मुख्यमंत्री ने युद्ध स्तर पर राहत और पुनर्वास कार्य संचालित करने के निर्देश दिए

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला| मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के आपदा प्रभावित चम्बा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और मंडी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। शिमला में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को लेकर निर्देश देते हुए भरमौर, चम्बा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से भी संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से श्री मणिमहेश यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं के लिए की जा रही राहत कार्रवाई का जायजा लिया। इस बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं के लिए खाने, रहने और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था पूरी तरह से सुनिश्चित की गई है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने चम्बा चौगान में फंसे श्रद्धालुओं की सुरक्षित घर वापसी के लिए प्रयासों को तेज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, चम्बा और आसपास के क्षेत्रों में संचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, और चम्बा से भरमौर तक 25 किलोमीटर सड़क मार्ग को खोल दिया गया है, और मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में मौसम पूर्वानुमान के आधार पर पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर से फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए और दुर्गम क्षेत्रों में हवाई मार्ग से खाद्य सामग्री भेजी जाए।

मुख्यमंत्री ने कुल्लू और मंडी जिलों में वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल और विद्युत आपूर्ति को शीघ्र बहाल करने की आवश्यकता जताई है। इसके अतिरिक्त, इंदौरा, फतेहपुर और पौंग डेम में पुनर्निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई, और पौंग डेम का जल स्तर कम कर दिए जाने के बाद प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति के सिस्सु में फंसे 380 पर्यटकों को शाम तक निकालने के निर्देश दिए, जिनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर दी गई। इस बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि क्षेत्र में संचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं और विद्युत आपूर्ति भी पुनः शुरू कर दी गई है।

इसी के साथ मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बताया कि वह खुद राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से अपनी स्थिति और कदमों की जानकारी दी गयी।