आदर्श हिमाचल ब्यूरो
शिमला। निल्दा चोटी फतह करने वाले पर्वतारोहियों ने की राज्यपाल से भेंट, इस अवसर पर, राज्यपाल ने इन युवा पर्वताराहियों को उनकी इस शानदार सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास सराहनीय है जो अन्यों को भी इस तरह के साहसिक पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने मे सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ऐसी अनेक पर्वतीय चोटियां हैं, जिनके बारे में अभी अधिक प्रचार नहीं हुआ है। दुनिया भर के पर्वतारोही नेपाल सहित अन्य देशों की अनेक चोटियों पर चढ़ने का कार्य करते हैं, जिससे वहां के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। लेकिन, हिमाचल प्रदेश में अभी इस दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल को पर्यटन की दृष्टि से देखा जाता है। इस दृष्टि से जब यह पर्वतारोहण की इस तरह की गतिविधियां होंगी तो देश-दुनिया से पर्वताराही हिमाचल की चोटियों में चढ़ने के लिए आएंगे। इन चोटियों का प्रचार होगा और समाज के लोग उनको जानेंगे। हिमाचल की और प्रशंसा होगी और अर्थव्यवस्था भी उन्नत होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल के ये बच्चे अर्थव्यवस्था को विकास देने में सहयोग कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति की 6303 मीटर ऊंची चाऊ चाऊ कांग निल्दा चोटी को फतह करने वाले प्रदेश के चार पर्वतारोहियों ने आज राजभवन में राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इनमें शिमला जिले के राहुल, निकिता ठाकुर और ईशानी तथा मण्डी जिले के शुभम बिष्ट शामिल थे।
इस अवसर पर, राज्यपाल ने इन युवा पर्वताराहियों को उनकी इस शानदार सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास सराहनीय है जो अन्यों को भी इस तरह के साहसिक पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने मे सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ऐसी अनेक पर्वतीय चोटियां हैं, जिनके बारे में अभी अधिक प्रचार नहीं हुआ है। दुनिया भर के पर्वतारोही नेपाल सहित अन्य देशों की अनेक चोटियों पर चढ़ने का कार्य करते हैं, जिससे वहां के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। लेकिन, हिमाचल प्रदेश में अभी इस दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल को पर्यटन की दृष्टि से देखा जाता है। इस दृष्टि से जब यह पर्वतारोहण की इस तरह की गतिविधियां होंगी तो देश-दुनिया से पर्वताराही हिमाचल की चोटियों में चढ़ने के लिए आएंगे। इन चोटियों का प्रचार होगा और समाज के लोग उनको जानेंगे। हिमाचल की और प्रशंसा होगी और अर्थव्यवस्था भी उन्नत होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल के ये युवा अर्थव्यवस्था को विकास देने में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नशे जैसी बुराइयों से जुड़े युवा पर्वतारोहण के माध्यम से खेल गतिविधियों में जुड़ सकेंगे और वे अपने आप को रचनात्मक गतिविधियों मेें शामिल कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक अच्छे नेटवर्क की आवश्यकता है जिसके लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि पर्वतारोहण गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को सुविधाएं और सुरक्षा दोनों उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने इन गतिविधियों के अधिक प्रचार की आश्यकता पर भी बल दिया। इन युवा पर्वताराहियों ने राज्यपाल के साथ अपने अनुभव साझा किए।
राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।











