आदर्श हिमाचल ब्यूरों
धर्मशाला| हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत अब सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्क्रब टायफस और टायफायड के टेस्ट निःशुल्क होंगे। इससे पहले, यह टेस्ट केवल मेडिकल कॉलेज और जिला स्तरीय अस्पतालों में निःशुल्क होते थे। इस पहल के तहत सभी संबंधित अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार के इस निर्णय से मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें जांच के लिए अब दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।
करसोग अस्पताल में भी निःशुल्क टेस्ट की सुविधा
बीएमओ करसोग डॉ. गोपाल चैहान ने बताया कि अब करसोग अस्पताल में भी स्क्रब टायफस और टायफायड के टेस्ट पूरी तरह निःशुल्क किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को राहत मिलेगी और उनका समय भी बचेगा, करसोग अस्पताल में प्रतिदिन 700-800 मरीजों की ओपीडी होती है, जिनमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल होते हैं। बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस और टायफायड जैसी बीमारियों का प्रकोप अधिक होता है, और अब मरीजों को टेस्ट के लिए 196 रुपये तक का शुल्क नहीं देना पडे़गा।
नई टोकन व्यवस्था लागू
इसके साथ ही, बीएमओ डॉ. गोपाल चैहान ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी में भीड़ को नियंत्रित करने और मरीजों को समयबद्ध उपचार देने के लिए एक सितंबर, 2025 से टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से मरीजों को पारदर्शी और सुविधाजनक इलाज मिल सकेगा, और अस्पताल में अव्यवस्था से बचाव होगा। इस दौरान डॉ. चैहान ने कहा कि अस्पताल में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है ताकि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही, अस्पताल में खाली पदों को भरने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।