आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला | हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण आज तीखे राजनीतिक तेवरों के साथ शुरू हुआ। नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री सुखबिंदर सिंह के खिलाफ सदन के भीतर और बाहर भ्रामक एवं असत्य बयान देने के आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानियां को नियम 75 के तहत विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) का नोटिस सौंपा।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। मीडिया से बातचीत में Jai Ram Thakur ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता की अपेक्षा होती है, लेकिन वर्तमान सरकार लगातार इन मानकों पर खरा उतरने में विफल रही है।
विपक्ष ने आंकड़ों के आधार पर सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह सम्मान निधि योजना को लेकर गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया। भाजपा के अनुसार, घोषित 35,687 लाभार्थियों और 7.42 करोड़ रुपये के खर्च का गणित मेल नहीं खाता, जिससे स्पष्ट होता है कि लाभार्थियों को सीमित अवधि के लिए ही भुगतान हुआ है, जबकि प्रचार-प्रसार पर अधिक खर्च किया जा रहा है।
इसी तरह ‘सुख आश्रय योजना’ के तहत 4,131 बच्चों में से केवल 114 को ही शैक्षणिक भ्रमण का लाभ मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। कृषि क्षेत्र में ऑर्गेनिक फार्मिंग और गोबर खरीद योजना पर भी सवाल खड़े करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मात्र 0.18 प्रतिशत किसानों की भागीदारी और औसतन 862 रुपये वार्षिक भुगतान सरकार की नीतियों की जमीनी हकीकत को उजागर करता है।
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार की ओर से राज्य को मिलने वाली वित्तीय सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि नरेद्रं मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल को ‘रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट’ के तहत लगभग 89 हजार करोड़ रुपये प्रदान किए हैं, जो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के 18 हजार करोड़ रुपये से कई गुना अधिक है। इसके बावजूद राज्य सरकार अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रही है।
आंकड़ों के जरिए घेरा सरकार को
जय राम ठाकुर ने अपनी सरकार और वर्तमान सरकार की योजनाओं का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के समय ‘सहारा योजना’, ‘हिमकेयर योजना’ और ‘गृहिणी सुविधा योजना’ जैसी योजनाओं में लाखों लोगों को लाभ मिला और सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इसके विपरीत, वर्तमान सरकार की ‘सुख शिक्षा योजना’, ‘सुख सम्मान निधि’, ‘सुख आश्रय योजना’ और ‘राजीव गांधी स्टार्टअप योजना’ का कुल बजट लगभग 59.21 करोड़ रुपये और लाभार्थियों की संख्या करीब 61,203 बताई गई, जिसे भाजपा ने नगण्य करार दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए बस किराए में छूट और पानी के बिल माफी जैसी योजनाओं से लाखों लोगों को राहत दी थी, जबकि वर्तमान सरकार पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर जनता को भ्रमित कर रही है।
अंत में जय राम ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री के हर कथित झूठ का पर्दाफाश करते रहेंगे। अब सबकी नजरें विधानसभा अध्यक्ष कुलद्वीप पठानियों के फैसले पर टिकी हैं, जो इस प्रिविलेज मोशन की दिशा तय करेगा।











