आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला। प्रदेश में सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे राजधानी शिमला सहित कई अन्य भागों में अचानक अंधेरा छा गया और रात जैसा नजारा देखने को मिला। अंधेरा इतना ज्यादा था कि गाडिय़ों को हेडलाइट्स का इस्तेमाल करना पड़ा। शहर के रिज व मालरोड पर भी दिन में लाइटों को जलाना पड़ा। शहर दिन में भी रोशनी से जगमग हो गया। बिलासपुर, ऊना व मंडी जिले के धर्मपुर में भी अंधेरा छाया। शिमला में कुछ देर के लिए ओलावृष्टि भी हुई है। इससे सडक़ें सफेद हो गई। कई जगह फिसलन से वाहनों की रफ्तार थम गई। छोटा-शिमला संजौली मार्ग पर ओलावृष्टि से कुछ देर के लिए गाडिय़ों की आवाजाही प्रभावित रही। रामपुर, ठियोग, चौपाल सहित कई अन्य भागों में भी ओलावृष्टि हुई है।
चंबा जिले के पर्यटन स्थल डलहौजी, खज्जियार, लक्कड़मंडी में हल्की बर्फबारी में पर्यटकों ने जमकर मस्ती की। वहीं, होटल व्यवसाय के साथ जुड़े व्यवसायिओं ने भी बड़ी राहत महसूस की है। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण बागवान-किसानों ने राहत की सांस ली है। बारिश के चलते चंबा-जोत, चंबा-तीसा मार्ग पर सरेला नाला के समीप वाहनों की रफ्तार थम गई है। जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। अमूमन दो माह बाद बारिश और बर्फबारी होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
वहीं मंडी जिले की ऊंची चोटियों शिकारी देवी, शैटाधार और सपेहणीधार में ताजा हिमपात हुआ है, जबकि निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। इस मौसम बदलाव से किसानों और बागवानों में खुशी की लहर है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है। इन दिनों क्षेत्र के किसानों ने मटर और आलू की फसल की बिजाई की है, जिसके लिए यह बारिश बहुत ही फायदेमंद साबित होगी। वहीं सेब के बागानों के लिए भी समय पर हुई बर्फबारी को अच्छा माना जा रहा है। हालांकि, मार्च महीने के पहले सप्ताह में अधिक गर्मी पडऩे के कारण कई बागवानों ने अपने सेब के पौधों पर सुरक्षा के लिए जालियां लगा दी थीं। अब अचानक हुई बर्फबारी के कारण उन्हें चिंता है कि कहीं बर्फ के भार से ये जालियां टूट न जाएं। किन्नौर, कुल्लू और शिमला जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार को भी बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण मार्च महीने में भी समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है।
ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। किन्नौर जिले के पर्यटन स्थल सांगला, छितकुल और कल्पा समेत कई क्षेत्रों में 15 सेंटीमीटर के करीब ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। नाको, हांगो, चूलिंग, कुनोचारंग, लिप्पा, आसरंग और नेसंग सहित अधिकांश इलाकों में दोपहर बाद बर्फबारी का क्रम शाम तक जारी रहा। यहां पर तापमान शून्य से भी नीचे चला गया है और ठंड बढ़ गई है। वहीं, कुल्लू जिले के आनी और निरमंड उपमंडल के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई। क्षेत्र के जलोड़ी जोत, खनाग और निरमंड उपमंडल की श्रीखंड महादेव की पहाडिय़ों में भी बर्फबारी हुई। रामपुर उपमंडल के ननखड़ी, 15/20, 12/20 वैली, काशापाट, कंछीण घोड़ी, सराहन और कुमारसैन उपमंडल के नारकंडा में बर्फबारी हुई। वहीं, निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 19 और 20 मार्च को राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 21 और 22 मार्च को राज्य के कुछ अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं। 17 मार्च को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी हो सकती है। जबकि 16 और 18 मार्च को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 19 मार्च को कुल्लू, कांगड़ा व चंबा जिले में भारी बारिश-बर्फबारी, जबकि चंबा, शिमला व सोलन में अंधड़ के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान ज्यादातर स्टेशनों पर अधिकतम व न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट देखी गई है।
राज्य के कई हिस्सों में अगले 4-5 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। उसके बाद के 24 घंटों में इसमें 3-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी। इसके बाद, अगले 3-4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
शिमला में न्यूनतम तापमान 15.5, सुंदरनगर 15.6, भुंतर 12.2, कल्पा 5.7, धर्मशाला 14, ऊना 18.6, नाहन 25.5, पालमपुर 11.0, सोलन 22.0, मनाली 5.8, कांगड़ा 15.4, मंडी 16.1, बिलासपुर 18.1, जुब्बड़हट्टी 16.4, कुफरी 9.9, कुकुमसेरी 3.1, बरठीं 18.1, कसौली 13.7, पांवटा साहिब 18.0, सराहन 7.7, देहरागोपीपुर 15.0, ताबो 6.2 व नेरी में 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।











