युवाओं के भविष्य से खिलवाड़, बजट पूरी तरह दिशाहीन: गौरव कुमार

0
28

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

चिंतपूर्णी/शिमला। स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी, ने हिमाचल प्रदेश के बजट 2026–27 को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस बजट को जनविरोधी, युवा-विरोधी और विकास-विरोधी करार देते हुए कहा कि यह “आर्थिक विफलता का प्रमाण पत्र” है।

 

गौरव कुमार ने कहा कि लगभग ₹54,928 करोड़ के बजट और ₹6,000 करोड़ से अधिक के राजस्व घाटे से प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति साफ झलकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास न पर्याप्त संसाधन हैं, न स्पष्ट योजना और न ही भविष्य का ठोस विजन।

 

युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस नीति या रोडमैप नहीं दिया गया है। न नए उद्योगों के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं और न ही स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस पहल दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, जबकि सरकार केवल वादों तक सीमित है।

 

उन्होंने आगे कहा कि बजट का आकार घटाना विकास की रफ्तार को धीमा करने जैसा है। सड़क, पर्यटन और उद्योग जैसे अहम क्षेत्रों में निवेश की कमी चिंता का विषय है। प्रदेश लगातार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है, लेकिन सरकार के पास इसे कम करने की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है।

 

मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की सैलरी रोकने के फैसले पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की गंभीर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए की गई घोषणाओं को उन्होंने “कागजी” बताते हुए कहा कि इनके क्रियान्वयन की कोई स्पष्ट योजना नहीं है।

 

अंत में गौरव कुमार ने सरकार से मांग की कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की ठोस नीति लाई जाए, राज्य की आय बढ़ाने के नए स्रोत विकसित किए जाएं तथा उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेश को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

#AadarshHimachal #HimachalBudget2026 #YouthIssues #Economy #HimachalNews #Politics #Employment #BudgetDebate