आदर्श हिमाचल ब्यूरो
शिमला । प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्पलाइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज और महासचिव प्रशान्त शर्मा ने कहा है कि साढ़े 5 महीने बीतने के बाद भी बिजली बोर्ड प्रबंधन आज तक गत 15 अक्टूबर को यूनियन के 18 वें महासम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के आदेश जारी करने में विफल रहा है जिसके चलते कर्मियों में भारी रोष है और मुख्यमंत्री और सरकार की छवि भी खराब हो रही है और निःसंदेह प्रबंधन और यूनियन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
यूनियन का कहना है कि बोर्ड प्रबंधन ने अप्रूवल के नाम पर फ़िल्डों से सभी पदोन्नति की फाइलों को मुख्यमंत्री कार्यालय भेजने की नई परिपाटी शुरू की जिसके चलते अब पदोन्नति में अवांछित देरी हो रही है और काफी मामलों में कर्मियों की पदोन्नति में कई त्रुटियों आई हैं, जिसके चलते अलग अलग अप्रूवल के चलते सीनियर कर्मी जूनियर हो गए हैं जोकि अत्यंत गंभीर मामला है और यह बोर्ड को अवांछित लिटिगेशन की ओर धकेलेगा, लेकिन माननीय चेयरमैन से मामला उठाने के बाद भी इसमें कोई अमेंडमेंट नहीं हुआ है। इसी तरह जेओए (आईटी) की कन्फर्मेशन भी लंबे समय से लम्बित है।
बिजली बोर्ड प्रबंधन करुणामूलक अभ्यर्थियों के आदेश जारी करने में भी आज तक विफल रहा है जो बेहद चिंतनीय है। बिजली बोर्ड में अंदर अंडर सेक्रेटरी, सेक्शन ऑफिसर, सुप्ड्रिंटेंडेंट ग्रेड-2, अकाउंट्स ऑफिसर और सहायक अभियंता (सिविल और इलेक्ट्रिकल दोनों) आदि पदों के लिए डी*पी*सी* नहीं हो पाई और कुछ कर्मचारी बिना पदोन्नत हुए रिटायर हो रहे हैं।
बिजली बोर्ड प्रबंधन 2 वर्षों से अपने रिटायर कर्मियों को उनकी ग्रेजुएटी और लीव एनकैशमेंट के भुगतान करने में विफल रहा है और बिजली बोर्ड कर्मियों के क्लेम पिछले 2 वर्षों से लंबित है, जिसके चलते बिजली कर्मियों और पेंशनर में व्याप्त रोष है।
उक्त सभी मामलों में देरी के चलते यूनियन के राज्य पदाधिकारियों की मीटिंग 6 और 7 अप्रैल को शिमला में होगी और कर्मियों की भावना को देखते हुए आगे की रणनीति और विरोध के स्वरूप पर फैसला लिया जाएगा।
यूनियन मुख्यमंत्री से भी एक बार फिर मांग करती है कि आप अपनी घोषणाओं, बिजली बोर्ड में ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली, बिजली बोर्ड में नई भर्तियों और बिजली कर्मचारियों के मामलों को गंभीरता देखते हुए संज्ञान लें और बोर्ड प्रबंधन को आदेश दें, ताकि समस्याओं का शीघ्र समाधान हो।











