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	<title>education Archives - Aadarsh Himachal</title>
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		<title>जानकारी: शिमला में 16 व 17 अगस्त दो दिन रहेंगे स्कूल, कालेज सहित सभी शिक्षण संस्थान बंद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Aug 2023 15:26:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  &#160; &#160; शिमला। राजधानी शिमला में पिछले दो दिन हुई भारी बारिश के कारण काफी तबाही हुई है। शिमला जिला के अंदर की अधिकतर सड़कें बाधित हैं। रास्ते दो दिन में खोले नहीं जा सके हैं। इस लिए जिला प्रशासन ने सभी बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूल, कालेज सहित सभी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला।</strong> राजधानी शिमला में पिछले दो दिन हुई भारी बारिश के कारण काफी तबाही हुई है। शिमला जिला के अंदर की अधिकतर सड़कें बाधित हैं। रास्ते दो दिन में खोले नहीं जा सके हैं। इस लिए जिला प्रशासन ने सभी बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूल, कालेज सहित सभी शिक्षण संस्थानों को दो दिन यानी 16 व 17 अगस्त को बंद रखने का निर्णय लिया है।  इस संबंध में उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आदेश जारी कर दिए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://aadarshhimachal.com/shimla-chief-minister-presides-over-state-level-independence-day-function-ridge/">शिमला: मुख्यमंत्री ने की रिज पर राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता, इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना आरम्भ करने की घोषणाकी</a></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी तरह सिरमौर जिले में भी 16 अगस्त को सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्‌टी कर दी गई हैं। वहीं मंडी जिले के सभी शिक्षण संस्थान 16 और 17 अगस्त को भी बंद रहेंगे। जिला दंडाधिकारी एवं उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। जिले में बारिश और भूस्खलन के कारण अवरुद्ध सड़कों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 16 और 17 अगस्त को सभी निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी रहेगी। अरिंदम चौधरी ने सभी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों से आदेशों की अनुपालन सुनिश्चित बनाने को कहा है।</p>
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		<title>उपलब्धि: स्काटलैंड में डब्ल्यूसीपी सम्मेलन में शूलिनी विवि के फैकल्टी मेंबर्स ने किया शोध कार्य का प्रदर्शन </title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/achievement-faculty-members-shoolini-university-demonstrated-their-research-work-wcp-conference-scotland/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Aug 2023 13:44:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  शिमला। शूलिनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. ललित शर्मा, डॉ. अदिति शर्मा और डॉ. रवीन चौहान ने हाल ही में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ बेसिक एंड क्लिनिकल फार्माकोलॉजी (डब्ल्यूसीपी) सम्मेलन में अभूतपूर्व शोध कार्य का प्रदर्शन किया। अनुसंधान में उनकी उत्कृष्ट [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div><strong>शिमला।</strong> शूलिनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. ललित शर्मा, डॉ. अदिति शर्मा और डॉ. रवीन चौहान ने हाल ही में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ बेसिक एंड क्लिनिकल फार्माकोलॉजी (डब्ल्यूसीपी) सम्मेलन में अभूतपूर्व शोध कार्य का प्रदर्शन किया। अनुसंधान में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों ने दुनिया भर के शिक्षाविदों का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे शूलिनी विश्वविद्यालय  मील के पत्थर हासिल करने का प्रयास करने वाले इच्छुक संस्थानों के लिए एक शानदार  उदाहरण के रूप में उभरा ।</div>
<div></div>
<div></div>
<div><span style="color: #0000ff;"><strong>ये भी पढ़ें: <a style="color: #0000ff;" href="https://aadarshhimachal.com/all-three-divisional-presidents-of-shimla-district-declared/">शिमला जिला के तीनों मंडल अध्यक्ष घोषित</a></strong></span></div>
<div></div>
<div></div>
<div>
<div>शोधकर्ताओं  डॉ. अदिति शर्मा ने अपने शोध की सफलता में सहयोग की अभिन्न भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, &#8220;शूलिनी विश्वविद्यालय में, हम खुले संचार और टीम वर्क की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, संकाय सदस्यों और छात्रों को बहु-विषयक परियोजनाओं पर एक साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इस दृष्टिकोण से अविश्वसनीय परिणाम मिले हैं।&#8221;</div>
<div></div>
</div>
<div></div>
<div></div>
<div><strong><span style="color: #0000ff;">ये भी पढ़ें:  <a style="color: #0000ff;" href="https://aadarshhimachal.com/a-tree-in-the-name-of-my-school-and-meri-mati-mera-desh-program-organized-in-fagli-vidyalaya/">फागली विद्यालय में एक पेड़ मेरे विद्यालय के नाम और मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम आयोजित</a></span></strong></div>
<div></div>
<div>
<div></div>
<div></div>
<div>डॉ. ललित शर्मा ने कहा, &#8220;दुनिया भर के प्रसिद्ध शोधकर्ताओं के साथ नियमित बातचीत ने हमें नवीनतम विकास और प्रौद्योगिकियों के साथ अपडेट रहने में सक्षम बनाया है।&#8221; सम्मेलन में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के अलावा, तीनों ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन, ग्लासगो विश्वविद्यालय, स्ट्रैथक्लाइड विश्वविद्यालय और कैलेडोनियन विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का दौरा किया। डॉ. रवीन चौहान ने कहा, &#8220;हमें ऑक्सफोर्ड और अन्य विश्वविद्यालयों में अपने साथियों के साथ सुंदर हिमाचली संस्कृति साझा करने में बहुत खुशी महसूस हुई।&#8221;</div>
