आईटीआई राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन, उपायुक्त ने दिया प्रेरणादायक संदेश

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आदर्श हिमाचल ब्यूरो

शिमला । महिला वर्ग का भव्य समापन रविवार को आईटीआई चौड़ा मैदान में हुआ। समापन समारोह में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई प्रतिभागी छात्राओं, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में विजेता एवं उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया।

 

 

समारोह के प्रारंभ में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने उपस्थित सभी खिलाड़ियों, छात्राओं, प्रशिक्षकों एवं स्टाफ को चिट्टे एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से नशामुक्त हिमाचल के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

 

 

अपने संबोधन में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे प्रभावी पाठशाला हैं। खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाला प्रत्येक खिलाड़ी अपने आप में विजेता होता है, क्योंकि वह अपने भीतर आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना विकसित करता है।

 

 

उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। चाहे खेल का मैदान हो, शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, सेना अथवा उद्यमिता का क्षेत्र, महिलाएं अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने कौशल और प्रतिभा को निरंतर निखारें तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए पूरी लगन और मेहनत से कार्य करें।

 

 

उपायुक्त ने कहा कि जीवन में अनुशासन और नियमों का पालन सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। यदि विद्यार्थी समय का सदुपयोग करते हुए अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें तो कोई भी चुनौती उनके मार्ग की बाधा नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि खेल हमें हार से सीखने और जीत में विनम्र बने रहने की प्रेरणा देते हैं, जो जीवन की सबसे बड़ी सीख है।

 

 

उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं के सामने बढ़ती नशे की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज चिट्टा और अन्य मादक पदार्थ समाज एवं विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुके हैं। नशा केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, नवाचार और सकारात्मक गतिविधियों में लगानी चाहिए।

 

 

उन्होंने कहा कि यदि किसी युवा का साथी अथवा परिचित नशे की गिरफ्त में है तो उसे समाज से अलग करने के बजाय उसे नशे से बाहर निकालने के लिए प्रेरित करें तथा उसका सहयोग करें। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टा तस्करों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के साथ-साथ सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए इनाम योजना भी लागू की है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा ₹10,000 से ₹10 लाख तक का इनाम दिया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी नशे के कारोबार या तस्करी संबंधी कोई सूचना प्राप्त होती है तो वे बिना किसी भय के प्रशासन एवं पुलिस को इसकी जानकारी दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त हिमाचल का सपना तभी साकार होगा जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।

 

 

उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की राज्यस्तरीय प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को विकसित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

समारोह के अंत में मुख्य अतिथि ने विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं ट्रॉफियां प्रदान कर सम्मानित किया।

 

मुख्यतिथि को शॉल टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। राज्य भर के 11 जिलों में से 408 खिलाड़ियों ने चार दिवसीय दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
इस मौके पर विवेक मेहता नोडल ऑफिसर कम प्रधानाचार्य, कार्तिक ठाकुर प्रधानाचार्य आईटीआई चौड़ा मैदान सहित विभिन्न जिलों के खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद रहा।

ये रहे प्रतियोगिता परिणाम

वॉलीबॉल प्रतियोगिता में जिला सोलन विजेता तथा जिला शिमला उपविजेता रहा। खो-खो प्रतियोगिता में जिला शिमला विजेता तथा जिला सोलन उपविजेता रहा। बैडमिंटन प्रतियोगिता में जिला कांगड़ा ने प्रथम तथा जिला मंडी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कबड्डी प्रतियोगिता में जिला सोलन विजेता तथा जिला शिमला उपविजेता रहा।

 

सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में एकल गायन में जिला शिमला प्रथम, जिला किन्नौर प्रथम उपविजेता तथा जिला कुल्लू द्वितीय उपविजेता रहा। स्किट प्रतियोगिता में जिला शिमला विजेता, जिला कुल्लू प्रथम उपविजेता तथा जिला मंडी द्वितीय उपविजेता रहा। समूह गायन प्रतियोगिता में जिला बिलासपुर विजेता, जिला शिमला प्रथम उपविजेता तथा जिला चंबा द्वितीय उपविजेता रहा। लोक नृत्य प्रतियोगिता में जिला चंबा विजेता, जिला सोलन प्रथम उपविजेता तथा जिला कुल्लू द्वितीय उपविजेता रहा। मार्च पास्ट प्रतियोगिता में जिला शिमला ने प्रथम तथा जिला कुल्लू ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

 

उत्कृष्ट एवं निरंतर प्रदर्शन के आधार पर ओवरऑल स्पोर्ट्स ट्रॉफी जिला सोलन के नाम रही, जबकि ओवरऑल कल्चरल ट्रॉफी पर जिला शिमला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कब्जा जमाया।