शिमला: प्रसिद्ध पत्रकार और शिक्षाविद् वेपा राव का सोमवार को लंबी बीमारी के बाद 76 साल की उम्र में हैदराबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया। वेपा राव ने प्रसिद्ध समाचार पत्रों के साथ काम किया और भारतीय जनसंचार संस्थान में अपने कार्यकाल के साथ-साथ शिमला में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पत्रकारिता और जनसंचार विभाग में 1990 से 2006 तक पत्रकारिता में शिक्षा में भी योगदान दिया।
उनके पूर्व छात्रों और परिवार के सदस्यों, पत्रकारों, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षण बिरादरी के सदस्यों, राजनेताओं और नौकरशाहों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।
मंत्री जयराम ठाकुर ने राव के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा “प्रसिद्ध पत्रकार और शिक्षाविद् प्रो. वेपा राव जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। पत्रकारिता एवं पत्रकारिता की शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व शोकग्रस्त परिवारजनों को संबल प्रदान करें। ॐ शांति !”
इसके अलावा दो बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने उनके निधन को ‘एक युग का अंत’ करार दिया। उन्होंने आगे कहा: “एक मुख्यमंत्री के रूप में, मैं जहां भी जाता, मैं अक्सर प्रोफेसर राव द्वारा प्रशिक्षित पत्रकारों से मिलता था।”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा: “वह प्रकाश और तर्क के प्रतीक थे। उनके पास एक अद्वितीय राजनीतिक और सामाजिक कौशल था।”
विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा: “प्रोफेसर वेपा राव के पत्रकारिता और पत्रकारिता शिक्षा में योगदान को राज्य के लोगों द्वारा हमेशा याद किया जाएगा।”
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति एसपी बंसल ने कहा: “वह एक उत्कृष्ट शिक्षक थे और हमारे विश्वविद्यालय का गौरव थे।”
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में शोक सभा का आयोजन किया गया। बैठक में उनके पूर्व छात्रों के साथ वर्तमान बैच के छात्रों ने भाग लिया, जिसमें 1990 में उनके पहले बैच के कुछ छात्र भी शामिल थे।
राव ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी, शिमला में एक फेलो के रूप में एक शोध-आधारित पुस्तक ‘ए कर्व इन द हिल्स’ प्रकाशित की। उन्होंने एक काव्य संकलन ‘लिक्विड फोल्ड्स’ भी लिखा। राव को 1997 में उनकी उत्कृष्ट रिपोर्टिंग के लिए राज्य सरकार से विकासात्मक पत्रकारिता के लिए राज्य पुरस्कार भी मिला। इसके अलावा पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें एचपीयू द्वारा मानद डी. लिट से भी सम्मानित किया गया। वह 2006 में एचपीयू से सेवानिवृत्त हुए और यूजीसी की पुन: रोजगार योजना के तहत विश्वविद्यालय द्वारा 2010 में एक वर्ष के लिए फिर से नियुक्त किए गए। उन्होंने 2018 तक द स्टेट्समैन अखबार में संपादकीय सलाहकार के रूप में भी काम किया।
परिवार के सदस्यों के अनुसार राव को कुछ महीने पहले अपने शिमला स्थित आवास पर गिरने के बाद ब्रेन हैमरेज हुआ था मगर वह उस से उबर गए थे। जिसके बाद वह अपने परिवार के साथ सर्दियां बिताने के लिए हैदराबाद गए, जहां बीते 10 अक्टूबर को उन्हें एक और ब्रेन स्ट्रोक हुआ और तब से वह कोमा में थे। जिसके बाद 31 अक्टूबर की शाम को वेपा राव ने मृत्युलोक को अलविदा कह दिया।राव ने शादी नहीं की अब मंगलवार की सुबह उनके परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
प्रोफेसर राव ने एचपीयू और आईआईएमसी में पत्रकारिता विभाग में सैकड़ों छात्रों का मार्गदर्शन किया और उन्हें पत्रकारिता में प्रवेश करने में सक्षम बनाया। वह पाठ्यक्रम के दौरान छात्रों को पत्रकारिता अध्ययन दौरों पर ले जाने और पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के लिए जाने जाते थे।











