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	<title>E-Paper/PDF - Aadarsh Himachal</title>
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		<title>सुक्खू सरकार की 3 साल की बजट घोषणाएं अधूरी, कहां गया बजट का पैसा : जयराम ठाकुर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 03:07:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  शिमला ।  नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने व्यवस्था परिवर्तन वाली सुक्खू की सरकार पर निशाना  साधते हुए कहा कि तीन साल कार्यकाल बीत जाने के बाद भी कांग्रेस अपने पहले बजट की घोषणाओं को भी अमली जामा नहीं पहुंच पाई है। कुछ घोषणाएं तो सिर्फ कागजों में ही रह गई। कई [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला । </strong> नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने व्यवस्था परिवर्तन वाली सुक्खू की सरकार पर निशाना  साधते हुए कहा कि तीन साल कार्यकाल बीत जाने के बाद भी कांग्रेस अपने पहले बजट की घोषणाओं को भी अमली जामा नहीं पहुंच पाई है। कुछ घोषणाएं तो सिर्फ कागजों में ही रह गई। कई घोषणाएं तो ऐसी हैं जिसके बारे में सरकार हर बजट में बात करती है लेकिन जमीन पर कुछ नजर नहीं आता है।  जिस तरीके से जनता के बीच झूठ बोलकर और झूठी गारंटियां देकर सुक्खू सरकार सत्ता में आई इस तरीके से विधानसभा के भीतर बजट में भी झूठी घोषणाएं करके अपनी सरकार चला रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि चुनावी रैली और विधानसभा के भीतर कही गई बातों के बीच फर्क होता है। जिन योजनाओं का बजट में प्रावधान होता है उसे पूरा करना भी सरकार की जिम्मेदारी होती है लेकिन वर्तमान सरकार की बजट में की गई दर्जनों घोषणाएं कागजों में धूल फांक रही है और उन्हें सरकार द्वारा भुला दिया गया है।  प्रदेश की जनता और भाजपा मुख्यमंत्री से अपेक्षा रखती है कि वह अपना चौथा बजट पेश करने से पहले पूर्व के तीनों बजट में की गई घोषणाओं के अधूरा रहने का जवाब दें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने गारंटी के नाम पर प्रदेश की मातृ शक्ति से झूठ बोला और बजट की घोषणा के नाम पर छात्र शक्ति से झूठ बोला। पहले ही बजट में सरकार ने 20000 मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 25 हजार रुपए की सब्सिडी देने की घोषणा की जिसका अब जिक्र भी नहीं होता। प्रदेश में 6 ग्रीन कॉरिडोर बनाने की घोषणा करने वाली सरकार ने इलेक्ट्रिक चार्जिंग पर ₹6 प्रति यूनिट का एनवायरमेंट सैस लगाया है। प्रदेश के हर विधान सभा में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोलने की घोषणा हुई लेकिन काम सिर्फ हवा हवाई हैं। चंबा, नाहन, हमीरपुर में पैट स्कैन की घोषणा फाइलों में दफ़न है। किसानों, बागवानों, खिलाड़ियों, महिलाओं, जनजातीय क्षेत्रों के निवासियों के लिए की गई छोटी-छोटी घोषणाएं भी कागज से बाहर नहीं निकल पाई हैं। युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार और स्वावलम्बन की घोषणाएं भी कागज तक सीमित हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यवस्था परिवर्तन के बड़े दावे करने वाली सुक्खू सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष में 63,712 करोड़ रुपये, दूसरे वर्ष में 75,496 करोड़ रुपये और तीसरे वर्ष में 58,343 करोड़ रुपये (अनुपूरक बजट को छोड़कर) का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। इस प्रकार तीन वर्षों में सरकार ने लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसके अतिरिक्त सरकार ने इस अवधि में 45,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज भी लिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इतना बड़ा बजट पेश करने और भारी ऋण लेने के बावजूद यदि विधानसभा में बजट के दौरान घोषित योजनाओं को तीन-तीन वर्षों तक शुरू भी नहीं किया जा सका, तो यह सरकार की नीति, नियत और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि जब बजट में योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया था, तो उन योजनाओं की शुरुआत क्यों नहीं हुई? और उन योजनाओं के लिए जो धन का प्रावधान किया गया था, वह पैसा आखिर गया कहां?</p>
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		<title>डीबीटी प्रणाली से 34 लाख लाभार्थियों के खातों में 2370.65 करोड़ रूपये की राशि हस्तांतरित</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/an-amount-of-rs-2370-65-crore-transferred-to-the-accounts-of-34-lakh-beneficiaries-through-dbt-system/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Aug 2025 23:20:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों &#160; शिमला । शांत हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश, शक्तिशाली डिजिटल परिवर्तन से शासन व्यवस्था को नया रूप दे रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में राज्य ने सेवाओं को कुशलता, पारदर्शिता और सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल तकनीक को अपनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला ।</strong> शांत हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश, शक्तिशाली डिजिटल परिवर्तन से शासन व्यवस्था को नया रूप दे रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में राज्य ने सेवाओं को कुशलता, पारदर्शिता और सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल तकनीक को अपनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले अढ़ाई वर्षों में डिजिटल तकनीक से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाया है, बल्कि नागरिकों को ऐसे लाभ भी पहुंचाए हैं, जिससे शासन अधिक सुलभ और उत्तरदायी बना है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हिमाचल प्रदेश में नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प (एमएमएसएस) हेल्पलाइन 1100 एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य कर रही है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 1,49,490 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से अधिकतर शिकायतों का समाधान किया जा चुका है जबकि प्राप्त शिकायतों के समाधान में संबंधित नागरिकों की संतुष्टि दर 70 प्रतिशत से बढ़कर 71 प्रतिशत हो गई है। यह नागरिकों को समय पर और प्रभावी सेवा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एमएमएसएस हेल्पलाइन विभिन्न विभागीय हेल्पलाइनों के संचालन के लिए एक केंद्रीकृत कॉल सेंटर के रूप में भी कार्य कर रही है। इसी सेवा के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) हेल्पलाइन 1967, आपदा हेल्पलाइन सहित अन्य सेवाओं को भी जोड़ा गया है, जिससे संबंधित शिकायतों के समाधान में भी तेजी आई है। इसके अतिरिक्त एमएमएसएस हेल्पलाइन प्रणाली में व्हाट्सएप चैटबॉट की सुविधा भी शुरू की है, जिससे अब नागरिक और अधिकारी दोनों ही आसानी से हेल्पलाइन से जुड़ सकते हैं और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश सरकार की यह पहल भी जन सेवा को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रदेश सरकार की ई-ऑफिस पहल कागज रहित प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शासन में दक्षता और स्थिरता के साथ क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। ई-ऑफिस के माध्यम से वर्ष 2024-25 के दौरान प्रदेश सचिवालय की 20 नई शाखाओं, 5 नए निदेशालयों, प्रदेश के सभी 12 उपायुक्त एवं 13 पुलिस अधीक्षक कार्यालयों सहित 71 एसडीएम, 88 बीडीओ कार्यालय तथा 127 नए फील्ड कार्यालयों को जोड़ते हुए कुल 325 फील्ड कार्यालयों को जोड़ा जा चुका है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके