आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला| हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विधि विभाग के 160, राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट के 16 और राजकीय उच्च विद्यालय घाईघाट, जिला सोलन के 90 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को राज्य विधानसभा सचिवालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। छात्रों ने मॉनसून सत्र के सातवें दिन सदन की कार्यवाही को सजीव रूप से देखा और संसदीय प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्राप्त किया। इस कार्यवाही से पूर्व छात्रों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से कौंसिल चैंबर के बाहर मुलाकात की। इस अवसर पर स्पीकर पठानियां ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि कानून की पढ़ाई न केवल ज्ञानवर्धक है बल्कि समाज में न्याय की स्थापना का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने विधि छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि एक वकील के रूप में समाज के गरीब, शोषित और पीड़ित वर्ग को न्याय दिलाना उनका उद्देश्य रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 1981 में चंबा जिला न्यायालय में वकालत शुरू की थी और 1985 में कांग्रेस के टिकट पर सबसे कम उम्र के विधायक बने और कानून की पढ़ाई ने ही उन्हें जीवन की विभिन्न चुनौतियों से निपटने की ताकत दी। इस दौरान पठानियां ने छात्रों को विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका और उनके बीच संतुलन की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संसदीय व्यवस्था में विधायिका और कार्यपालिका एक-दूसरे पर निर्भर होते हुए भी संविधान के तहत कार्य करते हैं, जबकि न्यायपालिका कानून के पालन की निगरानी करती है।
विशेषकर विधि छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कानूनविदों की भूमिका को रेखांकित किया और महात्मा गांधी, नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने कानून की ताकत से देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।अंत में स्पीकर पठानियां ने छात्रों को सदन की कार्यवाही देखने का आमंत्रण दिया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।