आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला| जिला प्रशासन शिमला ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में संलिप्त गैस एजेंसी पर छापा मारकर 361 अवैध सिलेंडर और तीन वाहन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई एसजेवीएन कार्यालय शनान के समीप संचालित एक गैस एजेंसी के खिलाफ की गई, जहां बिना प्राधिकृत गोदाम के सिलेंडरों का भंडारण और आपूर्ति की जा रही थी। इसके बारे में जिला दण्डाधिकारी अनुपम कश्यप ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने पर सुबह 10 बजे अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी की गई। इस टीम में जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग नरेंद्र धीमान, खाद्य आपूर्ति अधिकारी अनीता ठाकुर और पुलिस विभाग के कर्मी शामिल थे।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
मै० संजीव कुमार गैस एजेंसी (सुपर स्टॉकिस्ट, पेट्रो गैस एनर्जी इंडिया लिमिटेड) के कार्यालय में निरीक्षण के दौरान 240 भरे हुए सिलेंडर (21 किग्रा), 116 खाली सिलेंडर (21 किग्रा), 4 खाली सिलेंडर (12 किग्रा), 1 खाली सिलेंडर (14.2 किग्रा) और 35 प्रेशर रेगुलेटर पाए गए। इसके अतिरिक्त तीन वाहनों – एचपी63सी-8101, एचपी63-0383 और एचआर67ई-3833 से भी अवैध सिलेंडर बरामद हुए। जांच में यह भी पाया गया कि एजेंसी के पास अधिकृत भंडारण की अनुमति नहीं थी और गैस की आपूर्ति अनधिकृत डीलरों को की जा रही थी, जो एलपीजी (वितरण विनियमन) आदेश, 2000 और गैस सिलेंडर नियम, 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है।
रोहड़ू में भी जब्त किए गए 11 अवैध सिलेंडर
इसी सिलसिले में रोहड़ू उपमंडल में भी निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें एएसआई विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल परमिंदर कुमार और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रजत देष्टा की टीम ने 11 अवैध सिलेंडर जब्त किए।
जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला दण्डाधिकारी अनुपम कश्यप ने कहा कि यह कार्रवाई जन सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से गैस आपूर्ति करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने होटल, ढाबा और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी को निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है, साथ ही उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लोगों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।