आदर्श हिमाचल ब्यूरों
बिलासपुर । विश्व श्रवण दिवस का आयोजन
बाल श्रवण संरक्षण पर विशेष बल
एम्स बिलासपुर में 3 मार्च 2026 को प्रथम तल, बी-ब्लॉक स्थित रिसेप्शन क्षेत्र में विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह संपूर्ण कार्यक्रम कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में प्रो. रूपाली पारलेवार, डीन (शैक्षणिक); डॉ. अनुपम पराशर, डीन (अनुसंधान); तथा डॉ. निधि पुरी, डीन (परीक्षा) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने बच्चों में श्रवण हानि की शीघ्र पहचान तथा समय पर उपचार के महत्व पर विशेष बल दिया।
इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित थीम “समुदाय से कक्षा तक: सभी बच्चों के लिए श्रवण देखभाल” रही। इस थीम के अंतर्गत यह रेखांकित किया गया कि श्रवण हानि की प्रारंभिक पहचान, त्वरित हस्तक्षेप, तथा विद्यालय एवं सामुदायिक स्तर पर समन्वित प्रयास बच्चों के भाषण, भाषा-विकास और शैक्षणिक उपलब्धियों को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम में नियमित स्क्रीनिंग, अभिभावक जागरूकता तथा समावेशी शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर ईएनटी विभाग ने अपनी विशेषज्ञ टीम और उपलब्ध उन्नत सेवाओं का परिचय प्रस्तुत किया। विभागाध्यक्ष डॉ. सुदेश कुमार के नेतृत्व में सह-प्राध्यापक डॉ. सुमीत अंगराल, सह-प्राध्यापक डॉ. नेहा चौहान, तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. निधिन दास के (विशेष प्रशिक्षण – न्यूरो-ओटोलॉजी) द्वारा उन्नत श्रवण एवं ओटोलॉजी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
विभाग में उपलब्ध प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं:
नवजात शिशुओं की श्रवण जांच (Neonatal Hearing Screening)
समग्र ऑडियोलॉजी सेवाएं (OAE, BERA, Pure Tone Audiometry)
उन्नत ओटोलॉजी शल्यक्रियाएं (टिम्पैनोप्लास्टी, मास्टॉयडेक्टॉमी, ऑसिकुलोप्लास्टी, स्टेप्स सर्जरी एवं लेटरल स्कल बेस सर्जरी) कोक्लियर इम्प्लांट शल्यक्रिया — अब तक 11 प्रीलिंगुअल बधिर बच्चों में सफल प्रत्यारोपण
विभाग की ओपीडी एवं ऑडियोलॉजी सेवाएं सोमवार से शनिवार तक नियमित रूप से उपलब्ध हैं, जिससे क्षेत्रीय जनसमुदाय को निरंतर और सुलभ श्रवण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत कोक्लियर इम्प्लांट प्राप्त बच्चों के लिए विशेष सहभागिता आधारित एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा मिला। बच्चों और अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायक बना दिया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि एम्स बिलासपुर भविष्य में भी श्रवण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक बनाएगा तथा “समुदाय से कक्षा तक” प्रत्येक बच्चे के लिए सुलभ, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण श्रवण देखभाल सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा।











