आदर्श हिमाचल ब्यूरों
बिलासपुर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर के लिए आज का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ, जब केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के मार्गदर्शन में संस्थान की नवीन आधिकारिक द्विभाषी वेबसाइट एवं “आपात सेतु” डिजिटल प्लेटफॉर्म का वर्चुअल शुभारंभ एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नरेंद्र कुमार अरोड़ा द्वारा किया गया।
यह पहल संस्थान की डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करने के साथ-साथ आम नागरिकों को अधिक पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक-संचालित सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि नई वेबसाइट केवल एक डिजिटल पोर्टल नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, दक्षता एवं जन-केंद्रित सेवा व्यवस्था के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
वेबसाइट हिंदी एवं अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में विकसित की गई है, जिससे देशभर के नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार इसका उपयोग कर सकेंगे।
नई वेबसाइट के माध्यम से मरीजों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं आम नागरिकों को संस्थान से संबंधित समस्त आवश्यक जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी।
वेबसाइट पर विभिन्न विभागों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की जानकारी, ओपीडी एवं आईपीडी सेवाएँ, स्वास्थ्य सुविधाएँ, भर्ती एवं शैक्षणिक सूचनाएँ, निविदाएँ, समाचार, महत्वपूर्ण घोषणाएँ, नागरिक सेवाएँ तथा संस्थान की विभिन्न गतिविधियों से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध रहेगी। उपयोगकर्ता-अनुकूल (User-Friendly) डिज़ाइन के कारण नागरिकों को आवश्यक जानकारी शीघ्र एवं सहज रूप से प्राप्त हो सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान “आपात सेतु” डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया गया जिससे की रैफर मरीज की पूर्व सूचना होने पर कई तरह की तैयारियां जैसे कि किस डॉक्टर को बुलाना है, ऑपरेशन थिएटर को तैयार करने की जरूरत है या नहीं, किसी खास टैस्ट या इंस्ट्रूमेंट की तैयारी की जरूरत है या नहीं, की जा सकती है| यह अभिनव प्लेटफॉर्म प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों, चिकित्सकों, आपातकालीन सेवाओं तथा संबंधित विभागों को एकीकृत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने का कार्य करेगा। भविष्य में प्रदेश के सभी अस्पतालों के इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने के उपरांत विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं एवं रिक्त बेड (Vacant Beds) की वास्तविक समय (Real-Time) जानकारी एक गतिशील डैशबोर्ड (Dynamic Dashboard) के माध्यम से उपलब्ध होगी।
इससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उपयुक्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है। जुड़ने वाले संस्थान को www.aapatsetu.in पर जा कर, सिर्फ अपना Email ID, Phone Number संस्थान का नाम एवं Password डालना पड़ता है। Sign up click करने पर वह संस्थान पर रजिस्टर हो जाता है |
कार्यकारी निदेशक ने बताया कि एम्स बिलासपुर वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा एवं जम्मू-कश्मीर के लाखों नागरिकों को उन्नत, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है। संस्थान ने मात्र तीन वर्ष तीन माह की अवधि में 750 बिस्तरों की निर्धारित क्षमता को पूर्णतः कार्यशील बना दिया है तथा प्रतिदिन औसतन 1500 से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। बढ़ती रोगी संख्या को देखते हुए भविष्य में संस्थान की आईपीडी क्षमता लगभग 960 बिस्तरों तक बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने यह भी बताया कि शैक्षणिक क्षेत्र में एम्स बिलासपुर निरंतर उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। एमबीबीएस का प्रथम बैच सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हो चुका है तथा वर्तमान में मेडिकल, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में लगभग 900 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं तथा अनुसंधान आधारित शिक्षा को भी निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नरेंद्र कुमार अरोड़ा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के सतत मार्गदर्शन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राज्य प्रशासन तथा एम्स बिलासपुर परिवार के सभी सदस्यों के सहयोग एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई वेबसाइट एवं “आपात सेतु” डिजिटल प्लेटफॉर्म स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को नई गति प्रदान करेंगे तथा आम नागरिकों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।











