आदर्श हिमाचल ब्यूरों
ऊना| राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की आत्मा परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) रामपुर में आयोजित 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस समापन अवसर पर उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस प्रशिक्षण शिविर में ऊना जिला के ऊना, हरोली व बंगाणा विकास खंडों से आए 34 सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (सीआरपी) ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक तकनीकों, इसके लाभों तथा व्यावहारिक जानकारी से सशक्त करना था, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को जागरूक कर रसायन मुक्त खेती की ओर प्रेरित कर सकें।
इस दौरान उपायुक्त जतिन लाल ने इस अवसर पर कहा कि प्राकृतिक खेती केवल किसानों की आय में वृद्धि नहीं करती, बल्कि यह स्वास्थ्यवर्धक भोजन, पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सीआरपी से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान को गांव-गांव पहुंचाएं और किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करें। इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए और कहा कि इस शिविर से उन्हें प्राकृतिक खेती की गहराई से समझ प्राप्त हुई है, जिससे वे अब अपने क्षेत्रों में अधिक प्रभावी मार्गदर्शन देने में सक्षम होंगे। इस अवसर पर आत्मा परियोजना के निदेशक वीरेंद्र बग्गा, उप निदेशक शामली गुप्ता, केवीके से डॉ. संजय कुमार, डॉ. योगिता शर्मा, डॉ. मीनाक्षी सैनी व तनुजा कपूर सहित अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।