पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की कड़ी में शील्ड ट्रस्ट ने नाग्गर में चलाया पौधरोपण अभियान

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

कुल्लू। पर्यावरण संरक्षण के अपने निरंतर प्रयासों की कड़ी में शील्ड ट्रस्ट (Safeguarding Himachal’s Integrity, Environment, Landmarks & Dignity) ने आउटस्टेप पब्लिक स्कूल, नाग्गर के सहयोग से एक और पौधरोपण अभियान आयोजित किया। “Green Today | Greener Tomorrow” थीम के तहत आयोजित इस पहल में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

 

अभियान के दौरान विद्यालय परिसर में देवदार (शंकुधारी प्रजाति) के 14 पौधे लगाए गए। इसके अलावा विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने घरों तथा आसपास पौधे लगाने के लिए अतिरिक्त पौधे भी वितरित किए गए, ताकि इस पहल का संदेश स्कूल परिसर से आगे स्थानीय समुदाय तक पहुंचे।

 

कार्यक्रम में कुल्लू वन विभाग का सहयोग प्राप्त हुआ। विभाग ने पौधे उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनके उचित रोपण और देखभाल के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। शील्ड ट्रस्ट ने डीएफओ एवं रेंज ऑफिसर सहित वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

 

 

आउटस्टेप पब्लिक स्कूल, नाग्गर के एमडी एवं प्रधानाचार्य श्री खुभ राम नेगी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने के लिए ऐसी गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छात्रों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

 

 

शील्ड ट्रस्ट की अध्यक्ष रितांजलि हस्तीर ने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य युवाओं और समुदाय को ऐसे प्रयासों से जोड़ना है, जिनसे हिमाचल की हरियाली और प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखने में जनभागीदारी बढ़े।

 

 

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा का संकल्प लिया। शील्ड ट्रस्ट के सचिव डॉ. योगेश भारद्वाज ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए विद्यालय प्रबंधन, वन विभाग, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

 

 

उन्होंने कहा कि पौधरोपण की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी जीवितता, स्वस्थ विकास और निरंतर देखभाल ही इस पहल की वास्तविक उपलब्धि होगी।

 

 

शील्ड ट्रस्ट ने कहा कि वह भविष्य में भी विद्यालयों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर हिमाचल के पर्यावरण, हरित क्षेत्रों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाता रहेगा।