</div>
<div id="m_4636360118551928793Signature"></div>
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		<item>
		<title>अलख प्रकाश गोयल शिमला विश्वविद्यालय ने कॉलेज देखो के साथ साझेदारी कर लांच की फ्यूचर स्किल डिग्रियां</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/alakh-prakash-goyal-shimla-university-partnership-with-collegedekho-launches-future-skills-degrees/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Aug 2023 14:19:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  &#160; शिमला। शिमला स्थित अलख प्रकाश गोयल शिमला विश्वविद्यालय ने फ्यूचर स्किल आधारित, नौकरी उन्मुख डिग्री लॉन्च करने के लिए कॉलेज देखो एश्योर्ड के साथ साझेदारी की है। कॉलेज देखो और विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिमला के छात्रों को उनके डिग्री पूरा करने के बाद उज्जवल करियर बनाने में सक्षम बनाना है।कॉलेज देखो [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="font-weight: 400;"><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"><strong>शिमला।</strong> शिमला स्थित अलख प्रकाश गोयल शिमला विश्वविद्यालय ने फ्यूचर स्किल आधारित, नौकरी उन्मुख डिग्री लॉन्च करने के लिए कॉलेज देखो एश्योर्ड के साथ साझेदारी की है। कॉलेज देखो और विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिमला के छात्रों को उनके डिग्री पूरा करने के बाद उज्जवल करियर बनाने में सक्षम बनाना है।कॉलेज देखो के साथ साझेदारी करके अलख प्रकाश गोयल शिमला विश्वविद्यालय छात्रों को उद्योग से संबंधित शिक्षा,1250 से अधिक इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स और 500 से ज्यादा कॉर्पोरेट्स जो लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट प्रदान कर रहे हैं,इसकी सुविधा प्रदान करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">इसके साथ उन्हें सीवी तैयार करने,कम्युनिकेशन स्किल सुधारने,एक्स्ट्रा सर्टिफिकेट और इंटरव्यू की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष ट्रेनिंग भी प्रदान की जाएगी इन फ्यूचर रेडी स्किल्स से छात्र देश और विश्व स्तर पर बेहतर करियर के अवसरों का लाभ उठाने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होंगे।छात्र विश्वविद्यालय से बी टेक, बी बी ऐ, एम् बी ऐ , बी सी ऐ और एम् सी ऐ जैसी अधिक मांग वाली डिग्रियां हासिल कर सकेंगे।नौकरी के लिए आवश्यक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज देखो ने अपनी एश्योर्ड पेशकश के तहत छात्रों को लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट,इंटर्नशिप और प्लेसमेंट प्राप्त करने में सहायता करने के लिए 500 से अधिक कॉर्पोरेट्स के साथ साझेदारी की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://aadarshhimachal.com/horticulture-secretary-c-palarasu-regional-research-center-mashobra-reviewed-research-natural-farming/">बागवानी सचिव सी पालरासू क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र मशोबरा, प्राकृतिक खेती पर शोध का लिया जायजा</a></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>कॉलेज</strong><strong> </strong><strong>देखो के</strong><strong> </strong><strong>सीईओ</strong><strong>  </strong><strong>और सह संस्थापक रुचिर अरोड़ा </strong>ने  कहा  कि हमें अलख प्रकाश गोयल शिमला  यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी करने और छात्रों को एक जरिया प्रदान करने में उत्सुकता हो रही है जो शिक्षा और रोजगार के बीच के संबंध बनाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को फ्यूचर रेडी स्किल में कुशल बनाना है जिससे वे श्रेष्ठ पेशेवर बन सकें। इन महत्वपूर्ण स्किल को हासिल करके स्नातक स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने और अपने संबंधित उद्योगों में बेहतर करियर बनाने तथा निरंतर तरक्की करते रहने के लिए तैयार होंगे। कॉलेज देखो भारत की सबसे बड़ी कॉलेज एनरोलमेंट और शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म है।</p>
<p style="font-weight: 400;"><strong>ं<br />
</strong></p>
<p style="font-weight: 400;">
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			</item>
		<item>
		<title>प्रदेश के 2795 डाकघरों में महिलाएं खोल सकेंगी महिला सम्मान बचत खाता, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग करेगा जागरूक</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/women-open-mahila-samman-savings-account-2795-post-offices-state-education-health-department-make-aware/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jun 2023 16:48:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  &#160; शिमला। प्रदेश में महिलाओं के लिए नई महिला सम्मान बचत खाता प्रमाण पत्र -2023 योजना शुरू की गई है। महिलाएं राज्य के 2795 डाकघरों में इस योजना का लाभ उठा सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर इस योजना के बारे में महिलाओं [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/women-open-mahila-samman-savings-account-2795-post-offices-state-education-health-department-make-aware/">प्रदेश के 2795 डाकघरों में महिलाएं खोल सकेंगी महिला सम्मान बचत खाता, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग करेगा जागरूक</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला।