विश्व योग दिवस पर आर्ट ऑफ लिविंग के योग सत्रों में हजारों लोगों ने लिया भाग

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला। विश्व योग दिवस के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों तथा कारागारों में योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस आयोजन की तैयारियां पिछले पांच दिनों से निरंतर चल रही थीं।

 

आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा हिमाचल प्रदेश के सभी प्रमुख कारागारों में विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। आदर्श केंद्रीय कारागार कंडा में लगभग 700 कैदियों, बंदियों एवं स्टाफ सदस्यों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। वहीं कैंथू, धर्मशाला, नाहन, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, कुल्लू सहित अन्य जेलों में भी हजारों बंदियों ने योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ रहने का मार्ग चुना।

 

 

इसके अतिरिक्त शिमला के संजौली, समरहिल, बालूगंज, न्यू शिमला, बीसीएस तथा अन्य क्षेत्रों में आर्ट ऑफ लिविंग के योग प्रशिक्षकों द्वारा विशेष योग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

 

राज्य मीडिया प्रभारी तृप्ता शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि योग प्रशिक्षकों कमलेश चौहान, तृप्ता शर्मा, रत्ना शर्मा, यामिनी, शीला रेटला, सोनिया मिनोचा, शिल्पा सूद सहित अन्य प्रशिक्षकों ने विभिन्न स्थानों पर लोगों को योग के महत्व एवं उसके लाभों के प्रति जागरूक किया।

 

परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी ने विश्व योग दिवस के अवसर पर अपने संदेश में कहा, “योग हमें जीवन की हर चुनौती का सामना करने के लिए ऊर्जा और संतुलन प्रदान करता है। पूरा विश्व मानसिक तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। योग ही ऐसा प्रभावी माध्यम है जो व्यक्ति को तनाव और अवसाद से बाहर निकालकर शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाता है।”