आदर्श हिमाचल ब्यूरों
सोलन । अर्की क्षेत्र के अंतर्गत गांव सावग-शिवनगर में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन आचार्य श्री भगतराम नड्डा जी ने अपने प्रेरणादायक प्रवचनों के माध्यम से जीवन को सकारात्मकता और संतुलन के साथ जीने का संदेश दिया।
अपने संबोधन में आचार्य जी ने “प्रकृति के तीन महत्वपूर्ण नियमों” को सरल, सहज और गहराई से समझाते हुए कहा कि यदि मन को सकारात्मक विचारों से नहीं भरा जाए, तो नकारात्मकता स्वतः उसमें स्थान बना लेती है। उन्होंने पहले नियम के माध्यम से बताया कि जैसे प्रकृति खाली स्थान को नहीं छोड़ती, वैसे ही मन को भी अच्छे विचारों से भरना आवश्यक है।
दूसरे नियम पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति वही बांटता है जो उसके पास होता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपने भीतर सकारात्मकता, ज्ञान और सद्भावना का विकास करना चाहिए, ताकि समाज में भी वही ऊर्जा प्रसारित हो सके।
तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण नियम को समझाते हुए आचार्य जी ने कहा कि “जो पचता नहीं, वही विष बनता है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि चाहे वह धन हो, प्रशंसा हो, निंदा हो या कोई बात—यदि हम उसे संतुलन और समझदारी से स्वीकार नहीं करते, तो वही हमारे जीवन में नकारात्मकता और अशांति का कारण बन जाता है।
आचार्य जी ने अपने प्रवचन के अंत में संदेश दिया कि सहनशीलता, विनम्रता और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को महान बनाती है। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर इस आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाया।
🏷️
#ShriRamKatha #Arki #Solan #HimachalPradesh #AdarshHimachal #Spirituality #PositiveThinking #LifeLessons #Motivation #BhagwatKatha #SanatanDharma #Inspiration #Mindset #IndianCulture #GoodVibesOnly #Satsang #Pravachan #HimachalNews