अलावा, हिमाचल ऑनलाइन सेवा (ई-डिस्ट्रिक्ट) पोर्टल नागरिकों के लिए सरकारी सेवाएं प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। वर्ष 2024-25 में 100 नई सेवाओं को जोड़ने के साथ, यह पोर्टल अब 315 ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करता है, जिससे नागरिकों को प्रमाण पत्रों से लेकर कल्याणकारी योजनाओं तक की सेवाएं प्राप्त करना संभव हुआ है। ई-डिस्ट्रिक पोर्टल के माध्यम से वर्ष के दौरान कुल 18,94,418 लेन-देन हुए हैं, जो नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने में वृद्धि का संकेत है। इसके अलावा, पोर्टल में डिजी लॉकर और हिम एक्सेस सिंगल साइन-ऑन (एसएसओ)े प्रणाली के साथ एकीकरण ने इस प्रक्रिया को और अधिक आसान और सुरक्षित बना दिया है। यह कदम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर 25 जनवरी, 2025 को हिम परिवार परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया और हिम परिवार तथा हिम एक्सेस कार्ड नागरिकों को वितरित किए गए। इस परियोजना का उद्देश्य प्रदेश वासियों को एकीकृत डिजिटल पहचान प्रदान कर विभिन्न सरकारी सेवाओं की सुगमता से उपलब्धता सुनिश्चित करना है। अब तक प्रदेश भर में 19 लाख 28 हजार 270 परिवारों एवं 76 लाख 31 हजार 682 सदस्यों को हिम परिवार आईडी आवंटित की जा चुकी हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हिम परिवार के अंतर्गत विकसित संपूर्ण सर्वे प्लेटफॉर्म का उपयोग विभिन्न विभागों द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर प्रमाणित आंकड़े एकत्रित करने के लिए किया जा रहा है, जिसमें शहरी विकास विभाग द्वारा 2 लाख 10 हजार 663 शहरी परिवारों का सर्वेक्षण कर 6 लाख 60 हजार 46 सदस्यों का डेटा संग्रहण किया गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के 20 लाख 49 हजार 924 घरेलू मीटर कनेक्शनों का सर्वेक्षण कर परिवार रिकॉर्ड से जोड़ा गया है। इसी तरह भू-अभिलेख विभाग के 13 लाख, 30 हजार 728 खाता नंबरों को आधार नंबरों से जोड़ा गया तथा भवन सन्निर्माण एवं कामगार कल्याण बोर्ड के 35 हजार 280 निर्माण श्रमिकों का भी सर्वेक्षण किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके अलावा प्रदेश सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली को 69 योजनाओं में सफलतापूर्वक लागू किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान डीबीटी प्रणाली के माध्यम से कुल 2370.65 करोड़ रुपये की राशि सीधे 34 लाख लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई है। प्रदेश सरकार की यह पहल भी विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक समयबद्ध और बिना किसी बिचौलिये के सहायता पहुंचाने में एक मील पत्थर साबित हो रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हिमाचल प्रदेश की डिजिटल प्रगति को अहम बनाने वाली बात सिर्फ तकनीकी नहीं है, बल्कि इसके पीछे का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, तेज और अधिक न्यायपूर्ण तरीके से सेवा देना है। सरकारी कार्यालयों में कागजी कार्रवाई को कम करने से लेकर दूर दराज गांव में वृद्ध पेंशनधारी को समय पर सहायता प्राप्त हो यह पहल भी सरकार को लोगों के करीब ला रही है। राज्य समावेशी डिजिटल शासन की दिशा में जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, यह देश के बाकी हिस्सों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है।</p>
<p>डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सरकार के इन प्रभावी कदमों के परिणामस्वरूप प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति मिली है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्रों को घर-द्वार समयबद्ध सुनिश्चित हो रहा है</p>
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			</item>
		<item>
		<title>भारतीय तटरक्षक बल ने अपने आदर्श वाक्‍य ‘वयं रक्षाम्’ के अनुरूप केरल के समुद्र में गंभीर रूप से बीमार मछुआरे की बचाई जान</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/indian-coast-guard-accordance-motto-vayam-raksham-saved-life-fisherman-sea-off-kerala/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aadarsh Himachal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 May 2024 05:18:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो केरल। भारतीय तट रक्षक बल (आईसीजी) ने अपने आदर्श वाक्‍य &#8216;वयं रक्षाम्&#8217; के अनुरूप केरल के बेपोर से लगभग 40 समुद्री मील दूर भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव (आईएफबी) जज़ीरा से समुद्र में गंभीर रूप से बीमार मछुआरे की जान बचाई। समुद्र में गिरने पर मछुआरे को डूबने का अहसास हुआ। उसे भारतीय मछली पकड़ने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div>
<h3><strong><span style="font-family: Verdana, Geneva, sans-serif; font-size: 15px; color: #222222;">आदर्श हिमाचल ब्यूरो </span></strong></h3>
<h3><strong><span style="font-family: Verdana, Geneva, sans-serif; font-size: 15px; color: #222222;">केरल</span>।</strong> भारतीय तट रक्षक बल (आईसीजी) ने अपने आदर्श वाक्‍य <em style="font-family: Verdana, Geneva, sans-serif; font-size: 15px; color: #222222;">&#8216;</em><em style="font-family: Verdana, Geneva, sans-serif; font-size: 15px; color: #222222;">वयं रक्षाम्&#8217;</em><span style="font-family: Verdana, Geneva, sans-serif; font-size: 15px; color: #222222;"> के अनुरूप केरल के बेपोर से लगभग 40 समुद्री मील दूर भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव (आईएफबी) जज़ीरा से समुद्र में गंभीर रूप से बीमार मछुआरे की जान बचाई। समुद्र में गिरने पर मछुआरे को डूबने का अहसास हुआ। उसे भारतीय मछली पकड़ने वाली नौका (आईएफबी) ने बचा लिया था लेकिन मछुआरे के फेफड़ों में अतिरिक्त पानी भरने के कारण उनकी स्थिति बिगड़ गई थी।</span></h3>
</div>
<p>नाव कर्मियों ने चिकित्सा संकट कॉल की, जिसका भारतीय तटरक्षक बल आईसीजी ने प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की। तटरक्षक बल ने कोच्चि के चिकित्‍सा दल के साथ-साथ आर्यमान और सी-404 जहाजों के साथ अपने उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर को तैनात किया। भारतीय तटरक्षक बल ने अपने उन्‍नत उपकरणों के माध्‍यम से भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव (आईएफबी) का पता लगाया और मरीज को हवाई जहाज से कोच्चि ले जाया गया। बाद में उन्हें नजदीकी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>वाराणसी में स्वर्वेद मंदिर के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ, आप भी पढ़िए</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/original-text-prime-ministers-address-inauguration-swaraveda-temple-varanasi-uttar-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Priyanka Chauhan]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Dec 2023 04:00:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Celebrity]]></category>
		<category><![CDATA[Chandigarh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो दिल्ली।  श्री सद्गुरु चरण कमलेभ्यो नमः। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ , केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी, महेंद्र नाथ पांडे ,  उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भाई अनिल , सद्गुरु आचार्य पूज्य स्वतन्त्रदेव  महाराज, पूज्य विज्ञानदेव महाराज, अन्य महानुभाव, देश भर से पधारे सभी श्रद्धालुगण, और मेरे परिवारजनों! काशी प्रवास का [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/original-text-prime-ministers-address-inauguration-swaraveda-temple-varanasi-uttar-pradesh/">वाराणसी में स्वर्वेद मंदिर के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ, आप भी पढ़िए</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो</strong></p>
<div></div>
<div><strong>दिल्ली।  </strong>श्री सद्गुरु चरण कमलेभ्यो नमः।</div>
<div></div>
<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ , केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी, महेंद्र नाथ पांडे ,  उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भाई अनिल , सद्गुरु आचार्य पूज्य स्वतन्त्रदेव  महाराज, पूज्य विज्ञानदेव महाराज, अन्य महानुभाव, देश भर से पधारे सभी श्रद्धालुगण, और मेरे परिवारजनों!</p>
<p>काशी प्रवास का आज मेरा ये दूसरा दिवस है। हमेशा की तरह, काशी में बीता हर क्षण अपने आप में अद्भुत होता है, अद्भुत अनुभूतियों से भरा होता है। आपको याद होगा, दो वर्ष पहले इसी तरह हम अखिल भारतीय विहंगम योग संस्थान के वार्षिकोत्सव में एकत्रित हुये थे। एक बार फिर मुझे विहंगम योग संत समाज के शताब्दी समारोह के ऐतिहासिक कार्यक्रम में आने का अवसर मिला है। विहंगम योग साधना की ये यात्रा ने 100 वर्षों की अपनी अविस्मरणीय यात्रा पूरी की है। महर्षि सदाफल देव  ने पिछली सदी में ज्ञान और योग की दिव्य ज्योति प्रज्ज्वलित की थी। इन सौ वर्षों की यात्रा में इस दिव्य ज्योति ने देश-दुनिया के लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन को परिवर्तित किया है। इस पुण्य अवसर पर यहाँ 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का आयोजन भी हो रहा है। मुझे खुशी है, मुझे विश्वास है, इस महायज्ञ की हर एक आहुति से विकसित भारत का संकल्प और सशक्त होगा। मैं इस अवसर पर महर्षि सदाफल देव जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुये उनके प्रति मेरे हृदयस्थ भावों को पूर्ण श्रद्धा के साथ  समर्पित करता हूँ। मैं उनकी गुरु परंपरा को अनवरत आगे बढ़ाने वाले सभी संतों को भी प्रणाम करता हूँ।</p>
<p>मेरे परिवारजनों,</p>
<p dir="ltr">आप संतों के सानिध्य में काशी के लोगों ने मिलकर विकास और नवनिर्माण के कितने ही नए कीर्तिमान गढ़े हैं। सरकार, समाज और संतगण, सब साथ मिलकर काशी के कायाकल्प के लिए कार्य कर रहे हैं। आज स्वर्वेद मंदिर का बनकर तैयार होना इसी ईश्वरीय प्रेरणा का उदाहरण है। ये महामंदिर, महर्षि सदाफल देव जी की शिक्षाओं का, उनके उपदेशों का प्रतीक है। इस मंदिर की दिव्यता जितना आकर्षित करती है, इसकी भव्यता हमें उतना ही अचंभित भी करती है। इसलिए मंदिर का भ्रमण करते हुए मैं खुद भी मंत्र-मुग्ध हो गया था। स्वर्वेद मंदिर भारत के सामाजिक और आध्यात्मिक सामर्थ्य का एक आधुनिक प्रतीक है। मैं देख रहा था, इसकी दीवारों पर स्वर्वेद को बड़ी सुंदरता के साथ अंकित भी किया गया है। वेद, उपनिषद्, रामायण, गीता और महाभारत आदि ग्रन्थों के दिव्य सन्देश भी इसमें चित्रों के जरिए उकेरे गए हैं। इसलिए, ये मंदिर एक तरह से आध्यात्म, इतिहास और संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। यहाँ हजारों साधक एक साथ विहंगम योग की साधना कर सकते हैं। इसलिए, ये महामंदिर एक योगतीर्थ भी है, और साथ-साथ ये ज्ञानतीर्थ भी है। मैं इस अद्भुत आध्यात्मिक निर्माण के लिए स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट को, और लाखों-लाख अनुयायियों को बधाई देता हूँ। विशेष रूप से मैं पूज्य स्वामी श्री स्वतंत्रदेव जी और पूज्य श्री विज्ञानदेव जी का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूँ, जिन्होंने इस अनुष्ठान को पूरा किया।</p>
<p>मेरे परिवारजनों,</p>
<p dir="ltr">भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जो सदियों तक विश्व के लिए आर्थिक समृद्धि और भौतिक विकास का उदाहरण रहा है। हमने प्रगति के प्रतिमान गढ़े हैं, समृद्धि के सोपान तय किए हैं। भारत ने कभी भौतिक उन्नति को भौगोलिक विस्तार और शोषण का माध्यम नहीं बनने दिया। भौतिक प्रगति के लिए भी हमने आध्यात्मिक और मानवीय प्रतीकों की रचना की। हमने काशी जैसे जीवंत सांस्कृतिक केन्द्रों का आशीर्वाद लिया, हमने कोणार्क जैसे मंदिर बनाए! हमने सारनाथ और गया में प्रेरणादायी स्तूपों का निर्माण किया। हमारे यहाँ नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई! इसीलिए, भारत की इन आध्यात्मिक संरचनाओं के इर्द-गिर्द ही हमारी शिल्प और कला ने अकल्पनीय ऊंचाइयों को छुआ। यहाँ से ज्ञान और अनुसंधान के नए मार्ग खुले, उद्यमों और उद्योगों से जुड़ी असीम संभावनाओं का जन्म हुआ, आस्था के साथ-साथ योग जैसे विज्ञान फले-फूले, और, यहीं से पूरे विश्व के लिए मानवीय मूल्यों की अविरल धाराएँ भी बहीं।</p>
<p>भाइयों और बहनों,</p>
<p dir="ltr">गुलामी के कालखंड में जिन अत्याचारियों ने भारत को कमजोर करने के प्रयास किए, उन्होंने सबसे पहले हमारे इन प्रतीकों को ही निशाना बनाया था। आज़ादी के बाद इन सांस्कृतिक प्रतीकों का पुनर्निर्माण आवश्यक था। अगर हम अपनी सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देते, तो देश के भीतर एकजुटता और आत्मसम्मान का भाव मजबूत होता। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा हुआ नहीं। आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण तक का विरोध किया गया था। और ये सोच दशकों तक देश पर हावी रही। इसका नतीजा ये हुआ कि देश, हीनभावना के गर्त में चला गया, अपनी विरासत पर गर्व करना भूल गया।</p>
<p>लेकिन भाइयों और बहनों,</p>
<p dir="ltr">आज़ादी के 7 दशक बाद आज समय का चक्र एक बार फिर घूमा है। देश अब लालकिले से ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’ और अपनी ‘विरासत पर गर्व’ की घोषणा कर  रहा है। जो काम सोमनाथ से शुरू हुआ था, वो अब एक अभियान बन गया है। आज काशी में विश्वनाथ धाम की भव्यता भारत के अविनाशी वैभव की गाथा गा रही है। आज महाकाल महालोक हमारी अमरता का प्रमाण दे रहा है। आज केदारनाथ धाम भी विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। बुद्ध सर्किट का विकास करके भारत एक बार फिर दुनिया को बुद्ध की तपोभूमि पर आमंत्रित कर रहा है। देश में राम सर्किट के विकास के लिए भी तेजी से काम हो रहा है। और, अगले कुछ सप्ताह में अयोध्या में राममंदिर का निर्माण भी पूरा होने जा रहा है।</p>
<p>साथियों,</p>
<p dir="ltr">हम समग्र विकास की ओर कदम तभी बढ़ा पाते हैं, जब देश अपनी सामाजिक सच्चाईयों और सांस्कृतिक पहचान का समावेश करता है। इसीलिए, आज हमारे तीर्थों का विकास भी हो रहा है, और भारत आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर में नए रिकॉर्ड भी बना रहा है। आज देश में विकास की रफ्तार क्या है, इसकी झलक आपको अकेला बनारस ही दिखा देता है। काशी विश्वनाथ धाम ये परिसर का निर्माण हुए पिछले सप्ताह ही दो साल पूरे हुए हैं। इसके बाद से बनारस में रोजगार और व्यापार-कारोबार एक नई तेजी पकड़ चुका है। पहले एयरपोर्ट पर पहुँचते ही चिंता होने लगती थी कि शहर तक कैसे पहुंचेंगे! टूटी सड़कें, हर ओर अव्यवस्था, यही बनारस की पहचान थी। लेकिन, अब बनारस का मतलब है- विकास! अब बनारस का मतलब है- आस्था के साथ आधुनिक सुविधाएं! अब बनारस का मतलब है- स्वच्छता और बदलाव! बनारस आज विकास के अद्वितीय पथ पर अग्रसर है। वाराणसी में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पिछले लगभग 9 सालों में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।  वाराणसी से सभी शहरों को जोड़ने वाली सड़कें या तो चार लेन की हो गई हैं या फिर 6 लेन की बना दी गई हैं। पूरी तरह नई रिंग रोड भी बनाई गई है। वाराणसी में नई सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, पुराने के साथ ही नए क्षेत्रों को भी विकसित किया जा रहा है। बनारस में रेलवे स्टेशनों का विकास हो, बनारस से नई-नई ट्रेनों की शुरुआत हो, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम हो, एयरपोर्ट पर सुविधाओं का विस्तार हो, गंगाजी पर घाटों का पुनर्निमाण हो, गंगा में क्रूज चलाना हो, बनारस में आधुनिक अस्पतालों का निर्माण हो, नई और आधुनिक डेयरी की स्थापना हो, गंगा किनारे किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए मदद हो, हमारी सरकार यहां के विकास में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। बनारस के युवाओं के कौशल विकास के लिए यहां ट्रेनिंग संस्थान भी खोले गए हैं। सासंद रोजगार मेले के माध्यम से भी हजारों युवाओं को रोजगार मिला है।</p>
<p>भाइयों और बहनों,</p>
<p dir="ltr">इस आधुनिक विकास का ज़िक्र मैं यहाँ इसलिए कर रहा हूँ, क्योंकि हमारी आध्यात्मिक यात्राओं में सबसे बड़ी परेशानी इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव की भी होती है। जैसे कि, बनारस आने वाले यात्री शहर से बाहर बने इस स्वर्वेद मंदिर में जरूर जाना चाहेंगे। लेकिन, अगर उनके लिए आज जैसी सड़कें न होतीं तो चाहकर भी अपनी ये इच्छा पूरी नहीं कर सकते थे। लेकिन, अब स्वर्वेद मंदिर बनारस आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख स्थान बनकर उभरेगा। इससे आसपास के सभी गाँवों में व्यवसाय और रोजगार के अवसर बनेंगे, लोगों की उन्नति के रास्ते खुलेंगे।</p>
<p>मेरे परिवारजनों,</p>
<p dir="ltr">विहंगम योग संस्थान जितना हमारे आत्मिक कल्याण के लिए समर्पित है, उतना ही समाज की सेवा के लिए भी सक्रिय रहा है। यही सदाफल देव जी जैसे महर्षि की परंपरा भी है। सदाफल देव जी योगनिष्ठ संत होने के साथ ही आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाले स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी भी थे। आज आजादी के अमृतकाल में उनके संकल्पों को आगे बढ़ाना, उनके हर एक अनुयायी का दायित्व है। मैं पिछली बार जब आपके बीच आया था, तो मैंने देश की कुछ अपेक्षाएँ भी आपके सामने रखी थीं। आज एक बार फिर मैं आपके सामने 9 संकल्प रख रहा हूं, नौ-आग्रह रख रहा हूं। और अभी मुझे विज्ञानदेव जी ने याद भी करवाया कि मैंने पिछली बार क्या कहा था। मेरा पहला आग्रह है-</p>
<p dir="ltr">पहला – पानी की बूंद-बूंद बचाइए और जल संरक्षण के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करिए।</p>
<p dir="ltr">दूसरा- गांव-गांव जाकर लोगों को डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करिए, ऑनलाइल पेमेंट सिखाइये।</p>
<p dir="ltr">तीसरा- अपने गांव, अपने मोहल्ले, अपने शहर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए काम करिए।</p>
<p dir="ltr">चौथा-जितना हो सके आप लोकल को, स्थानीय प्रॉडक्ट्स को प्रमोट करिए, मेड इन इंडिया प्रॉडक्ट्स का ही इस्तेमाल करिए।</p>
<p dir="ltr">पांचवा- जितना हो सके, पहले अपने देश को देखिए, अपने देश में घूमिए और अगर दूसरे देश जाना हो, तो जब तक पूरा देश नहीं देख लेते, विदेशों में जाने का मन नहीं करना चाहिए। और मैं आजकल तो ये बड़े-बड़े धन्नासेठों को भी कहता रहता हूं कि विदेशों में जाकर के शादी क्यों कर रहे हो भई तो मैंने कहा वेड इन इंडिया, इंडिया में शादी करो।</p>
<p dir="ltr">मैं छठी बात कहता हूं- प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करते रहिए। मैंने ये आग्रह पिछली बार भी आपसे किया था, फिर इसे दोहरा रहा हूं। ये धरती मां को बचाने के लिए बहुत जरूरी अभियान है।</p>
<p dir="ltr">मेरा सातवां आग्रह है- मिलेट्स को श्री-अन्न को अपने रोजमर्रा के खाने के जीवन में शामिल करिए, इसका खूब प्रचार-प्रसार करिए, सूपर फूड है।</p>
<p dir="ltr">मेरा आठवां आग्रह है- फिटनेस योग हो, स्पोर्ट्स हो, उसे भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाइए।</p>
<p dir="ltr">और नवां आग्रह है- कम से कम एक गरीब परिवार का संबल बनिए, उसकी मदद करिए। ये भारत में गरीबी दूर करने के लिए जरूरी है।</p>
<p>आजकल आप देख रहे हैं विकसित भारत संकल्प यात्रा चल रही है। मैं कल शाम को इससे जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुआ हूं। अभी कुछ देर बाद यहां से मैं फिर विकसित भारत संकल्प यात्रा में शामिल होने जा रहा हूं। इस यात्रा के प्रति जागरूकता फैलाने का दायित्व आप सभी का भी है, हर धर्मगुरू का भी है। मैं चाहूँगा कि ये सभी हमारे व्यक्तिगत संकल्प भी बनने चाहिए। ‘गावों विश्वस्य मातरः’ का जो आदर्श वाक्य है, ये हमारे लिए आस्था के साथ-साथ व्यवहार का भी हिस्सा बनेगा तो भारत और तेजी से विकसित होगा। इसी भाव के साथ,  मैं आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं और पूज्य संतों ने मुझे जो मान सम्मान दिया, मैं उनका भी हृदय से धन्यवाद करता हूं! मेरे साथ बोलें &#8211;</p>
<p dir="ltr">भारत माता की – जय।</p>
<p dir="ltr">भारत माता की – जय।</p>
<p dir="ltr">भारत माता की – जय।</p>
<p dir="ltr">धन्यवाद।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/original-text-prime-ministers-address-inauguration-swaraveda-temple-varanasi-uttar-pradesh/">वाराणसी में स्वर्वेद मंदिर के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ, आप भी पढ़िए</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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		<title>पंजाब ने नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 43 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य किया निर्धारित &#8211; अमन अरोड़ा  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanka Chauhan]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Dec 2023 05:38:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  चंडीगढ़। पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने साल 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मोनैको में मोनैको हाईड्रोजन फोरम के दूसरे ऐडीशन के मौके पर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></div>
<div></div>
<div><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने साल 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।</div>
<div>मोनैको में मोनैको हाईड्रोजन फोरम के दूसरे ऐडीशन के मौके पर संबोधन करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि 15000 मेगावॉट क्षमता के साथ पंजाब पावर सरपल्स राज्य है और इसमें से 20 फीसदी (3000 मेगावॉट) ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्टों के द्वारा पैदा की जा रही है।</div>
<div></div>
<div></div>
<blockquote><p><span style="color: #0000ff;">उन्होंने कहा कि पंजाब पराली से ग्रीन हाईड्रोजन पैदा करने के लिए 5 टीपीडी की क्षमता वाला टैकनॉलॉजी डैमोंस्ट्रेशन पायलट प्रोजैक्ट स्थापित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि पंजाब भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए ग्रीन ऊर्जा के उत्पादन में देश का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी सुनिश्चित बनाएगा।  </span></p></blockquote>
<div></div>
<div></div>
<div>नवीकरणीय ऊर्जा फर्मों को पंजाब में निवेश करने का न्योता देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब बायोमास आधारित ग्रीन हाईड्रोजन प्रोजेक्टों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योगों को निर्माण कार्यों के दौरान बिजली ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट, चेंज ऑफ लैंड यूज (सी.एल.यू.) और ऐकस्टरनल डिवैल्पमैंट चार्जिज़ (ई.डी.सी.) पर छूट, ज़मीन की रजिस्ट्रेशन के लिए स्टैंप ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट और लैंड लीज़ के लिए स्टैंप ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट जैसी रियायतें दी जा रही हैं।</div>
<div></div>
<div><strong>यह भी पढ़े:- <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://aadarshhimachal.com/chief-minister-first-installment-rs-3-lakh-disaster-affected-families-solan/">सोलन के आपदा प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री ने पहली किस्त के रूप में 3-3 लाख रुपये की किस्त की जारी</a></span></strong></div>
<div></div>
<div>राज्य सरकार द्वारा धान की पराली आधारित कम्प्रैस्ड बायोगैस (सी.बी.जी.) प्रोजेक्टों को प्रोत्साहित करने के लिए की गईं पहलों के बारे में बताते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि सी.बी.जी. के 85 टन प्रति दिन (टी.पी.डी.) की कुल क्षमता वाले चार प्रोजैक्ट कार्यशील हैं, जो पूरी क्षमता से प्रति वर्ष लगभग 0.28 मिलियन टन धान की पराली का उपभोग करते हैं। उन्होंने आगे बताया कि अगले 6 महीनों के अंदर छह और प्रोजेक्टों के चालू होने की संभावना है और 28 अन्य सी.बी.जी. प्रोजेक्ट अलग-अलग पड़ावों के अधीन हैं। इन प्रोजेक्टों के चालू होने से सालाना लगभग 1.6 मिलियन टन धान की पराली का उपभोग होगा।</div>
<div></div>
<div></div>
<blockquote><p><span style="color: #0000ff;">अमन अरोड़ा ने कहा कि दो प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (पी.एस.यूज) गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (गेल) और हिन्दोस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एच.पी.सी.एल.) ने भी पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) के साथ 20 सी.बी.जी. प्लांट स्थापित करने के लिए समझौते सहीबद्ध किए हैं। यह 20 सी.बी.जी. प्लांट 10-15 टी.पी.डी. क्षमता वाले हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य को पहले ही कुल 100 मेगावॉट क्षमता वाले 11 बायोमास आधारित पावर प्रोजैक्ट अलॉट किए गए हैं, जो कार्यशील हैं और हर साल लगभग 1.2 मिलियन टन बायोमास का उपभोग करते हैं।  </span></p></blockquote>
<div></div>
<div></div>
<div>कैबिनेट मंत्री बताया कि पंजाब मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है और इसमें बायोमास आधारित ईंधन की अथाह संभावनाएं हैं, क्योंकि यहाँ हरेक साल लगभग 20 मिलियन टन से अधिक पराली पैदा होती है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने एक तीर के साथ दो निशाने लगाते हुए पर्यावरण को बचाने के अलावा फ़सलीय अवशेष का प्रयोग ईंधन/ऊर्जा उत्पादन में करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है।</div>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/punjab-target-increase-renewable-43-percent-aman-arora/">पंजाब ने नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 43 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य किया निर्धारित &#8211; अमन अरोड़ा  </a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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		<title>खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने धान की खरीद प्रक्रिया की समय-सीमा में वृद्धि के लिए भगवंत सिंह मान का किया धन्यवाद  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Priyanka Chauhan]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Dec 2023 05:31:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  चंडीगढ़। इस साल जुलाई में बाढ़ के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में बिजाई में देरी होने के कारण राज्य के मेहनतकश किसानों के हितों के लिए खरीद प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने संबंधी राज्य सरकार की विनती को स्वीकार करते हुए केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (डी.एफ.पी.डी.) ने खरीद की समय-सीमा 7 [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/food-and-civil-supplies-minister-thanked-bhagwant-singh-mann-increasing-limit-paddy-procurement-process/">खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने धान की खरीद प्रक्रिया की समय-सीमा में वृद्धि के लिए भगवंत सिंह मान का किया धन्यवाद  </a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></div>
<div>
<div></div>
<div><strong>चंडीगढ़। </strong>इस साल जुलाई में बाढ़ के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में बिजाई में देरी होने के कारण राज्य के मेहनतकश किसानों के हितों के लिए खरीद प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने संबंधी राज्य सरकार की विनती को स्वीकार करते हुए केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (डी.एफ.पी.डी.) ने खरीद की समय-सीमा 7 दिसंबर तक बढ़ाने की मंज़ूरी दे दी है। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों संबंधी मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विभाग को धान की खरीद की समय-सीमा बढ़ाने के लिए मामला डी.एफ.पी.डी. के समक्ष उठाने के निर्देश दिए थे, क्योंकि हाल ही में पंजाब में बाढ़ आई थी, जिस कारण बिजाई में देरी हुई, जिस कारण कटाई भी काफ़ी देरी से शुरू हुई, जोकि राज्य के कुछ हिस्सों में अभी भी जारी है।</div>
</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div> मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि स. भगवंत सिंह मान हमेशा ही हमारे अन्नदाता के हितों की रक्षा के लिए सबसे आगे रहे हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में चल रही कटाई के मद्देनजऱ खरीद प्रक्रिया की समय-सीमा को बढ़ाना ज़रूरी था और यह मुख्यमंत्री के निजी प्रयासों के स्वरूप ही संभव हुआ है।   जि़क्रयोग्य है कि भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा तारीख़ 30.11.2023 को जारी संदेश के द्वारा के.एम.एस. 2023-24 के दौरान धान की खरीद की समय-सीमा 01.10.2023 से 07.12.2023 कर दी, जोकि पहले 01.10.2023 से 30.11.2023 तक थी।</div>
<div></div>
<div><strong>यह भी पढ़े:- <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://aadarshhimachal.com/chief-minister-first-installment-rs-3-lakh-disaster-affected-families-solan/">सोलन के आपदा प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री ने पहली किस्त के रूप में 3-3 लाख रुपये की किस्त की जारी</a></span></strong></div>
<div></div>
<div>किसानों द्वारा मंडियों में लाए गए धान का एक-एक दाना खरीदने सम्बन्धी राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य की मंडियों में धान की फ़सल लाने वाले किसानों के लिए निर्विघ्न खरीद को सुनिश्चित बनाने के लिए सभी ज़रुरी प्रबंध किए गए हैं। आज तक, मौजूदा के.एम.एस. 2023-24 के दौरान, राज्य की खरीद एजेंसियों द्वारा राज्य भर में लगभग 185 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है और राज्य के किसानों के खातों में एम.एस.पी. के तौर पर 39,400 करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।</div>
