मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने की आपदा राहत कार्यों की समीक्षा

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला| हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी बारिश के बाद उत्पन्न हालात की राज्य सरकार ने गंभीरता से समीक्षा की है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बताया कि चंबा ज़िले में सभी यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं और ज़िला प्रशासन लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्वयं भरमौर में डटे हुए हैं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

इस दौरान चंबा शहर में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, जबकि भरमौर क्षेत्र में भी जल्द कनेक्टिविटी बहाल होने की उम्मीद है। चंबा-भरमौर मार्ग पर बग्गा और दुर्गट्टी के बीच भारी भूस्खलन के कारण लगभग 10 हज़ार लोग प्रभावित हुए थे, जिनमें से 7 हज़ार से अधिक लोगों को चंबा-पठानकोट मार्ग के खुलने के बाद सुरक्षित घर भेजा गया है। भरमौर में फंसे लगभग 3,000 तीर्थयात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। क्षेत्र में राशन और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मुख्य सचिव ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंबा में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया शुक्रवार को दौरा करेंगे, जबकि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पहले ही रवाना हो चुके हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी शुक्रवार सुबह भरमौर और चंबा का दौरा करेंगे।

इस स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मंडलायुक्त कांगड़ा और दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी चंबा भेजा गया है। साथ ही, पुलिस, लोक निर्माण, विद्युत, शिक्षा और दूरसंचार विभागों के अधिकारियों को तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि क्षेत्र में जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।लाहौल-स्पीति में भी हालात में सुधार देखा गया है। मुख्य सचिव ने बताया कि जिओ नेटवर्क के माध्यम से टेलीफोन कनेक्टिविटी आंशिक रूप से बहाल हो गई है और थिरोट का विद्युत उपकेंद्र पूरी तरह चालू कर दिया गया है।

इस दौरान मुख्य सचिव ने आम जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें। इस बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।