ग्रामीण क्षेत्रों का विस्तृत दौरा कर प्रदेश में इस अभियान को शुरू करेंगी -प्रतिभा सिंह

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । पूर्व सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य,पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा है कि  मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने व इसके मूल स्वरूप को कमजोर करने के खिलाफ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस जनजागरण अभियान छेड़ेगी। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सभी राज्यों में कांग्रेस नेताओं को इसके खिलाफ एक बड़ा आंदोलन छेड़ने का को कहा गया है।
प्रतिभा सिंह ने कहा है कि वह जल्द ही प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का विस्तृत दौरा कर प्रदेश में इस अभियान को शुरू करेंगी।

 

प्रतिभा सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने इस  कानून को कमजोर कर ग्रामीण लोगों के काम के अधिकार को कमजोर तो किया ही है साथ मे इसका नाम बदल कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के मार्गदर्शन में इस महत्वकांक्षी योजना को कानूनी स्वरूप देकर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेरोजगार लोगों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी थी।

 

इस योजना से  जहां ग्रामीण लोगों को उनकी पंचायतों के माध्यम से उनके घर द्वार में सुगम रोजगार उपलब्ध हो रहा था,साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति भी मिलती थी। अब नए  कानून के तहत इसका पूरा अधिकार केंद्र ने अपने हाथों में लेकर ग्राम पंचायतों के अधिकार को भी निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करते हुए कांग्रेस देशभर में लोगों को जागरूक कर केंद्र सरकार को इसके मूल स्वरूप में लाने को विवश करेगी।

 पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया देते कहा है कि प्रदेश को जो उम्मीदें प्रधानमंत्री से थी,वह सब धरी की धरी रह गई।
प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश को 5000 करोड़ से अधिक का  नुकसान अभी तक  आंका गया है। इसकी  एवज पर 1500 करोड़ की साहयता बहुत ही कम हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जो हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर बताते हैं, उस घर की उन्हें पूरी मदद करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण व पुनर्वास कार्यो के लिये प्रदेश सरकार की मांग के अनुरूप प्रदेश की आर्थिक मदद करें।