</strong> प्रदेश में महिलाओं के लिए नई महिला सम्मान बचत खाता प्रमाण पत्र -2023 योजना शुरू की गई है। महिलाएं राज्य के 2795 डाकघरों में इस योजना का लाभ उठा सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर इस योजना के बारे में महिलाओं को जागरूक करवाने को कहा है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इस योजना के बारे में संबंधित क्षेत्र में रहने वाले महिलाओं को बताना होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़ें: <a style="color: #800000;" title="इंतजार: प्रदेश में टीजीटी से हैडमास्टर प्रमोशन के लिए 23 हजार शिक्षक लाइन में, पद मात्र 923" href="https://aadarshhimachal.com/wait-23-thousand-teachers-line-promotion-tgt-headmaster-state-posts-923/">इंतजार: प्रदेश में टीजीटी से हैडमास्टर प्रमोशन के लिए 23 हजार शिक्षक लाइन में, पद मात्र 923</a></strong></span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>योजना के तहत लड़की या महिला डाक घर में अपने नाम से खाता खोल सकती है।</strong> निर्धारित प्रपत्र के तहत डाकघर में आवेदन करने पर यह खाता 31 मार्च 2025 तक खोला जा सकता है। नाबालिग लड़की की ओर से यह खाता उनके अभिभावक खोल सकते हैं। एक खाते में कम से कम 1,000 रुपए और इससे ज्यादा की राशि जमा की जा सकती है। इस खाते में 2 लाख रुपए जमा करने की अधिकतम सीमा होगी। एक महिला इस योजना के तहत कई खाते खोल सकती है, बशर्ते एक खाते में जमा की अधिकतम सीमा 2 लाख और दूसरा खाता खोलने के बीच तीन महीने का समय अंतराल हो।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3><span style="color: #000000;"><strong>जमा राशि पर मिलेगा 7.5 प्रतिशत ब्याज</strong></span></h3>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस योजना के तहत जमा राशि पर लागू ब्याज दर 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष दिया जाएगा। ब्याज तिमाही आधार पर संयोजित किया जाएगा और खाते में जमा किया जाएगा।  खाताधारक खाता खोलने की तारीख से एक वर्ष की समाप्ति के बाद, खाते की परिपक्वता से पहले निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करके शेष राशि से अधिकतम 40 प्रतिशत तक की निकासी के लिए पात्र होगा।  गौर हो कि भारत सरकार ने इस वर्ष महिलाओं के लिए यह विशेष योजना शुरू की है।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/women-open-mahila-samman-savings-account-2795-post-offices-state-education-health-department-make-aware/">प्रदेश के 2795 डाकघरों में महिलाएं खोल सकेंगी महिला सम्मान बचत खाता, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग करेगा जागरूक</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>उत्तर क्षेत्र संघ शिक्षा वर्ग के शिक्षार्थी स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन, 24 जून को होगा वर्ग का समापन</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/student-volunteers-north-zone-union-education-class-did-path-movement-class-end-june-24/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Jun 2023 13:41:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  हमीरपुर। हमीरपुर ज़िला के  टिप्पर में 4 जून से 25 जून तक 20 दिवसीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर क्षेत्र संघ शिक्षा वर्ग &#8211; द्वितीय वर्ष वर्ग का आयोजन किया जा रहा है। वर्ग के कार्यक्रमों के क्रम में 20 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर देर सायं टिप्पर से [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/student-volunteers-north-zone-union-education-class-did-path-movement-class-end-june-24/">उत्तर क्षेत्र संघ शिक्षा वर्ग के शिक्षार्थी स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन, 24 जून को होगा वर्ग का समापन</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><strong>हमीरपुर।</strong> हमीरपुर ज़िला के  टिप्पर में 4 जून से 25 जून तक 20 दिवसीय <a title="मौसम अपडेट: तीन दिन और सताएगा मौसम, भारी बारिश व अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी" href="https://aadarshhimachal.com/weather-update-weather-continue-days-yellow-alert-issued-heavy-rain-and-thunderstorm/"><strong>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ</strong></a>, उत्तर क्षेत्र संघ शिक्षा वर्ग &#8211; द्वितीय वर्ष वर्ग का आयोजन किया जा रहा है। वर्ग के कार्यक्रमों के क्रम में 20 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर देर सायं टिप्पर से फाहल गांव तक शिक्षार्थियों द्वारा पथ संचलन का आयोजन किया गया। इससे पूर्व शिक्षार्थियों ने कड़े परिश्रम से अभ्यास किया जो उनके एक समान कदमताल और घोष लहरियों से समानता का संदेश दे रहा था।</div>
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<div dir="auto"><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़ें: <a style="color: #800000;" title="शिमला: टैक्सी यूनियन ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, दोषियों पर कारवाई करने की मांग" href="https://aadarshhimachal.com/shimla-taxi-union-demonstrated-deputy-commissioners-office-demanding-culprits/">शिमला: टैक्सी यूनियन ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, दोषियों पर कारवाई करने की मांग</a></strong></span></div>
