नगर निगम की वित्तीय स्वायत्तता पर कांग्रेस सरकार कर रही है कुठाराघात : कमलेश मेहता

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला। भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा सचिव एवं पार्षद कमलेश मेहता ने कहा कि कांग्रेस सरकार और नगर निगम शिमला की कार्यप्रणाली कई गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है। नगर निगम की वित्तीय स्वायत्तता को कमजोर किया जा रहा है तथा नई पोर्टल प्रणाली के माध्यम से नगर निगम के राजस्व और जनता के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर पारदर्शिता का अभाव दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम के विभिन्न करों और शुल्कों के भुगतान के लिए पूर्व में निगम की अपनी व्यवस्था और पोर्टल उपलब्ध था, लेकिन अब नई पोर्टल प्रणाली लागू किए जाने के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि नागरिकों से प्राप्त होने वाली राशि किस प्रकार संचालित की जा रही है, उसका लेखा-जोखा क्या है और धनराशि किस खाते अथवा फंड में स्थानांतरित की जा रही है। नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार को इस विषय पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

 

 

कमलेश मेहता ने कहा कि नगर निगम को चलाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की भी होती है, लेकिन इसके विपरीत ऐसा प्रतीत हो रहा है कि नगर निगम के माध्यम से ही सरकार अपनी वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कूड़ा शुल्क, कर एवं अन्य भुगतान भी नई व्यवस्था के माध्यम से लिए जा रहे हैं तो सरकार को यह बताना चाहिए कि इस पूरी प्रणाली का कानूनी एवं वित्तीय आधार क्या है।

 

उन्होंने कहा कि 74वें संविधान संशोधन का उद्देश्य नगर निकायों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता प्रदान करना था, ताकि वे स्थानीय स्तर पर स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें। यदि नगर निगम की आय और संसाधनों पर सरकार का प्रत्यक्ष नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है, तो यह स्थानीय स्वशासन की भावना के विपरीत है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पहले ही नगर निगम की आय के अनेक स्रोत सीमित कर दिए हैं। अब नई व्यवस्थाओं के माध्यम से जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। भाजपा इस पूरे मामले में पूर्ण पारदर्शिता की मांग करती है तथा नगर निगम और राज्य सरकार से आग्रह करती है कि नई पोर्टल व्यवस्था, राजस्व प्रबंधन और धनराशि के उपयोग का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाए।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और नगर निगम की वित्तीय स्वायत्तता तथा नागरिकों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी।