सोलर मिशन में मेहली सबसे आगे 🏆 | जिले में जीता 1 करोड़ का पुरस्कार

0
10

आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला ।।पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिला शिमला की मेहली ग्राम पंचायत को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की।

 

बैठक में बताया गया कि योजना के तहत जिले के 10 गांवों—त्याल, छकड़ैल, दत्त नगर, कितबाड़ी, परहेच, शिंगला, सराहन, कुमारसैन, बौंडा और मेहली—का चयन किया गया था। इन पंचायतों को 28 फरवरी, 2026 तक सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। इनमें से केवल मेहली ग्राम पंचायत ही निर्धारित समय सीमा में सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर सकी, जिसके चलते इसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में चयनित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए पंचायत को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

 

उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक 657 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 231 आवेदनों में सोलर इंस्टॉलेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। इनसे 803 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित हुई है। इनमें से 204 लाभार्थियों को सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है।

 

उन्होंने कहा कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता है। सौर ऊर्जा को अपनाकर परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। पंचायतों को प्रत्येक सोलर रूफटॉप स्थापना पर 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक करें।

एक करोड़ रुपये का पुरस्कार

आदर्श सोलर विलेज घटक के अंतर्गत उस पंचायत का चयन किया जाता है, जहां सबसे अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हों। चयनित पंचायत को सौर ऊर्जा के प्रसार में योगदान के लिए एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

योजना एवं पात्रता

केंद्र सरकार द्वारा 29 फरवरी, 2024 को स्वीकृत इस योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाना और आवासीय उपभोक्ताओं को अपनी बिजली स्वयं उत्पन्न करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत 2 किलोवाट तक की क्षमता पर 60 प्रतिशत तथा 2 से 3 किलोवाट तक की अतिरिक्त क्षमता पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। अधिकतम 3 किलोवाट तक लगभग 85 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है।

 

आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए, उसके पास उपयुक्त छत वाला घर और वैध बिजली कनेक्शन होना आवश्यक है। साथ ही, परिवार ने पहले किसी अन्य सौर योजना का लाभ न लिया हो।

योजना का संचालन

प्रदेश में यह योजना हिमऊर्जा द्वारा संचालित तथा विद्युत विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है। इच्छुक लाभार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है, जिसके पश्चात स्वीकृति मिलने पर अधिकृत वेंडर के माध्यम से सोलर पैनल स्थापित किए जाते हैं।

 

 

ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर के लाभ
बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत
छत की खाली जगह का प्रभावी उपयोग
अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लागत में कमी
ग्रिड वोल्टेज में सुधार और सिस्टम पर दबाव कम
1 किलोवाट सोलर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 3 से 4 यूनिट बिजली उत्पादन संभव
बैठक में हिम ऊर्जा प्रोजेक्ट ऑफिसर अशोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

#PMSuryaGhar #SolarVillage #Mehli #Shimla #HimachalPradesh #SolarEnergy #GreenEnergy #RenewableEnergy #EnergySelfReliance #SolarPower #SustainableIndia #HimUrja #CleanEnergy #GoGreen #SolarMission