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<div dir="auto">इस संचलन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर,<a title="संपादकीय: क्यों आवश्यक है समान नागरिक संहिता?" href="https://aadarshhimachal.com/editorial-why-uniform-civil-code-inecessary/"><strong> हिमाचल प्रदेश</strong> </a>और कोंकण सहित छः अलग-अलग राज्यों के 258 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। क्षेत्र प्रचारक रामेश्वर दास  व सर्वाधिकारी अशोक शर्मा ने पथ संचलन का अवलोकन किया। वर्ग कार्यवाह डॉ. चंद्र प्रकाश ने ने बताया कि वर्ग का समापन 24 जून को सायंकाल में होगा जिसमें सर गंगा राम हास्पिटल ट्रस्ट दिल्ली के चेयरमैन डॉ. देवेंद्र सिंह राणा मुख्य अतिथि जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख प्रदीप जोशी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।</div>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/student-volunteers-north-zone-union-education-class-did-path-movement-class-end-june-24/">उत्तर क्षेत्र संघ शिक्षा वर्ग के शिक्षार्थी स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन, 24 जून को होगा वर्ग का समापन</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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		<title>संपादकीय: अंतराष्ट्रीय योग दिवस में भारत का योगदान </title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/editorial-indias-contribution-international-yoga-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Jun 2023 11:21:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  शिमला। भारतीय योग एवं ध्यान के माध्यम से भारत दुनिया में गुरु का दर्जा एवं एक अनूठी पहचान हासिल करने में सफल हो रहा है। इसीलिये समूची दुनिया के लिये अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वीकार्य हुआ है। आज हर व्यक्ति एवं परिवार अपने दैनिक जीवन में अत्यधिक तनाव/दबाव महसूस कर रहा है। हर आदमी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></div>
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<div dir="auto"><strong>शिमला।</strong> भारतीय योग एवं ध्यान के माध्यम से भारत दुनिया में गुरु का दर्जा एवं एक अनूठी पहचान हासिल करने में सफल हो रहा है। इसीलिये समूची दुनिया के लिये अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वीकार्य हुआ है। आज हर व्यक्ति एवं परिवार अपने दैनिक जीवन में अत्यधिक तनाव/दबाव महसूस कर रहा है। हर आदमी संदेह, अंतर्द्वंद्व और मानसिक उथल-पुथल की जिंदगी जी रहा है। मनुष्य के सम्मुख जीवन का संकट खड़ा है। मानसिक संतुलन अस्त-व्यस्त हो रहा है। मानसिक संतुलन का अर्थ है विभिन्न परिस्थितियों में तालमेल स्थापित करना, जिसका सशक्त एवं प्रभावी माध्यम योग ही है। योग एक ऐसी तकनीक है, एक विज्ञान है जो हमारे शरीर, मन, विचार एवं आत्मा को स्वस्थ करती है। यह हमारे तनाव एवं कुंठा को दूर करती है। जब हम योग करते हैं, श्वासों पर ध्यान केन्द्रित करते हैं, प्राणायाम और कसरत करते हैं तो यह सब हमारे शरीर और मन को भीतर से खुश और प्रफुल्लित रहने के लिये प्रेरित करती है। सद्गुरू मानते हैं, ‘ध्यान और योग से हम अपने भीतर की सफाई बहुत अच्छी तरह से कर सकते हैं। योग का प्रयोजन है, मन की गांठों को खोलना और उनका इलाज करना।’</div>
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<div dir="auto">पिछले दिनों कनाडा के ओंटेरियो यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के अनुसार कुंठा और तनाव के लगभग 64 प्रतिशत मरीजों ने माना कि उन्हें इस बात का अंदाज नहीं था कि उनकी खास बीमारी की वजह अंदर दबा गुस्सा हो सकता है। यह गुस्सा दूसरों की वजह से शुरू होता है और अंततः इसे आप अपने ऊपर निकालने लगते हैं। कुछ मामलों में मरीजों ने अपने आपको नुकसान भी पहुंचाया। एबी कहते हैं, ‘आपको पता ही नहीं होता कि आपने अपने दिल में क्या-क्या भर रखा है। इसके लिए जरूरी है कि अपने आपको जानें। अगर कोई पुरानी बात आपको मथ रही है तो उसे जाने न दें। आप उस व्यक्ति को माफ कर दें और खुद को भी। इस तरह बिना बोझ के आप जिंदगी में आगे बढ़ पाएंगे।’ मन की गंदगी को धोने का माध्यम है योग।</div>
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<div dir="auto"><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़ें:  <a style="color: #800000;" title="राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटखाई (छात्र) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया" href="https://aadarshhimachal.com/international-yoga-day-celebrated-at-government-model-senior-secondary-school-kotkhai-students/">राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटखाई (छात्र) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया</a></strong></span></div>
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<div dir="auto">पवित्र अंतःकरण ही वह दर्पण है जिसमें आत्मा का दर्शन, प्रकृति का प्रदर्शन और ब्रह्म का संदर्शन होता है। शुद्ध अंतःकरण मंे बुद्धि आकाशवत् निर्मल और स्वच्छ रहती है, मन गंगा जैसा पवित्र रहता है, चित्त ऐसा स्थिर रहता है जैसे बिना वायु के अविचल दीपक की ज्योति और सम्पूर्ण चेतना भगवान में मिलने के लिए ऐसी बहती है जैसे समुद्र में मिलने के लिए नदियां। जैसे शीशे में अपना चेहरा तभी दिखलायी पड़ता है जबकि शीशा साफ और स्थिर हो, इसी प्रकार शुद्ध अंतःकरण से ही परम ब्रह्म के दर्शन होते हैं।</div>
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<div dir="auto">ईर्ष्या जीवन की बड़ी विसंगति है, यह एक तरह की मानसिक व्याधि है। ईर्ष्यालु मनुष्य में सुख एवं स्वास्थ्य का भाव दुर्बल होता है। उसकी इस वृत्ति के कारण वह निरंतर मानसिक तनाव में जीता है। उसके संकीर्ण विचार और व्यवहार से पारिवारिक और सामाजिक जीवन में टकराव और बिखराव की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। जिसका किसी भी मंत्र-तंत्र, जड़ी-बूटी व औषधि से चिकित्सा संभव नहीं है। ईर्ष्यालु मनुष्य तनाव झेलता ही है, दूसरों को भी तनाव देने का प्रयास करता है। हमें अपनी योग्यताओं और क्षमताओं को किसी दायरे में बांधने से बचना होगा। ऐसा तब होगा, जब हम अपनी कमजोरियों पर ही नहीं, बल्कि उनसे उबरने के रास्तों पर भी विचार करेंगे। यहीं से हमारी तरक्की का रास्ता खुलता है और इसके लिये योग की प्रभावी माध्यम है।</div>
