शिमला से आदर्श हिमाचल की विशेष रिपोर्ट ।
हिमालय की गोद में बसा हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख जलविद्युत उत्पादक राज्यों में से एक है। राज्य की नदियां, पर्वतीय भू-आकृति और प्राकृतिक संसाधन ऊर्जा उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल हैं।
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारंपरिक जलविद्युत क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य नवीकरणीय स्रोतों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है।
सरकार की पहलों के परिणामस्वरूप राज्य की प्रमुख नवीकरणीय परियोजनाओं से लगभग 2,534 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ है और इससे प्रदेश को 1,004 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा
प्रदेश सरकार ने अगले दो वर्षों में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ऊना और बिलासपुर जिलों में पेखुबेला, भंजाल, अघलौर और बैरा डोल सौर परियोजनाएं इस दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम हैं। इनसे अब तक 114.27 मिलियन यूनिट बिजली और 34.83 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।
⚡ जलविद्युत परियोजनाओं की बड़ी भूमिका
कुल्लू की सैंज जलविद्युत परियोजना (100 मेगावाट), किन्नौर की काशंग चरण-एक (65 मेगावाट) और शिमला की सावड़ा-कुड्डू परियोजना (111 मेगावाट) राज्य की ऊर्जा अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इन परियोजनाओं से संयुक्त रूप से 2,419.97 मिलियन यूनिट बिजली और लगभग 969.95 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है।
नई तकनीकें भी अपनाई जा रहीं
नालागढ़ में ग्रीन हाइड्रोजन ऊर्जा संयंत्र विकसित किया जा रहा है।
नेरी में देश का पहला राज्य समर्थित बायोचार कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
दूरदराज क्षेत्रों तक बिजली
लाहौल-स्पीति के काजा क्षेत्र के ऊंचाई वाले गांवों में 148 घरों में सौर ऑफ-ग्रिड प्रणाली स्थापित की गई है। पांगी घाटी में बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी स्थापित की जा रही है।
ग्रीन पंचायत योजना
ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित कर 150 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से मिलने वाले राजस्व का 20% हिस्सा अनाथ बच्चों और विधवाओं के सहयोग के लिए दिया जाएगा।
भविष्य का लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में 90% से अधिक ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त की जाए।
इस दिशा में हिमाचल प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में देश के लिए एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है।











