आदर्श हिमाचल ब्यूरों
केलांग । पंचायती राज निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के कार्यालय पत्र क्रमांक PCH-HC-(10)1/2025 दिनांक 27 फरवरी 2026 के अनुपालन में तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 5(2) एवं हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (सामान्य) नियम, 1997 के नियम 9(2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपायुक्त, जिला लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना (आई.ए.एस) द्वारा जिला की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन की अधिसूचना जारी की गई है।
उन्होंने बताया कि यह विशेष ग्राम सभाएं 05 मार्च, 06 मार्च तथा 07 मार्च 2026 को आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य पेयजल आपूर्ति योजनाओं की ग्राम-स्तरीय अवसंरचना को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के संबंध में विचार-विमर्श करना तथा आवश्यक प्रस्ताव पारित करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर योजनाओं के संचालन, रख-रखाव एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि विकास खंड स्पीति में 05 मार्च को धनकर, काजा, डेमुल, लांगचा एवं खुरिक में और 06 मार्च को लालुंग, हल, ग्यू एवं ताबो तथा 07 मार्च को लोसर, कुंगरी, सगनम एवं किब्बर ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार विकास खंड लाहौल में 05 मार्च को कोक्सर, खंगसर, मूलिंग, तांदी, वारपा, जोबरंग, जाहलमा, मूरिंग, जुंडा, उदयपुर एवं चिमरेट 06 मार्च को सिस्सू, गोंधला, गौशल, यूरनाथ, बरबोग, कारदंग, नालडा, थिरोट, मडग्रां एवं तिंगरेट तथा 07 मार्च को दारचा, कोलोंग, केलांग, रानिका, शांशा, गोहरमा, त्रिलोकीनाथ, शकोली, सलगरां एवं तिंदी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
उपायुक्त ने संबंधित विकास खंड अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित तिथियों पर समयानुसार ग्राम सभाओं का आयोजन सुनिश्चित करें तथा अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण से स्थानीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों से अपील की है कि वे इन विशेष ग्राम सभाओं में उपस्थित होकर महत्वपूर्ण निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं।