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<div dir="auto">अभी कुछ दिन पहले ही एक बात समाचारपत्रों में पढ़ी कि कैंसर क्यों होता है, इसके कई कारण हैं। एक कारण यह है कि जो लोग मस्तिष्क का सही उपयोग करना नहीं जानते उनके कैंसर हो सकता है। मस्तिष्क विज्ञानी तो यह भी कहते हैं कि मस्तिष्क की शक्तियों का केवल चार या पांच प्रतिशत उपयोग आदमी करता है, शेष शक्तियां सुप्त पड़ी रहती है। यह भी कहा जाता है कि कोई मस्तिष्क की शक्तियों का उपयोग सात या आठ प्रतिशत करने में समर्थ हो जाए तो वह दुनिया का सुपर जीनियस बन सकता है। इस आधार पर तो हम यही कह सकते हैं कि हम अपने मस्तिष्क का सही और पूरा उपयोग करना नहीं जानते। यह ऐसी ही बात है कि हमारे पास बहुत कुछ और सब कुछ है, किन्तु अपनी अज्ञानता के कारण हम गरीब और निरीह बने हुए हैं। चाहे कर्म का क्षेत्र हो या धर्म का क्षेत्र हो, दोनों में हम पिछड़े हुए हैं। सबसे पहले हमारी जानकारी मस्तिष्क विद्या के बारे में होनी चाहिए। योग विद्या भारत की सबसे प्राचीन विद्या है। योगविद्या के आचार्यों ने मस्तिष्क विद्या से दुनिया का परिचय कराया था और उसके विकास का</div>
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<div dir="auto">बहुत सारी समस्याएं अज्ञान के कारण पैदा होती हैं। शरीर और उसके विभिन्न अवयवों के बारे में जानकारी के अभाव में आदमी के सामने अनेक शारीरिक कठिनाइयां खड़ी हो जाती हैं। हमारे मस्तिष्क में एक पर्त है एनीमल ब्रेन की। वह पर्त सक्रिय होती है तो आदमी का व्यवहार पशुवत हो जाता है। जितने भी हिंसक और नकारात्मक भाव हैं, वे इसी एनीमल ब्रेन की सक्रियता का परिणाम है। इसे संतुलित करने का माध्यम योग है। शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक शांति एवं स्वस्थ्यता के लिये योग की एकमात्र रास्ता है। लेकिन भोगवादी युग में योग का इतिहास समय की अनंत गहराइयों में छुप गया है। वैसे कुछ लोग यह भी मानते हैं कि योग विज्ञान वेदों से भी प्राचीन है। दुनिया में भारतीय योग को परचम फहराने वाले स्वामी विवेकानंद कहते हैं-‘‘निर्मल हृदय ही सत्य के प्रतिबिम्ब के लिए सर्वोत्तम दर्पण है। इसलिए सारी साधना हृदय को निर्मल करने के लिए ही है। जब वह निर्मल हो जाता है तो सारे सत्य उसी क्षण उसमें प्रतिबिम्बित हो जाते हैं।…पावित्र्य के बिना आध्यात्मिक शक्ति नहीं आ सकती। अपवित्र कल्पना उतनी ही बुरी है, जितना अपवित्र कार्य।’’ आज विश्व में जो आतंकवाद, हिंसा, युद्ध, साम्प्रदायिक विद्धेष की ज्वलंत समस्याएं खड़ी है, उसका कारण भी योग का अभाव ही है।</div>
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<div dir="auto">हम अपनी समस्या को समझें और अपना समाधान खोजें। समस्याएं परेशान करती हैं। जरूरत खुद को काबू में रखने की होती है, हम दूसरों को काबू में करने में जुटे रहते हैं। रूमी कहते हैं, ‘तूफान को शांत करने की कोशिश छोड़ दें। खुद को शांत होने दें। तूफान तो गुजर ही जाता है।’ लेकिन ऐसा नहीं होता, क्योंकि हमारा मनोबल कमजोर होता है।</div>
<div dir="auto">विज्ञान ने यह प्रमाणित कर दिया है- जो व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता है, उसे योग को अपनाना होगा। बार-बार क्रोध करना, चिड़चिड़ापन आना, मूड का बिगड़ते रहना- ये सारे भाव हमारी समस्याओं से लडने की शक्ति को प्रतिहत करते हैं। इनसे ग्रस्त व्यक्ति बहुत जल्दी बीमार पड़ जाता है। हमें अपनी योग्यताओं और क्षमताओं को किसी दायरे में बांधने से बचना होगा। ऐसा तब होगा, जब हम योग को अपनी जीवनशैली बनायेंगे।</div>
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<div dir="auto">हम जितना ध्यान रोगों को ठीक करने में देते हैं, उतना उनसे बचने में नहीं देते। दवा पर जितना भरोसा रखते हैं, उतना भोजन पर नहीं रखते। यही कारण है रोग पीछा नहीं छोड़ते। हमें यह पता होता है कि कार के लिए कौन सा ईंधन सही है, पर हम ये नहीं जानते कि शरीर को ठीक रखने के लिए कौन से ईंधन की जरूरत है? हमें कैसा भोजन करना चाहिए? कैसी सोच चाहिए? कैसी जीवनशैली चाहिए?</div>
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<div dir="auto">योग एवं ध्यान एक ऐसी विधा है जो हमें भीड़ से हटाकर स्वयं की श्रेष्ठताओं से पहचान कराती है। हममें स्वयं पुरुषार्थ करने का जज्बा जगाती है। स्वयं की कमियों से रू-ब-रू होने को प्रेरित करती है। स्वयं से स्वयं का साक्षात्कार कराती है। आज जरूरत है कि हम अपनी समस्याओं के समाधान के लिये औरों के मुंहताज न बने। ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान हमारे भीतर से न मिले। भगवान महावीर का यह संदेश जन-जन के लिये सीख बने- ‘पुरुष! तू स्वयं अपना भाग्यविधाता है।’ औरों के सहारे मुकाम तक पहुंच भी गए तो क्या? इस तरह की मंजिलें स्थायी नहीं होती और न इस तरह का समाधान कारगर होता है। लेखिका व वक्ता गैब्रियल बर्नस्टेन ने भी कहा है कि ‘हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं कि हमारी आंखें क्या देखती हैं? हम जिम्मेदार इस बात के लिए हैं कि उसे कैसे अपनाते हैं।’ हमारे भीतर ऐसी शक्तियां हैं, जो हमें बचा सकती हैं। योग, संकल्प एवं संयम की शक्ति बहुत बड़ी शक्ति है। अनावश्यक कल्पना मानसिक बल को नष्ट करती है। लोग अनावश्यक कल्पना बहुत करते हैं। यदि उस कल्पना को योग में बदल दिया जाए तो वह एक महान शक्ति बन सकती है।</div>
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<div dir="auto"><strong>लेखक: अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर</strong></div>