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		<title>विजीलैंस ने डाक्टर से 1 लाख रुपए रिश्वत लेने के दोष में पत्रकार निर्भय सिंह को किया गिरफ़्तार</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/vigilance-arrested-journalist-nirbhay-singh-rs-1-lakh-doctor/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Priyanka Chauhan]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 Sep 2023 05:26:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो &#160; चंडीगढ़।  राज्य में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए लगातार किये जा रहे यत्नों के हिस्से के तौर पर पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने गाँव गालिब, ज़िला लुधियाना के निर्भय सिंह, जो ख़ुद को पत्रकार बताता है, को एक डाक्टर से एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया। इस सम्बन्धी जानकारी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/vigilance-arrested-journalist-nirbhay-singh-rs-1-lakh-doctor/">विजीलैंस ने डाक्टर से 1 लाख रुपए रिश्वत लेने के दोष में पत्रकार निर्भय सिंह को किया गिरफ़्तार</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>चंडीगढ़।  </strong>राज्य में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए लगातार किये जा रहे यत्नों के हिस्से के तौर पर पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने गाँव गालिब, ज़िला लुधियाना के निर्भय सिंह, जो ख़ुद को पत्रकार बताता है, को एक डाक्टर से एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया।<b><br />
</b></p>
<p>इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये राज्य विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि सिवल अस्पताल जगराओं में बतौर मैडीकल अफ़सर (आरथोपीडिक्स) सेवा निभा रहे डा. दीपक गोयल ने विजीलैंस ब्यूरो के रेंज दफ़्तर लुधियाना में अपने बयान दर्ज करवाए हैं। उक्त डाक्टर ने दोष लगाया कि जगराओं की काउंके कालोनी के रहने वाले बलजिन्दर सिंह नाम के मरीज़ के इलाज सम्बन्धी तीन व्यक्ति उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डाः गोयल ने आगे बताया कि 29 जून 2023 को बलजिन्दर सिंह की टांग पर चोट लगने के कारण उसे सिवल अस्पताल जगराओं में दाखि़ल करवाया गया था। अगले दिन, डाक्टर ने उस ( बलजिन्दर) की जांच की और एक्स-रे करवाने के लिए कहा। इस पर, बलजिन्दर सिंह ने डाक्टरी सलाह (लामा) से आधार ही अस्पताल से छुट्टी ले ली।</p>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote><p><span style="color: #0000ff;">शिकायतकर्ता डाक्टर ने बताया कि इसके उपरांत बलजिन्दर सिंह कस्बे के एक प्राईवेट अस्पताल, ‘भिवान’ में दाखि़ल हो गया। इसके बाद बलजिन्दर सिंह ने डाक्टर गोयल के विरुद्ध एस. एम. ओ लुधियाना को शिकायत देकर दोष लगाया कि उसका सिवल अस्पताल जगराओं में सही इलाज नहीं हुआ और उस ( बलजिन्दर) को जानबुझ कर उक्त डाक्टर ने अपने रिश्तेदारों की तरफ से चलाए जा रहे निजी अस्पताल में भेज दिया।</span></p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रवक्ता ने बताया कि 5 सितम्बर, 2023 को ज़िला लुधियाना के गाँव गालिब के निर्भय सिंह और गाँव लीलां के मनजीत सिंह ने ख़ुद को पत्रकार बताते हुये शिकायतकर्ता डाक्टर के पास पहुँच की। निर्भय सिंह ने उक्त शिकायतकर्ता डाक्टर को बताया कि बलजिन्दर सिंह को सिवल अस्पताल में उचित देखभाल नहीं मिली और उसे आपने जानबुझ कर एक प्राईवेट अस्पताल में भेजा है। उन्होंने एस. एम. ओ लुधियाना के साथ लिहाज़ होने का डरावा दिया और डाक्टर को भरोसा दिया कि वह 1,40, 000 रुपए रिश्वत लेकर शिकायत का निपटारा कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने डाक्टर को धमकाया कि अगर वह यह रकम न दी तो वह उसको झूठे केस में फसा देंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>यह भी पढ़े:- <span style="color: #3366ff;"><a style="color: #3366ff;" href="https://aadarshhimachal.com/congress-leaders-are-committing-hooliganism-protect-power-action-chief-minister-take-jairam-thakur/">सत्ता के संरक्षण में गुंडागर्दी कर रहे हैं कांग्रेस नेता, मुख्यमंत्री क्या कार्रवाई करेंगे – जयराम ठाकुर </a></span></strong></p>
<p>प्रवक्ता ने आगे बताया कि निर्भय सिंह ने डाक्टर से 20,000 रुपए रिश्वत पहले ही ले ली थी। इसके बाद गुरूवार को डाक्टर ने उक्त रिपोर्टर को एक लाख रुपए और देने थे परन्तु डाक्टर ने पैसे की माँग कर रहे उक्त दोषियों के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकार्ड कर ली।</p>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote><p>
<span style="color: #3366ff;">विजीलैंस ब्यूरो ने इस सम्बन्ध में बलजिन्दर सिंह, निर्भय सिंह, मनजीत सिंह के विरुद्ध एफआईआर नंबर 23, तारीख़ 21- 09- 2023 को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 7-ए और भारतीय दंड संहित की धाराओं 420 और 120-बी के अंतर्गत रेंज लुधियाना में केस दर्ज कर लिया।</span></p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रवक्ता ने आगे बताया कि इसके बाद ख़ुद को पत्रकार बताने का दावा करने वाले निर्भय सिंह को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता डाक्टर गोयल से एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुये विजीलैंस ब्यूरो द्वारा रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया गया।<br />
प्रवक्ता ने आगे बताया कि दोषी को कल स्थानीय अदालत में पेश किया जायेगा। बाकी मुलजिमों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है और मामले की आगे जांच की जा रही है।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रधानमंत्री ने दिल्ली से किया पीएम विश्वकर्मा योजना और यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर का शुभारंभ</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/prime-minister-launches-pm-vishwakarma-yojana-and-yashobhoomi-convention-centerdelhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Priyanka Chauhan]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 Sep 2023 05:29:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>बोले&#8230;. 13 हजार करोड़ की पीएम विश्वकर्मा योजना से होगा देश के शिल्पकारों का कौशल निर्माण  आदर्श हिमाचल ब्यूरो  &#160; शिमला ।  केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं युवा मामले व खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज विश्वकर्मा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से 13 हजार करोड़ रूपए की पीएम विश्वकर्मा योजना [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="font-weight: 400;"><strong>बोले&#8230;. 13 हजार करोड़ की पीएम विश्वकर्मा योजना से होगा देश के शिल्पकारों का कौशल निर्माण </strong></p>
<p style="font-weight: 400;">
<p style="font-weight: 400;"><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;"><strong>शिमला । </strong> केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं युवा मामले व खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज विश्वकर्मा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से 13 हजार करोड़ रूपए की पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारम्भ किया है जोकि देश के शिल्पकारों को मान सम्मान देने की पहल है और इस योजना से उनका कौशल निर्माण होगा। अनुराग ठाकुर आज यहाँ गेयटी थियेटर शिमला से पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारम्भ में वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के द्वारा कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना पूरे भारत में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करेगी। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पहली बार में 18 पारंपरिक व्यापारों को शामिल किया गया है जिसमें बढई, नाव निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तोड़ने वाला, पत्थर तराशने वाला, चर्मकार, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाला, खिलोने बनाने वाला, नाइ, मालाकार, धोबी, दरजी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला शामिल हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<figure id="attachment_96822" aria-describedby="caption-attachment-96822" style="width: 300px" class="wp-caption alignleft"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-96822" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-17-at-3.31.39-PM-5-300x178.jpeg" alt="प्रधानमंत्री ने दिल्ली से किया पीएम विश्वकर्मा योजना और यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर का शुभारंभ" width="300" height="178" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-17-at-3.31.39-PM-5-300x178.jpeg 300w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-17-at-3.31.39-PM-5-1024x608.jpeg 1024w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-17-at-3.31.39-PM-5-768x456.jpeg 768w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-17-at-3.31.39-PM-5-696x413.jpeg 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-17-at-3.31.39-PM-5-1068x634.jpeg 1068w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-17-at-3.31.39-PM-5-707x420.jpeg 707w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-17-at-3.31.39-PM-5.jpeg 1441w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-96822" class="wp-caption-text">प्रधानमंत्री ने दिल्ली से किया पीएम विश्वकर्मा योजना और यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर का शुभारंभ</figcaption></figure>
<p>अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा याअपने हाथों  एवं औजारों से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा परिवार-आधारित पारंपरिक कौशल के अभ्यास को मजबूत और पोषित करना है। इस योजना का उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि विश्वकर्मा घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत हों। इस आयोजन का शुभारंभ देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए गेम चेंजर साबित होने की उम्मीद है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि योजना के तहत सफलतापूर्वक किये गए पंजीकरण और सत्यापन के पश्चात लाभार्थी को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र तथा पहचान पत्र प्रदान किया जायेगा। कौशल सत्यापन के पश्चात लाभार्थी को 15 हजार रुपए का टूलकिट प्रोत्साहन प्रदान किया जायेगा। लाभार्थी को 500 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से स्टाईपेंड के साथ आधारभूत कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। आधारभूत कौशल प्रशिक्षण के पश्चात लाभार्थी 18 माह की पुनर्भुगतान अवधि के साथ 1 लाख रुपए तक का कोलेटरल मुक्त ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र होगा। लाभार्थी आधारभूत कौशल प्रशिक्षण को पूरा करने के पश्चात 500 रूपए प्रति दिन के स्टाइपेंड के साथ उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है। कौशलयुक्त लाभार्थी जो मानक ऋण खाते का रखरखाव करता है तथा जिसने डिजिटल लेनदेन को अपनाया है अथवा जिसने उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है, वह 30 माह की पुनर्भुगतान अवधि के साथ ऋण की 2 लाख रुपए तक की दूसरी किस्त प्राप्त कर सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने बताया कि लाभार्थी की डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए 1 रूपए प्रति लेनदेन की दर से अधिकतम 100 लेनदेन (मासिक) के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, लाभार्थी की गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स और जेम प्लेटफार्म पर शामिल होने, विज्ञापन, प्रचार एवं अन्य कार्यकलापों के रूप में विपणन सहायता प्रदान की जाएगी ताकि घरेलु और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ उनके संपर्क को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि यह योजना अगले 4 साल के लिए जारी रहेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज के समय में कौशल नहीं तो कुछ नहीं। आज जिस इंसान के पास कौशल है, वह औरों से ज़्यादा कमा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर वर्ष 2 लाख करोड़ रूपए का सामान देश के शिल्पकारों से जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदती है। उन्होंने कहा कि इस देश में 65 प्रतिशत युवा हैं और इन युवाओं की ताकत की इस देश और दुनिया को आगे लेकर जाएगी। उन्होंने सभी से मेरा माटी मेरा देश कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने और अमृत कलश यात्राएं निकाल कर विभिन्न स्थानों से मिटटी एकत्रित करने का आह्वाहन किया। उन्होंने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तहत सभी उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके लम्बे और स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि हमारे देश में योग्यता और क्षमता की कमी नहीं है। केवल प्रोत्साहन की आवश्यकता है और इस दिशा में पीएम विश्वकर्मा योजना बेहद कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना का शुभारम्भ प्रधानमंत्री ने दिल्ली से किया और देश के 70 स्थानों से लोग इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत देश बहुत मजबूत है जिसके उदाहरण जी-20 सम्मेलन का सफल आयोजन और चाँद पर चंद्रयान की सफल लैंडिंग है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>यह भी पढ़े:- <span style="color: #00ccff;"><a style="color: #00ccff;" href="https://aadarshhimachal.com/school-safety-mobile-app-prove-helpful-preparing-disaster-management-plans-schools/">स्कूलों में आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा स्कूल सेफ्टी मोबाईल ऐप</a></span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि आज का दिन बेहद विशेष दिन है। उन्होंने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है जो देश के शिल्पकारों  और कारीगरों को सम्मान और उनका कौशल विकास करेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2023 को की थी और आज इसका लोकार्पण किया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="font-weight: 400;">इस अवसर पर राज्य निदेशक नेहरू युवा संगठन ईरा प्रभात ने स्वागत सम्बोधन प्रस्तुत किया और पीएम विश्वकर्मा योजना बारे जानकारी साझा की।  जिला युवा अधिकारी मनीषा शर्मा ने कार्यक्रम में पधारने पर सभी का धन्यवाद किया।  कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ सिकंदर कुमार, विधायक बलवीर वर्मा और जनकराज, पूर्व मंत्री सुरेश भरद्वाज, मंडल आयुक्त संदीप कदम, अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।  कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तहत आयोजित कलश यात्रा में भाग लिया और रक्तदान शिविर में जाकर रक्तदान करने वालों का हौंसला बढ़ाया।</p>
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		<item>
