आदर्श हिमाचल ब्यूरो
चंबा । हिमालय उन्नति मिशन (HUM) के तत्वावधान में, श्री श्री ग्रामीण विकास कार्यक्रम (SSRDP) ट्रस्ट, आर्ट ऑफ लिविंग एवं प्राणा (PRAANA) सोलर लैंप व मोबाइल चार्जर पहल के सहयोग से आज जिला चंबा के पांगी लैंडस्केप अंतर्गत चसक भटोरी, साच, मुर्छ (Murch), एवं कुठाह, गांवों में विषम मौसमीय परिस्थितियों के बाबजूद 135 से अधिक
सोलर लैंप व मोबाइल चार्जर का वितरण किया गया।
इस पहल का उद्देश्य दुर्गम एवं पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाना, साथ ही शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं सतत आजीविका को समर्थन प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम के लाभार्थियों में स्थानीय ग्रामीण परिवार, युवा आचार्य, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाएं तथा सामुदायिक आजीविका कार्यकर्ता शामिल रहे। ये सोलर लैंप शिक्षा, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, आजीविका से जुड़ी उत्पादन गतिविधियों एवं दैनिक घरेलू आवश्यकताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
हिमालय उन्नति मिशन के कार्यक्रम निदेशक – लैंडस्केप विकास कार्यक्रम, श्री अमित मेहता ने बताया कि मिशन का फोकस हिमालयी परिदृश्यों में समुदाय-नेतृत्व वाले और आवश्यकता-आधारित विकास समाधानों पर है। उन्होंने कहा कि प्राणा सोलर लैंप जैसे हस्तक्षेप शिक्षा के अवसरों को सुदृढ़ करने, महिलाओं की आजीविका गतिविधियों, युवा-नेतृत्व वाली पहलों तथा समग्र सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के युवाचार्य सुमित्रा जी, दीपा जी, राज कुमार ठाकुर जी एवं वीर सिंह राणा जी, स्थानीय स्वयंसेवक कौल सिंह जी, ग्राम पंचायत धरवास की प्रधान अनीता ठाकुर, हिमालय उन्नति मिशन की ओर से स्वयंसेवक व समुदाय समन्वयक बलराम गर्ग सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिला समूहों की सदस्याएं, युवाचार्य एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह दर्शाया कि स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने और समग्र ग्रामीण विकास की दिशा में हिमालयी क्षेत्र में एक साझा प्रतिबद्धता मौजूद है।
हिमालय उन्नति मिशन का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री बलराम गर्ग ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा समाधान ग्रामीण परिवर्तन के सशक्त साधन हैं। उन्होंने जोर देते हुए बताया कि नाज़ुक हिमालयी पारिस्थितिक तंत्र में इस प्रकार की पहलें न केवल सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देती हैं, बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देती हैं।