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		<title>सोलन: लगातार दूसरी बार मिली शूलिनी यूनिर्वसिटी को ग्रेट प्लेस टू वर्क के तौर पर मान्यता  </title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/shoolini-university-recognized-great-place-work-for-the-second-year/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Jun 2023 16:55:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  &#160; सोलन। शूलिनी विश्वविद्यालय को लगातार दूसरे साल ग्रेट प्लेस टू वर्क के तौर पर प्रमाणित किया गया है। यह प्रतिष्ठित मान्यता एक सकारात्मक और संपन्न कार्य वातावरण को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के दृढ़ समर्पण को दर्शाती है। &#8220;ग्रेट प्लेस टू वर्क&#8221; के रूप में प्रमाणन अपने कर्मचारियों के साथ सक्रिय [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<div><strong>सोलन।</strong> शूलिनी विश्वविद्यालय को लगातार दूसरे साल ग्रेट प्लेस टू वर्क के तौर पर प्रमाणित किया गया है। यह प्रतिष्ठित मान्यता एक सकारात्मक और संपन्न कार्य वातावरण को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के दृढ़ समर्पण को दर्शाती है।</div>
<div>&#8220;ग्रेट प्लेस टू वर्क&#8221; के रूप में प्रमाणन अपने कर्मचारियों के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर और उनकी भलाई और संतुष्टि को प्राथमिकता देकर अपने कर्मचारियों के इनपुट और प्रतिक्रिया को महत्व देने के लिए शूलिनी विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, विश्वविद्यालय एक सहायक और आकर्षक प्रदान करने के लिए अपने दृढ़ समर्पण का उदाहरण देता है।</div>
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<div><span style="color: #000000;"><strong>ये भी पढ़ें: <a style="color: #000000;" href="https://aadarshhimachal.com/himachal-unexplored-places-promoted-tourism-point-view-government-bring-new-tourism-policy/">HIMACHAL: UNEXPLORED PLACES को टूरिज्म प्वाइंट आफ व्यू से दिया जाएगा बढ़ावा, न्यू टूरिज्म पालिसी लेकर आएगी सरकार </a></strong></span></div>
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<div>शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर पीके खोसला ने शूलिनी विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों को इस योग्य सम्मान में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने आगे कहा, &#8220;सर्वेक्षण में हमारे कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी इस उल्लेखनीय उपलब्धि को हासिल करने में अमूल्य रही है।&#8221; प्रो चांसलर विशाल आनंद ने भी सभी फैकल्टी मेंबर्स और स्टाफ को मान्यता के लिए बधाई दी। उन्होंने  टीम एचआर संजीव कुमार निदेशक मानव संसाधन, कौशल्या अनुभाग अधिकारी, और टायटियाना , जिन्होंने ग्रेट प्लेस टू वर्क प्रमाणन हासिल करने में विश्वविद्यालय की सफलता में योगदान दिया है। सर्वेक्षण और संस्कृति ऑडिट प्रक्रिया के संचालन में उनके परिश्रम की विशेष सराहना की।</div>
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<div>वाइस चांसलर प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा, &#8220;हमें लगातार दूसरी बार ग्रेट प्लेस टू वर्क के रूप में इस प्रतिष्ठित मान्यता को प्राप्त करने पर बेहद गर्व है। यह उपलब्धि एक ऐसा वातावरण बनाने की हमारी अटूट प्रतिबद्धता को उजागर करती है जहां हमारे विश्वविद्यालय समुदाय का प्रत्येक सदस्य फल-फूल सकता है और  हम अपने कर्मचारियों के अमूल्य योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं, और हम उत्कृष्टता और कर्मचारी कल्याण के अपने प्रयास में दृढ़ बने हुए हैं।&#8221;  शूलिनी यूनिवर्सिटी इस उपलब्धि को आगे बढ़ाने और एक सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे कर्मचारियों के निरंतर समर्थन और समर्पण के साथ, हमें विश्वास है कि शूलिनी विश्वविद्यालय काम करने के लिए एक महान स्थान बना रहेगा,संजीव निदेशक एचआर शूलिनी विश्वविद्यालय ने कहा।</div>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/shoolini-university-recognized-great-place-work-for-the-second-year/">सोलन: लगातार दूसरी बार मिली शूलिनी यूनिर्वसिटी को ग्रेट प्लेस टू वर्क के तौर पर मान्यता  </a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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		<title>संपादकीय: शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी, व्यावहारिक शिक्षा में शिक्षक का योगदान </title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/editorial-education-teacher-learner-contribution-teacher-applied-education/</link>
		
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		<pubDate>Fri, 09 Jun 2023 16:03:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आज शिक्षा ने अपने पंख इतनी दूर दूर तक फैला लिए है कि हर शहर और कस्बे के साथ-साथ गांवों के कोने कोने तक पहुंच गई है। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी है जो वास्तविक अनुभव से प्राप्त किया जा सकता है। शिक्षा शिक्षार्थियों  को उत्तम जीवन जीने की बारीकियां [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/editorial-education-teacher-learner-contribution-teacher-applied-education/">संपादकीय: शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी, व्यावहारिक शिक्षा में शिक्षक का योगदान </a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div id=":1f8" class="ii gt">
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<div dir="auto">आज शिक्षा ने अपने पंख इतनी दूर दूर तक फैला लिए है कि हर शहर और कस्बे के साथ-साथ गांवों के कोने कोने तक पहुंच गई है। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी है जो वास्तविक अनुभव से प्राप्त किया जा सकता है। शिक्षा शिक्षार्थियों  को उत्तम जीवन जीने की बारीकियां सिखाती है।  बच्चों को जीवन का सामना करने के लिए शिक्षा देना या प्रशिक्षण देना एक महत्वपूर्ण मामला है। आजकल ऑनलाइन शिक्षा का खूब प्रसार हो रहा है ।जिस के फायदे प्रत्येक बिंदु पर देखे जा सकते हैं ,लेकिन इस शिक्षा में भी व्यक्तिगत अनुभव एवं व्यवहारिक शिक्षा की एक महत्वपूर्ण कमी रहती है। जिसके लिए सुशिक्षित एवं प्रशिक्षित शिक्षकों का होना अत्यंत आवश्यक है।</div>
