तकनीकी बदलावों के साथ स्वयं को अपग्रेड करें प्रशिक्षणार्थी: राजेश धर्माणी

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

बिलासपूर । नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को अर्जित ज्ञान एवं कौशल में व्यावहारिकता लाते हुए समय के साथ हो रहे तकनीकी बदलावों को ध्यान में रखकर स्वयं को निरंतर अपग्रेड करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही मायनों में व्यक्ति की तरक्की से ही प्रदेश और देश आगे बढ़ता है। उन्होंने सामाजिक मेल-जोल विकसित करने तथा देश व प्रदेश के विकास में सहायक बनने के लिए एक सशक्त नेटवर्क विकसित करने का भी आह्वान किया। राजेश धर्माणी आज राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिलासपुर में नल-जल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों को प्रमाणपत्र वितरित करने के अवसर पर बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।

 

 

उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जल रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने वाले जल रक्षकों को अनुबंध के आधार पर तैनाती देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार के इस अहम कदम से आने वाले समय में जल रक्षकों को नियमित नौकरी के साथ-साथ उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। उन्होंने जल रक्षकों से संपूर्ण निष्ठा एवं समर्पण भाव के साथ ग्रामीण स्तर पर लोगों को बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया।

 

राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्तमान दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के कारण अनेक तकनीकी पाठ्यक्रमों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में आईटीआई एवं अन्य तकनीकी संस्थानों में संचालित विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में एआई को केंद्र में रखते हुए व्यापक बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों से कुशल मानव संसाधन प्रशिक्षित होकर बाहर निकले, ताकि वे देश व प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दे सकें।

 

 

उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन का यह समय व्यावसायिक, व्यक्तिगत एवं सामाजिक रूप से स्वयं को स्थापित करने का सर्वोत्तम अवसर है। उन्होंने कहा कि तकनीकी श्रम शक्ति ही समाज की समस्याओं का बेहतर समाधान उपलब्ध कराती है, इसलिए आवश्यक है कि प्रशिक्षणार्थी अपनी तकनीकी एवं कौशल क्षमताओं में समय के साथ निरंतर सुधार करते रहें। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए सीखने की जिज्ञासा बनाए रखने तथा व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाने का भी आह्वान किया।

 

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निजी उद्यमों के साथ सहयोग कर प्रशिक्षणार्थियों को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि आईटीआई में चल रहे विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में निजी उद्यमों की भागीदारी सुनिश्चित होने से न केवल प्रशिक्षणार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि होगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बल मिलेगा।
राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों से सही एवं सटीक लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति ही जीवन में अपने निर्धारित लक्ष्यों को सही अर्थों में प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उन्होंने नियमित रूप से ध्यान एवं योग साधना अपनाने पर जोर दिया।

 

 

इससे पहले संस्थान के प्रधानाचार्य ओंकार सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बताया कि नल-जल योजना के तहत संस्थान में 25 जल रक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आईटीआई बिलासपुर में विभिन्न ट्रेडों में कुल 380 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इस मौके पर संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

 

इस अवसर पर कांग्रेस नेता  विवेक कुमार, हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य  जितेंद्र चंदेल, जिला परिषद सदस्य  गौरव शर्मा,  नंद प्रकाश वोहरा,  राजेंद्र सिंह ठाकुर,  आशीष ठाकुर,  निर्मला राजपूत सहित आईटीआई के अनुदेशक, प्रशिक्षणार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।