मुख्यमन्त्री सुक्खू के औषधीय पौधों के कृषिकरण पर फैसला सराहनीय- डॉक्टर दिनेश कुमार

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

 

शिमला । इन्टरेगेटड मैडीकल एशोसियेशन आयुस के राज्याध्यक्ष एवम् हिमाचल प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के को-ओरडीनेटर व राज्य मैडीसिनल प्लांटस बोर्ड के पूर्व नोडल आफिसर डॉक्टर दिनेश कुमार ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 12 लाख औषधीय पौध किसानो को मुफ्त दिए जाने के फैसले का स्वागत किया है जिससे किसानो मे औषधीय पौधों की कृषि के प्रति जहां रूझान बढकर किसानों को अतिरिक्त आय का साधन बनेगा।

 

वही प्रदेश मे लगभग 250 से भी अधिक आयुर्वेदिक दवाईयां बनाने वाली फार्मेसीज को भी जड़ी बूटी का सुलभ कृषि स्रोत भविष्य मे मिलेगा जिसके लिए प्रथम दृष्ट्या मैसर्स डाबर कंपनी और मैसर्स करण सिंह बैद्य ने प्रदेश सरकार के साथ दस वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है, इस जमीनी प्रयास के लिए जहां प्रदेश के मुख्य मन्त्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू व आयुष मन्त्री  यादवेन्दर गोमा वधाई के पात्र है वहीं आयुष विभाग की प्राइवेट आयुष फार्मा के साथ पहल सराहनीय है और जैसा कि अब क्लाईमेटिक जोन के अनुसार मैसर्स डाबर फार्मा व मैसर्स करण सिंह वैद्य इच्छुक किसानो को आंवला,हरड,बहेड़ा,लोध्र ,काकडसिंगी, हल्दी, अश्वगंधा, शतावरी,तुलसी, जटामासी,कुटकी,सुगंधबाला,पुष्करमूल ,अतीश,पतीश व चिरायता आदि औषधीय पौधों की दस वर्ष तक एक करोड बीस लाख पौध उपलब्ध करवा कर उससे उत्पन्न जड़ी बूटी की खरीद कर किसानो को बाई बैक सुविधा उपलब्ध करवाऐंगे जिससे किसानो को बाहर बाजार के लिए नही भटकना पड़ेगा ।

 

 

डॉक्टर दिनेश कुमार ने प्रदेश मे स्थित अन्य आयुर्वेदिक दवा निर्माताओ/ फार्मेसीज से भी अनुरोध किया है कि वे भी अपनी जड़ी बूटियो की मांग के अनुसार प्रदेश सरकार के आयुष विभाग से एमओए ( समझौता ज्ञापन) कर अपनी मांग के अनुसार औषधीय पौधों की खेती के लिए किसानो को निशुल्क औषधीय पौध उपलब्ध करवा कर कृषि से उत्पन्न जड़ी बूटी का क्रय करे जो कि बाजार से भी सस्ता और गुणवत्तापूर्ण व ताजा होगा जिससे गुणवत्तापूर्ण दवाईयों का निर्माण होगा । उन्होने आयुष मन्त्री यादवेन्दर गोमा से आग्रह किया है कि जड़ी बूटी की कृषि के लिए इच्छुक किसानों को उचित प्रशिक्षण प्रदेश आयुष विभाग के अधीन हर्बल गार्डन जो कि जोगेंद्रनगर (मण्डी), नेरी (हमीरपुर), जंगलझलेडा (बिलासपुर) व धुमरेहडा (शिमला )मे कार्य रत है, मे करवाने की आयुष विभाग को निर्देश दे जिसके लिए रिसर्च इन्सटिच्यूट आफ् आईएसएम और रीजनल सेंटर कम फेसिलिटेसन सेंटर नोर्थ रीजन -i जोगेंद्रनगर की औषधीय पौध विशेषज्ञता सर्वोत्तम है।