आदर्श हिमाचल ब्यूरो
सोलन । अर्की उपमंडल के संघोई धार में धार देवता सीमेंट प्रभावित जन कल्याण समिति का शांतिपूर्ण धरना मंगलवार को 110वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान क्रमिक भूख हड़ताल भी लगातार जारी रही। समिति द्वारा क्षेत्र में चल रही खनन गतिविधियों और उससे हो रहे नुकसान के खिलाफ विरोध दर्ज किया जा रहा है।
समिति के संयोजक संदीप ठाकुर ने आरोप लगाया कि Ambuja Cements द्वारा मांगू पंचायत के अंतर्गत रोड़ी गांव के मंदिर मार्ग पर खनन क्षेत्र से भारी मलबा और चट्टानें डाली जा रही हैं, जिससे आम रास्ता बाधित हो रहा है और स्थानीय लोगों व मवेशियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
आंदोलन का दिखने लगा असर
समिति के अनुसार आंदोलन के दबाव से कई मुद्दों पर कार्रवाई हुई है। रठोह गांव में जल आपूर्ति बंद होने के मामले में 24 घंटे के भीतर पानी बहाल किया गया। वहीं संघोई धार क्षेत्र में खनन गतिविधियों में कमी आई है और घमारो गांव के ऊपर ब्लास्टिंग की घटनाओं में भी कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा मांगू गांव के सरकारी स्कूल की नई इमारत का निर्माण कार्य, जो लंबे समय से रुका हुआ था, अब दोबारा शुरू हो गया है। समिति ने इन बदलावों को स्थानीय लोगों की एकता और आंदोलन का परिणाम बताया है।
चुनाव को लेकर स्पष्ट रुख
समिति ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि केवल उन्हीं उम्मीदवारों को समर्थन दिया जाएगा जो खनन प्रभावित क्षेत्रों के मुद्दों को गंभीरता से उठाएंगे और आंदोलन के साथ खड़े होंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे चुनाव के समय अचानक सक्रिय होने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें और तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लें।
मुख्य मांगें दोहराईं
समिति ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि घमारो ब्लास्टिंग मामले सहित खनन गतिविधियों की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाए, प्रभावित युवाओं को रोजगार से जुड़े पूर्व समझौतों को लागू किया जाए तथा प्रभावित पंचायतों की समस्याओं पर प्रशासन ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करे।
समिति ने चेतावनी दी कि जब तक जिला प्रशासन के उपायुक्त स्वयं मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान नहीं करते, तब तक धरना और क्रमिक भूख हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।











