स्टेट स्पोर्टिड बायोचार कार्यक्रम संचालित करने में देश का पहला राज्य बना हिमाचल

0
9

आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला| हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां राज्य सरकार के समर्थन से स्टेट-सपोर्टेड बायोचार कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। इस परियोजना के तहत हमीरपुर जिले के नेरी में आगामी छह माह के भीतर बायोचार संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस संबंध में आज शिमला स्थित ओक ओवर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, हिमाचल प्रदेश वन विभाग और प्रोक्लाइम सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (चेन्नई) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जंगलों में आग की घटनाओं पर नियंत्रण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को रोजगार और कार्बन क्रेडिट अर्जन के अवसर भी प्रदान करेगी। इस योजना के अंतर्गत चीड़ की पत्तियों, लैंटाना, बांस और अन्य वन-आधारित बायोमास से बायोचार का उत्पादन किया जाएगा। बायोमास एकत्रित करने वालों को ₹2.50 प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान किया जाएगा, साथ ही प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे। इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 50,000 श्रम दिवस उत्पन्न होने की संभावना जताई गई है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन होगा। इसके साथ ही, कृषि में बायोचार के उपयोग, जलवायु परिवर्तन और संरक्षित बायोमास संग्रहण पर कौशल विकास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

इस परियोजना के तहत आगामी 10 वर्षों में 28,800 कार्बन क्रेडिट उत्पन्न होने का अनुमान है, जिससे हिमाचल प्रदेश की हरित पहलों को बल मिलेगा। प्रोक्लाइम सर्विसेज इस परियोजना के चरणबद्ध क्रियान्वयन में एक मिलियन अमेरिकी डॉलर तक का निवेश करेगी और वन विभाग इस परियोजना की निगरानी और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा, जबकि विश्वविद्यालय नेरी में संयंत्र स्थापना हेतु तीन एकड़ भूमि उपलब्ध करवाएगा और बायोचार पर अनुसंधान करेगा। इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, महापौर सुरेन्द्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद, कुलपति डॉ. राजेश्वर ठाकुर एवं कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।