. हिमांशु चतुर्वेदी ने भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के निदेशक पद का कार्यभार संभाला

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला। गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ इतिहासकार प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी ने आज भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी – IIAS) शिमला के निदेशक पद का कार्यभार औपचारिक रूप से संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने संस्थान के अनुभाग अधिकारियों, संस्थान के अध्येताओं के साथ विस्तृत परिचयात्मक बैठक की, जिसमें संस्थान की वर्तमान शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों, भावी योजनाओं तथा अंतरविषयक शोध की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

 

बैठक में प्रो. चतुर्वेदी ने कहा, “भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का गौरवशाली इतिहास और बौद्धिक परंपरा देश और दुनिया के विद्वानों को आकर्षित करती है। मेरी प्राथमिकता होगी कि यहां के शोध कार्य वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित करें और विभिन्न विषयों के बीच संवाद और सहयोग को और मजबूत किया जाए।”

शैक्षणिक एवं प्रशासनिक पृष्ठभूमि

प्रो. चतुर्वेदी वर्तमान में भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (ICHR) के सदस्य हैं (यह उनका दूसरा कार्यकाल है)। वे गोरखपुर विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के अध्यक्ष, दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के निदेशक और विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक समितियों के सदस्य रह चुके हैं।

 

उनके पास 37 वर्षों से अधिक का शिक्षण एवं शोध अनुभव है। उन्होंने 15 शोध कार्य और एक पोस्ट-डॉक्टोरल कार्य (आईसीएसएसआर) का निर्देशन किया है। उनकी 6 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और अनेक शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने “इंडिया: मदर ऑफ डेमोक्रेसी” (G-20 अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा प्रकाशित) के संपादक मंडल में सदस्य के रूप में योगदान दिया है।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय योगदान

• आईसीएचआर की विशेष शोध परियोजना “गीताप्रेस का सांस्कृतिक योगदान” पर कार्यरत, वर्धा और संस्कृति मंत्रालय की परियोजना “उत्तर प्रदेश के गुमनाम राष्ट्रीय नायक” के शोध समन्वयक।
• चौरी-चौरा की शताब्दी पर आईसीएचआर द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में विशेष भूमिका।
• देशभर में 150 से अधिक आमंत्रित व्याख्यान।
• आईसीएसएसआर (एनआरसी) नई दिल्ली के एडवाइजरी बोर्ड और जेएनयू, नई दिल्ली के बोर्ड ऑफ स्टडीज़ के सदस्य।
• नई शिक्षा नीति (एल.ओ.सी.एफ.) के अंतर्गत यूजीसी इतिहास पाठ्यक्रम समिति के सदस्य।
• विभिन्न राज्यों की पाठ्यक्रम समितियों, अनुसंधान विकास समिति और अकादमिक परिषद में सक्रिय सदस्यता।

 

• पूर्व अध्यक्ष, एथलेटिक्स एसोसिएशन, दीन दयाल उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्यालय
• पूर्व उपाध्यक्ष, डेलीगेसी, दीन दयाल उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्यालय
• विभिन्न छात्रावासों एवं प्रवेश परीक्षाओं के पूर्व समन्वयक
• पूर्व कार्य परिषद सदस्य, केंद्रीय जनजाति विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश
• विजिटिंग नॉमिनी, केंद्रीय हरियाणा विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़

आगे की योजनाएँ
निदेशक पद का कार्यभार संभालते हुए प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि IIAS में अंतरविषयक शोध, वैश्विक सहयोग, और संस्कृति-आधारित अध्ययनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। देश-विदेश के विद्वानों के साथ संवाद, संगोष्ठियों और शोध परियोजनाओं के माध्यम से IIAS को और अधिक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास होगा ।