		<title>मुख्यमंत्री ने एचपीएसईबीएल के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का किया शुभारंभ </title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/chief-minister-launches-integrated-electricity-consumer-portal-hpsebl/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Priyanka Chauhan]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Sep 2023 09:20:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो &#160; शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अभियंता दिवस के अवसर पर शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ताओं को अब अपने बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए लम्बी कतारों में खड़ा नहीं होना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/chief-minister-launches-integrated-electricity-consumer-portal-hpsebl/">मुख्यमंत्री ने एचपीएसईबीएल के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का किया शुभारंभ </a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला।</strong> मुख्यमंत्री ठाकुर <a href="https://aadarshhimachal.com/harsh-chauhan-kotkhai-created-history-general-secretary-sd-chandigarh-college-youngest-age/"><span style="color: #00ccff;">सुखविंदर सिंह सुक्खू</span></a> ने अभियंता दिवस के अवसर पर शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ताओं को अब अपने बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए लम्बी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा, बल्कि वे घर बैठे ही आसानी से बिलों का भुगतान कर सकेंगे। इसके अलावा लोग अब नए बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इस पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन की प्रगति की भी निगरानी कर सकते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote><p><span style="color: #00ccff;">इसके अतिरिक्त पोर्टल पर एचपीएसईबीएल द्वारा दी जाने वाली नाम परिवर्तन और लोड समायोजन आदि विभिन्न सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य बिजली बोर्ड में कागज रहित कार्य संस्कृति की शुरुआत करना है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित होंगी और सेवाओं में तेजी आएगी।</span></p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ता सुविधा बढ़ाने और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कुशल और सुलभ सेवाएं प्राप्त होंगी। इसके अलावा पोर्टल पर ऊर्जा उत्पादन डेटा उपलब्ध होगा और यह उपभोक्ताओं को कार्यालय में आए बिना आईपीपी द्वारा ऑनलाइन चालान जमा करने की सुविधा प्रदान करेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>यह भी पढ़े:- <span style="color: #00ccff;"><a style="color: #00ccff;" href="https://aadarshhimachal.com/chetan-singh-jodamajra-expressed-demise-senior-journalist-kamaljit-singh-banwaits-elder-brother/">चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सीनियर पत्रकार कमलजीत सिंह बनवैत के बड़े भाई के निधन पर जताया दु:ख</a></span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में अभियंताओं के अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में भारी वर्षा के कारण आई आपदा ने राज्य के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि इसके वाबजूद प्रदेश के विभिन्न विभागों के इंजीनियरों के समर्पित प्रयासों से सरकार ने 48 घंटे की अल्पावधि में आवश्यक सेवाओं को अस्थायी रूप से बहाल की। इस आपदा के कारण प्रदेश में सड़क, बिजली और जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं और अभी तक हुए कुल नुकसान का आकलन 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डिजिटलीकरण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए <a href="https://aadarshhimachal.com/priyankas-attempt-governments-failures-creating-sensation-import-duty-bindal/"><span style="color: #00ccff;">मुख्यमंत्री</span></a> ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभाग आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ उनके घर-द्वार पर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभियंताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से जलवा`यु परिवर्तन को एक सामूहिक जिम्मेदारी मान कर इससे निपटने में पूर्ण सहयोग देने का भी आह्वान किया।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/chief-minister-launches-integrated-electricity-consumer-portal-hpsebl/">मुख्यमंत्री ने एचपीएसईबीएल के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का किया शुभारंभ </a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब सूर्य मिशन आदित्य-एल1 लॉन्च करने के लिए तैयार भारत </title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/after-success-chandrayaan-3-india-ready-launch-surya-mission-aditya-l1/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Priyanka Chauhan]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Sep 2023 05:30:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरो  &#160; शिमला। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत सूर्य मिशन आदित्य-एल1 लॉन्च करने के लिए तैयार है। आज इस मिशन को लॉन्च किया जाएगा। इसे लैग्रेंजियन बिंदु 1 (एल1) पर भेजा जाना है। पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस बिंदु तक मिशन को पहुंचने में लगभग चार महीने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरो </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला।</strong> चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत सूर्य मिशन आदित्य-एल1 लॉन्च करने के लिए तैयार है। आज इस मिशन को लॉन्च किया जाएगा। इसे लैग्रेंजियन बिंदु 1 (एल1) पर भेजा जाना है। पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस बिंदु तक मिशन को पहुंचने में लगभग चार महीने का वक्त लगेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote><p><span style="color: #0000ff;">भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में हिन्दुस्तान के इस सूर्य मिशन को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है। लोग इस मिशन की लॉन्चिंग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में हम आपको सूर्य से जुड़े कई सवालों के जवाब बताएंगे।</span></p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>कोर यानी केंद्र सूर्य का सबसे गर्म भाग है, जिसका तापमान 1.5 करोड़ डिग्री सेल्सियस है। इससे असाधारण मात्रा में ऊर्जा निकलती है जो बदले में गर्मी और प्रकाश के रूप में निकलती है। कोर में उत्पन्न ऊर्जा को बाहरी परत तक पहुंचने में दस लाख वर्ष तक का समय लगता है। इस समय तापमान गिरकर लगभग 20 लाख डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। जब तक यह सतह पर आता है तब तक तापमान 5,973 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाता है लेकिन यह अभी भी इतना गर्म होता है कि हीरा उबल जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote><p><span style="color: #0000ff;">सनस्पॉट सूर्य की सतह के ठंडे हिस्से हैं और प्रकाशमंडल (सूर्य की वह सतह जिसे हम पृथ्वी से देखते हैं) में पाए जाते हैं। सतह पर अस्थायी धब्बे हमें इसके आसपास के गर्म प्लाज्मा की तुलना में अधिक गहरे दिखाई देते हैं। ये ठंडे स्थान 50,000 किलोमीटर तक फैले हो सकते हैं।</span></p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सूर्य पर दिन मापना उसके घूमने के तरीके के कारण बेहद कठिन है। यह एक ठोस गेंद की तरह नहीं घूमता। ऐसा इसलिए है क्योंकि सूर्य की सतह पृथ्वी की तरह ठोस नहीं है। इसके बजाय, सूर्य अत्यंत गर्म प्लाज्मा कहे जाने वाले विद्युत आवेशित गैस से बना है। यह प्लाज्मा सूर्य के अलग-अलग हिस्सों पर अलग-अलग गति से घूमता है। अपने भूमध्य रेखा पर सूर्य 25 पृथ्वी दिनों में एक चक्कर पूरा करता है। अपने ध्रुवों पर सूर्य पृथ्वी के हर 36 दिनों में अपनी धुरी पर एक बार घूमता है।</p>
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