आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला| राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय (कोटशेरा), चौड़ा मैदान, शिमला में आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ द्वारा एक सफल वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश वन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों को नदी जलग्रहण क्षेत्रों( River Catchment Areas) में वृक्षारोपण के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
इस कार्यक्रम का संचालन आपदा प्रबंधन समिति की संयोजक डॉ. विभा सरस्वती, तथा सदस्यगण डॉ. कनिका लखनपाल एवं डॉ. धनिषा नेगी के निर्देशन में किया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि यह वृक्षारोपण अभियान शिमला के ग्लेन क्षेत्र(Glenn) में चलाया गया, जो कि अश्वनी खड्ड के जलग्रहण क्षेत्र में आता है, जो आगे चलकर सतलुज नदी में जाकर मिलती है। ऐसे जलग्रहण क्षेत्रों को हरा-भरा बनाए रखना भूमि कटाव को रोकने, भूजल पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने और नदियों की सेहत बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय कदम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित धरोहर है। विशेषकर जलग्रहण क्षेत्रों में ऐसे प्रयास जल स्रोतों की रक्षा और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होते हैं। इस अभियान में लगभग आपदा प्रबंधन समिति के 30 छात्रों, आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ-साथ वन विभाग से वन रक्षक मोनिका और ममता, तथा वन मित्र राहुल ने सक्रिय भागीदारी दी। इस दौरान छात्रों ने बॉक्सस ,ओक और बॉटल ब्रश ,बान जैसे पौधों का रोपण किया, और साथ ही छात्रों ने निर्धारित क्षेत्रों में गड्ढे खोदे, पौधे रोपे, उन्हें पानी दिया और उनकी देखभाल का संकल्प लिया।