नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर होगी कार्रवाई, कब्जे भी हटेंगे: उपायुक्त

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

धर्मशाला। जिला कांगड़ा में नशे की रोकथाम और नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने बहुआयामी रणनीति के तहत कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में सोमवार को एनआईसी सभागार धर्मशाला में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकाॅर्ड) की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की।

 

बैठक में नशे की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण, नशा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, युवाओं को नशे से दूर रखने, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

 

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीआईटी-एनडीपीएस के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।

 

उन्होंने कहा कि नशा तस्करों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के मामलों में कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए तथा अवैध निर्माणों को नियमानुसार हटाया जाए। सभी एसडीएम को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

उपायुक्त ने नशा प्रभावित क्षेत्रों में गठित नशा निवारण समितियों को सक्रिय करने तथा चिन्हित हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने और नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

 

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को डाॅ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, टांडा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ओपिओयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) सेवाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति उपचार एवं पुनर्वास व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया।

 

उपायुक्त ने जेलों में बंद नशे से संबंधित आरोपियों की नियमित काउंसलिंग, उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

 

उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों, अस्पतालों तथा नगर निकायों की एलईडी स्क्रीन पर ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान के संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

 

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि जिले की पंचायतों में विभिन्न विभागों के अधिकारी स्कूलों का नियमित दौरा करेंगे और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सकारात्मक और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में गठित प्रहरी क्लबों को सक्रिय करने तथा एसएएमवीएएडी (सिस्टेमैटिक एडोलसेंट मैनेजमेंट एंड वैल्यू एडिशन डायलाॅग) कार्यक्रम के तहत नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।

 

उपायुक्त ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि स्कूल परिसर अथवा उसके आसपास नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दी जाए। विद्यार्थियों के लिए नियमित कार्यशालाओं, संवाद कार्यक्रमों और काउंसलिंग सत्रों का आयोजन भी सुनिश्चित किया जाए।

 

उन्होंने निजी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच और उनकी कार्यप्रणाली के मासिक मूल्यांकन के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने सभी विभागों को अपनी-अपनी गतिविधियों का नियमित दस्तावेजीकरण करने और आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी के माध्यम से ‘नशा मुक्त कांगड़ा’ को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।

 

बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने जिले में नशा निवारण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों और अब तक की गई विभिन्न कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

 

  • बैठक में आयुक्त नगर निगम जफर इकबाल, पुलिस अधीक्षक देहरा संदीप धवल, पुलिस अधीक्षक नूरपुर इलमा अफरोज, एसडीएम मोहित रत्न, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. ओमेश भारती, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरके सूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डाॅ. अनुराधा, सचिव जिला रेडक्राॅस ओपी शर्मा, डीएसपी जेल संजीव कुमार, आरपीजीएमसी टांडा से डाॅ. पंकज कुमार,  डाॅ. अनीता, सहायक निदेशक आरएफएसएल डाॅ. राकेश कुमार, जिला अटाॅर्नी एनएस चैहान, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर, उपनिदेशक कृषि अशोक कुमार, सहायक आबकारी अधिकारी रिशिका ठाकुर, उपनिदेशक शिक्षा अजय संबयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा जिले के एसडीएम, डीएसपी एवं बीएमओ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।