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<div dir="auto"><span style="color: #ff0000;"><strong>ये भी पढ़ें: <a style="color: #ff0000;" href="https://aadarshhimachal.com/today-government-crying-lack-money-we-done-historical-work-these-resources-jairam-thakur/">आज पैसे न होने का रोना रो रही सरकार, इन्हीं संसाधनों में हमने कर दिखाए ऐतिहासिक काम: जयराम ठाकुर</a></strong></span></div>
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<div dir="auto">प्रत्येक शिक्षा केंद्र में  प्रशिक्षुओं को क्या पढ़ाया जाए और किस प्रकार पढ़ाया जाए, इस पर गहन चिंतन होता है। क्योंकि स्कूल प्रणाली में शिक्षक के महत्व को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। एक विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक एक ऐसा महत्वपूर्ण इंसान होता है जो अपने ज्ञान, धैर्य, प्यार और देखभाल से उसके पूरे जीवन को मजबूत आकार प्रदान करता है। क्योंकि विद्यार्थी जीवन तो गीली मिट्टी के समान होता है। शिक्षक उसे जो भी आकार देना चाहे तो वह दे सकता है। शिक्षक के समर्पित कार्य की तुलना किसी और से नहीं की जा सकती। शिक्षकों को हमेशा ही देव तुल्य सम्मान और स्थान मिलता रहा है इसलिए कहा गया है&#8221; गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरा, गुरुर साक्षात परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः&#8221;।</div>
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<div dir="auto">यदि समाज उसे ऐसी नजर से देखता है तो शिक्षक का उत्तरदायित्व और भी अधिक बढ़ जाता है। समाज में  शिक्षक को एक महान शिक्षाविद माना जाता है। विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना उसका महत्वपूर्ण कार्य रहता है। उसके पास ज्ञान का व्यापक भंडार होता है। यही कारण है कि कोई भी बच्चा जब 4 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है तो उसे शिक्षा ग्रहण करने के लिए शिक्षक के पास लाया जाता है। एक बच्चा जो शिक्षक के पास आता है वह गुलाब की एक कच्ची कली की तरह होता है जो खिलने की उम्मीद करता है। यह देखना शिक्षक का कर्तव्य है कि वह छात्र अच्छी तरह से  विकास कर रहा है या नहीं । एक आदर्श शिक्षक का यह कर्तव्य बन जाता है कि वह अपने विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करने में कोई कसर ना छोड़े , ताकि शिष्य,  जीवन की हर परिस्थिति का सामना करने में खरा उतरे ।</div>
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<div dir="auto">  एक अच्छे शिक्षक को शिष्य के स्वभाव के साथ-साथ अपने विषय का भी संपूर्ण ज्ञान होना चाहिए। उसे एक छात्र की पृष्ठभूमि, संस्कृति और प्रकृति जानने में सक्षम होना चाहिए ।  शिक्षक छात्रों के लिए मॉडल होना चाहिए। एक कहावत के अनुसार पहला प्रभाव  ही आखरी प्रभाव होता है। विद्यार्थी सबसे पहले शिक्षक के व्यवहार एवं आचरण से सीखता है । प्रत्येक शिक्षक का कर्तव्य है कि वह छात्रों के लिए अच्छा उदाहरण पेश करें। सबसे अच्छा उदाहरण स्वयं शिक्षक हो सकते हैं । वह छात्रों के लिए व्यावहारिक पुस्तक बन सकता है। महात्मा गांधी जी कहा करते थे कि एक शिक्षक की आदतें छात्र के मन में अंकित हो जाती है । इसलिए शिक्षकों को स्वार्थ, आत्म प्रशंसा, दुर्भावना जैसी गंदी आदतों को नहीं पालना चाहिए। ऐसे शिक्षकों के विद्यार्थियों का कभी भी सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता</div>
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<div dir="auto">। शिक्षकों को यह देखना चाहिए कि कक्षा में उचित व्यवहार करने के साथ-साथ वह समाज और बाहर के लिए अच्छे मॉडल भी हो। प्रत्येक शिक्षक का यह कर्तव्य है कि वह प्रत्येक छात्र में इस प्रकार के चरित्र का निर्माण करें। विनम्रता की भावना, सदाचारीता, इमानदारी के आदि गुण कहीं किताबी ज्ञान ही ना रह जाए इसके लिए शिक्षकों को व्यावहारिक प्रयास करना होगा। ऐसे शिक्षक जो अपने विद्यार्थियों को इस प्रकार का आकार एवं शिक्षा देने का प्रयत्न करते हैं ,को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है । गुरु और शिष्य का संबंध केवल किताबी ज्ञान ही सीमित नहीं है बल्कि एक ऐसा पवित्र रिश्ता है जो माता पिता और संतान से भी बढ़कर है।</div>
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<div id=":1ed" class="ho"><strong>लेखक: भगवान सिंह</strong></p>
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		<title>Cabinet : हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर तक खुल सकते हैं स्कूल, आज कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा फैसला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Sep 2021 06:24:28 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक होगी. इस बैठक में स्कूल खोलने पर भी विचार किया जाएगा. राज्य में 25 सितंबर से स्कूल खोले जाएंगे या नहीं इसका फैसला भी आज की कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा. इस बैठक में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर भी शामिल होंगे. बता दें कि फिलहाल [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक होगी. इस बैठक में स्कूल खोलने पर भी विचार किया जाएगा. राज्य में 25 सितंबर से स्कूल खोले जाएंगे या नहीं इसका फैसला भी आज की कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा. इस बैठक में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर भी शामिल होंगे. बता दें कि फिलहाल 25 सितंबर तक छात्रों के लिए स्कूलों को बंद रखा गया है. संभव है कि 27 सितंबर से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को स्कूलों में बुलाया जा सके. वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों को स्कूल बुलाने का प्रस्ताव भेजा गया है.</p>
<p>स्कूल में छात्रों को कोरोना से कैसे बचाया जाए, इसको लेकर प्रशासन की ओर से माइक्रो प्लान बनाया गया है. कैबिनेट की बैठक में इस योजना को सरकार के सामने रखा जाएगा. बता दें कि 50 फीसदी क्षमता के हिसाब से छात्रों को एक कक्षा में बुलाने की योजना है.</p>
<p>राज्य सरकार ने इससे पहले 21 सितंबर तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया था. वहीं सोमवार को जारी नए आदेश के अनुसार आवासीय विद्यालयों को छोड़कर सभी स्कूल 25 सितंबर तक बंद रहेंगे. आदेश में मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष राज्य कार्यकारिणी समिति राम सुभग सिंह ने कहा कि विद्यालय में शिक्षण एवं गैर शिक्षण कर्मियों का आना जारी रहना चाहिए. वहीं आवासीय विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए कोरोना मानकों का समुचित रूप से पालन किया जाए.</p>
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		<title>शूलिनी विवि और IIT रुड़की के आई हब दिव्य संपर्क के बीच समझौता ज्ञापन पर किए गए हस्ताक्षर</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/mou-signed-between-shoolini-university-and-ihubdivyyaspark-of-indian-institute-of-technology-iit-roorkee/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Sep 2021 13:55:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[EDUCATION]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन: शूलिनी यूनिवर्सिटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) रुड़की के आईहबदिव्यासंपर्क के बीच एक अत्यंत प्रतिष्ठित और लाभकारी समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. यह समझौता स्मार्ट एग्रीकल्चर, स्मार्ट सिटीज, डिजिटल मेडिसिन और एडुटेक में योगदान देने की दिशा में काम करेगा ताकि दुनिया को प्रौद्योगिकी की शक्ति के माध्यम से बेहतर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/mou-signed-between-shoolini-university-and-ihubdivyyaspark-of-indian-institute-of-technology-iit-roorkee/">शूलिनी विवि और IIT रुड़की के आई हब दिव्य संपर्क के बीच समझौता ज्ञापन पर किए गए हस्ताक्षर</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन: </strong>शूलिनी यूनिवर्सिटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) रुड़की के आईहबदिव्यासंपर्क के बीच एक अत्यंत प्रतिष्ठित और लाभकारी समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. यह समझौता स्मार्ट एग्रीकल्चर, स्मार्ट सिटीज, डिजिटल मेडिसिन और एडुटेक में योगदान देने की दिशा में काम करेगा ताकि दुनिया को प्रौद्योगिकी की शक्ति के माध्यम से बेहतर जगह बनाया जा सके. यह नवोदित उद्यमियों और शोधकर्ताओं को साइबर फिजिकल सिस्टम्स और आने वाले कल की स्मार्ट टेक्नोलॉजीज के निर्माण में मदद करने के लिए प्रोत्साहित करेगा और इसमें शामिल होगा. समझौते से न केवल शूलिनी यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और छात्रों को मदद मिलेगी बल्कि हिमाचल प्रदेश से संबंधित समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.</p>
<p><strong>शूलिनी यूनिवर्सिटी में स्मार्ट टेक्नोलॉजीज को विकसित किया जाएगा</strong></p>
<p>आईहबदिव्यसंपर्क, एक टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और आईआईटी रुड़की की एक संयुक्त पहल है. समझौता पत्र साइबर फिजिकल सिस्टम्स में नई नई परियोजनाओं की फंडिंग और कृषि, स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्यक्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए कई नए दरवाजे खोलेगा. एमओयू पर वाइस चांसलर अतुल खोसला ने चांसलर डॉ. पी. के. खोसला और प्रो चांसलर श्री विशाल आनंद और सीईओ आईहबदिव्यसंपर्क श्री मनीष आनंद की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए.</p>
<p>यह परियोजना 135 करोड़ रुपये के सीड फंड के साथ नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम्स (एनएम.आईसीपीएस) के तहत स्थापित की गई थी. इसका उद्देश्य साइबर फिजिकल सिस्टम्स के लिए स्मार्ट उपकरणों, सामग्रियों और टेक्नोलॉजीज के फोकस क्षेत्र में इनोवेशन को सक्षम बनाना है. ये आविष्कार इंडस्ट्री 4.0 और डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं. इस प्रकार विकसित की गई प्रौद्योगिकियां भारतीय एमएसएमई को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी हेल्थकेयर सस्ती और हर भारतीय के लिए सुलभ बनाने और स्मार्ट सिटी बनाने में मदद करेंगी. प्रोफेसर खोसला ने कहा कि इस सीड फंड की मदद से हम इनोवेटर्स और स्टार्ट.अप्स को सपोर्ट करेंगे. मनीष आनंद ने कहा कि उन्हें भविष्य के उद्योग, स्मार्ट सिटीज, स्मार्ट एग्रीकल्चर और डिजिटल हेल्थ के लिए साइबर भौतिक प्रणालियों के व्यापक क्षेत्र में इनोवेशन करने के लिए एक युवा गतिशील और सबसे महत्वपूर्ण इनोवेशन संचालित यूनिवर्सिटी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने में प्रसन्नता हो रही है और कहा कि इस प्रक्रिया में हिमाचल प्रदेश से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.</p>
<p>समझौता पत्र साइबर.फिजिकल सिस्टम्स और नए युग की प्रौद्योगिकियों से संबंधित उद्यमिता विकास और प्रशिक्षण पर जोर देगा. यह शूलिनी यूनिवर्सिटी के छात्रों और फैकेल्टी सदस्यों द्वारा विकसित अच्छी गुणवत्ता वाले सीपीएस से संबंधित पेटेंट, परियोजनाओं और प्रकाशनों की पहचान करने और उन्हें वास्तविक उत्पाद में परिवर्तित करने के अवसरों का पता लगाएगा जो सामाजिक जरूरतों को हल कर सकते हैं. यह समग्र इनोवेशन ईकोसिस्टम को सक्रिय करने पर दीर्घकालिक रणनीतिक संबंध बनाने की दिशा में काम करेगा और उद्योग की प्रासंगिक समस्याओं की पहचान करने और प्रतिक्रिया प्रदान करने जैसे विभिन्न पहलुओं पर सहयोग करने के अवसरों की पहचान करेगा.</p>
<p>आईहबदिव्यासंपर्क शूलिनी यूनिवर्सिटी में अपना एक्सटेंशन सेंटर स्थापित करने की संभावना तलाशेगा. दोनों पक्ष संयुक्त रूप से इस समझौता ज्ञापन के उद्देश्य का समर्थन करने के लिए वित्त पोषण के अवसरों का पता लगा सकते हैं. आईहबदिव्यासंपर्क सीपीएस डोमेन में कुछ दिलचस्प परियोजनाओं को फंड देने का भी निर्णय ले सकता है.</p>
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