आदर्श हिमाचल ब्यूरो
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर ने 12 सितंबर 2026 को अपना पहला रिसर्च डे आयोजित कर चिकित्सा अनुसंधान, वैज्ञानिक नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। संस्थान के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत वैज्ञानिक पोस्टर प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई। डॉ. राजीव बहल ने एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एन.के. अरोड़ा, कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, AVSM, VSM (सेवानिवृत्त) और डीन (रिसर्च) डॉ. अनुपम पाराशर के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टरों और विद्यार्थियों द्वारा किए गए विभिन्न शोध कार्यों को प्रदर्शित किया गया।
इस अवसर पर डीन (एकेडमिक्स) डॉ. रूपाली पार्लेवार, डीन (एग्जामिनेशन) डॉ. निधि पुरी और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. दिनेश वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक के कुलपति डॉ. डी.के. वर्मा, आईजीएमसी शिमला की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर, एसएलबीएस-जीएमसी नेरचौक मंडी के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार भवानी, सीएमओ बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा तथा आईआईआईटी ऊना के फैकल्टी सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

डीन (रिसर्च) ने एम्स बिलासपुर में चल रही शोध गतिविधियों, संस्थान के विजन और भविष्य की शोध रणनीति की जानकारी दी। वहीं कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने संस्थान की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एम्स बिलासपुर तेजी से चिकित्सा शिक्षा, मरीजों की देखभाल और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट संस्थान के रूप में आगे बढ़े ।
एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एन.के. अरोड़ा ने फैकल्टी सदस्यों से उच्च प्रभाव वाले शोध को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही अनुसंधान से जोड़ने और विभागों तथा संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
‘रिसर्च का सीधा लाभ समाज तक पहुंचे’—डॉ. राजीव बहल
मुख्य अतिथि डॉ. राजीव बहल ने “Research in Medical Institutions in India: Vision, Strategy, and Action” विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने भारत में स्वास्थ्य अनुसंधान के राष्ट्रीय रोडमैप पर चर्चा करते हुए ऐसे अनुसंधान और नवाचार पर जोर दिया, जिनका सीधा लाभ आम जनता और समुदाय के स्वास्थ्य में सुधार के रूप में दिखाई दे।
इसके बाद डॉ. बहल ने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के साथ संवाद किया तथा उनके सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम के दौरान रिसर्च डे प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटी और न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग लैब का उद्घाटन
रिसर्च डे का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण एम्स बिलासपुर की सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटी और न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग लैब का उद्घाटन रहा। मुख्य अतिथि एवं डीजी-आईसीएमआर डॉ. राजीव बहल ने इन सुविधाओं का औपचारिक उद्घाटन किया।
यह नई सुविधा एम्स बिलासपुर में अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं एवं वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में नई संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।











