्धि दर्ज की. पिछले साल मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ सिर्फ 2.2% थी, ऐसे में इस बार का उछाल काफी राहत देने वाला है.

वहीं सर्विस सेक्टर ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है. टर्शियरी सेक्टर ने 9.2%, ट्रेड होटल और ट्रांसपोर्ट में 7.4%, फाइनेंशियल और रियल एस्टेट सर्विस में 10.2%और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन व डिफेंस सेक्टर में 9.7% ग्रोथ देखने को मिली.

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