96वां दिन, अवैध ब्लास्टिंग व प्रशासनिक उदासीनता के विरुद्ध आक्रोश!

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

 

सोलन (संघोई धार) । सीमेंट उद्योग व माइनिंग प्रभावित मंच के नेतृत्व में जारी धरना आज 96वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रभावित महिलाओं ने बड़ी संख्या में धरनास्थल पर पहुंचकर अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया।रात की कथित अवैध ब्लास्टिंग पर रोष
महिलाओं ने आरोप लगाया कि Ambuja Cements, जो वर्तमान में Adani Group के अधीन संचालित है, द्वारा रात के समय गैरकानूनी ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

 

सड़कों व आबादी क्षेत्र में मलबा फेंकने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिन के समय कंपनी द्वारा खनन से निकला मिट्टी-पत्थर गांव की सड़कों और घरों के समीप डाला जा रहा है। यह वही मार्ग है जिससे प्रतिदिन बसें और स्कूल के बच्चे गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर उदासीनता के आरोप
धरने पर पहुंची महिलाओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन, संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक दायरे में रहते हुए आंदोलन को और तेज करेंगी।

 

रूठो गांव के करमचंद ठाकुर ने कथित रूप से श्लोक ब्लॉक में संचालित कंपनी के क्रेशर प्लांट को कल सुबह लगभग 11 बजे कुछ समय के लिए बंद कर दिया। इसके बाद पुलिस एवं कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें एक सप्ताह के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार इसी प्रकार के आश्वासन दिए गए, जिन पर अमल नहीं हुआ।

 

धरनास्थल से वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण अब जागरूक हो चुके हैं और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रूप से आवाज उठा रहे हैं। मंच ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक और प्रभावित परिवारों को न्याय देने की मांग दोहराई।
धरना एवं क्रमिक भूख हड़ताल पूर्ववत जारी है।