प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण

0
29

आदर्श हिमाचल ब्यूरों

कांगड़ा| हिमाचल प्रदेश में इस मानसून भारी बारिश और बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद कांगड़ा हवाई अड्डे पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बैठक में बताया कि प्रदेश की 68 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र में आने के कारण विस्थापित परिवारों को पुनर्वास के लिए वन संरक्षण अधिनियम में छूट की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज और अतिरिक्त उधार सीमा (डेब्ट लिमिट) की स्वीकृति की मांग की है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के संसाधन सीमित हैं और भारी बारिश से क्षतिग्रस्त परियोजनाओं की मरम्मत में अधिक खर्च आता है, जिसके लिए वर्तमान केंद्रीय मापदंड पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने केंद्र से हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मापदंडों में संशोधन का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने जल विद्युत परियोजनाओं के उत्पादन से मुफ्त रॉयल्टी, केंद्र के स्वामित्व वाली परियोजनाओं को 40 वर्षों के बाद राज्य को हस्तांतरण, कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से ऑल वेदर सुरंगों का निर्माण तथा वैकल्पिक पर्वतीय मार्गों के विकास के लिए केंद्र से समर्थन की भी मांग की।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और प्रदेश की जनता के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए है।