सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, परंपराओं एवं मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना-कमला ठाकुर

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । रझाना में वीरवार को हिंदू सनातन सम्मेलन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं सकारात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, परंपराओं एवं मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना तथा समाज में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर 660 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई, वह विभिन्न प्रकार के खेलों का आयोजन करवाया गया, खेलों में महिलाओं व पुरुषों के लिए मुख्य आकर्षण रस्साकशी, मटका फोड़ प्रतियोगिताएं विभिन्न आयु वर्ग के लिए, बच्चों के लिए चम्मच रेस इत्यादि करवाए गए कार्यक्रम का शुभारंभ जागरूकता रैली के साथ रझाणा ग्राम से खलिनी चौक होते हुए वापिस रझाणा मैदान में समाप्त किया गया।

 

इस अवसर पर मुख्य वक्ता पवन थे उन्होंने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी संबोधन में सनातन संस्कृति के महत्व, उसकी वैज्ञानिकता तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र व्यवस्था है, जो मानवता, प्रकृति और समाज के बीच संतुलन स्थापित करती है।

 

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में मान अश्विनी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के युग में सनातन मूल्यों को आत्मसात करना समय की आवश्यकता है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे और समाज में सकारात्मक दिशा में योगदान दे सके।

सम्मेलन की अध्यक्षता  कमला ठाकुर द्वारा की गई। उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में ऐसे आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन सांस्कृतिक चेतना को जागृत करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बुद्धिजीवी, युवा वर्ग एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।