आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला । हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, एपीजी शिमला विश्वविद्यालय और राजकीय महाविद्यालय सोलन के बीच एक सहमतिपत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
यह एमओयू सामाजिक विज्ञान, मूल विज्ञान, वाणिज्य, पत्रकारिता, प्रदर्शन कला, और बीबीए, बीसीए, फॉरेंसिक साइंस तथा पीजीडीसीए जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर आपसी सहयोग को सुनिश्चित करता है।
इस समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान निम्नलिखित क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे:
विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम
शिक्षकों का आदान-प्रदान और अतिथि संकाय कार्यक्रम
संयुक्त सेमिनार, कार्यशालाएं और सम्मेलन
शैक्षणिक लेखन और शोध परियोजनाओं में सहयोग
यह समझौता राजकीय महाविद्यालय सोलन की प्राचार्य डॉ. मनीषा कोहली, एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.आर.एल. शर्मा और शैक्षणिक डीन डॉ. आनंद मोहन की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय सोलन की सहायक प्रोफेसर (प्राणीशास्त्र) शिवानी केप्रेटे भी उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर बोलते हुए, प्राचार्य मनीषा कोहली ने कहा यह सहयोग हमारे छात्रों और शिक्षकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा, जिसमें औद्योगिक अनुभव, व्यावहारिक प्रशिक्षण और संयुक्त शोध गतिविधियाँ शामिल होंगी।
कुलसचिव आर.एल. शर्मा ने संस्थागत साझेदारियों के महत्व पर बल देते हुए कहा,
“यह समझौता हमारी बहुविषयक शिक्षा की सोच के अनुरूप है और छात्रों को व्यापक अकादमिक और व्यावसायिक अवसर प्रदान करेगा।”
डॉ. आनंद मोहन ने कहा कि इस प्रकार के सहयोग नवाचार और समग्र विकास को बढ़ावा देंगे, जिससे शिक्षण और अनुसंधान की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
यह समझौता राज्य में उच्च शिक्षा के परिदृश्य को और मजबूत करेगा तथा छात्रों और शिक्षकों दोनों को समृद्ध शैक्षणिक अनुभव प्रदान करेगा।